जनता दर्शन में CM योगी ने 200 लोगों की समस्याएं सुनीं

गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान कराएं। लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता से लेकर संतुष्टिप्रद निस्तारण सुनिश्चित कराने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।

जनता दर्शन में 200 लोगों से मुलाकात

जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठे लोगों तक सीएम स्वयं चलकर पहुंचे और सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को पास में खड़े अधिकारियों को हस्तगत कर समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सबकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। 

धनाभाव में नहीं रुकेगा इलाज

जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। हृदय रोग से पीड़ित एक महिला से उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। सीएम योगी ने जमीन कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित व कड़े कदम उठाए जाएं। जमीन कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

PM Kisan Yojana : पीएम किसान सम्मान निधि 23वीं किस्त, जुलाई की शुरुआत में आ सकते हैं ₹2,000, ऐसे चेक करें बेनेफिशियरी लिस्ट और स्टेटस

pm kisan samman nidhi

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana) की 23वीं किस्त का इंतजार देश के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों को है। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले भुगतान चक्र को देखते हुए संभावना है कि सरकार जून के आखिरी सप्ताह से लेकर जुलाई 2026 के मध्य के बीच किसानों के खातों में 2,000 रुपये की अगली किस्त जारी कर सकती है। PM-Kisan योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

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PM Kisan की 23वीं किस्त कब आ सकती है?

 

सरकार ने 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की थी, जो दिसंबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि के लिए थी।

 

पिछले भुगतान चक्र को देखें तो—

 

  • 20वीं किस्त: 2 अगस्त 2025
  • 21वीं किस्त: 19 नवंबर 2025
  • 22वीं किस्त: 13 मार्च 2026

 

इसी आधार पर माना जा रहा है कि 23वीं किस्त जुलाई 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

 

22वीं किस्त में कितने किसानों को मिला लाभ?

 

  • सरकार ने 22वीं किस्त के तहत करीब 18,640 करोड़ रुपये जारी किए थे।
  • लगभग 9.32 करोड़ किसानों को लाभ मिला।
  • इनमें 2.15 करोड़ महिला किसान भी शामिल थीं।

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24 फरवरी 2019 से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक किसानों को 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

 

ऐसे देखें PM Kisan Beneficiary List

 

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं—

 

  • PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • Farmers Corner में Beneficiary List पर क्लिक करें।
  • अपना राज्य, जिला, उप-जिला (तहसील), ब्लॉक और गांव चुनें।
  • Get Report पर क्लिक करते ही लाभार्थियों की सूची दिखाई दे जाएगी।
  • PM Kisan का स्टेटस कैसे चेक करें?
  • PM Kisan पोर्टल खोलें।
  • Know Your Status विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना Registration Number दर्ज करें।
  • कैप्चा भरकर Get OTP पर क्लिक करें।
  • OTP सत्यापित करने के बाद आपका स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • नए किसान ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

 

यदि आपने अभी तक योजना में आवेदन नहीं किया है, तो यह प्रक्रिया अपनाएं—

 

  • PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  • New Farmer Registration पर क्लिक करें।
  • Rural Farmer Registration या Urban Farmer Registration में से सही विकल्प चुनें।
  • आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • UIDAI के माध्यम से आधार सत्यापन पूरा करें।
  • राज्य चुनें और कैप्चा भरें।
  • OTP सत्यापित कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
  • किन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

 

इन श्रेणियों के किसान योजना के पात्र नहीं हैं—

 

जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद कृषि भूमि खरीदी हो।

एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य यदि योजना का लाभ ले रहे हों, जैसे पति-पत्नी या अन्य पात्र सदस्य।

इन जरूरी कामों को जरूर पूरा करें

 

23वीं किस्त पाने के लिए किसानों को निम्न कार्य पूरे रखने चाहिए—

 

  •   e-KYC पूरी हो।
  •  आधार बैंक खाते से लिंक हो।
  •  भूमि रिकॉर्ड PM-Kisan पोर्टल पर अपडेट हों।
  •   बैंक खाते की जानकारी सही हो। इनमें कोई भी कमी होने पर किस्त अटक सकती है। Edited by : Sudhir Sharma

BSNL का ₹259 ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च, 25Mbps अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और OTT का मिलेगा फायदा

