International MSME Day: सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणाएं, युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा साल 2027, जनवरी में भोपाल में होगी GIS

भोपाल। मध्यप्रदेश में मोहन सरकार साल 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी। दूसरी ओर, 'ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' (GIS) भी जनवरी में भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उ‌द्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में कीं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 760 से अधिक ईकाइयों को प्रोत्सान राशि दी। उन्होंने प्रदेश के 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि भी दी। मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वृहद उद्योगों को 1274 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई।

उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़, उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली। मंदसौर में मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165 भू-खंड, जबलपुर में 61 भू-खंड, बैतूल में 50 भू-खंड, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68 भू-खंड, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 भू-खंड, खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड दिए गए। प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए एमओयू भी साइन किए गए। समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी और मंडला के उद्यमियों से संवाद भी किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स की कमान माताओं-बहनों के हाथों में है। गत वर्षों के मुकाबले वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए 16 कलस्टर का निर्माण किया है और 14 नए कलस्टर पर काम चल रहा है। राज्य को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है। वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश के 20 उत्पादों को जीआई टैग मिले हैं।

राज्य सरकार सभी की कठिनाई को समझते हुए विकास की धारा में सरलता, सुचिता और अपने पारदर्शी निर्णयों के बूते आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण करना भी आवश्यक है। राज्य सरकार ने आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) को भोपाल में आयोजित करने का निर्णय लिया है। साथ ही वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। इस पूरे वर्ष में एग्रीकल्चर सेक्टर को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाई पर लेकर जाएंगे। कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को लोन चुकाने के लिए नई सौगात दी है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, उसके 12 माह की अवधि में लोन भर सकेंगे। इसके लिए 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में मनाएगी। सरकार गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2024 को गरीब कल्याण, वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में कार्य किया।

 

एमपी में तेजी से बढ़ रहा विदेशी निवेश-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। स्वर्णिम मध्यप्रदेश के लिए युवा पीढ़ी को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। राज्य में विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब तक जो एमओयू हुए उनमें से 9 हजार 300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर, जापान, चीन, आयरलैंड और दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कपास पर मंडी शुल्क घटाकर आधा करने की मांग 25 साल से की जा रही थी। ऐसा नहीं होने से हमारे कपास उत्पादक किसान महाराष्ट्र और अन्य पड़ोसी राज्यों में अपनी उपज बेचने को मजबूर थे। राज्य सरकार ने प्रदेश कपास उत्पादक किसानों को मंडी शुल्क कम कर सौगात दी है। इसी प्रकार से अरहर (तुअर) दाल के साथ भी यही परेशानी थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक जिले के रेवेन्यू का मॉडल तैयार करने पर काम करेगी। जिले की अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन देते हुए जिले को समृद्धि मिले।

 

उद्योग विकास में एमपी ने हासिल कीं नई उंचाइयां-कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल कीं हैं। जब नेतृत्व में दृष्टि हो तो एमएमएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ हो जाता है। राज्य सरकार ने विभाग का बजट बढ़ाकर सीधे तौर पर उद्यमियों को लाभ दिया है। उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे पहले भूमि की आवश्यकता होती है और मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं। आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। 

 

जमीन पर दिखने लगा निवेश-मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में 49 प्रतिशत निर्यात एमएसएमई सेक्टर से आता है। राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखाई देने लगा है। निवेश से जीडीपी को गति मिलती है। मध्यप्रदेश ने एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है। इस मामले में देश में मध्यप्रदेश का नंबर अब 11वां है। मध्यप्रदेश वह राज्य है, जिसने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू किया और देश में टॉप अचीवर बना। राज्य में पहली बार जनविश्वास बिल पारित किया गया। लगभग 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक ऐसे कानून को पेनाल्टी में बदला, जिनमें सजा का प्रावधान था। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। अब कृषि उत्पाद बाहर न जाकर मध्यप्रदेश में प्रोसेस्ड होंगे। वहीं, प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11 हजार 500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी है।

