CM मोहन यादव ने कुकरू में किया योगाभ्यास, रुद्राक्ष का रोपा पौधा, बोले- योग को बनाएं दैनिक दिनचर्या का हिस्सा

Chief Minister Dr Mohan Yadav's visit to Kukru

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुकरू प्रवास का दूसरा दिन

– मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ किए योग के कई कठिन आसन

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया कॉफी बागान का निरीक्षण 

Chief Minister Dr Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल के हिल स्टेशन कुकरू में 28 जून की शुरुआत योगाभ्यास से की। उन्होंने सभी को अपनी जीवनशैली में योग को शामिल करने का सन्देश भी दिया। इससे साथ-साथ उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष पौधा भी रोपा। उनकी योग और पौधरोपण करती तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने यहां के कॉफी बगान का निरीक्षण भी किया। 

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बता दें, मुख्यमंत्री. मोहन यादव ने यहां मयूर आसन,शीर्षासन सहित अन्य कठिन आसनों को भी करके दिखाया। इस दौरान प्रमुख रूप से ताड़ासन,वृक्षासन, त्रिकोणासान, भद्रासन  वक्रासन,भुजंगासन ,शलभासन आदि आसनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया गया। योगाभ्यास में नाड़ी शोधन, तितली और भ्रामरी प्राणायाम भी किया गया। इस दौरान अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे भी मौजूद थे। 

 

ऊर्जा प्रदान करता है योग

योगाभ्यास के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, आज बैतूल जिले के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्रदान करता है। स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
Edited By : Chetan Gour 

यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब: ₹15,000 करोड़ के निवेश से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। यहां अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, ओडीओपी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

 

बनेगा 206 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 206.40 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी पार्क) को 24 जून 2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए यीडा ने 28 मार्च 2024 को परियोजना प्रबंधन एजेंसी एसटीपीआई लिमिटेड के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद 3 जुलाई 2025 को यीडा और एसटीपीआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के अनुसार ईएमसी पार्क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। इसके लिए अवसंरचना निर्माण हेतु ईपीसी मोड पर टेंडर जारी किया गया, जिसके बाद मैसर्स जेएसपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है। समस्त आधारभूत संरचना का कार्य सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

ईएमसी पार्क पर 417 करोड़ का निवेश, विकसित होगा विश्वस्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम

206.40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस ईएमसी पार्क पर लगभग 417 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें केंद्र सरकार लगभग 144.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि यमुना प्राधिकरण द्वारा लगभग 272.52 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पार्क उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

 

सोलर उद्योग में 8,253 करोड़ का बड़ा निवेश, 5,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में सात्विक सोलर प्रा. लि. की अत्याधुनिक इकाई स्थापित की जा रही है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां सोलर सेल एवं सोलर मॉड्यूल का निर्माण होगा। इस परियोजना में 8,253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना का भूमिपूजन 14 नवंबर 2025 को किया गया था और वर्तमान में निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

 

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 3,250 करोड़ का निवेश

यीडा के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में एसेंड सर्किट्स प्रा. लि. को 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां फ्लेक्सिबल पीसीबी, हाई डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) पीसीबी तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया तथा 28 अप्रैल 2026 को लीज डीड निष्पादित की गई।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण में 3,532 करोड़ का निवेश

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-8 में अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लि. को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां कंपनी कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (सीसीएल), असेम्बली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एप्लायंसेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 3,532 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके माध्यम से लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। कंपनी को भूमि आवंटन 16 जनवरी 2026 को किया गया।

 

क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास से बदल रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क, ओडीओपी पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर उत्तर प्रदेश को नई औद्योगिक पहचान दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश, आधुनिक तकनीक, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।

 

योगी सरकार की औद्योगिक नीति का दिख रहा असर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेशक-हितैषी नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का परिणाम है कि देश और विदेश की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर ऊर्जा और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हो रहे निवेश उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलेगा। Edited by : Sudhir Sharma

राम मंदिर चंदा चोरी केस में बड़ा एक्शन: 8 आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापे, ₹80 लाख कैश बरामद

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि चोरी मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR के तहत पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक ₹79.85 लाख की नकदी बरामद की जा चुकी है और सभी 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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पुलिस का महा-ऐक्शन और छापेमारी

​एक साथ रेड: अयोध्या पुलिस और स्थानीय मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमों ने सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
 

​मुख्य आरोपियों पर शिकंजा: मुख्य आरोपी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा के घरों की सघन तलाशी ली गई है।
 

​भारी कैश बरामद: पुलिस जांच और छापों के दौरान अब तक आरोपियों के पास से ₹79,85,000 (करीब 80 लाख रुपए) कैश बरामद किया जा चुका है।
 

​अन्य जिलों में भी जांच: पुलिस अब आरोपियों के अयोध्या से बाहर स्थित पैतृक गांवों और अन्य शहरों की संपत्तियों पर भी छापेमारी की योजना बना रही है।

 

नामजद आरोपी और उनका प्रोफाइल

 

​इस बड़े घोटाले में शामिल सभी आरोपी मंदिर के आंतरिक कामकाज या दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से सीधे जुड़े हुए थे:

 

आरोपी का नाम

प्रोफाइल / मंदिर में भूमिका

रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव

मुख्य आरोपी (ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर)

सुभाष चंद्र श्रीवास्तव

बैंक से रिटायर्ड कर्मचारी (दानपात्र खाली करने और गिनती शिफ्ट का प्रभारी)

लवकुश मिश्रा

चढ़ावा और कैश की गिनती करने वाला कर्मचारी

अनुकल्प मिश्रा

दान राशि के प्रबंधन और गिनती से जुड़ा कर्मी

अविनाश शुक्ला
 

कैश हैंडलिंग टीम का मुख्य सदस्य

मनीष कुमार यादव
 

दान राशि की गिनती में तैनात कर्मचारी

करुणेश पांडेय
 

चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में शामिल आरोपी

 

रामशंकर मिश्रा

 

कैश व मूल्यवान वस्तुओं की गिनती करने वाला कर्मी

 

कैसे हुआ इस महा-घोटाले का खुलासा?

 

​CCTV फुटेज से खुली पोल: एसआईटी (SIT) की जांच के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से पड़ताल की गई, जिसमें आरोपी दान की रकम में हेरफेर करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। ​ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: इस गंभीर वित्तीय अनियमितता के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भी छुट्टी कर दी गई है।

 

​लगीं कड़े कानून की धाराएं : सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और साजिश रचने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। ​आगे की कार्रवाई: सभी आरोपियों को कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब इन आरोपियों को अपनी कस्टडी (पुलिस रिमांड) में लेने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल करने जा रही है, ताकि चोरी के इस पूरे नेटवर्क और छिपाई गई बाकी रकम का पता लगाया जा सके। Edited by : Sudhir Sharma

मानसून ने पकड़ी रफ्तार : IMD का अलर्ट, 28 जून को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम मानसून के भारत में आगे बढ़ने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। IMD के आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, मानसून अब मध्य, पूर्वी और उत्तरी भारत के बड़े हिस्सों में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

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 उत्तर भारत में बारिश का पूर्वानुमान

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

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 मध्य भारत का मौसम

पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 28 जून से व्यापक बारिश की स्थिति बनने की संभावना है।अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कई स्थानों पर व्यापक बारिश का अनुमान है। झारखंड और बिहार में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। Edited by : Sudhir Sharma

Strait of Hormuz : ईरान के 10 ठिकानों पर अमेरिका नेवी और एयरफोर्स ने दागीं मिसाइलें, CENTCOM ने जारी किए वीडियो

अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उस हमले के जवाब में की गई है जिसमें ईरान ने तेल टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन हमला किया था।