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने ग्रामीण भारत के ग्राहकों के लिए मात्र 259 रुपये का नया किफायती ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान में 25Mbps स्पीड के साथ अनलिमिटेड डेटा, पूरे देश में अनलिमिटेड कॉलिंग और मनोरंजन के लिए Waves OTT का सब्सक्रिप्शन दिया जा रहा है। यह प्लान भारतनेट (BharatNet) पहल के तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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₹259 ब्रॉडबैंड प्लान की खासियत

BSNL ने इस प्लान के साथ इंस्टॉलेशन चार्ज नहीं रखने का फैसला किया है, जिससे पहली बार ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। कंपनी का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को सस्ती दरों पर भरोसेमंद इंटरनेट उपलब्ध कराना है, ताकि वे ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉलिंग और मनोरंजन जैसी डिजिटल सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकें।

 

Waves OTT का भी मिलेगा एक्सेस

इस ब्रॉडबैंड प्लान के साथ ग्राहकों को Waves OTT का एक्सेस भी मिलेगा। इसके जरिए यूजर्स फिल्में, वेब सीरीज और अन्य मनोरंजन सामग्री का आनंद बिना किसी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन शुल्क के उठा सकेंगे।

 

ग्रामीण कनेक्टिविटी पर BSNL का फोकस

 

ब्रॉडबैंड प्लान के अलावा BSNL ने नए मोबाइल ग्राहकों के लिए 51 रुपये का विशेष प्रीपेड प्लान भी पेश किया है। यह ऑफर केवल उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा जो नया BSNL SIM खरीदेंगे।

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₹51 प्रीपेड प्लान में क्या मिलेगा?

  • 28 दिनों की वैधता
  • पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग
  • प्रतिदिन 2GB हाई-स्पीड डेटा
  • प्रतिदिन 100 SMS
  • मुफ्त इंटरनेशनल रोमिंग का लाभ
  • सीमित समय का ऑफर

 

BSNL ने बताया कि 51 रुपये वाला यह प्रमोशनल ऑफर 30 जून 2026 तक ही उपलब्ध रहेगा। इससे पहले कंपनी 1 रुपये का एंट्री-लेवल रिचार्ज प्लान भी लॉन्च कर चुकी है, जिसमें 28 दिनों की वैधता, प्रतिदिन डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग जैसी सुविधाएं दी गई थीं।

 

सस्ते टेलीकॉम प्लान्स पर BSNL का जोर

259 रुपये के नए ब्रॉडबैंड प्लान और 51 रुपये के प्रीपेड ऑफर के जरिए BSNL अपने किफायती टेलीकॉम पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही है। कंपनी का फोकस ऐसे ग्राहकों पर है जो कम कीमत में बेहतर इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं की तलाश कर रहे हैं, खासकर ग्रामीण भारत के उपभोक्ता। Edited by : Sudhir Sharma

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना: OBC परिवारों की 5,000 से ज्यादा बेटियों को मिला ₹20,000 का लाभ

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए राहत का मजबूत आधार बनती जा रही हैं। खासतौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के गरीब परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बेटियों की शादी में आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से ही इस योजना का सकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है।

अब तक 5 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को शादी अनुदान योजना का लाभ मिल चुका है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं तेजी से जमीनी स्तर पर पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध हो रही है।

 

2026-27 में 1 लाख से अधिक लोगों को लाभ देने का लक्ष्य

 

दरअसल गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी हमेशा एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती रही है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसमें शुरुआती महीनों में ही 5032 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। कुल आवेदकों में 4178 ऐसे भी शामिल हैं, जिन्होंने मार्च में शादी की थी और उसी माह आवेदन किया था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 16 हजार से अधिक आवेदकों को इस योजना के तहत सहायता प्रदान की गई थी।

 

बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद

 

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। साथ ही योजना के लिए यह भी अनिवार्य है कि लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष हो। योगी सरकार ने योजना के क्रियान्वयन में संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता देने का भी सराहनीय कार्य किया है। विकलांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को आवेदन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है। 

 

लाभार्थियों को समय पर मिल रही धनराशि

 

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने शादी अनुदान योजना की सफलता पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है। आवेदक को 20 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी है और लाभार्थियों को समय पर मदद मिल रही है। प्रमुख सचिव ने बताया कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देकर बड़ी सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। Edited by : Sudhir Sharma

