Ram Mandir Donation Row : SIT जांच में बड़ा खुलासा, CCTV में 70 बार चोरी की कोशिश का दावा, CM योगी बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

Ram Mandir Scam SIT Investigation

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी और गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच दान राशि चोरी करने की 70 कोशिशें सीसीटीवी फुटेज में सामने आई हैं।  इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राम मंदिर दान मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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उन्होंने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।  खबरों के मुताबिक मनीष कुमार यादव नाम का एक व्यक्ति कई बार चोरी की कोशिश करता हुआ कैमरों में दिखाई दिया, लेकिन उसके खिलाफ उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

 मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने पाया है कि दान राशि की गिनती के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। जांच टीम ने वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की आंतरिक ऑडिट रिपोर्टों की भी समीक्षा की, जिनमें कई प्रक्रियागत कमियां उजागर हुईं।  जांच में यह भी सामने आया कि दान से जुड़े रिकॉर्ड सही तरीके से तैयार नहीं किए गए थे और आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था बेहद कमजोर थी। इसके अलावा निगरानी स्तर पर जवाबदेही भी स्पष्ट नहीं थी। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें चंपत राय के करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल हैं।

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अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT की सिफारिश के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। 

 

सीएम योगी ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय कुछ लोग भगवान श्रीराम के अस्तित्व तक को नकारते थे। उनका कहना था कि ऐसे लोगों ने अयोध्या को ही नकारने की कोशिश की और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का लगातार विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालत में वकीलों की पूरी फौज खड़ी की गई।

 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यही लोग कभी 'जय श्रीराम' का उद्घोष करने वालों पर लाठी चलवाते थे और गोलियां चलवाते थे, लेकिन अब वही आस्था से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर दंगे भड़काने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाने, कांवड़ यात्रा को बाधित करने और दुर्गा पूजा के दौरान अशांति फैलाने का काम भी इसी सोच के लोगों ने किया।

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने केवल देश को लूटा ही नहीं, बल्कि उसे बांटने का भी काम किया।  उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बेईमानी और भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाए और अब वही लोग अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और सभी तथ्य जनता के सामने लाए जाएंगे। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि रामभक्तों की परीक्षा लेना और उनकी आस्था से खिलवाड़ करना बंद किया जाए। यदि किसी के पास आरोपों के समर्थन में तथ्य या सबूत नहीं हैं तो बेबुनियाद आरोप-प्रत्यारोप बंद किए जाएं, और यदि सबूत हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) के सामने प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस मामले में काम कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने तक इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma