मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि

Chief Minister Yogi's strict directive regarding development works

– सड़क निर्माण में लापरवाही करने पर इंजीनियर और ठेकेदार पर दर्ज होगी एफआईआर

– विकास कार्यों की अड़चनें दूर करने के लिए बनेगा वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल

– विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधि तय करें प्राथमिकता, तुरंत जारी होगा फंड

– छुट्टा पशुओं और ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के चलने पर लगेगी रोक

– आगरा में मेट्रो शहर के अनुरूप मिलें सभी मूलभूत सुविधाएं

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन कार्यों की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। निर्देश दिया कि ग्रामीण रास्तों पर भारी वाहनों के चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए।

इन सड़कों को क्षति पहंचाने वाले वाहनों के मालिकों से हर्जाना वसूला जाए। उन्होंने कहा कि आगरा अब एक मेट्रो शहर है, इसलिए यहां पानी, सड़क, सीवर और सौंदर्यीकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उसी स्तर की होनी चाहिए। 

 

सड़क निर्माण में लापरवाही पर दर्ज होगी एफआईआर

मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर लाइन या अन्य किसी भी प्रोजेक्ट के लिए सड़कों की खुदाई के बाद उसके पुनर्निर्माण कार्य पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर और ठेकेदार की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाए।

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जनप्रतिनिधि तय करें अपनी प्राथमिकता, तुरंत जारी होगा फंड

बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। आगरा मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों को 'ई-विश्वकर्मा-2.0' पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। आगरा जनपद में सड़क निर्माण, सुदृढ़ीकरण, पुल और हेलीपैड निर्माण के लगभग 2791 करोड़ रुपए कुल 495 कार्यों की योजना प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों और एमएलसी से कहा कि वे अपनी प्राथमिकताओं को जल्द तय करें। यदि प्रस्तावों में कोई संशोधन या सुझाव है, तो तुरंत बताएं ताकि तत्काल स्वीकृति प्रदान कर धनराशि जारी की जा सके और काम शुरू हो।

 

विकास की अड़चनें दूर करने के लिए बनेगा वरिष्ठ वकीलों का पैनल

आगरा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण, नए पुलों के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण में पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अड़चनों को मुख्यमंत्री ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को किसी भी कीमत पर रुकने न दिया जाए।

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इन अड़चनों को दूर करने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का एक पैनल बनाकर अदालतों में प्रभावी पैरवी की जाए। साथ ही, जहां सड़क निर्माण में पुराने पेड़ आ रहे हैं, उस जमीन को छोड़कर सड़क चौड़ीकरण का नया विकल्प तैयार किया जाए।

 

ग्रामीण सड़कों को तोड़ने वाले भारी वाहनों से वसूला जाएगा हर्जाना

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों की सड़कों से गुजरने वाले भारी ट्रकों और डंपरों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें भारी वाहनों के आवागमन के लिए नहीं बनाई जाती हैं। इन डंपरों के कारण सड़कें समय से पहले टूट जाती हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे भारी वाहनों के ग्रामीण रास्तों पर चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए और जो वाहन सड़क को नुकसान पहुंचाएं, उन्हीं से सड़क मरम्मत की क्षतिपूर्ति भी वसूली जाए।

 

अवैध खनन और छुट्टा पशुओं पर लगेगी सख्त लगाम

पड़ोसी राज्यों (राजस्थान और मध्य प्रदेश) से होने वाले अवैध खनन और निराश्रित पशुओं की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाए और अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान निकाला जाए ताकि आगरा के किसानों की फसलों का कोई नुकसान न हो।

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गोवर्धन परिक्रमा मार्ग और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने पर जोर

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर में भारी ट्रैफिक को कम करने के लिए दयालबाग से खंदौली बायपास, यमुना पर नया पुल, एत्मादपुर बाईपास और ग्वालियर रोड पर जलभराव की समस्या को प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब हालत पर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नई और बेहतर तकनीक का उपयोग कर परिक्रमा मार्ग का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में छाले न पड़ें।