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, कहा आपकी वजह से भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांति लाल संघवी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने हमेशा देश की लड़ाई को रोकने का प्रयास किया। हमारे देश के आजाद होने के बाद कई राष्ट्र आजाद हुए। जापान तो द्वितीय विश्वयुद्ध में करीब-करीब खत्म हो गया था, लेकिन वो देश आज कहां हैं और हमारा देश कहां है। इंदिरा गांधी की आज चौथी पीढ़ी मैदान में हैं, लेकिन विचारधारा और नीति में कांग्रेस न तब सुधरी थी, न अब सुधरी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान चुनौती भरा माहौल था। घर के मुखिया को उठाकर सीधे जेल में बंद कर देते थे। उसके बाद न वकील, न अपील, न दलील। किसी को कुछ पता नहीं होता था कि क्या होगा। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, कौन घर देखेगा, कौन फीस भरेगा। मीसाबंदियों से कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के समान है। आपकी लड़ाई की वजह से आज लोकतंत्र सुरक्षित है। जिसके कारण गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री है। मुझे आज इस बात पर गर्व है कि आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।

कांग्रेस ने किया संविधान का दुरुपयोग-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आज हमारा देश प्रगति कर रहा है। जबकि, हमारे साथ ही आजाद हुए पाकिस्तान में लोकतंत्र बेहाल है। आज के समय में लोकंतत्र की मशाल को जलाए रखना, हमारे लिए जरूरी है। कांग्रेसी हाथ में संविधान की किताब लेकर बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी न किया है, तो वो कांग्रेस ही है। उनकी पांच पीढ़ियों ने दुरुपयोग किया है। वो किस मुंह संविधान की बात करते हैं। कांग्रेस ने केवल एक परिवार को आगे बढ़ाया, बाकी लोगों को दबा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शासन करने का बहुत लंबा समय मिला, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10-12 साल का समय मिला। इतने सालों में कितने प्रकार के काम हुए। यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने कहा कि हम सबको इस बात पर गर्व है कि हम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसे विशाल परिवार का हिस्सा हैं। यह परिवार तब-तब कसौटी पर खरा उतरा है, जब-जब देश को जरूरत पड़ी है। 

 

आपातकाल को किया याद-कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे मीसाबंदियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा चली आ रही है। डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे। उन्होंने मीसाबंदियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो एक ऊर्जा प्रवाहित होती है। एक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। लोकनायक जयप्रकाश अग्रवाल देश में लोकतंत्र की मिसाल हैं। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में भारत परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह आयोजित कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कीं ये घोषणाएं-मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए एक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने की घोषणा की। लोकतंत्र सेनानी प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव, कस्बों में शिलालेख स्थापित करने के साथ ही स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों के नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखे जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। जो लोकतंत्र सेनानी ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित हैं, बहुत जल्द उन्हें भी ताम्रपत्र दिए जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों को पूरा सम्मान मिले, यह सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के कल्याण के लिए उनके सुझावों को भी लागू किया जाएगा।

इंदौर समेत पूरे MP में साइबर ठगों का नया जाल, एक गलती पड़ सकती है भारी, ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च

इंदौर समेत पूरे MP में साइबर ठगों का नया जाल, एक गलती पड़ सकती है भारी, ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च

मध्य प्रदेश में डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई 2021 से जुलाई 2025 के बीच प्रदेश के लोग साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में 1,054 करोड़ रुपये से अधिक गंवा चुके हैं। अकेले वर्ष 2025 में ही 55 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें करीब 581 करोड़ रुपये की ठगी की सूचना मिली है।

 

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर भी इस खतरे से अछूती नहीं है। यहां रोजाना ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी निवेश, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी ठगी से जुड़ी शिकायतें पुलिस और साइबर हेल्पलाइन तक पहुंच रही हैं। साइबर अपराधी फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, ओटीपी फ्रॉड सबसे आम तरीका बन चुका है। ठग खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर, बीमा एजेंट या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को बातचीत में उलझाते हैं और केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या भुगतान अटकने का डर दिखाकर ओटीपी हासिल कर लेते हैं। ओटीपी साझा करते ही खाते से रकम निकाल ली जाती है।

 

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सरकार, बैंक और टेलीकॉम कंपनियां सुरक्षा उपाय मजबूत कर रही हैं। दूरसंचार विभाग का 'संचार साथी' पोर्टल संदिग्ध कॉल और संदेशों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देता है। 