आज अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक ईकाईयों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग ने 31 मई तक की सभी देनदारियों का भुगतान कर दिया है। राज्य सरकार प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दे रही है, इसके साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में लगभग 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, इनमें से करीब 30 प्रतिशत निवेश को धरातल पर उतारने के लिए कार्य किया जा रहा है। बाबई-मोहासा और धार के पीएम मित्रा पार्क में विकास कार्य तेजी से जारी हैं। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत प्रदेश में 185 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र संचालित किए हैं और 30 नए क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्किंग वुमन हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप की संख्या 4800 के आसपास थी, जो अब 7500 से अधिक हो गए हैं। इनका नेतृत्व 50 प्रतिशत के अधिक बेटियां कर रही हैं।

 

उद्यमियों ने सुनाई अपनी-अपनी कहानी

उद्यमी डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सिर्फ उद्योग स्थापित करने नहीं, बल्कि उद्योग को आगे बढ़ाने वाला राज्य है। किसी भी उद्योग की स्थापना के दौरान अनेक प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से उद्योग अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बहुत पारदर्शी हैं। राज्य सरकार की ओर से हमें मिला सहयोग सफलता की पूंजी है। हमारी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है। हमारी कंपनी एक ऐसी दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है, जो विश्व में कभी उपलब्ध नहीं है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर की हैं। यह उद्यमियों और निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जम्मू कश्मीर में 6.2 तीव्रता का भूकंप, लोग दहशत में

Jammu Kashmir Earthquake: जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी श्रीनगर में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है, जबकि इसका केन्द्र अफगानिस्तान में जमीन से 215 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के भूकंप की जानकारी मिलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। एक जानकारी के मुताबिक दिल्ली एनसीआर और आसपास के इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप 27 जुलाई यानी शनिवार शा‍म करीब 7.5 मिनट पर आया। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है, जबकि इसका केन्द्र अफगानिस्तान में फैजाबाद से 74 किलोमीटर दूर और जमीन से 215 किलोमीटर नीचे बताया गया है। भूकंप की खबर लगते ही लोग दहशत में आ गए। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

योगी सरकार का ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ देगा 36 हजार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

Jevar Airport Farmers meet cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में “प्रोजेक्ट प्रवीण” के अन्तर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (STT) के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।

 

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का मुख्य ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के जरिए हम राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत कर रहे हैं। इस योजना के तहत आईटी (आईटी-आईटीईएस), हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस और कृषि जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों की सीमा तय की गई है। इससे बच्चों को प्रयोगात्मक और व्यावहारिक ज्ञान बेहतर ढंग से मिल सकेगा। इस वर्ष प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रदेश भर में कुल 36,103 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों जैसे आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित राज्य के राजकीय विद्यालयों में सूची बद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सेक्टर्स में आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, अपैरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जॉब्स और एग्रीकल्चर शामिल हैं। पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे होगी।

 

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को सख्त समय-सीमा का पालन करना होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को केंद्र की स्थापना, पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर 15 जुलाई, 2026 तक हर हाल में कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा। बैच शुरू होने के 07 कार्य दिवसों के भीतर सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री का वितरण कर उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता समय पर कार्य आरंभ नहीं करता है या जनपद स्तर से किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्यवाही की जाएगी। Edited by : Sudhir Sharma

मुंबई में मोहर्रम को ‘मातम’ में बदलने की साजिश, 14900 मौत के कैप्सूल बरामद!

Mumbai Poison Conspiracy

Mumbai Poison Conspiracy: मुंबई को एक बार फिर दहलाने और मुहर्रम के जुलूस को 'मातम के समंदर' में बदलने की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने वक्त रहते एक ऐसे 'साइलेंट किलर' को दबोच लिया है, जो बम या बंदूक से नहीं, बल्कि दवा के बहाने हजारों बेगुनाहों के जिस्म में धीमा जहर उतारने की तैयारी में था।

30 हजार का था टारगेट

गिरफ्तार किए गए आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी के पास से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने 14 हजार 900 संदिग्ध कैप्सूल बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का टारगेट यहीं नहीं रुकने वाला था, उसने कुल 30 हजार गोलियों का ऑर्डर दे रखा था। साजिश का तरीका इतना शातिर था कि कोई सोच भी नहीं सकता था। मुहर्रम के जुलूस में चलने वाले लोगों को जब थकावट या बदन दर्द होता तो यह आरोपी उन्हें 'दर्द निवारक दवा' कहकर ये कैप्सूल मुफ्त या बेहद कम दाम में बांटने वाला था।

इस तरह तैयार हो रहे थे मौत के कैप्सूल!

