इंदौर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष का भाई बादशाह मिमरोट गिरफ्तार, कांग्रेस प्रदर्शन में पुलिस को अपशब्द कहने का आरोप

badshah mimrot

नगर निगम नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस पार्षद सोनिला मिमरोट के भाई बादशाह मिमरोट को रविवार देर रात पंढरीनाथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि पुलिस बादशाह को शांति भंग करने की आशंका के चलते जेल भेजने की तैयारी में है। थाना प्रभारी सतीश पटेल ने बादशाह की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा पिछले दिनों कांग्रेस नेताओं ने एक प्रदर्शन किया था। इस दौरान महिला नेत्री ने पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे। इस मामले में बादशाह को भी आरोपित बनाया गया है।

डीसीपी सुनील मेहता ने टीम भेजकर बादशाह को गिरफ्तार कर लिया। जिस केस में बादशाह को पकड़ा गया है, उसमें जमानती धाराओं में केस दर्ज है। वह बाहर न आ सके इसलिए पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी कर दी है। सोमवार को उसे एसीपी कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बादशाह की बहन सोनिला मिमरोट भाटिया वार्ड 45 से पार्षद है। सोनिला हाल ही में नेता प्रतिपक्ष बनी हैं। आज उनका पदभार ग्रहण है। बादशाह इसकी तैयारियों में लगा था। इसी बीच पुलिस पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर‍ लिया।
Edited By: Naveen R Rangiyal

एक्शन में झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, जल्द लौटेंगे तमिलनाडु में फंसे मजदूर

Hemant Soren

तमिलनाडु के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में झारखंड के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य श्रमिकों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मजदूरों की गुहार पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ALSO READ: झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

 

उन्होंने तमिलनाडु सरकार और संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सभी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें सकुशल झारखंड वापस लाने तथा मृतक मजदूर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उसके पैतृक गांव पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा है।

 

झारखंड सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी मजदूर को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षित वापसी, आवश्यक उपचार तथा मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी की जा रही है और मजदूरों के हितों की हर स्तर पर रक्षा की जाएगी।

 

गौरतलब है कि घटना के बाद वहां कार्यरत झारखंड के 39 मजदूरों में दहशत का माहौल है। मजदूरों का आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी के ठेकेदार ने उन्हें एक कमरे में बंद कर रखा है और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सभी मजदूरों ने राज्य सरकार से सुरक्षित झारखंड वापस लाने की गुहार लगाई है।

edited by : Nrapendra Gupta

पाकिस्तान समेत में कई देशों में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, भारत में क्यों नहीं मिली राहत? जानिए तेल कंपनियां दाम क्यों नहीं घटा रहीं?

petrol diesel price

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने के बाद से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी आई है। ब्रेंट क्रूड जो युद्ध के समय 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था आज  72  डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे है। पाकिस्तान, नेपाल, भूटान और म्यांमार समेत कई देशों में पेट्रोल डीजल के दाम कम हुए हैं। हालांकि भारत में अभी भी लोगों को पेट्रोल डीजल सस्ता होने का इंतजार है। जानिए भारत में तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल के दाम कम क्यों नहीं कर रही है? ALSO READ: मोदी सरकार में जल्द हो सकता है बड़ा कैबिनेट फेरबदल, कई मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा

 

कहां क्या है पेट्रोल डीजल के दाम? 

भूटान में पेट्रोल की कीमत 109.73 रुपए प्रति लीटर से कम होकर 99.94 रुपए प्रति लीटर हो गई। पाकिस्तान में 1 लीटर पेट्रोल 101.9 रुपए मिल रहा है। युद्ध काल में यह 130.82 रुपए लीटर मिल रहा था। भारत में पेट्रोल की औसम कीमत 108.71 रुपए प्रति लीटर है। म्यांमार में पेट्रोल की कीमत 140.20 से घटकर 116.09 रुपए प्रति लीटर हो गई तो नेपाल में पेट्रोल 135.75 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। चीन और श्रीलंका में भी पेट्रोल के दाम घटे हैं।

 

इसी तरह पाकिस्तान में डीजल के दाम 139.07 रुपए से कम होकर 105.98 रुपए प्रति लीटर पर आ गए। म्यांमर में डीजल 140.13 से घटकर 118.58 रुपए प्रति लीटर हो गया। चीन में भी डीजल 106.20 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। युद्ध के समय इसके दाम 119.92 रुपए प्रति लीटर थे। नेपाल, श्रीलंका में भी इसके दाम कम हुए हैं।

 

भारत ने कम क्यों नहीं किए दाम?