 

एयरटेल ने हाल ही में ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च किया है, जो संदिग्ध कॉल के दौरान प्राप्त बैंकिंग ओटीपी पर रियल-टाइम चेतावनी देकर ग्राहकों को सतर्क करता है। कंपनी एआई आधारित स्पैम डिटेक्शन तकनीक का भी उपयोग कर रही है और नेटवर्क स्तर पर धोखाधड़ी पहचानने वाली तकनीक का भी उपयोग कर रही है, जो संदिग्ध वेबसाइटों तक पहुंच रोकने में मदद करती है।

 

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिक, छात्र और पहली बार डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे ज्यादा निशाने पर रहते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और कस्टमर केयर नंबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। थोड़ी-सी सावधानी लाखों रुपये की साइबर ठगी से बचा सकती है।

 

22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जयपुर-कोलकाता में बाढ़ जैसे हालात

rain alert in 22 states

Weather Update 26 June : मानसून की इंट्री के बाद मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से इंदौर के 15 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। कोलकाता-जयपुर में तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गई। अस्पताल और दुकानों में पानी घुस गया। मानसून अब उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की ओर बढ़ रहा है। अगले 3-4 दिनों में तीनों राज्यों में मानसून की दस्तक हो सकती है। इस बीच मौसम विभाग ने आज 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है।

 

क्या है मानसून का हाल?

मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है। अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जल्द ही राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मैदानी एवं निचले इलाकों में मानसूनी हवाएं एक्टिव हो जाएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून-1 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है जबकि पश्चिमी यूपी में 26 से 29 जून तक प्री मानसून बारिश हो सकती है। मानसून ने पूर्व में बिहार को पूरी तरह कवर कर लिया है। 

 

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में 28 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी राजस्थान में 27 जून से 1 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 26-27 जून को तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

 

IMD के मुताबिक, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। वहीं, असम और मेघालय में 28 जून को भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 

 

जयपुर में सड़कों पर भरा पानी

राजस्थान के जयपुर में गुरुवार को तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में हुई 50mm बारिश से सड़कें डूब गईं। कई वाहन पानी की वजह से बंद हो गए। कई दुकानों और मकानों में भी पानी भर गया। अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग में तेज आंधी के बाद तेज बारिश हुई। राज्य के 27 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

 

कोलकाता भी पानी पानी

कोलकाता में भी करीब एक घंटे की बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। कोलकाता के SSKM अस्पताल के अंदर तक पानी घुस गया। इससे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

edited by : Nrapendra Gupta 

इंदौर में लॉ, इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट और एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्‍महत्‍या, लोन और डिप्रेशन बनी वजह

suicide indore

इंदौर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने युवाओं के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शहर में पिछले कुछ ही समय में एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक ने मौत को गले लगा लिया। हंसती-खेलती इन तीन जिंदगियों के खौफनाक कदम के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद डरावनी है—लोन का बढ़ता बोझ, करियर का डिप्रेशन और गहराता मानसिक तनाव।

गुरुवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या के तीन मामले सामने आए। इनमें एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में अलग-अलग कारणों से मानसिक तनाव की बात सामने आई है।

लॉ के प्रैक्‍टिसनर ने की आत्‍महत्‍या : पलासिया थाना क्षेत्र की बड़ी ग्वालटोली में रहने वाले 27 साल के आदर्श सोलंकी ने गुरुवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आदर्श ने इसी साल एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी और कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। उसकी सनद (लाइसेंस) अभी जारी नहीं हुई थी। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसकी मां निजी स्कूल में शिक्षिका हैं और स्कूल गई हुई थीं। शाम को लौटने पर उन्होंने आदर्श को फंदे पर लटका देखा। आदर्श के माता-पिता का काफी समय पहले तलाक हो चुका था। इसके बाद वह मामा के परिवार के साथ रह रहा था और किराए के कमरे में रहता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या : हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर निवासी 20 साल के राजकुमार कुशवाह ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार राजकुमार हैदराबाद स्थित एनआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए उसने करीब छह लाख रुपए का एजुकेशन लोन लिया था। फर्स्ट ईयर में पढ़ाई ठीक से नहीं होने के कारण वह अपने गांव चंपारण (बिहार) लौट गया था। पढ़ाई और कर्ज के दबाव के चलते वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। कुछ दिन पहले उसका परिचित हरपाल उसे इंदौर लेकर आया था, लेकिन यहां भी वह पढ़ाई और कर्ज को लेकर परेशान रहता था। गुरुवार को हरपाल काम पर गया था, इसी दौरान राजकुमार ने आत्महत्या कर ली।

एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्‍महत्‍या : आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी निवासी 45 साल के गजेंद्र पुत्र माधवलाल ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार रात में उसके भाई ने गजेंद्र का शव फंदे पर लटका देखा। गजेंद्र एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करता था। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। घटना के समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे।
Edited By: Naveen R Rangiyal

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

giant asteroid earth collision prediction

Asteroid 1997 NC1 : 750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड 27 जून 2026 शनिवार को शाम 4:44 मिनट पर पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों की नजर हैं। चलिए इसी संदर्भ में जानते हैं कि धरती पर एस्टेरॉयड का कितना खतरा है।

 

एस्टेरॉयड क्या हैं और इनकी संख्या?

परिभाषा: एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह या उल्कापिंड) किसी ग्रह या तारे के टूटे हुए हिस्से होते हैं। ये पत्थर या धातु के टुकड़े होते हैं, जिनका आकार एक छोटे कंकड़ से लेकर माउंट एवरेस्ट जैसी विशाल चट्टान तक हो सकता है।

 

टूटता तारा: जब ये पिंड अत्यंत तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण जलने लगते हैं। आम बोलचाल में इन्हें ही 'टूटता तारा' कहा जाता है। छोटे पिंड हवा में ही जलकर राख हो जाते हैं, जबकि बड़े पिंड धरती पर गिरते हैं।

 

अंतरिक्ष में मौजूदगी: खगोलविदों के अनुसार, हमारे सौरमंडल में ऐसे लाखों पिंड सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से करीब 20 लाख एस्टेरॉयड पृथ्वी के निकटवर्ती अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। हर हफ्ते औसतन एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से होकर गुजरता है।

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अतीत का महाविनाश (इतिहास)

डायनासोर का अंत: पृथ्वी अतीत में भी कई बार इन आकाशीय पिंडों का प्रहार झेल चुकी है। हारवर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर के डॉ. अर्विंग शापिरो के अनुसार, लगभग साढ़े छह करोड़ साल पहले सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी जितना बड़ा एक लघु ग्रह मेक्सिको में गिरा था। इस टक्कर से 10 करोड़ मेगाटन टीएनटी के बराबर विस्फोट हुआ, जिससे डायनासोर समेत कई प्रजातियां हमेशा के लिए लुप्त हो गईं और पृथ्वी पर वर्षों तक अंधेरा छाया रहा।

 

बृहस्पति ग्रह की घटना (1994): वर्ष 1994 में पृथ्वी के आकार के 10-12 उल्कापिंड बृहस्पति (Jupiter) ग्रह से टकराए थे। वह नजारा महाप्रलय जैसा था और उस टक्कर की आग और तबाही का असर आज तक वहां शांत नहीं हुआ है।

 

चेलियाबिंस्क हादसा (2013): नासा (NASA) के पूर्व प्रमुख जिम ब्रेडेस्टाइन के अनुसार, साल 2013 में रूस के चेलियाबिंस्क में एक एस्टेरॉयड टकराया था, जिससे 66 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। इस घटना में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था और करीब 1500 लोग घायल हुए थे।

 

उराल हादसा (2013): रूस के उराल पर्वतीय क्षेत्र के ऊपर आसमान में शुक्रवार को एक विशाल उल्का के विस्फोट में करीब 1,000 लोग घायल हो गए। यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसके वेग से खिड़कियां टूट गईं और इमारतें हिल उठीं तथा लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। रूसी विज्ञान अकादमी का कहना है कि इस उल्का का वजन करीब 10 टन था और इसने पृथ्वी के क्षेत्र में कम से कम 54 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्रवेश किया।

 

वर्तमान और भविष्य के बड़े खतरे

1. उल्कापिंड '2005 वाय-यू 55' (2005 YU55)

उज्जैन के खगोल विज्ञानी संजय केथवास के अनुसार, यह 'नियोज' (NEOs – Near Earth Objects) यानी पृथ्वी के पास मंडराने वाली वस्तुओं में सबसे विशाल है।

 