 

बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, सांसद राजकुमार चाहर, सांसद नवीन जैन, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, भगवान सिंह कुशवाह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी बाबू लाल, पक्षालिका सिंह, डॉ. धर्मपाल सिंह, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी आगरा मनीष बंसल, आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एम अरुणमोली, नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह सहित आगरा मंडल के समस्त जनप्रतिनिधिगण व संबंधित समस्त आलाधिकारी मौजूद रहे।
Edited By : Chetan Gour

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : योगी आदित्यनाथ

– फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहीत, मुख्यमंत्री बोले- सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें

– मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए

– लाइन लॉस पर फीडरवार तय होगी जवाबदेही, बिजली चोरी के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान- ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन

– जनहित की प्रत्येक परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो

Chief Minister Yogi Adityanath issued directives regarding Fire NOC

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित प्रदेश की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

 

बैठक में गत मुख्यमंत्री-समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर अर्थात 84.80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 643.60 हेक्टेयर के सापेक्ष 315.73 हेक्टेयर अर्थात 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1539.19 हेक्टेयर के सापेक्ष 654.77 हेक्टेयर तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 895.34 हेक्टेयर के सापेक्ष 266.82 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी एवं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति एवं भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

 

बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण एवं विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जनपद एवं विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर चयन एवं तैनाती की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा निजी क्षेत्र निवेश के लिए इच्छुक है। आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

 

बैठक में डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने एवं पृथक्करण की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

 

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ, आगरा एवं सहारनपुर को लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
Edited By : Chetan Gour

गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

Amarnath Ice Lingam melting rapidly in heat

Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, धार्मिक संगठनों और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यात्रा और दर्शन की व्यवस्थाओं पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
 

अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां हर वर्ष गुफा की छत से टपकने वाले जल के जमने से प्राकृतिक हिमलिंग का निर्माण होता है। इसका आकार मौसम, तापमान और नमी की स्थिति पर निर्भर करता है। इस वर्ष कश्मीर घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून माह में कई दिनों तक तापमान औसत से ऊपर रहा, जिससे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी बर्फ तेजी से पिघली।

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विशेषज्ञों का कहना है कि हिमलिंग के तेजी से पिघलने के पीछे कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण बढ़ता तापमान और कम बर्फबारी है। पिछले शीतकाल में कई क्षेत्रों में सामान्य से कम हिमपात दर्ज किया गया, जिसके चलते गुफा के आसपास का प्राकृतिक शीत वातावरण अपेक्षाकृत कमजोर रहा। इसके अलावा मई और जून में पड़ने वाली गर्म हवाओं तथा तेज धूप का भी प्रभाव पड़ा है।
 

पर्यावरणविदों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन का असर हिमालयी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्लेशियरों के सिकुड़ने, बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव और बढ़ते तापमान का प्रभाव अमरनाथ हिमलिंग के निर्माण और उसके आकार पर भी पड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भी कई बार हिमलिंग के समय से पहले छोटा होने या पिघलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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इस बीच, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। गुफा क्षेत्र और दोनों यात्रा मार्गोंकृपहल्गाम तथा बालटालकृपर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, हिमलिंग का आकार धार्मिक आस्था का विषय है, लेकिन यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
 

धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और यात्रा को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि हिमलिंग का आकार प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है और यह कोई असामान्य घटना नहीं है।

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मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य से कुछ अधिक रहने की संभावना जताई है। ऐसे में हिमलिंग के आकार में और कमी आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। फिर भी प्रशासन का दावा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुचारु दर्शन और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अमरनाथ यात्रा से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की नजरें अब गुफा में बनने वाली प्राकृतिक बर्फ संरचना और मौसम की आगामी परिस्थितियों पर टिकी हुई हैं।
Edited By : Chetan Gour

डिमांड बिजली आपूर्ति में उत्तर प्रदेश नंबर-1, योगी सरकार में लगातार टूट रहे रिकॉर्ड

Uttar Pradesh ranks number one in meeting electricity demand

– 24 जून को 32673 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति कर यूपी ने देशभर में अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़े

– महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक समेत कई बड़े राज्यों को बिजली आपूर्ति में छोड़ा पीछे

– लखनऊ, नोएडा सहित महानगरों में 24 घंटे, ग्रामीण क्षेत्रों में 22-24 घंटे बिजली

Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की बेहतरीन बिजली व्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। भीषण गर्मी, बढ़ती बिजली मांग और प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद उप्र. पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है। इसे योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और यूपीपीसीएल के कुशल प्रबंधन से यूपी देश में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति करने वाले राज्यों में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। विशेष बात यह है कि उत्तर प्रदेश लगातार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए बिजली आपूर्ति के नए मानक स्थापित कर रहा है।

 

19 जून से उत्तर प्रदेश लगातार डिमांड बिजली आपूर्ति में देश का नंबर-1 राज्य बना हुआ है। उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र, गुजरात जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। साथ ही तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से भी आगे निकलकर अपनी क्षमता साबित की है। इस तरह बिजली मांग के मामले में यूपी ने देश के कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

 

24 जून को रिकॉर्ड 32,673 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई

अगर डिमांड बिजली आपूर्ति पर नजर डालें तो 27 जून को उत्तर प्रदेश में 31949 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह 26 जून को 31,839 मेगावाट और 25 जून को 31,852 मेगावाट की आपूर्ति दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, 24 जून को उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रचते हुए रात करीब 9:51 बजे 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति की थी।

यह अब तक की सर्वाधिक पीक डिमांड आपूर्ति थी। इसके पहले 23 जून की रात 10:26 बजे 32,405 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई थी। इसी तरह 22 जून को 31,841 मेगावाट, 21 जून को 32,348 मेगावाट, 20 जून को 31,549 मेगावाट और 19 जून को 30,968 मेगावाट बिजली आपूर्ति दर्ज की गई। 

 

महानगर से लेकर गांव तक मिल रही लगातार बिजली

योगी सरकार में प्रदेश के शहरों से लेकर गांव तक निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और वाराणसी जैसे महानगरों में लगातार 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। इस तरह जो प्रदेश 2017 से पहले बिजली कटौती और खराब आपूर्ति व्यवस्था के लिए चर्चा में रहता था, वही आज रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति और मजबूत ऊर्जा प्रबंधन के लिए देशभर में मिसाल बन गया है। 

 

उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए यूपीपीसीएल कृत संकल्पित

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में लगे हुए कार्मिक दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा ही है। यूपीपीसीएल उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए कृत संकल्पित है।

निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जिस तरह रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड बिजली आपूर्ति की है, वह हमारी मजबूत विद्युत अवसंरचना, बेहतर प्रबंधन और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और रिकॉर्ड स्तर की बिजली मांग के बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है।
Edited By : Chetan Gour

सऊदी अरब में भयावह हेलीकॉप्टर हादसा, 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत

Helicopter crash in Saudi Arabia,14 passengers death

Saudi Arabia Helicopter Crash : सऊदी अरब में रविवार को तेल कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर है। सऊदी अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हेलीकॉप्टर किस कारण से हादसे का शिकार हुआ है। हादसे में मारे गए सभी लोग सऊदी नागरिक थे। यह हेलीकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था। इस कंपनी में अधिकांश हिस्सेदारी सऊदी अरब की है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

 

सऊदी अरब में रविवार को तेल कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 14 लोगों की मौत की खबर है। सऊदी अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हेलीकॉप्टर किस कारण से हादसे का शिकार हुआ है।

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हादसे में मारे गए सभी लोग सऊदी नागरिक थे। यह हेलीकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था। इस कंपनी में अधिकांश हिस्सेदारी सऊदी अरब की है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

यह दुर्घटना रास तनुरा क्षेत्र में हुई, जो फारस की खाड़ी के तट पर स्थित सऊदी अरामको का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल और औद्योगिक हब माना जाता है। ऊर्जा मंत्रालय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्‍त किया है। सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक है।

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यह सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व में है। इसकी स्थापना 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ समझौते के तहत हुई थी। 1980 में यह पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आ गई। यह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है।
Edited By : Chetan Gour

भविष्य का शहर होगा ‘हाथरस अर्बन सेंटर’, यीडा ने शुरू किया ‘मास्टर प्लान 2041’ पर काम

Hathras Urban Center is being designed as high tech industrial and residential satellite town

– 50 से अधिक गांवों को जोड़कर 10 हजार एकड़ में बसेगा हाईटेक शहर, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से भी होगा कनेक्ट

– हींग और गुलाल' समेत स्थानीय एमएसएमई उद्योगों को मिलेगा वैश्विक मंच, रोजगार के लाखों अवसर

– यीडा द्वारा विकसित हो रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स में हाथरस बनेगा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब

Uttar Pradesh News : योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के एक और जिले व उसके कई गांवों को हाईटेक शहर बनाने की तैयारी चल रही है। यह जल्द ही इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के साथ लाखों रोजगार पैदा करने वाला डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 विकास के तहत 'महायोजना/मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत 'हाथरस अर्बन सेंटर' को एक हाई-टेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। 
 

यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष तौर पर एक प्रमुख इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में चुना गया है।

 

10 हजार एकड़ में बसेगा नया शहर

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 4 हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा। इस अत्याधुनिक शहर के नियोजन के लिए कंसल्टेंट कंपनी 'आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड' को नियुक्त किया गया है, जो जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक पर आधारित नक्शे से इसका सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर रही है।

 

अर्बन सेंटर की चार प्रमुख श्रेणियां

मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अर्बन सेंटर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला औद्योगिक जोन, इस विशाल भूभाग का मुख्य ध्यान फैक्ट्रियों और भारी विनिर्माण इकाइयों पर केंद्रित होगा। दूसरा आवासीय क्षेत्र, यहां काम करने वाले लोगों के लिए आधुनिक सोसाइटी, फ्लैट्स और किफायती आवास  विकसित किए जाएंगे।
 

तीसरा कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब जो व्यापारिक गतिविधियों के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल्स और विशाल वेयरहाउस के लिए विशेष स्थान आरक्षित हैं। चौथा ग्रीन बेल्ट, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तहत हरित और खुले क्षेत्र के रूप में संरक्षित रहेगा।

 

शानदार कनेक्टिविटी और रणनीतिक लाभ

प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नया शहर सीधे नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके साथ ही यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के काफी करीब है और नेशनल हाईवे-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे तथा स्टेट हाईवे-33 से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ताजनगरी का औद्योगिक दबाव भी कम होगा।

 

स्थानीय उद्योगों को मिलेगी ग्लोबल पहचान

हाथरस में वर्तमान में सक्रिय 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को इस सेंटर में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओडी) के तहत हाथरस की विश्वप्रसिद्ध हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं कृषि और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को भी फायदा होगा, जिसके तहत ब्रज क्षेत्र की कृषि प्रधानता को देखते हुए यहां बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी प्लांट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
 

साथ ही रेडीमेड गारमेंट्स (होजरी), ग्लास बीड्स (कांच के मोती), पीतल के आभूषण (पायल), मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के कलपुर्जों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जाएंगे। अगले चरण में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे मेडिकल-सर्जिकल उपकरण और पावर ग्रिड मशीनरी बनाने वाली वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

 

लाखों की संख्या में रोजगार की संभावनाएं

प्राधिकरण के अनुसार इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।
Edited By : Chetan Gour

फ्रांस में बड़ा विमान हादसा, पायलट समेत 11 लोगों की मौत, प्‍लेन में सवार थे स्काईडाइवर्स

Big plane crash in France

France Plane Crash : फ्रांस के उत्तर-पूर्वी टॉम्ब्लेन शहर में आज बड़ा विमान हादसा हो गया, जहां पैराशूट ट्रेनिंग स्कूल का एक पीसी-6 टर्बो पोर्टर विमान दुर्घटनाग्रस्‍त होने से 5 छात्रों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे में विमान के पायलट समेत सभी 10 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 5 छात्र और 5 इंस्ट्रक्टर शामिल थे। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। फ्रांस का गृह मंत्रालय भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने जनता से सल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट के आसपास के क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है।

 

फ्रांस के उत्तर-पूर्वी टॉम्ब्लेन शहर में आज बड़ा विमान हादसा हो गया, जहां पैराशूट ट्रेनिंग स्कूल का एक पीसी-6 टर्बो पोर्टर विमान दुर्घटनाग्रस्‍त होने से 5 छात्रों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे में विमान के पायलट समेत सभी 10 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई।

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मृतकों में 5 छात्र और 5 इंस्ट्रक्टर शामिल थे। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। फ्रांस का गृह मंत्रालय भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने जनता से सल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट के आसपास के क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है।

पुलिस ने लोगों से घटनास्थल पर यात्रा न करने को कहा है, ताकि आपातकालीन सेवाओं और जांचकर्ताओं को निर्बाध पहुंच मिल सके। दुर्घटना के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

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जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से क्रैश हुआ। ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी डेटा की जांच के बाद ही दुर्घटना की असली वजह साफ हो पाएगी यह हादसा फ्रांस के हालिया सबसे गंभीर विमान हादसों में से एक माना जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour

हीट वेव के बढ़ते खतरे के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सतर्क, शिक्षकों के लिए विशेष दिग्दर्शिका जारी

Yogi government alert regarding safety of children amid increasing threat of heat wave

– ऑरेंज और रेड हीट अलर्ट के दौरान बाहरी गतिविधियां स्थगित करने के निर्देश, अभिभावकों की भी तय हुई जिम्मेदारी

– सुरक्षित पेयजल, प्राथमिक उपचार, छायादार परिसर, स्वास्थ्य जागरूकता और आपातकालीन तैयारियों पर विशेष जोर

– विद्यार्थियों को लू से बचाने में शिक्षकों की होगी अहम भूमिका, हर विद्यालय में बनेगा हीट एक्शन प्लान

– योगी सरकार ने विद्यालयों में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जारी किए निर्देश

Uttar Pradesh news : बदलती जलवायु चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और जलवायु-अनुकूल वातावरण देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी नीति के अन्तर्गत विद्यालयों को नए सत्र में खोलने के साथ बेसिक शिक्षा विभाग ने 'हीट-संबंधी बीमारियों के प्रति विद्यार्थियों के संवेदनशीलकरण हेतु शिक्षकों के लिए दिग्दर्शिका-2026' जारी की है।

 

अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार इस दिग्दर्शिका का उद्देश्य शिक्षकों को हीट वेव से बचाव, हीट एग्जॉशन एवं हीट स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान, प्राथमिक उपचार तथा विद्यार्थियों के प्रभावी बचाव के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विद्यालयों में 'क्या करें-क्या न करें' संबंधी पोस्टरों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों और विद्यालय समुदाय को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि भीषण गर्मी बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और विद्यालयी जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव न डाल सके।

 

हीट वेव से विद्यार्थियों की सुरक्षा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी

दिग्दर्शिका में स्पष्ट किया गया है कि हीट वेव से विद्यार्थियों की सुरक्षा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होंगे। शिक्षक प्रार्थना सभा, कक्षा शिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विद्यालय की दैनिक दिनचर्या के माध्यम से विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव के उपायों से अवगत कराएंगे। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तेज धूप से बचने, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनने, जलयुक्त फलों के सेवन तथा हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की पहचान के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही बच्चों को यह भी सिखाया जाएगा कि यदि किसी सहपाठी की तबियत बिगड़ती है तो तत्काल शिक्षक को सूचना दें।