जांच में जो सबसे डरावना खुलासा हुआ है, वो यह है कि इस दवा में केमिकल मिला हुआ था। लैब टेस्ट और शुरुआती जांच के मुताबिक, इन कैप्सूलों के अंदर 'जिंक फॉस्फाइड' जैसा बेहद जानलेवा और जहरीला रसायन मिलाया गया था। आरोपी केवल इन गोलियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड की एक बड़ी खेप मंगाने की फिराक में था, जिससे लाखों लोगों को निशाना बनाया जा सके।

खौफनाक साजिश का 'इरानी कनेक्शन'?

मामला सिर्फ स्थानीय अपराध का नहीं लग रहा है, बल्कि इसके तार सरहद पार से जुड़ते दिख रहे हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, आरोपी फैयाज हुसैन हाल ही में ईरान की यात्रा करके लौटा है। इस खुलासे के बाद देश की केंद्रीय जांच एजेंसियां भी एक्टिव हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है क्या फैयाज को ईरान में बैठे किसी हैंडलर से इस 'बायोलॉजिकल' हमले के निर्देश मिले थे? क्या इस खौफनाक साजिश के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क या स्लीपर सेल काम कर रहा है? इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित और जानलेवा केमिकल की सप्लाई उसे कहां से होने वाली थी?

एजेंसियां हाई अलर्ट पर, कड़ाई से पूछताछ जारी

फिलहाल मुंबई पुलिस और देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी फैयाज को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ कर रही हैं। इस बात का बारीकी से पता लगाया जा रहा है कि क्या उसके कुछ साथी मुंबई या देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय हैं, जो किसी बड़े धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन को निशाना बनाने की फिराक में हैं। इस खुलासे के बाद से मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

बधिरान्ध बच्चों की शिक्षा के लिए बड़ा अभियान! यूपी में शुरू होगा राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार किसी भी बच्चे की दिव्यांगता के कारण बाधित न हो। समावेशी शिक्षा को विद्यालय स्तर तक प्रभावी बनाने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े हितधारकों का व्यापक क्षमता निर्माण अभियान चलाया जा रहा है। 

 

इसी क्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (आरपीडब्ल्यूडी एक्ट), 2016 के अनुरूप राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक बधिरान्धता (सुनने एवं देखने में संयुक्त अक्षमता) विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा) तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित कराने और प्रशिक्षण की जानकारी प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

समावेशी शिक्षा के लिए मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, शिक्षक शिक्षा के विद्यार्थियों, केयरगिवर्स तथा अन्य हितधारकों में बधिरान्धता (डेफ ब्लाइंडनेस) के संबंध में वैज्ञानिक समझ और संवेदनशीलता विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान बधिरान्धता के कारणों, प्रभावी संप्रेषण विधियों, स्पर्श आधारित सांकेतिक संप्रेषण (टैक्टाइल साइनिंग), सहायक प्रौद्योगिकियों, आजीविका एवं आय-सृजन गतिविधियों तथा आवश्यक सहायता एवं समर्थन तंत्रों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बधिरान्ध बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा होगी।

 

प्रदेशभर के शिक्षक और हितधारक होंगे शामिल

प्रशिक्षण में विद्यालयों के सभी शिक्षक, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, शिक्षक शिक्षा के विद्यार्थी तथा अन्य हितधारक प्रतिभाग कर सकेंगे। प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12:45 बजे से 1:45 बजे तक ऑनलाइन आयोजित होगा। इसका सीधा प्रसारण क्रमशः PM eVidya DTH ISL Channel no.31,  NCERT Official YouTube Channel और NCERT Events YouTube Channel पर किया जाएगा। प्रतिभागी केवल इन्हीं अधिकृत प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लाइव सत्र से जुड़ सकेंगे। प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा तथा इसमें भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है।

 

निःशुल्क पंजीकरण और एनसीईआरटी का ई-प्रमाणपत्र

प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए एनसीईआरटी ने निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है। प्रशिक्षण के उपरांत आयोजित ऑनलाइन क्विज़ में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को एनसीईआरटी की ओर से ई-प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्हाट्सएप सहित अन्य माध्यमों से प्रशिक्षण और पंजीकरण लिंक की जानकारी सभी विद्यालयों, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स तथा अन्य हितधारकों तक पहुंचाकर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें।

 

समावेशी शिक्षा को मिलेगा नया आधार

प्रदेश में निपुण भारत मिशन, समेकित शिक्षा, बालवाटिका और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बधिरान्धता विषय पर आयोजित यह राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के साथ विद्यालयों में समावेशी और संवेदनशील शिक्षण वातावरण को मजबूत करेगा। इससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के समावेशी शिक्षा संबंधी उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma

तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं… पत्नी के ताने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

MP High court News

MP High Court News: क्या पत्नी द्वारा पति को यह कहना कि 'तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं… ', एक ऐसा उकसावा है जो किसी को आपा खोने पर मजबूर कर दे? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे मामले में इसे 'गंभीर और अचानक उकसावा' मानते हुए पत्नी की हत्या के आरोपी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर सिर्फ 7 साल कर दिया है। कोर्ट ने माना कि यह टिप्पणी किसी भी पति के आत्मसम्मान और अस्तित्व को झकझोरने के लिए काफी है।

 

रिश्तों में कड़वाहट जब जुबान के जरिए जहर बनकर निकलती है, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी बानगी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में देखने को मिली। लेकिन इस मामले पर अब देश की न्यायपालिका ने एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस सिंह की डिवीजन बेंच ने माना है कि पत्नी द्वारा पति की अहमियत को शून्य बताने वाला ताना एक 'गंभीर उकसावा' था, जिसके कारण पति ने नियंत्रण खो दिया।

खर्रा घाट की वो खौफनाक रात

मामला छिंदवाड़ा जिले के चौरई का है। 18-19 जुलाई की दरमियानी रात कुलबहेरी नदी के खर्रा घाट के पास शिवा और उसकी पत्नी किरण के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी। बहस के दौरान किरण ने शिवा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं। यह बात शिवा के दिल पर तीर की तरह लगी। गुस्से में आकर उसने पास पड़ा एक पत्थर किरण पर दे मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाद में शिवा को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने भागने के बजाय खुद फोन करके पुलिस और अपनी पत्नी के मायके वालों को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी।

यह पति के अस्तित्व पर चोट है

ट्रायल कोर्ट ने पहले शिवा को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो माननीय जजों ने इस मामले को एक अलग नजरिए से देखा। हाई कोर्ट की बेंच ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी साफ दिखाती है कि पत्नी की नजर में पति की कोई वैल्यू नहीं है। यह न सिर्फ एक पति के लिए, बल्कि उसके इंसानी अस्तित्व के लिए भी सीधा खतरा है। ऐसी टिप्पणी सुनकर कोई भी आपा खो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला 

हाई कोर्ट ने आरोपी शिवा की सजा को उम्रकैद से घटाकर 7 साल के सश्रम कारावास में तब्दील कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले के पीछे ठोस दलीलें दीं। कोर्ट ने माना कि शिवा अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनाकर नहीं गया था। वहां जो कुछ भी हुआ, वह अचानक हुए झगड़े और उकसावे का नतीजा था।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अगर शिवा का इरादा वाकई हत्या का होता, तो वह वारदात के बाद भाग जाता। लेकिन उसने खुद पुलिस और रिश्तेदारों को फोन किया, जो उसकी मनोदशा को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने बार-बार पत्थरों से हमला किया। कुछ चोटें जमीन पर गिरने की वजह से भी हो सकती हैं।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

जेल में सिया की बेशर्म मांग, पुलिस से मांगी शराब और बीयर, केतन हत्‍याकांड में चेतन और सिया लगा रहे एक दूसरे पर आरोप

siya ketan chetan

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के व्यवहार ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में सिया के चेहरे पर घटना को लेकर किसी तरह का पछतावा या घबराहट नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार सामान्य बताया गया। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा उसकी उस कथित मांग की हो रही है, जिसमें उसने पुलिस से बीयर और शराब उपलब्ध कराने की बात कही।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उसकी यह मांग तुरंत खारिज कर दी और स्पष्ट कर दिया कि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद सिया शांत हो गई। फिलहाल सिया और चेतन को अलग-अलग लॉकअप में रखा गया है और पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

चेतन और सिया एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप : इस बीच, केतन को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर साथ आए सिया और चेतन अब एक-दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों अपने-अपने बचाव में अलग-अलग दावे कर रहे हैं और हत्या की जिम्मेदारी दूसरे पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। चेतन का दावा है कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन सिया परिवार की बदनामी के डर से इसके लिए तैयार नहीं हुई। उसने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की बात कही। वहीं दूसरी ओर, सिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि केतन की हत्या का विचार और पूरी योजना चेतन की थी।
Edited By: Naveen R Rangiyal

भाजपा की सफलता का मंत्र क्या है? CM योगी बोले- मूल्यों और आदर्शों ने शून्य से शिखर तक पहुंचाया

Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मूल्यों और आदर्शों की राजनीति अपनाकर शून्य से शिखर तक की यात्रा की है। 1985 में मात्र दो लोकसभा सीट हासिल करने वाली इस पार्टी की आज केंद्र सहित देश के 21 राज्यों में सरकार है। दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा की यात्रा सत्ता प्राप्त की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सुशासन, समृद्धि और समन्वय की बेहतरीन यात्रा है।

 

सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर के गुलरिहा स्थित एक रिजॉर्ट में भाजपा महानगर के प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की महानगर इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘दल से पहले देश’ और ‘व्यक्ति से पहले समाज’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आज दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास का प्रतीक बनी है तो इसके पीछे भारतीय जनसंघ के समय से पार्टी के संस्थापकों के आदर्शों और संस्कारों से मिली प्रेरणा है। सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उद्धरण, ‘बिना मूल्यों और आदर्शों वाली राजनीति मौत का फंदा है’ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए संस्थापकों के मूल्य और आदर्श सदैव सर्वोपरि हैं। 

 

वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया भाजपा सरकार ने

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश में वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया है। 2014 के पहले दुश्मन देश सैनिकों से क्रूरता करते थे। सरकारें तब बोलती नहीं थी, उन्हें देश की कीमत पर संबंध की चिंता रहती थी। 2014 के बाद सरकार ने दुश्मन की आंख में आंख मिलाने का सामर्थ्य दिया है। एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये दुनिया के सामने अपने सामर्थ्य और ताकत का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले कश्मीर जल रहा था, पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद चरम पर था, देश के 120 जिलों में नक्सलवाद हावी था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद को कुचल दिया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद समाप्त हो चुका है। नक्सलवाद एक-दो जिलों तक सीमित है और बहुत शीघ्र वहां भी खत्म हो जाएगा। 

 

सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव होता है। सुरक्षा का वातावरण बनने के कारण ही आज इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड कनेक्टिविटी, हाईवे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड वाटरवे, मेट्रो, रोपवे और लॉजिस्टिक के कार्य बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास की प्राथमिक आवश्यकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, विकास भी उतनी ही तेजी से होगा। 

 

अंत्योदय का सपना साकार कर रही मोदी सरकार

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को साकार कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया ने बीते 12 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। कल्याणकारी योजनाओं का केंद्र समाज के अंतिम पायदान का व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आज देश में 12 करोड़ लोगों के घर शौचालय बनाए गए हैं, 4 करोड़ गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत मिली है। करोड़ों लोगों को नल से जल की सुविधा मिल रही है। 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा मिली। लोगों को पीएम जीवन ज्योति, पीएम स्टार्टअप, स्टैंडअप, डिजिटल इंडिया, पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर मिल रहा है। गांव में गरीबों को घरौनी की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से उबरकर देश के विकास में सहभागी बन रहे हैं। 

 

भाजपा सरकार ने बदली लोगों की धारणा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो बातें सिर्फ कल्पना में थीं, भाजपा सरकार ने उन्हें हकीकत में बदला है। सरकार ने लोगों की धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि कोई कल्पना भी नहीं करता था कि श्रीराम जन्मभूमि का विवाद समाप्त होगा। आज विवाद समाप्त होने के साथ ही श्रीराम मंदिर का निर्माण भी हो चुका है। काशी में विश्वनाथ धाम और विंध्याचल में विंध्य धाम का निर्माण हो चुका है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्षों की है लेकिन दिव्य, भव्य, स्वच्छ और स्मार्ट कुंभ का आयोजन पहली बार भाजपा सरकार में ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने कुंभ को भगदड़, अराजकता और गंदगी का पर्याय बना दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष में डबल इंजन सरकार ने देश की विरासतों को सम्मान से जोड़ा। पीएम मोदी ने दल से ऊपर देश की भावना से हर घर पर कमल का फूल वाला झंडा फहराने की बजाय देश की आन, बान, शान का प्रतीक तिरंगा झंडा फहराने का आह्वान किया। सीएम योगी ने कहा कि अन्य दलों को भी दल से ऊपर देश के मंत्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। कहा कि यह राष्ट्र को आतंकवाद से मुक्त कर विकास की बुलंदियों पर ले जाने का मंत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्वार्थ की संकीर्णताओं में डूबने पर देश की सुरक्षा में सेंध लग जाती है। 

 

भावी पीढ़ी के लिए जज्बा पैदा कर गया डॉ. मुखर्जी का बलिदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की वर्तमान यात्रा के विकास पर विस्तार से अपनी बात रखी और संस्थापकों के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि 1951 में कांग्रेस की तुष्टिकरण पोषक नीतियों से देश को बचाने की आवश्यकता को देखते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। डॉ. मुखर्जी आजादी के बाद बनी देश की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। सत्ता को तिलांजलि देकर उन्होंने कांग्रेस सरकार की कश्मीर के खिलाफ नीतियों पर आंदोलन शुरू किया। तब उन्होंने कश्मीर को लेकर उद्घोष किया था, एक देश में दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेगा। इसी आंदोलन के चलते वह कश्मीर में कांग्रेस की साजिश से बलिदान हो गए। पर, उनका बलिदान भावी पीढ़ी के लिए जज्बा पैदा कर गया। कश्मीर में 2019 में अनुच्छेद 370 समाप्त होने तक भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा तक के कार्यकर्ता, ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है’ के नारे को जीवंत करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना की पृष्ठभूमि डॉ. मुखर्जी से जुड़ी हुई है। 

 

दीनदयाल उपाध्याय ने की समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की चिंता

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक संगठन मंत्री पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि दीनदयाल जी ने आर्थिक उन्नयन के लिए समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने का आह्वान किया था। इसके लिए उन्होंने भारतीय राजनीति में अंत्योदय का विचार दिया। 

 

’दल से बड़ा देश’ की भावना से भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में हुआ विलय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 में कांग्रेस द्वारा थोपे गए आपातकाल में भारतीय जनसंघ के एक लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था। लोकतंत्र बचाने के लिए 1977 में ‘दल से बड़ा देश’ की भावना से भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय किया गया था। जनता पार्टी सरकार कुछ नेताओं के आपसी मतभेद और कांग्रेस की साजिशों से लंबा नहीं चल पाई। तब 6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई।

 

राजनीतिक स्थिरता विकास के लिए जरूरी

सीएम योगी ने कहा कि विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। 1996 में अटल जी के नेतृत्व में पहली बार बनी भाजपा सरकार भले ही 13 दिन चल पाई लेकिन उसके बाद 1998 से लेकर 2004 तक सरकार चलाकर राजनीतिक स्थिरता का दौर दिखाया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं के नेतृत्व में भाजपा की प्रगति यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में दिखाई देती है। भारतीय जनसंघ और बाद में भाजपा के रूप में जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर जारी इस यात्रा ने सफलता के जो प्रतिमान गढ़े हैं, वे अन्य दलों के लिए सपने से कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि उस समय जब अन्य दलों के लोग घरों में छिपे थे, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जनता को राहत दिलाई। उन्होंने कहा कि संकट के समय ही मित्र और शत्रु की पहचान होती है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कार्य ‘व्यक्ति से पहले समाज’ की भावना का परिचायक है।

 

प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता और आभार ज्ञापन नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी त्र्यम्बक नाथ त्रिपाठी, पूर्व एमएलसी विनोद पांडेय, अच्युतानंद शाही, पुष्पदंत जैन महानगर इकाई के पदाधिकारी और प्रशिक्षण वर्ग के अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

विकास प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

महानगर प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर इसका अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकासपरक उपलब्धियां और गोरखपुर के विकास को प्रदर्शित किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma

पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द, ओवैसी बोले- सरकार नाकाम; विपक्ष ने खोला मोर्चा

owaisi on TET paper leak

Maharashtra TET Exam Cancelled : पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द होने से महाराष्‍ट्र में हड़कंप मच गया। एक ओर परीक्षा की तैयारियों में जुटे छात्र इस खबर से निराश नजर आए तो दूसरी ओर विपक्ष ने भी इस मामले में सरकार को जमकर घेरा। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने TET परीक्षा में पेपर लीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार की नाकामी है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ALSO READ: परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक, 28 जून की परीक्षा रद्द

 

ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि 'कितनी गड़बड़ है; बीजेपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार, जो भारतीय बंगाली मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर गलत तरीके से गिरफ्तार करने में माहिर है, TET पेपर लीक को रोकने में नाकाम रही है। इस पेपर लीक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा? यह सरकार की नाकामी है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।'

 

शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने भी कहा कि जिस तरह टीईटी का पेपर लीक हुआ, उसी तरह महाराष्ट्र नीट पेपर लीक का भी केंद्र रहा था। इसके बावजूद सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। टीईटी की परीक्षा तो इसकी तुलना में बहुत छोटी है, फिर भी महाराष्ट्र सरकार इसे सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में नाकाम रही।

 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) 2026 को पेपर लीक की आशंका के चलते स्थगित कर दिया है। भिवंडी पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है।

edited by : Nrapendra Gupta

खण्डेलवाल समाज के परिचय सम्मेलन का शुभारंभ

लगभग 113 वर्षों से सामाजिक उत्थान व प्रगति हेतु लगातार प्रयासरत अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा अभी भी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों, कुरीतियों और बुराइयों लेन-देन दहेज, लिफाफा संस्कृति, तलाक प्रथा आदि के उन्मूलन हेतु लगातार संलग्न है।

 

उक्त प्रेरक, ओजस्वी विचार अ. भा. खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्य अतिथि रमेशचन्द्र गुप्ता (तुंगा वाला), जयपुर ने आज रुक्मणी देवी चिरंजीलाल गुप्ता परिसर पंजाब अरोड़ वंशीय ट्रस्ट भवन में महासभा के तत्वावधान में संत सुंदर दास पारमार्थिक ट्रस्ट व खंडेलवाल संस्कृति वुमन्स क्लब द्वारा आयोजित अ.भा खंडेलवाल वैश्य युवक युवती परिचय सम्मेलन में व्यक्त किए।

 

विशिष्ट अतिथि महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा जयपुर ने कहा इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक एकता, परस्पर प्रेम व आत्मीयता बढ़ाने व सामाजिक बुराइयों को दूर करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रतिष्ठित उद्योगपति रुचि ग्रुप के मनीष शाहरा ने आयोजकों को ऐसे भव्य, सार्थक आयोजन की प्रशंसा की व शुभकामनाएं देते हुए प्रत्याशियों के श्रेष्ठ जीवन साथी चयन की मंगलकामनाएं व्यक्त की।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियो द्वारा संतसुंदर दास जी, संत श्री बलराम दास जी महाराज व कल्याण जी महाराज व माता सरस्वती जी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से हुआ। अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि इस अवसर पर रमेश गुप्ता ने भी विचार प्रकट करते हुए शुभकामनाएं दीं। अतिथि स्वागत किया दिनेश कूलवाल, रमेश गुप्ता, कैलाशचंद खंडेलवाल, सुनील माली, राजेंद्र कूलवाल, शुभांगी भूखमारिया, संगीता कूलवाल, सुनीता राजोरिया, उषा कूलवाल, सारिका खंडेलवाल आदि ने। इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक परिणय बंधन का विमोचन अतिथियों ने राजेश डंगायच, कैलाश खंडेलवाल, निर्भय खंडेलवाल संजय बड़गोती, राजेश भूखमारिया द्वारा करवाया गया।

 

शनिवार को शुरू हुए परिचय सत्र में प्रत्याशियों ने अपने परिचय में पढ़ी-लिखी संस्कारवान युवती व उच्च शिक्षित कार्यरत प्रत्याशियों को महत्व दिया। शाम 7:30 तक चले परिचय सत्र में करीब 170 प्रत्याशियों ने परिचय दिया जिनमें से करीब 40 से 45 संबंधों की चर्चा अंतिम रूप में है। रविवार को प्रातः 10 बजे से परिचय सत्र प्रारंभ होगा। संचालन किया सीए सुनील खंडेलवाल, प्रियंका खंडेलवाल, शीतल गुप्ता ने तथा आभार माना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाशचन्द्र खंडेलवाल ने।