आकार और क्षमता: यह पहाड़ी आलू जैसी 1,300 फुट लंबी एक ठोस चट्टान है। यदि यह पृथ्वी से टकरा जाए, तो 50 अरब टन टीएनटी के बराबर विनाशकारी ऊर्जा पैदा होगी, जो आधी धरती को तबाह करने के लिए काफी है।

 

ट्रैक रिकॉर्ड: वर्ष 1981 में यह चंद्रमा के उस पार से निकला था। साल 2011 में यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से गुजरा, तब धरती बाल-बाल बची थी। वर्तमान में यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण में बंधा हुआ है और टेलीस्कोप के जरिए इस पर नजर रखी जा रही है।

 

2. एस्टेरॉयड 'एपोफिस' (Apophis)

2029 का संकट: अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार, 13 अप्रैल 2029 (शुक्रवार) को करीब 250 मीटर बड़ा यह क्षुद्रग्रह 37,014 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के बेहद करीब (मात्र 36 हजार किलोमीटर की दूरी) से गुजरेगा। यदि इसने थोड़ी भी दिशा बदली, तो यह धरती और हमारे सैटेलाइट्स से टकरा सकता है।

 

2036 का महासंकट: यदि 2029 में टक्कर नहीं भी हुई, तो लौटते समय वर्ष 2036 में इसका पृथ्वी से टकराना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी विस्फोटक क्षमता हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 10 लाख गुना अधिक होगी।

 

3. अन्य हालिया एस्टेरॉयड (ARIS की रिपोर्ट)

नैनीताल के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIS) के डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, हाल ही में तीन और एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरे हैं (जैसे- 2023 MT-1, ME-4 और यूक्यू 3)। इनमें से एक का आकार इंडिया गेट जितना बड़ा था, हालांकि इनसे धरती को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

 

भविष्यवाणियां और वैज्ञानिक सुरक्षा कवच

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी:

प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के अनुसार, तीसरे विश्व युद्ध के दौरान अंतरिक्ष से एक मील व्यास वाला गोलाकार पर्वत जैसा उल्कापिंड हिंद महासागर में गिरेगा। इससे आए महाविनाशकारी सैलाब के कारण मालदीव, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत कई तटवर्ती देश जलमग्न हो जाएंगे और पृथ्वी अपनी धुरी से भी हिल सकती है।

 

विज्ञान की ढाल:

जहां नासा अब 140 मीटर या उससे बड़े 90% एस्टेरॉयड को ट्रैक करने में सक्षम है, वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि आज हमारे पास इतनी उन्नत तकनीक है कि किसी खतरनाक उल्कापिंड की दिशा को मिसाइल दागकर बदला जा सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक यह भी चेतावनी देते हैं कि पृथ्वी के संपूर्ण विनाश के लिए सिर्फ उल्कापिंड, सूर्य की हलचल या सुपर वॉल्कैनो (महाज्वालामुखी) ही जिम्मेदार हो सकते हैं।

– अनिरुद्ध जोशी

कृषि मंत्री शिवराज चौहान और सीएम धामी ने ‘पूर्व छात्र सम्मेलन’ में की शिरकत, किया पौधरोपण

देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय— गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में शुक्रवार को 'पूर्व छात्र सम्मेलन' (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समागम में देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

 

देश-विदेश से आए पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों (Alumni) के बीच केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को याद किया और कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलावों पर चर्चा की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रतिदिन एक पौधा लगाने के राष्ट्रव्यापी संकल्प के क्रम में आज का दिन बेहद विशेष रहा। आध्यात्मिक चेतना और ऋषि-मुनियों की तपोस्थली देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा पर इस संकल्प को आगे बढ़ाया गया।

विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से पौधरोपण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए जमीनी प्रयासों से ही संभव है। मुख्यमंत्री धामी ने देवभूमि में इस हरित संदेश को फैलाने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।

क्या कहा शिवराज सिंह चौहान ने?

पूर्व छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति की जन्मस्थली पंतनगर विश्वविद्यालय ने देश को भुखमरी के दौर से निकालकर खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। यहाँ के पूर्व छात्रों ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।

देवभूमि को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाएंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार पंतनगर विश्वविद्यालय के शोध और तकनीक को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के सुदूर गांवों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में ऑर्गेनिक फार्मिंग और सेब व कीवी उत्पादन जैसे बागवानी क्षेत्रों में नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala