
अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उस हमले के जवाब में की गई है जिसमें ईरान ने तेल टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन हमला किया था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के “सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटीज और माइनलेयर क्षमता” को निशाना बनाया। सेना ने बाद में पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के कई स्थानों पर कुल 10 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
U.S. Navy and Air Force fighter jets conducted strikes tonight on 10 Iranian military targets at multiple locations in and near the Strait of Hormuz for Iran's drone attack on M/T Kiku. pic.twitter.com/Z0TLZRqmF6
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 28, 2026
इस ताजा तनाव ने एक बार फिर इस आशंका को बढ़ा दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और बढ़ सकता है, जबकि दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम समझौता लागू है, जिसका उद्देश्य शांति वार्ता को आगे बढ़ाना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों पर हमला किया है।
CENTCOM के अनुसार, ईरान की ओर से तेल टैंकर Kiku पर एकतरफा ड्रोन हमला किया गया था, जब वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था। यह टैंकर दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर जा रहा था। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह जहाज कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और ओमान की खाड़ी स्थित यूएई के बंदरगाह की ओर जा रहा था। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका मिला था, लेकिन उसने हमला करके इसे स्वीकार नहीं किया।
CENTCOM ने रविवार सुबह वीडियो फुटेज भी जारी किया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास 10 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमलों का दावा किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma

