जून का आखिरी हफ्ता रहा रेंज बाउंड, जानिए अगले सप्ताह कैसी रहेगी बाजार की चाल

market ki baat

Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का यह हफ्ता रेंज बाउंड ही रहा। अमेरिका ईरान में डील के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इस हफ्ते सेंसेक्स में 293 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी मात्र 43 अंक बढ़ा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 291 अंक की बढ़त के साथ 77094 पर और निफ्टी 90 अंक बढ़कर 24,103 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स में 893 अंकों की गिरावट, 76201 पर बंद; निफ्टी 279 अंक गिरकर 23,824 पर पहुंचा। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने रिकवरी की। बीएसई का सेंसेक्‍स 791 अंक उछल गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 198 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्‍तर को पार कर गया।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। शुक्रवार को मोहरम की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। हालांकि वैश्विक बाजार में इस दिन भारी उथल पुथल हुई। चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट से साउथ कोरिया में शेयर बाजार बुरी तरह क्रेश हो गया।


इस हफ्ते बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में शुरुआती कमजोरी के बाद रिकवरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने कहा कि 4 दिन के कारोबारी हफ्ते में बाजार में मामूली तेजी रही। वैश्विक बाजार में आईटी कंपनी के शेयरों में गिरावट का भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा असर नहीं दिखा। विदेश निवेशकों ने बिकवाली की तो भारतीय निवेशक खरीदारी में पीछे नहीं रहे। इस वजह से बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई और यह फ्लैट ही रहे। 

 

बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच डील हो गई हो लेकिन निवेशकों को अभी भी युद्ध का डर सता रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप के लगातार बदलते बयान भी बाजार में अनिश्‍चितता को बढ़ा रहे हैं। कच्चे तेल के दाम कम होने के बाद भी महंगाई जस की तस बनी हुई है। कमजोर मानसून की भविष्‍यवाणियां भी भी निवेशकों को डरा रही है। इन सब कारणों से बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हो रही है।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े, वैश्‍विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और रुपए की चाल अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेगी। 

 

राठौर ने कहा कि ट्रंप एक बार फिर टैरिफ को लेकर वॉर्निंग मोड में है। अगर किसी देश पर टैरिफ लगाया जाता है तो बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। फिलहाल बाजार रेंज बाउंड ही नजर आ रहा है। NSE का निफ्टी 23800 से 24500 के बीच ही रहेगा। निफ्टी 24500 से ऊपर बंद होने की स्थिति में 25200 तक पहुंच सकता है। 23800 से नीचे बंद होने पर इसके 23300 तक पहुंचे की संभावना है।

 

उपाध्याय का भी कहना है कि अगले हफ्ते भी बाजार रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है। हालांकि ट्रंप की बयानबाजी बाजार की दिशा तय कर सकती है। अमेरिका और ईरान में स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई है। 30 जून को निफ्टी एफएंडओ की एक्सपायरी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए और सतर्कता से बाजार पर नजर रखनी चाहिए।

 

Saatvik 100 Index

BSE ने देश का पहला Saatvik 100 Index लॉन्च किया है। इस इंडेक्स में वो कंपनियां शामिल हैं जो अपने नैतिक मूल्यों के साथ समझौता किए बिना शेयर बाजार में कारोबार करती हैं। इस इंडेक्स में 100 ऐसी कंपनियां शामिल होंगी जिनका कारोबार तंबाकू, जुआ और शराब जैसी गतिविधियों से जुड़ा नहीं होगा। BSE साल में दो बार, जून और दिसंबर में इन सभी कंपनियों का रिव्यू करेगा और अगर वो रूल्स को तोड़ती हुई पाई गईं, तो उन्हें इस इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा।

 

ओपन एआई का IPO टला!