 

हर विद्यालय में बनेगा हीट एक्शन प्लान, होगी व्यापक तैयारी

योगी सरकार ने प्रत्येक विद्यालय में स्कूल हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नामित किए जाएंगे, जो हीट वेव से संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेंगे। शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कराया जाएगा। विद्यालय परिसर में हीट वेव से बचाव संबंधी संदेश और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय में फर्स्ट एड किट, ओआरएस, डिजिटल थर्मामीटर तथा 108 एम्बुलेंस सहित आवश्यक चिकित्सा संपर्क व्यवस्था उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

पेयजल और सुरक्षित वातावरण पर विशेष फोकस

गाइडलाइन के अनुसार विद्यालयों का समय शासन के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा। प्रार्थना सभा, खेलकूद, शारीरिक शिक्षा तथा अन्य बाहरी गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले आयोजित की जाएंगी। ऑरेंज अथवा रेड हीट वेव अलर्ट के दौरान सभी कठिन शारीरिक एवं बाहरी गतिविधियां स्थगित रहेंगी।

विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा विद्यार्थियों को प्रत्येक 20 से 30 मिनट के अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को पानी की बोतल साथ लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यशील पंखे, पर्याप्त वेंटिलेशन, छायादार स्थान, वृक्षारोपण तथा जहां संभव हो कूल रूफ और रिफ्लेक्टिव पेंट जैसी व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

 

स्वास्थ्य, पोषण और प्राथमिक उपचार पर विस्तृत दिशा-निर्देश

दिग्दर्शिका में हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनने, टोपी अथवा छाते का उपयोग करने, तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और अन्य जलयुक्त मौसमी फलों के सेवन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। कैफीनयुक्त, कार्बोनेटेड और अत्यधिक मीठे पेयों से बचने तथा मध्याह्न भोजन स्वच्छ एवं छायादार स्थान पर परोसने पर भी जोर दिया गया है।

यदि किसी विद्यार्थी में अत्यधिक पसीना, तेज प्यास, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, उल्टी, भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तत्काल छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने, ठंडी पट्टी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर 108 एम्बुलेंस या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

संवेदनशील बच्चों की विशेष निगरानी, अभिभावकों और समुदाय की भी होगी सहभागिता

अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, दिव्यांगता अथवा हाल ही में बुखार या दस्त से पीड़ित विद्यार्थियों की विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय भेजने से पहले पर्याप्त पानी पिलाने, अस्वस्थ बच्चों को विद्यालय न भेजने तथा घर पर भी हीट वेव से बचाव संबंधी व्यवहार अपनाने की अपील की गई है।

विद्यालयों को हीट वेव संबंधी घटनाओं का अभिलेखीकरण करने, नियमित समीक्षा करने, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट पर सतत निगरानी रखने तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
Edited By : Chetan Gour 

मोदी सरकार में जल्द हो सकता है बड़ा कैबिनेट फेरबदल, कई मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। सत्ता प्रतिष्ठान के शीर्ष स्तर से मिल रहे संकेतों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव कभी भी किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले या जुलाई के दौरान हो सकता है।

 

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का भी ऐलान किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने नई टीम की सूची लगभग अंतिम रूप दे दिया है, जिसमें संगठन में युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

 

संगठन और सरकार में हो सकता है बड़ा बदलाव

 

सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने पिछले सप्ताह कुछ केंद्रीय राज्य मंत्रियों के साथ भी बैठक की थी। संभावना है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जाए, जबकि भाजपा संगठन के कुछ पदाधिकारियों को मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव की भी चर्चा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी चर्चाओं में है। NEET पेपर लीक और CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े विवादों के बाद उनके मंत्रालय को लेकर सवाल उठे हैं।

जुलाई में हो सकता है फैसला

 

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यस्त विदेशी दौरे को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय की जाएगी। प्रधानमंत्री 27 से 29 जून तक सेशेल्स दौरे पर हैं। इसके बाद 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी प्रस्तावित है।  जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत दौरे पर रहेंगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन कार्यक्रमों के बीच जुलाई में किसी समय मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है।

चुनावी राज्यों पर रहेगा विशेष फोकस

 

सूत्रों के अनुसार, अगले वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों से अधिक प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद वहां के कुछ सांसदों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) छोड़कर एनडीए के साथ आए कुछ नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है, हालांकि यह फैसला दल-बदल कानून से जुड़े मामलों पर लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय के बाद ही संभव होगा।

 

'वन मैन, वन पोस्ट' नियम लागू होने के संकेत

 

केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली भाजपा की जिम्मेदारी मिल चुकी है। ऐसे में भाजपा के 'वन मैन, वन पोस्ट' सिद्धांत के तहत उनके मंत्रिपद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस्तीफा दे चुके हैं। दूसरी ओर रवनीत सिंह बिट्टू अभी मंत्री बने हुए हैं, लेकिन उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव पर फोकस करने की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।

 

राज्यपाल पदों पर भी हो सकती है नियुक्तियां

 

सूत्रों के अनुसार, जिन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाएगा, उनमें से कुछ को राज्यपाल बनाया जा सकता है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का कार्यकाल आने वाले महीनों में पूरा होने वाला है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े फैसलों को अंतिम समय तक गोपनीय रखते हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर वास्तविक स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
Edited by : Sudhir Sharma

अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने संवारा, आप पश्चाताप कर रामलला के दर्शन करिए : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Akhilesh Yadav

– मुख्यमंत्री योगी ने हाथरस, सिकंदराराऊ व सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपए की लागत से 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया

– 2017 से पहले मंदिरों का पैसा कब्रिस्तानों में जाता था, हमने आस्था के केंद्रों के विकास में लगाया : मुख्यमंत्री योगी

– 2017 से पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया थे पहचान, आज यूपी विकास और सुरक्षा का मॉडल बना

– मोहर्रम पर 12 हजार जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू नहीं 

– मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची को गोद में लेकर चम्मच से पिलाया दूध, किया दुलार

– सपा अध्यक्ष सच में धार्मिक हैं तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें : योगी

– कांग्रेस व सपा ने वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस, सिकंदराराऊ व सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। वहीं लाभार्थियों को आवास की चाभी, स्मार्ट फोन, युवा उद्यमी योजना के तहत चेक वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉल के पास एक नन्ही बच्ची को चम्मच से दूध पिलाया, गोद में लेकर दुलार किया। 

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है।

 

 

कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं।

रामलला के दर्शन कर लो, शायद सद्बुद्धि आ जाए

मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है। अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए।

 

खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे

योगी ने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है।

आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

 

कांग्रेस ने संविधान का गला घोंटा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दल संविधान बचाने की बात कर रहे थे, जबकि देश में संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर की थी। कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का गला घोंटा था। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था।

जयप्रकाश नारायण, राज नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और कल्याण सिंह जैसे तमाम नेताओं को कांग्रेस सरकार ने जेल में बंद कर दिया था ताकि वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस का विरोध न कर सकें। एक लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। मुलायम सिंह यादव का भी कांग्रेस ने अपमान किया था और उन्हें जेल भेजा था।

 

कांग्रेस व सपा ने वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज वही समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर मुलायम सिंह यादव की विरासत का भी अपमान कर रही है। कांग्रेस ने बाबा साहब आंबेडकर के सपनों को तोड़ने का काम किया और समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर उसके पापों में भागीदार बन रही है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे। उन्होंने जनता से ऐसे दलों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश का विकास, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और आस्था के केंद्रों का सम्मान केवल डबल इंजन सरकार में ही संभव हुआ है।

 

 