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के “सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटीज और माइनलेयर क्षमता” को निशाना बनाया। सेना ने बाद में पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के कई स्थानों पर कुल 10 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।

इस ताजा तनाव ने एक बार फिर इस आशंका को बढ़ा दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और बढ़ सकता है, जबकि दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम समझौता लागू है, जिसका उद्देश्य शांति वार्ता को आगे बढ़ाना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों पर हमला किया है।

 

CENTCOM के अनुसार, ईरान की ओर से तेल टैंकर Kiku पर एकतरफा ड्रोन हमला किया गया था, जब वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था। यह टैंकर दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर जा रहा था। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह जहाज कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और ओमान की खाड़ी स्थित यूएई के बंदरगाह की ओर जा रहा था। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका मिला था, लेकिन उसने हमला करके इसे स्वीकार नहीं किया।

 

CENTCOM ने रविवार सुबह वीडियो फुटेज भी जारी किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास 10 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमलों का दावा किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma

झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के दो अनाथ भाई-बहन को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके अभिभावक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिले के उपायुक्त को दिए हैं। दोनों बच्चों सुशील और मंजू के अनाथ होने से उनकी शिक्षा बाधित होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने एक्स पर मामले की जांच कर उनकी शिक्षा के लिए जरूरी सहायता प्रदान करने के निर्देश उपायुक्त को दिए।

साथ ही उनके अभिभावक बड़ी मां बालमुनि को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश देते हुए कृत कार्रवाई से सूचित करने को कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही उपायुक्त एक्शन में आए। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि कि मामले को संज्ञान में लेकर दोनों बच्चों को स्कालरशिप एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। Edited by : Sudhir Sharma

 

 

Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

gujrat polio

गुजरात में 28 जून को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Immunization Day) के अवसर पर राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी अभिभावकों से अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलाने की अपील की।

 

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस अभियान के तहत पूरे गुजरात में 82 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी वैक्सीन की दो बूंदें पिलाई जाएंगी। यह वैक्सीन पूरी तरह निःशुल्क, सुरक्षित और प्रभावी है, जो बच्चों को पोलियो जैसे गंभीर और स्थायी विकलांगता पैदा करने वाले संक्रामक रोग से सुरक्षा प्रदान करती है।

 

गांधीनगर शहर में भी पल्स पोलियो महाअभियान के तहत कई टीकाकरण केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सरकार ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर ले जाकर पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलाएं और देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के इस जन अभियान में सक्रिय सहयोग दें।

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह के जरिए दी जाने वाली पोलियो की केवल दो बूंदें बच्चों को लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती हैं। पोलियो एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो बच्चों में आजीवन लकवे का कारण बन सकती है। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। Edited by : Sudhir Sharma

Pune murder case : पुणे मर्डर केस में बड़ा खुलासा! चेतन चौधरी की बाइक और हूडी ने खोले राज, फॉरेंसिक जांच तेज

Pune Ketan Agarwal murder case

महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपियों में शामिल चेतन चौधरी की दोपहिया वाहन (बाइक) जब्त कर ली है। जांच एजेंसियों का मानना है कि 18 जून को चेतन इसी बाइक से लोहागढ़ किले पहुंचा था, जहां से केतन अग्रवाल को कथित तौर पर खाई में धक्का देकर हत्या की गई थी।

 

पुलिस ने बताया कि चेतन की उस दिन पहनी हुई हूडी और हेडफोन भी बरामद कर लिए गए हैं। इन सभी सामानों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा सकें।

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मंगेतर सिया गोयल को हत्या के लिए उकसाने का आरोप

 

पुलिस जांच के अनुसार, चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को हत्या के लिए उकसाया था। दोनों की मुलाकात सिया के भाई के क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। पहले दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में उनका प्रेम संबंध शुरू हो गया।

 

