CM योगी : मुख्यमंत्री फंड से हर साल ₹1200–1500 करोड़ का इलाज, गोरखपुर को मिली सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाते हैं। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा आज की आवश्यकता है। वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा के विस्तार से सरकार ने प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा को बदला है। पूर्व व वर्तमान सरकार के बीच सबसे बड़ा अंतर यही है कि पहले हर जिले में माफिया पैदा किया गया और अब हर जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा दी जा रही है।

 

सीएम योगी शुक्रवार को बेतियाहाता में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ दिया था, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन’ जैसी योजनाओं का उपहार दिया है। इन योजनाओं से प्रदेश के प्रति धारणा बदलने, नई और मजबूत पहचान बनाने में मदद मिली है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र का उन्नयन सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संपूर्ण विश्व की सबसे बड़ी स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ संचालित हो रही है। इस स्कीम में जो तबके छूट गए, उन्हें यूपी सरकार ने राज्य स्तर पर कवर किया। इस योजना में लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मुफ्त मिलती है। इसके अलावा वह जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए प्रति वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देते हैं।

 

बीमार थी पूर्व की सरकारों की मानसिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बिना भेदभाव सबको सुरक्षा, सम्मान और शासन की सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में एकमात्र गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज था, जो खुद ही बीमार था। वास्तव में मेडिकल कॉलेज बीमार नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी, जिन्होंने यहां की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया था। आज वही बीआरडी मेडिकल कॉलेज बेहतरीन तरीके से संचालित हो रहा है। गोरखपुर में एम्स की भी सुविधा मिल रही है। गोरखपुर के अलावा महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, आजमगढ़, गाजीपुर, रायबरेली, अमेठी, मिर्जापुर, चंदौली में मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। इन मेडिकल कॉलेज में क्लासेज के साथ हॉस्पिटल भी बेहतरीन तरीके से चल रहे हैं। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिल चुकी है। 

 

आज सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि 2017 के पहले लखनऊ, दिल्ली, मुंबई सहित सभी बड़े शहरों में इलाज के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की लंबी कतार नजर आती थी। 2005 में गोरखपुर के जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एके गुप्ता की दुखद मृत्यु कार्डियक अरेस्ट से हो गई थी। तब एक भी आईसीयू बेड नहीं था। डायलिसिस की सुविधा नहीं थी, अच्छे ब्लड बैंक नहीं थे, प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं थी। आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल ऐसे हैं, जहां आईसीयू की सुविधा है। 2007 में गोरखनाथ हॉस्पिटल में 10 बेड के साथ पहली बार आईसीयू की सुविधा शुरू हुई थी। ब्लड सेपरेटर मशीन और डायलिसिस मशीन भी पहली बार गोरखनाथ हॉस्पिटल में ही लगाई गई। आज सभी सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा देना बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना अस्पताल और डॉक्टर की बड़ी जिम्मेदारी है। प्रयास होना चाहिए हम स्वस्थ रहें। फिर भी कभी बीमारी आ गई तो उपचार का केंद्र अच्छा होना चाहिए। उपचार के अच्छे केंद्र के रूप में आज एस्ट्रोमेडिक्स हॉस्पिटल के जरिए एक नई कड़ी जुड़ी है। यूपी में जो स्वास्थ्य क्षेत्र पहले की सरकारों में उपेक्षित था, आज लोगों ने उसमें निवेश करना प्रारंभ किया है। 

 

गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे मार्कण्डेय चंद

हॉस्पिटल संचालक परिवार के अभिभावक रहे पूर्व मंत्री मार्कण्डेय चंद की स्मृतियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। वह किसी भी दल में रहे हों, पीठ के प्रति उनका गहरा लगाव व गहरी आस्था थी। करियर दांव पर लगाकर भी वह संबंधों को महत्व देते थे। सीएम ने एक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मार्कण्डेय चंद ने बसपा सरकार में मंत्री रहते हुए भी विधानभवन में मुझे अपनी कुर्सी पर बैठने के लिए इस आशय से आग्रह किया कि उनके लिए गोरक्षपीठ सर्वोपरि है। उनके पुत्रों सीपी चंद और अरुण चंद ने एस्ट्रोमेडिक्स हॉस्पिटल के जरिये उनकी स्मृतियों को जीवंत किया है।

 

मार्कण्डेय चंद की प्रतिमा का अनावरण किया सीएम ने

हॉस्पिटल के शिलापट्ट का अनावरण करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने भ्रमण कर व्यवस्थाओं व चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में पूर्व मंत्री स्वर्गीय मार्कण्डेय चंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया और पुष्पार्चन कर उनकी स्मृतियों को नमन किया।

 

सीएम योगी के नेतृत्व में मिसाल बना चिकित्सा क्षेत्र: सीपी चंद

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एमएलसी एवं हॉस्पिटल के अध्यक्ष सीपी चंद ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की मिसाल पेश कर रहा है। सीएम की प्रेरणा से वह अपने पिता स्व. मार्कण्डेय चंद के स्वप्न को साकार करने के लिए इस हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट लेकर आए हैं। इसके संचालन में गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल का भी सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम को सांसद रविकिशन शुक्ल ने भी संबोधित किया। आभार ज्ञापन हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुण चंद ने किया।

 

इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, हॉस्पिटल की चिकित्सा निदेशक डॉ. आरती चंद, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। Edited by : Sudhir Sharma

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी ने ने पीएम सूर्य घर योजना में बनाया नया कीर्तिमान

Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने सोलर रूफटॉप स्थापना में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। जून 2026 में आयोजित प्रगति समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों में सौर ऊर्जा का लाभ दिया जा चुका है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

 

उत्तर प्रदेश ने इस योजना के तहत निर्धारित 11.27 लाख परिवारों के लक्ष्य में से 50 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली है। देश में कुल सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है और यह देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक घरों में सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र स्थापित कर देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को क्यूम्यूलेटिव हाउसहोल्ड सोलराइजेशन में भी देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन को इंस्टॉलेशन में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऋण आवेदनों का समयबद्ध अनुमोदन हो, ऋण स्वीकृति के बाद लंबित भुगतान (डिस्बर्सल) तत्काल हो तथा अनावश्यक कारणों से किसी भी आवेदन को अस्वीकृत न किया जाए। निष्क्रिय वेण्डर्स को सक्रिय करने एवं आवश्यकता के अनुसार नए वेण्डर्स को जोड़ने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने लाभार्थियों को मिलने वाले बिजली बिल में बचत के आंकड़े संकलित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक नागरिक योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित हों।

प्रदेश में सोलर संयंत्र स्थापना की रफ्तार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2025 में जहां प्रतिदिन लगभग 500 इंस्टॉलेशन हो रहे थे, वहीं मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 2100 प्रतिदिन पहुंच गई। पिछले 50 हजार इंस्टॉलेशन केवल 22 दिनों में पूरे किए गए, जिसे देश की सबसे तेज स्थापना दर बताया गया है।

 

समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 2000 मेगावाट से अधिक क्षमता जोड़ी जा चुकी है। इसके साथ ही रूफटॉप सोलर उद्योग में प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो रहा है तथा 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में बढ़ती जनभागीदारी, प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी प्रोत्साहन के कारण उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना का उद्देश्य आम परिवारों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराते हुए बिजली खर्च में कमी लाना है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : CM योगी

Deoria news

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।

 

देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी।

आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है !

एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

CM योगी का गौतमबुद्ध नगर-गाजियाबाद दौरा: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास, कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

cm yogi

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 12.35 बजे जेवर एयरपोर्ट, गौतमबुद्धनगर पहुंचेंगे, जहां सेक्टर-10 यीडा में अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सेल प्लांट परिसर सेक्टर-8 यीडा, गौतमबुद्ध नगर में सेल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 

 

इसके अलावा मुख्यमंत्री सेक्टर-96, नोएडा पहुंचेंगे, जहां वे नोएडा के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे और 'एमएसएमई दिवस' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मेरठ मण्डल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे और नए कार्यों की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री इंदिरापुरम, गाजियाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मंत्री सुनील शर्मा के सुपुत्र के मांगलिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

CM योगी की सख्त चेतावनी, उत्सव में उपद्रव करने वालों को सात पीढ़ियों तक भुगतना पड़ेगा, मुहर्रम पर भी दिए कड़े निर्देश

Yogi Gonda

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने के साथ ही अपराध, माफिया व अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। जो भी अपराध करेगा, माफिया गतिविधियों में शामिल होगा या जन आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा,  जीरो टॉलरेंस के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था मजबूत होने से प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है और तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। सपा व कांग्रेस के शासनकाल में उत्तर प्रदेश माफियाओं व दंगों के लिए बदनाम था। याद करें 2016 में यहीं मदनपुर थाने को लूट लिया गया था, आग लगा दी गई थी।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के रुद्रपुर व बरहज विधानसभा क्षेत्र की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। सीएम ने देवरिया की धरती को नमन करते हुए कहा कि उन्हें रुद्रपुर व बरहज विधानसभा के मध्य स्थित उस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसे बाबा दुखहरणनाथ, बाबा महेंद्रनाथ, महर्षि देवरहा बाबा और बाबा राघवदास जैसी महान विभूतियों का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भूमि आध्यात्मिक व  सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। 

 

डबल इंजन सरकार ने बदली देवरिया की तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब देवरिया के लोग एक पुल और एक सड़क के लिए वर्षों तक इंतजार करते थे, लेकिन आज प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह बदल चुकी है। पडरौना, कसया, पथरदेवा, देवरिया, सोनूघाट, बरहज, दोहरीघाट को वाराणसी व गोरखपुर मार्ग से जोड़ने वाली सड़कें पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही हैं। वहीं हाटा, गौरीबाजार व कौड़ीराम तक फोरलेन सड़कें उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। बेहतर सड़कें व इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी आधारशिला होती हैं।

 

युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और सरकार इसी शक्ति को कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। अब तक 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि परंपरागत उद्योगों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है। वह बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदल सकता है।

 

सुरक्षा के माहौल से बढ़ा निवेश और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कारण देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित पूरे पूर्वांचल में निवेश बढ़ रहा है। नए उद्योग लग रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। जो नौजवान पहले नौकरी के लिए मुंबई, सूरत और कोलकाता पलायन करते थे, आज वे अपने ही प्रदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने निवेश आधारित योजनाओं के माध्यम से 65 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। किसानों के हित में सरकार लगातार काम कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और कृषि शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है। कई खाद्यान्नों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है।

 

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आड़े हाथ लिया सपा को

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नौकरियों के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। चाचा-भतीजा की जोड़ी और पूरा परिवार वसूली में लगा रहता था। आज सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। देवरिया सहित प्रदेश के हजारों युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सरकारी नौकरी मिली है। सपा ने 2016 में बिना जमीन उपलब्ध कराए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 15,800 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया था। भाजपा सरकार बनने के बाद पहले जमीन का अधिग्रहण कराया गया और फिर नई प्रक्रिया के तहत टेंडर कराया गया। तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाकर यही एक्सप्रेसवे लगभग 11,200 करोड़ रुपये में बनवाया गया, जिससे लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत सपा की डकैती रोकने का परिणाम है। इसीलिए सपा को बुरा लग रहा है, वह छटपटा रही है।

 

भ्रष्टाचार व अव्यवस्था दी आम आदमी पार्टी ने

सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली के एक सज्जन आज अयोध्या पहुंचे हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उसे भ्रष्टाचार व अव्यवस्था के अलावा कुछ नहीं मिला। अयोध्या में डबल इंजन सरकार ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, निषादराज यात्री विश्रामालय, माता शबरी रसोई, फोरलेन सड़कें और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। यदि आम आदमी पार्टी यही न्याय दिल्ली के साथ करती तो राजधानी की तस्वीर भी बदल जाती।

 

बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहज कभी इस क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और भविष्य में इनलैंड वाटरवे परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से किसानों की सब्जियां, फल, मिलेट्स, फूल और अन्य कृषि उत्पाद जलमार्ग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाए जाएंगे। राप्ती व घाघरा नदी की बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6.18 लाख गरीब परिवारों को नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार हर गरीब को पक्का घर, शौचालय, आयुष्मान कार्ड और मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

सीएम युवा उद्यमी योजना से आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज व गारंटी मुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने दो लाभार्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहता है। सरकार उसके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहायता दे रही है। लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए सीएम ने कहा कि रूफटॉप सोलर लगाने से बिजली का बिल काफी कम होगा और लोगों को स्वच्छ ऊर्जा भी मिलेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश कभी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित क्षेत्र था, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। अब बच्चे सुरक्षित हैं और बेटियां सम्मान के साथ स्कूल जा रही हैं। सरकार शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।

 

ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों को दी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों, विधायकों और सांसदों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि कोई गरीब भूखा न रहे, कोई निराश्रित महिला पेंशन से वंचित न रहे और हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है। डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संगीता देवी, गुड़िया यादव,प्रमोद प्रसाद, हरी लाल, अरविन्द तिवारी,अखिलेश कुमार सिंह,नरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मंजू मिश्रा,रामेश त्रिपाठी व जीतेंद्र बहादुर सिंह को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक देकर सम्मानित भी किया।

 

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक जयप्रकाश निषाद, दीपक मिश्र 'शाका', डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, सुरेंद्र चौरसिया, सभाकुंवर कुशवाहा, विधान परिषद सदस्य डॉ. रतन पाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, भाजपा उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष काली प्रसाद, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे। Edited by : Sudhir Sharma

योगी सरकार का बड़ा कदम: आंगनबाड़ी और प्राथमिक स्कूलों की होगी मैपिंग, बच्चों को मिलेगा शिक्षा-पोषण का बेहतर लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ को-लोकेशन और वैज्ञानिक मैपिंग अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है। 

 

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय पूर्व तैयारी (स्कूल रेडीनेस) को सुदृढ़ बनाना, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों के सहज संक्रमण को मजबूत करना है। 

 

इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कराया जाएगा।

 

बुनियादी शिक्षा को मिलेगा नया आधार

प्रदेश में बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ सुनिश्चित होने से बुनियदी शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के परिणामों को भी नई मजबूती मिलेगी।

 

30 जून तक मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश

30 जून तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय विद्यालयों की मैपिंग मिशन मोड में पूरी की जाएगी। संबंधित विद्यालयों का यू-डायस कोड अंकित करते हुए यू-डायस तथा हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर आवश्यक विवरण भी अद्यतन किए जाएंगे, जिससे दोनों विभागों के आंकड़ों में एकरूपता और योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय सुनिश्चित हो सके।

 

मानकों के अनुरूप होगी मैपिंग

विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र विद्यालय परिसर से बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर संबंधित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों की मैपिंग उसी विद्यालय से होगी, ताकि वहां तैयार होने वाला हॉट कुक्ड मील बच्चों तक समय पर पहुंच सके। जहां विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम विद्यालय से मैपिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 01 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

संयुक्त सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता

सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। Edited by : Sudhir Sharma

केतन से क्यों नफरत करती थी सिया? पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case

Ketan Agrawal Murder Case: जिस मंगेतर के साथ सात फेरे लेने के लिए 17 करोड़ रुपए का आलीशान महल बुक हो चुका था, जिसके रसूख और दौलत की चर्चा पूरे पुणे में थी… उसी रईस बिजनेसमैन के बेटे को उसकी मंगेतर ने सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह 'गंजा' था और 'हकलाता' था! पुणे के हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डरकेस में आरोपी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस रिमांड में जो राज उगले हैं, उसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई। प्यार, पैसे, धोखे और नफरत की इस खूनी दास्तान ने 'लोहागढ़ किले' की 400 फीट गहरी खाई से लेकर पुणे के आलीशान कैफे तक सनसनी फैला दी है। ALSO READ: कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर हुआ केतन का मर्डर

करोड़ों की दौलत पर भारी पड़ी नफरत

रिपोर्ट्‍स के मुताबिक रीयल एस्टेट टायकून के बेटे और कंपनी के डायरेक्टर केतन अग्रवाल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ आगे टूटकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। सिया ने बताया कि वह केतन से नफरत करती थी। केतन के सिर पर बाल नहीं थे, वह विग पहनता था और बात करते समय हकलाता भी था। सिया को केतन की यह कमियां बर्दाश्त नहीं थीं, लेकिन परिवार के दबाव और मान-मर्यादा के चलते उसे फरवरी में केतन के साथ सगाई करनी पड़ी थी। ALSO READ: पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

दिल में पल रहा था 'जहर'

केतन के मामा ने दूर के रिश्ते से यह शादी तय कराई थी। इसी साल नवंबर में होने वाली इस शादी में पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा था। सिर्फ शादी के वेन्यू के लिए 17 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके थे, लेकिन सिया के दिल में अपने प्रेमी चेतन चौधरी के लिए प्यार और केतन के लिए सिर्फ नफरत थी। वह अपने घरवालों को नाराज नहीं करना चाहती थी, इसलिए उसने शादी से इनकार करने के बजाय केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक रास्ता चुना। ALSO READ: 'अगर बेटी दोषी है तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले', केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान

कैफे का वो सीक्रेट CCTV फुटेज

पुलिस जांच में एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है, जिसने इस मर्डर मिस्ट्री का पूरा सस्पेंस खत्म कर दिया। मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और उसका प्रेमी चेतन पुणे के एक नामी कैफे के बाहरी हिस्से में बैठे नजर आए। दोनों बेहद गुप्त तरीके से बात कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह वही पल था जब इस खूनी साजिश को आखिरी रूप (Final टच) दिया गया था कि केतन को किले से कैसे और कब नीचे फेंकना है।

थाने में 'तू-तू, मैं-मैं', फिर कबूला गुनाह

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब शुरुआत में दोनों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की गई, तो दोनों बेहद शातिर तरीके से खुद को बेकसूर बताते हुए पूरी हत्या का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने उनके सामने कैफे का सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सबूत (कॉल डिटेल्स) रखे, तो दोनों का झूठ पकड़ा गया और सिया ने रोते हुए अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। ALSO READ: हत्या के पहले किसने गायब किया केतन का पासपोर्ट, 17 करोड़ में बुक किया था महल, पिता बोले सिया से क्यों मारा बेटे को?

क्या कहा चेतन चौधरी ने?

चेतन ने पुलिस को बताया कि वह सिया से बेहद प्यार करता था और उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता था। जब सिया ने उसे बताया कि वह केतन के साथ खुश नहीं रह पाएगी और घुट-घुट कर मर जाएगी, तो चेतन उसकी बातों में आ गया और केतन की हत्या की योजना में शामिल होने के लिए तैयार हो गया।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

Ram Mandir Donation Row : SIT जांच में बड़ा खुलासा, CCTV में 70 बार चोरी की कोशिश का दावा, CM योगी बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

Ram Mandir Scam SIT Investigation

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी और गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच दान राशि चोरी करने की 70 कोशिशें सीसीटीवी फुटेज में सामने आई हैं।  इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राम मंदिर दान मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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उन्होंने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।  खबरों के मुताबिक मनीष कुमार यादव नाम का एक व्यक्ति कई बार चोरी की कोशिश करता हुआ कैमरों में दिखाई दिया, लेकिन उसके खिलाफ उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

 मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने पाया है कि दान राशि की गिनती के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच टीम ने वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों की भी समीक्षा की, जिनमें कई प्रक्रियागत कमियां उजागर हुईं।  जांच में यह भी सामने आया कि दान से जुड़े रिकॉर्ड सही तरीके से तैयार नहीं किए गए थे और आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था बेहद कमजोर थी। इसके अलावा निगरानी स्तर पर जवाबदेही भी स्पष्ट नहीं थी। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें चंपत राय के करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल हैं।

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अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT की सिफारिश के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। 

 

सीएम योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय कुछ लोग भगवान श्रीराम के अस्तित्व तक को नकारते थे। उनका कहना था कि ऐसे लोगों ने अयोध्या को ही नकारने की कोशिश की और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का लगातार विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालत में वकीलों की पूरी फौज खड़ी की गई।

 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यही लोग कभी 'जय श्रीराम' का उद्घोष करने वालों पर लाठी चलवाते थे और गोलियां चलवाते थे, लेकिन अब वही आस्था से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर दंगे भड़काने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाने, कांवड़ यात्रा को बाधित करने और दुर्गा पूजा के दौरान अशांति फैलाने का काम भी इसी सोच के लोगों ने किया।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने केवल देश को लूटा ही नहीं, बल्कि उसे बांटने का भी काम किया।  उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बेईमानी और भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाए और अब वही लोग अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और सभी तथ्य जनता के सामने लाए जाएंगे। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि रामभक्तों की परीक्षा लेना और उनकी आस्था से खिलवाड़ करना बंद किया जाए। यदि किसी के पास आरोपों के समर्थन में तथ्य या सबूत नहीं हैं तो बेबुनियाद आरोप-प्रत्यारोप बंद किए जाएं, और यदि सबूत हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) के सामने प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस मामले में काम कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma

महाराज जी! चंदा चोर आपके खिलाफ षड्‍यंत्र रच रहे हैं…

Kejriwal in Ayodhya

Arvind Kejriwal Ayodhya: अयोध्या का 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद' अब देश की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जब अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जहां केजरीवाल को 'दिल्ली को बर्बाद करने वाला' बताकर पश्चाताप करने की नसीहत दी, वहीं केजरीवाल ने योगी आदित्यनाथ को 'महाराज जी' कह कर संबोधित किया और दावा किया कि जो चंदा चोर हैं, वे खुद सीएम योगी की कुर्सी छीनने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

योगी ने साधा ‍केजरीवाल पर निशाना

दरअसल, केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बीच एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने उन पर सीधा हमला बोला था। योगी ने बिना नाम लिए कहा कि दिल्ली से भी एक सज्जन आज अयोध्या आए हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 साल दिए, लेकिन उन्होंने भ्रष्टाचार और बर्बादी के सिवा दिल्ली को कुछ नहीं दिया। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि जैसे डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या को सजाया है, इस मॉडल को देखें और अपने कारनामों पर पश्चाताप करें। अगर ऐसा ही न्याय दिल्ली के साथ किया होता, तो दिल्ली भी अयोध्या की तरह चमक रही होती। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा विवाद, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, क्या है इन दोनों का इतिहास

एक्स पर क्या लिखा केजरीवाल ने?

केजरीवाल ने लिखा ने एक्स पर लिखा- महाराज जी! आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे। भगवान राम के घर हुई महाडकैती के राक्षसों को सरे आम फांसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए।

 

केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि जो एफआईआर और गिरफ्तारियां हुई हैं, वे महज एक 'धोखा' हैं। सिर्फ छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि इस महाघोटाले के पीछे बैठे 'बड़े मगरमच्छों' और रसूखदारों को साफ बचाया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने रामलला से प्रार्थना की है कि भगवान के घर डकैती डालने वाले असली दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इससे पहले केजरीवाल ने सांसद संजय सिंह के साथ हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

कंटेंट क्रिएटर जिनी झाला को एयरलिफ्ट किया, अब अहमदाबाद में होगा इलाज, कहा, पार्षद- अधिकारियों पर FIR क्यों नहीं?

avantika gas leak

इंदौर में पीएनजी गैस पाइप लाइन में बोरिंग के दौरान हुए ब्‍लास्‍ट में झुलसी कंटेंट क्रिएटर जिनी झाला को इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्‍हें इंदौर से अहमदाबाद के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। अब उनका इलाज अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में चलेगा। डॉक्‍टरों के मुताबिक उसे ठीक होने में तीन से चार माह का समय लग सकता है।

इस दौरान जिनी और उनके परिजनों एक बार फिर से स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी पर आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि पार्षद वहां बोरिंग करा रहे थे। वे झूठ बोल रहे थे कि वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है। इसके लिए वे मुख्य रूप से जिम्मेदार है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि इंदौर नगर निगम प्रशासन के अधिकारी उनकी हालत के लिए जिम्‍मेदार हैं। उनके खिलाफ एफआईआर क्‍यों नहीं की जा रही है।

उनके परिजन नवल-धर्मेंद्रसिंह झाला ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मंगेतर रजत प्रतापसिंह ने कहा कि शुरू से ही इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी ही वहां बोरिंग करा रहे थे। वे झूठ बोल रहे थे कि वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है। रजत ने कहा घटना के बाद मौके और अस्पताल में न तो अधिकारी पहुंचे और न जनप्रतिनिधि। पुलिस ने खानापूर्ति के बोरिंग वाहन जब्त कर ठेकेदार और ड्राइवर पर एफआईआर दर्ज कर ली, जबकि जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की। रजत प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि लोकल लेवल पर बिना अनुमति बोरिंग का काम कराया जा रहा था, जबकि प्रशासन ने 30 जुलाई तक बोरिंग पर प्रतिबंध लगा रखा है।

कैसी है जिनी की हालत : बता दें कि जिनी के हाथ की त्वचा की दो लेयर्स पूरी तरह जल चुकी हैं, जबकि तीसरी लेयर भी गंभीर रूप से प्रभावित है। एक सर्जरी हो चुकी है। अभी तीन और सर्जरी होना बाकी हैं। उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम तीन से चार महीने लगेंगे। उधर, हादसे में घायल गोपाल मालाकार (10-15 प्रतिशत बर्न) और सुभाष ठाकुर (10-12 प्रतिशत बर्न) की हालत ठीक है। जिनी को आगे के इलाज के लिए अहमदाबाद के जाइडस अस्‍पताल ले जाया जा रहा है।

क्‍या है पूरा मामला : बता दें विजयनगर में अवंतिका गैस पाइप लाइन में उस वक्‍त ब्‍लास्‍ट हो गया था, जब वहां बोरिंग के लिए खुदाई चल रही थी। इस हादसे में झुलसी एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला समेत 3 लोग झुलस गए थे। इसके बाद उन्‍हें बॉम्बे अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था।

वीडियो जारी कर बयां किया दर्द : आईसीयू से एक वीडियो जारी कर जिनी ने बताया कि अगर उस वक्त वे खुद को बचाने की कोशिश नहीं करती तो वे बच नहीं पाती। जिनी ने बताया कि 23 जून की शाम वह टू-व्हीलर से अकेले अपनी नानी के घर जा रही थीं। जैसे ही वह सुमन नगर जैन मंदिर के पास पहुंचीं, अचानक धमाका हुआ। आग की लपटें उठने लगीं। वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। देखते ही देखते मैं और मेरी बाइक आग की चपेट में आ गए। मैंने लोगों से कहा- मुझ पर पानी डालो, लेकिन कोई आगे नहीं आया। सभी डरे हुए थे। सड़क पर बारिश का पानी जमा था। ऐसे में खुद ही कूदकर अपने शरीर पर पानी डालना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एक भैया आए। उन्होंने मुझ पर दो बाल्टी पानी डाला, तब तक मेरा पूरा बायां हाथ जल चुका था।
Edited By: Naveen R Rangiyal