2017 से पहले दंगे, कर्फ्यू और माफिया थे पहचान, आज यूपी विकास और सुरक्षा का मॉडल बना : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास केवल वहीं संभव है, जहां सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मजबूत वातावरण हो। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को लगभग 548 करोड़ रुपए की परियोजनाएं उपहार स्वरूप मिली हैं, जिसके लिए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई देता हूं। सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास की आशा और आकांक्षाएं पूरी होती हैं। जहां दंगे, उपद्रव और बार-बार कर्फ्यू लगता हो, वहां विकास और उज्ज्वल भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी। कौन-सा ऐसा जिला था, जहां दंगे नहीं हुए। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। हर दूसरे-तीसरे महीने कर्फ्यू लगता था, व्यापार ठप हो जाता था, नौजवानों को रोजगार से हाथ धोना पड़ता था और प्रदेश की छवि पूरे देश में खराब होती थी।

 

12 हजार जुलूस निकले लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू नहीं 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब उत्तर प्रदेश में न दंगे होते हैं, न कर्फ्यू लगता है और न ही गुंडागर्दी बर्दाश्त की जाती है। मोहर्रम के दौरान प्रदेशभर में करीब 12 हजार जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा कि पहले मोहर्रम के दौरान तलवारबाजी होती थी, ताजिए के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां और छज्जे हटवा दिए जाते थे तथा हाईटेंशन लाइनें तक हटानी पड़ती थीं। सरकार ने व्यवस्था बनाई कि ताजियों की ऊंचाई सीमित रखी जाए, ताकि किसी गरीब का नुकसान न हो और कोई हादसा भी न हो।

इसका सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश ने देखा। जब कानून व्यवस्था मजबूत होती है, तभी विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगी विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र को नई पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। हाथरस अब विकास से वंचित नहीं रहेगा। यहां औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। मथुरा-बरेली फोरलेन से जुड़ने के कारण निवेश बढ़ रहा है और उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

 

बिना भेदभाव मिल रहा योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हाथरस के आलू उत्पादक किसानों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। यहां प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को कोल्ड स्टोरेज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उनकी लागत कम होगी। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। इसी दिशा में कोसी (मथुरा) में भी प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जबकि आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर तथा वाराणसी में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध होंगे और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए काम कर रही है। योजनाओं का लाभ जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है। गरीबों को मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, हर घर शौचालय और उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इतना ही नहीं, होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर भी दिए जा रहे हैं।

 

2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवा छिपाते थे अपनी पहचान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अच्छी सरकारें विकास के साथ गरीबों का कल्याण, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और व्यापारियों को सुरक्षा देती हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। एक वोट का निर्णय प्रदेश का भविष्य बदल सकता है। जब जनता कमल का बटन दबाकर भाजपा और एनडीए के प्रत्याशियों को जिताती है तो बदले में व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बेटियों की सुरक्षा मजबूत होती है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

आज उत्तर प्रदेश का नौजवान जब दूसरे राज्यों में जाता है तो उसे अपनी पहचान छिपानी नहीं पड़ती। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के युवा अपनी पहचान बताने से बचते थे, क्योंकि पिछली सरकारों ने प्रदेश की छवि खराब कर दी थी। हर जिले में माफियाओं का कब्जा था। वे गरीबों का शोषण करते थे, सरकारी जमीनों पर कब्जा करते थे, विकास योजनाओं का पैसा हड़प लेते थे और व्यापारियों, किसानों तथा बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बने रहते थे। डबल इंजन सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त, दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और उपद्रव मुक्त प्रदेश के रूप में देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों दुर्गेश कुमार, चंद्र प्रकाश, प्रीति, सोनिया, ज्योति, मीना देवी, राधा देवी, विमल राजू, ममता, मार्गश्री को अपने हाथ से आवास की चाभी, चेक, आयुष्मान कार्ड स्मार्टफोन फोन दिया।

 

इस अवसर पर सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक बीरेंद्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम चौधरी, अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत आदि मौजूद रहे।
Edited By : Chetan Gour