एआई को लेकर अनिश्चितता की वजह से चैट जीपीटी बनाने वाली ओपनएआई अपने आईपीओ पर विचार कर रही है। एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों पस्त होने और लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स की कीमतों में आई 25 फीसदी की गिरावट ने कंपनी की चिंता बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अब इसके आईपीओ के लिए निवेशकों को 2027 तक विचार करना पड़ सकता है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

इंदौर में घोड़ी के साथ क्रूरता, नचाने के लिए पीटता रहा बेरहम, पशु प्रेमियों ने पुलिस में की शिकायत

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इंदौर में बेजुबान घोड़ी के साथ क्रूरता का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक घोड़ी को नचाने के लिए डंडे से पीटता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पशु प्रेमियों ने इसकी शिकायत की है।

यह वीडियो शहर के नृसिंह बाजार चौराहे का है। जहां एक युवक घोड़ी को डंडे से पीटकर जबरन नचाने की कोशिश कर रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी है।

पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को शिकायत देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला 25 जून 2026 की रात करीब 11 बजे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घोड़ी को नियंत्रित करने और नचाने के लिए डंडे का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग यह तमाशा देखते रहे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।

इसी घोड़ी का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसे सड़क पर नचाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि घोड़ी को दर्द और भय के माध्यम से प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया।

यदि जांच में साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाकर उसके साथ हिंसा की गई या उसे बेरहमी से पीटा गया, तो मामला पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act) की धारा 11 के तहत दर्ज किया जा सकता है। इस धारा के तहत किसी पशु को मारना, पीटना, यातना देना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध माना गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

UP में घर-घर पहुंचेगी PNG गैस! योगी सरकार ने 16.23 लाख कनेक्शन लक्ष्य की ओर बढ़ाया बड़ा कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन विस्तार अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर घर तक आधुनिक गैस सुविधा पहुंचाने की है, जिसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
 

24 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 43 गैस वितरण क्षेत्रों में 1,60,121 घरेलू पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 16,23,163 कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 9.86 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के दौरान लाखों नए परिवारों को पाइप्ड नेचुरल गैस से जोड़ना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा का दायरा और अधिक बढ़ सके। राज्य सरकार का मानना है कि पीएनजी केवल एक गैस कनेक्शन नहीं बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पाइप्ड गैस सुविधा मिलने से उपभोक्ताओं को बार-बार गैस सिलेंडर भरवाने की आवश्यकता नहीं होती, गैस की निरंतर आपूर्ति बनी रहती है तथा रिसाव की स्थिति में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध रहती है।
 

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में गैस वितरण कंपनियों ने लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य किया है। प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद, मथुरा, गोरखपुर, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, अलीगढ़, बुलंदशहर, औरैया, गौतम बुद्ध नगर तथा शाहजहांपुर सहित अनेक जिलों में कनेक्शन जारी करने का अभियान लगातार जारी है।

विभिन्न कंपनियां जैसे

आईओसी- अडानी गैस, टोरेंट गैस, ग्रीन गैस लिमिटेड, गेल गैस, गेल इंडिया, आईजीएल और एचपीसीएल अपने-अपने क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार और नए उपभोक्ताओं को जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

 योगी सरकार द्वारा प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के पीछे पर्यावरण संरक्षण भी एक प्रमुख उद्देश्य है। पाइप्ड नेचुरल गैस को पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अधिक स्वच्छ माना जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ती है। इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को सुरक्षित, किफायती और निर्बाध ईंधन उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

 

प्रदेश सरकार आने वाले महीनों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क का और विस्तार करने, नए शहरों और कॉलोनियों को जोड़ने तथा अधिक से अधिक परिवारों तक पीएनजी सुविधा पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी गैस वितरण कंपनियों के साथ नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यह अभियान उत्तर प्रदेश को आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना वाले राज्यों की श्रेणी में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रदेश में सतत विकास को नई गति मिल सके। Edited by : Sudhir Sharma

अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार

amarnath yatra

Amarnath Yatra 2026 : 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा के साथ मौसम पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने श्रीनगर, बनिहाल, जम्मू और लेह में डॉप्लर वेदर रडार तैनात किए हैं, जो बादल फटना, भारी बारिश और खराब मौसम का रियल-टाइम अलर्ट देंगे। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026 : कश्‍मीर पुलिस का प्रोजेक्ट हाक आई, बाज की आंख से 360 डिग्री निगरानी

 

अधिकारियों का कहना है कि जम्मू कश्मीर सरकार अमरनाथ यात्रा को सुचारू और सफल बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों, दोनों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

 

क्यों लगाएं डाप्लर वेदर रडार?

इस साल, सरकार ने अमरनाथ यात्रा के दोनों रास्तों पर मौसम की स्थिति की लगातार और रियल-टाइम निगरानी के लिए श्रीनगर, बनिहाल टाप, जम्मू और लेह में डाप्लर वेदर राडार चालू किए हैं। ये एडवांस्ड राडार सिस्टम मौसम में होने वाले बदलावों पर बारीकी से नजर रखने और ज़रूरत पड़ने पर समय पर अलर्ट जारी करने में मौसम वैज्ञानिकों की मदद करते हैं।

 

दरअसल यह कदम 2022 में अमरनाथ पवित्र गुफा के पास आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद उठाया गया है, जिसने एक मजबूत अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत को उजागर किया था। तब से, मौसम की निगरानी के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता रही है।

 

जानकारी के लिए डाप्लर वेदर राडार बादल फटने, भारी बारिश, अचानक आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तेज हवाओं जैसी बहुत ही स्थानीय और गंभीर मौसम की घटनाओं का पता लगाने में अहम भूमिका निभाता है। यह जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और तीर्थयात्रा के दोनों रास्तों पर – बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक – मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा। इससे अधिकारियों को खराब मौसम की किसी भी स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ALSO READ: क्या सच में खतरा है? अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा

 

क्या बोले कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर?

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग के अनुसार, बनिहाल और श्रीनगर में डाप्लर राडार हमारे मौसम की निगरानी और सलाह देने वाले सिस्टम की रीढ़ हैं। यह एक इंटीग्रेटेड सिस्टम है जो मौसम से जुड़े अलर्ट और नोटिफिकेशन बनाता है। इन्हें यात्रा के रास्ते पर तैनात कैंप कमांडरों और श्रीनगर में हमारे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित सभी संबंधित लोगों के साथ शेयर किया जाता है।

उन्होंने कहा कि मौसम की रियल-टाइम जानकारी देने के लिए बालटाल और नुनवान सहित हर बेस कैंप पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इस पूरी जानकारी के आधार पर, हम यह तय करते हैं कि तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से यात्रा जारी रख सकते हैं या नहीं, और मौसम से जुड़ी सभी सलाह संबंधित अधिकारियों और तीर्थयात्रियों तक तुरंत पहुंचाई जाती हैं।

edited by : Nrapendra Gupta 

राममंदिर चोरी मामले में चंपत राय पर दर्ज हो FIR, दिग्विजय सिंह की मांग, कांग्रेस घर-घर जाकर बताएगी चोरी की पूरी घटना

भोपाल। अयोध्या में राम मंदिर में चोरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चपंत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने राममंदिर की चोरी की घटना को लेकर आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी पर निशाना साधा है।
 
उन्होंने कहा कि अगर लोगों में भगवान राम और सनातन धर्म के प्रति आस्था है, तो वह इस चोरी और लूट को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के हिन्दू धर्म मे आस्था रखने वाले देशवासियों में अगर राम जी के प्रति धर्म के प्रति आस्था है तो उन्हें राम जी के घर को जिसने नही छोड़ा, उन्हें नही छोड़ना चाहिए। इस चोरी की पूरी जिम्मेदारी बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस पर है। उन्होंने कहा कि राममंदिर में चोरी में कौन-कौन शामिल है इसको कांग्रेस पार्टी घर-घर जाकर बताएगी कि राम मंदिर में कैसे और किसने चोरी की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस राम मंदिर में दान चोरी के मुद्दे को गांव-गांव लेकर जाएगी। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में कांग्रेस ने दल और मंडल स्तर पर समितियां बनाई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को इस मामले की जानकारी देंगी।
 
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को किसने डिलीट करवाया, जब नोट की चोरी हो रही थी तब चंपत राय और टीनू यादव ने फुटेज डिलीट कराए। दिग्विजय सिंह ने रामंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चोरी की घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल एफआईआर की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राममंदिर ट्रस्ट का गठन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था, इसलिए उनकी भी जिम्मेदारी है।

रांची में बनेगा सिक्स-लेन स्मार्ट रोड, बदलेगी शहर की सूरत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की राजधानी रांची अब एक नए और बेहद आधुनिक अवतार में नजर आने वाली है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। करीब 177 करोड़ की लागत से रांची का पहला सिक्स-लेन स्मार्ट रोड बनने जा रहा है, जो न सिर्फ जाम से मुक्ति दिलाएगा बल्कि शहर की सूरत भी बदल देगा।

 

स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (SHAJ) द्वारा तैयार की गई इस परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विभागीय योजना के अनुसार, इस साल सितंबर तक टेंडर को अंतिम रूप देकर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह हाईटेक सिक्स-लेन सड़क कुल 6.089 किलोमीटर लंबी होगी।

 

यह सड़क विवेकानंद स्कूल मोड़ से शुरू होकर जगन्नाथ मंदिर और नए झारखंड हाईकोर्ट के पास से गुजरते हुए नयासराय आरओबी तक जाएगी। नयासराय आरओबी से आगे रिंग रोड तक के लगभग 2.12 किलोमीटर के हिस्से को भी चौड़ा कर टू-लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि रिंग रोड से आने-जाने वाले वाहनों को सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिल सके।

 

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सिर्फ गाड़ियों के चलने के लिए नहीं, बल्कि इंसानों और पर्यावरण को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पर्यावरण और सेहत को बढ़ावा देने के लिए सड़क के किनारे विशेष साइकिल ट्रैक और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाए जाएंगे।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

3300 करोड़ से संवरेगा टनकपुर, बनेगा विश्वस्तरीय ‘शारदा रिवरफ्रंट’ और भव्य ‘आरती घाट’

Tanakpur Sharda Riverfront: उत्तराखंड को एक वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में धामी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बड़ा एलान करते हुए बताया कि राज्य सरकार 3,300 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से टनकपुर में 'शारदा रिवरफ्रंट' और एक भव्य 'आरती घाट' का विकास करने जा रही है।

 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य चंपावत जिले के सीमांत शहर टनकपुर को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बेजोड़ संगम के रूप में विकसित करना है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि टनकपुर के कायाकल्प का एक महा-अभियान है। हरिद्वार में हर की पौड़ी और वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर टनकपुर में मां शारदा नदी के तट पर एक बेहद भव्य और आधुनिक आरती घाट का निर्माण किया जाएगा। यहां होने वाली भव्य महा-आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगी।

 

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत नदी के किनारों को पूरी तरह से सुरक्षित और सुंदर बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक वॉकवे, लाइटिंग, पार्क, फूड कोर्ट और पर्यटकों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। इसके माध्यम से टनकपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोते हुए उसे आधुनिक आधारभूत सुविधाओं (Infrastructure) से लैस किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक, 28 जून की परीक्षा रद्द

maharashtra tet paper leak

Maharashtra TET Exam Cancelled : परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्‍ट्र के ठाणे में शनिवार को टीईटी का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया। इसके बाद महाराष्‍ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी।

 

महाराष्ट्र में 28 जून, 2026 को विभिन्न एग्जाम सेंटर में महाराष्ट्र टीईटी की परीक्षा आयोजित कराई जानी थी। पेपर लीक के बारे में सूचना मिलने पर पुलिस ने भिवंडी में एक अभियान चलाकर संदिग्ध सामग्री बरामद की। इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

 

भिवंडी पुलिस थाने में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। जांच करने पर पता चला कि इन लोगों के पास मौजूद कुछ सवाल TET जून 2026 के प्रश्न पत्र के सवालों से मेल खाते थे। इसके बाद भिवंडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

 

कब होगी परीक्षा?

इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने रविवार को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया है। आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद परीक्षा की नई तारीख की घोषणा परिषद की वेबसाइट पर की जाएगी।

edited by : Nrapendra Gupta

शालिनी ताई मोघे की 15वीं पुण्यतिथि पर बाल निकेतन संघ में दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला

Shalini Tai Moghe

कुछ व्यक्तित्व अपने जीवनकाल से कहीं आगे तक समाज को दिशा देते हैं। बाल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पद्मश्री स्वर्गीय शालिनी ताई मोघे ऐसी ही विभूतियों में शामिल हैं। उनकी शिक्षण पद्धति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा दृष्टिकोण आज भी अनेक संस्थाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

उनकी 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पागनीस पागा स्थित बाल निकेतन संघ द्वारा 30 जून और 1 जुलाई को 2 दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शालिनी ताई मोघे के सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आयोजन के तहत समाजसेवा, शिक्षा और मानवीय सरोकारों से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम बाल निकेतन संघ परिसर, 62 पागनीस पागा, इंदौर में आयोजित होगा।

व्याख्यान श्रृंखला के पहले दिन 30 जून को प्रातः 11:30 बजे नर्मदालय, मंडलेश्वर की संस्थापक भारती ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। जनजातीय समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके कार्यों को व्यापक पहचान मिली है। उन्होंने अपना जीवन नर्मदा घाटी के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया है। वहीं दूसरे दिन 1 जुलाई को प्रातः 10:30 बजे लक्ष्य फाउंडेशन, पुणे की संस्थापक अनुराधा प्रभुदेसाई मुख्य अतिथि होंगी। वे भारतीय सैनिकों, वीर नारियों और शहीद परिवारों के सम्मान एवं सहयोग के लिए लंबे समय से कार्य कर रही हैं। उनकी संस्था नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच संवाद और संवेदनशीलता का सेतु बनाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

बाल निकेतन संघ की सचिव डॉ. नीलिमा अदमणे ने कहा, “शालिनी ताई मोघे ने ऐसे समय में बाल शिक्षा और महिला विकास के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ किया था, जब इन विषयों पर व्यापक स्तर पर चर्चा भी नहीं होती थी। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन भी है। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह व्याख्यान श्रृंखला उनके विचारों और मूल्यों को समाज के बीच जीवित रखने का एक प्रयास है। हमें विश्वास है कि दोनों दिनों के सत्र प्रतिभागियों को प्रेरित करने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होंगे।”
Edited By: Naveen R Rangiyal

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 90 Kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी; जानिए आपके राज्य का हाल

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Weather Update 27 June : मौसम विभाग ने एक बार फिर से 27 जून को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। ALSO READ: क्या अगले साल भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिया बड़ा संकेत

 

पिछले 24 घंटों कहां बरसा पानी?

पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में बारिश हुई। मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश दर्ज की गई।

 

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। ALSO READ: पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी नहीं… आखिर भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्या है?

 

इन राज्यों की ओर बढ़ा मानसून

उत्तर और मध्य भारत में बने अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण इस मौसमी बदलाव को और अधिक सक्रिय बना रहे हैं। अगले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है। इसके असर से आने वाले दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में क्या है मानसून का हाल?

मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय 2 सिस्टम की वजह से मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में बारिश हुई। हालांकि तेज बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा। आज भी राज्य के 43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

edited by : Nrapendra Gupta