जांच में सामने आया है कि केतन की हत्या की कई असफल कोशिशों के बाद चेतन ने सिया से कहा था कि यदि वह केतन को नहीं मार पाई तो वह खुद उसकी हत्या कर देगा।

 

सिया के माता-पिता और भाई से भी पूछताछ

 

मामले की जांच कर रही पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल, पूजा गोयल और भाई साहिल गोयल से भी पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे हत्या की साजिश में किसी तरह शामिल थे और मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।

 

हालांकि, इससे पहले सिया के माता-पिता ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे फांसी दी जाए या उसी खाई से धक्का दे दिया जाए, जहां केतन की मौत हुई।

 

मुख्यमंत्री फडणवीस ने न्याय का दिया भरोसा

 

इस सप्ताह केतन अग्रवाल के परिवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में तेजी से सुनवाई कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि उनका परिवार न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

 

उन्होंने कहा कि हम अपने बेटे को न्याय दिलाने तक संघर्ष करते रहेंगे। कुछ लोग हमें संदेश भेज रहे हैं कि वे घटना के समय किले पर मौजूद थे, लेकिन पुलिस के सामने नहीं आ रहे हैं। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे आगे आएं और जांच में सहयोग करें। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। Edited by : Sudhir Sharma

CM योगी के विजन से बदलेगी यूपी की तस्वीर! जेवर बनेगा सेमीकंडक्टर हब, दिल्ली-लखनऊ बुलेट ट्रेन का बड़ा अपडेट

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गौतम बुद्ध नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव व भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश व तकनीकी प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा विजन दिया कि वह इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को जेवर ले आए हैं। इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। 

 

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जिन इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद के लिए भारत पहले 40 हजार करोड़ रुपये का आयात करता था, अब उसका निर्माण भारत में ही होगा और जेवर इसका प्रमुख केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाएं स्थापित होंगी, जिससे यूपी देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल होगा।

 

रेल मंत्री ने किया बुलेट ट्रेन का जिक्र

रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले बजट में बुलेट ट्रेन को स्वीकृति दी है। यह ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी। दिल्ली से लखनऊ की दूरी मात्र 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ की दूरी केवल 1 घंटे 40 मिनट में तय की जा सकेगी। आप आराम से गाड़ी में चाय-कॉफी पीते और बातचीत करते हुए लखनऊ पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री जी का सपना पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का कायाकल्प करना है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश में औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।

 

विकसित भारत के संकल्प में सर्वाधिक योगदान वाला प्रदेश बनेगा यूपी

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी इस भूमि पूजन समारोह को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बनाती, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रमाण है। कुछ सालों पहले तक उत्तर प्रदेश अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश औद्योगिक विकास, तकनीकी प्रगति और निवेश आकर्षित करने के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के लिए एक विश्वसनीय, व सक्षम मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बनकर उभरा है और उत्तर प्रदेश इस विश्वास का प्रमुख केंद्र बना है। मोदी जी के विजन और योगी जी के सक्षम नेतृत्व में राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी नीतियों, कुशल युवा शक्ति और मजबूत बुनियादी ढांचे ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक सप्लाई चेन का स्वाभाविक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए विकसित भारत के संकल्प में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बनेगा।

 

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सराहा

इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यूपी को देश के सबसे भरोसेमंद औद्योगिक निवेश केंद्रों में से एक बताया। अंबर इंटरप्राइजेज के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं सीईओ जसबीर सिंह ने कहा कि यह केवल भूमि पूजन नहीं, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स व मैन्युफैक्चरिंग की मजबूत नींव रखने का ऐतिहासिक अवसर है। यह पहल पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

यह नया यूपी है, यहां रविवार को भी काम करती है सरकार

जसबीर सिंह ने सीएम योगी, यूपी सरकार व यीडा का आभार प्रकट कहते हुए एक अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय में शाम 7 बजे उन्हें भूखंड आवंटन पत्र दिए गए, तब उनके साथ आए कोरियाई प्रतिनिधि ने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश में रविवार को भी सरकार काम करती है। जब मैंने यह बात मुख्यमंत्री से साझा की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि यह नया उत्तर प्रदेश है। यह दिन नहीं देखता, केवल आगे बढ़ने और प्रगति करने के लिए काम करता है।

 

मुख्यमंत्री को दिया दक्षिण कोरिया आने का निमंत्रण

इस अवसर पर कोरियन सर्किट्स के सीईओ यांग हो चो ने कहा कि यह पहली बार है जब मैं भारतीय भाषा में बोल रहा हूं। उन्होंने केंद्र व यूपी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और उनकी टीम के अविश्वसनीय सहयोग ने ही इस दिन को संभव बनाया है। इतना अपनापन और स्वागत का अहसास कराने के लिए हम आभारी हैं। कोरिया सर्किट्स और अंबर के बीच यह साझेदारी बेहद विशेष है, जिसमें दक्षिण कोरिया की उन्नत तकनीक और भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता का संगम देखने को मिलेगा। इस प्लांट में उन्नत एचडीआई पीसीबी का निर्माण किया जाएगा, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, आईटी उत्पादों और मेमोरी मॉड्यूल में किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंत्रियों को दक्षिण कोरिया आने और वहां की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का निरीक्षण करने का निमंत्रण भी दिया। Edited by : Sudhir Sharma

इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी

netanyahu on Israel Iran War

हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन हिजबुल्ला के नेता के विरोध से इसके प्रभावी होने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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वॉशिंगटन में शुक्रवार को हुआ समझौता लेबनान से इजराइली सेना की वापसी और हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण के बारे में है लेकिन संगठन ने इसे अस्वीकार कर दिया है। इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्ध शुरू होने के बाद लेबनान ने इजराइल के साथ संघर्षविराम के लिए कई समझौते किए लेकिन उनमें से किसी को भी जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जा सका। ईरान युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद हिजबुल्ला ने मार्च में इजराइल पर हमला किया था। इसके बाद से लेबनान में इजराइली हमलों में 4,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

 

हिजबुल्ला नेता नईम कासिम ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उनका संगठन तब तक लड़ता रहेगा, जब तक इजराइल को लेबनान से बाहर जाने के लिए मजबूर नहीं कर दिया जाता। समझौते की घोषणा के बाद संगठन के समर्थकों ने बेरूत की सड़कों पर प्रदर्शन किया।

 

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने समझौते के बावजूद दक्षिणी शहर नबातियेह के पास इजराइली ड्रोन हमले की सूचना दी। एजेंसी ने यह भी बताया कि इजराइली सेना ने लेबनान के तीन और सीरिया के तीन कामगारों को रिहा कर दिया। इन लोगों को शुक्रवार को दक्षिणी गांव ऐन अरब के पास पकड़ा गया था।

 

इजराइल और लेबनान के बीच हुई बातचीत इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते से अलग है। शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी समझौते के ब्योरे के अनुसार, लेबनान और इज़राइल उस युद्ध की स्थिति को खत्म करेंगे जिसकी शुरुआत 1948 में इज़राइल के बनने के साथ हुई थी।

 

समझौते में कहा गया है कि हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण की शर्त पर इजराइल लेबनान से अपनी सेना वापस बुलाएगा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तब तक रहेगी, ‘‘जब तक हिजबुल्ला और अन्य आतंकवादी संगठनों का निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता तथा लेबनान की ओर से इजराइल को खतरा समाप्त नहीं हो जाता।’’

 

हिजबुल्ला नेता कासिम ने कहा कि उनके संगठन की नजर में इस समझौते का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने समझौते को ‘‘अपमानजनक’’ बताते हुए कहा कि इजराइल की वापसी को हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण से जोड़ना ‘‘बेहद खतरनाक प्रस्ताव’’ है।  Edited by : Sudhir Sharma