कई फैक्टर्स से तय होते हैं पेट्रल डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्‍ट्रीय कीमतों के साथ ही डीलर, टैक्स और लॉजिस्टिक्स लागत समेत कई अन्य फैक्टरों पर भी निर्भर करते हैं। युद्ध के समय जब दुनियाभर में पेट्रोल डीजल के दाम तेजी से बढ़ रहे थे, भारत में ढाई महीनों बाद पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। अब तेल कंपनियों के घाटे की रिकवरी के लिए पेट्रोल डीजल के दाम एकदम नहीं घटाए हैं।

 

ऊंचे टैक्स और सेस

पेट्रोल और डीजल की कीमत का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स से आता है। कई बार कच्चा तेल सस्ता होने पर भी टैक्स कम नहीं किए जाते, इसलिए दाम जस के तस रहते हैं। युद्ध काल में सरकार ने पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कमी की थी। इससे सरकार को करीब 1 लाख करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ।

 

तेल कंपनियों का प्राइस बैलेंस

Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी कंपनियां कीमतों को तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से नहीं बदलतीं। 

वे अक्सर पहले के महंगे क्रूड ऑयल का स्टॉक एडजस्ट करती हैं।

edited by : Nrapendra Gupta

LIVE: चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार

supreme court

Latest News Today Live Updates in Hindi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया। पल पल की जानकारी… 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सम्मान मिला।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया। याचिकाकर्ता ने मामले में जल्द सुनवाई की मांग की थी।
 

अयोध्या पुलिस ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अन्य सदस्यों से भी हो सकती है पूछताछ।

गुजरात शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला: 10वीं में अब तीन भाषाएं पढ़ना होगा अनिवार्य

gujarat education

राज्य में चालू शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 10वीं में तीन भाषाएं अनिवार्य रूप से पढ़ाई जाएंगी। शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले के हिस्से के रूप में शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 10वीं के विषय पैटर्न (स्ट्रक्चर) में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भाषाई कौशल का सर्वांगीण विकास करना और राज्य में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करना है। ALSO READ: Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

 

कैसे होगा प्रथम और द्वितीय भाषा का चयन?

नए विषय पैटर्न के अनुसार, स्कूल जिस माध्यम का होगा, वह भाषा छात्र के लिए 'प्रथम भाषा' (First Language) के रूप में रहेगी। यानी गुजराती माध्यम के स्कूलों में गुजराती पहली भाषा होगी, जबकि अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अंग्रेजी पहली भाषा के रूप में पढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, स्कूल के माध्यम से विपरीत भाषा यानी अंग्रेजी माध्यम के लिए गुजराती और गुजराती माध्यम के लिए अंग्रेजी 'द्वितीय भाषा' (Second Language) के रूप में पढ़ाई जाएगी। इस प्रकार, छात्रों के लिए प्रथम और द्वितीय भाषा के रूप में निर्धारित भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा।

 

तीसरी भाषा के रूप में इन विषयों में से चयन करना होगा जरूरी

शिक्षा विभाग के नए नियमों के मुताबिक अब तीसरी भाषा का अध्ययन भी अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों को तीसरी भाषा के रूप में उपलब्ध विकल्पों जैसे हिंदी, संस्कृत, अरबी, फारसी, सिंधी या उर्दू में से किसी एक भाषा को चुनकर उसका अध्ययन करना होगा। इससे पहले छात्रों को तीसरी भाषा के विकल्प के रूप में अन्य विषयों को रखने की भी छूट मिलती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशानिर्देशों के अनुसार तीसरी भाषा के अध्ययन को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। ALSO READ: मानसून से पहले गुजरात सरकार की नई गाइडलाइन: जर्जर कमरों में नहीं लगेगी क्लास, स्कूलों में फर्स्ट एड किट अनिवार्य

 

पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव

अब तक के ढांचे में छात्रों के लिए तीसरी भाषा के वैकल्पिक स्थान पर वोकेशनल (व्यावसायिक) विषय रखने का प्रावधान उपलब्ध था। हालांकि, शिक्षा बोर्ड द्वारा नए विषय पैटर्न में इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब तीसरी भाषा के बदले वोकेशनल विषय रखने का विकल्प हटा दिया गया है। उसकी जगह वोकेशनल विषय को अलग तरह से व्यवस्थित किया गया है, ताकि छात्र भाषा शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित (Skill-based) अध्ययन का लाभ भी उठा सकें।

 

अब वोकेशनल विषय '8वां विषय'

शिक्षा विभाग के निर्णय के अनुसार, अब से वोकेशनल विषय को मुख्य ढांचे से हटाकर 'आठवें विषय' (8th Subject) के रूप में एक विशेष स्थान दिया गया है। इसका मतलब यह है कि छात्र अब तीसरी भाषा की कीमत पर वोकेशनल विषय का चयन नहीं कर पाएंगे, लेकिन यदि वे चाहें तो इसे एक अतिरिक्त (एडिशनल) विषय के रूप में अलग से जरूर पढ़ सकते हैं। यह नया विषय पैटर्न राज्य के सभी स्कूलों में इसी शैक्षणिक वर्ष से लागू कर दिया गया है, इसलिए कक्षा 10वीं के छात्रों को अब इन नए नियमों के अनुसार ही परीक्षा की तैयारी करनी होगी।

edited by : Nrapendra Gupta 

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी सगाई से कुछ सप्ताह पहले उदयपुर की यात्रा पर साथ गए थे। इतना ही नहीं सगाई से पहले केतन से 1 करोड़ रुपए लेकर सिया ने चेतन को दिए थे। ALSO READ: जेल में सिया की बेशर्म मांग, पुलिस से मांगी शराब और बीयर, केतन हत्‍याकांड में चेतन और सिया लगा रहे एक दूसरे पर आरोप

 

गौरतलब है कि सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर लोहागढ़ किले से अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का दिया था। इससे केतन की मौत हो गई थी। अब इसी सिलसिले में पुलिस को नई जानकारी मिली है। केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी कपल सिया गोयल और चेतन चौधरी की उदयपुर ट्रिप का राज खुला है।

 

महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि सगाई से कुछ दिन पहले सिया और चेतन उदयपुर गए थे। वहां उन्होंने कई दिन साथ में वक्त बिताए थे। इतना ही नहीं, प्रेमी चेतन के लिए सिया ने केतन से एक करोड़ रुपए भी ऐंठे। ALSO READ: केतन से क्यों नफरत करती थी सिया? पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा
 

चेतन से शादी करना चाहती थी सिया

मीडिया खबरों के अनुसार, सिया ने बताया कि वह कभी केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। वह चेतन से शादी करना चाहती थी। चेतन ने भी सिया से कहा था कि केतन की मौत के बाद वह खुद सिया के परिवार से मिलेगा और शादी की बात करेगा।

क्या है 1 करोड़ की कहानी?

साजिश के तहत सिया गोयल ने खरीदारी के बहाने केतन अग्रवाल से 1 करोड़ रुपये लिए और सीधे चेतन को दे दिए। वह इस पैसे का इस्तेमाल अपना करियर और बिजनेस जमाने के लिए करना चाहता था। चेतन ने सिया को भरोसा दिलाया कि पैसे मिलने के बाद उसे अपने पैरों पर खड़े होने में कम तीन साल की जरूरत होगी। ALSO READ: 'अगर बेटी दोषी है तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले', केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान

 

किस तरह हुई केतन की हत्या?

पुलिस को पता चला है कि केतन की हत्या के लिए एक सिग्नल प्लान तैयार था। सिया ने अपने प्रेमी चेतन से कहा था कि जैसे वह बैठेगी, वैसे ही केतन को धक्का देना है। तय योजना के अनुसार, जैसे ही सिया जमीन पर बैठी, यह चेतन के लिए इशारा था। वह पीछे से आया और केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का दे दिया।

 

वायरल हुई सिया और केतन की सगाई की तस्वीरें 

सिया और केतन अग्रवाल ने फरवरी में सगाई की थी। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के प्यार में खोए हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि इस प्यार के पीछे केतन को खत्म करने की खौफनाक साजिश थी।

edited by : Nrapendra Gupta

पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

immigration benefits

ओंकार सिंह जनौटी

जिन अमीर देशों में बीते 35 साल में आप्रवासन की दर ज्यादा रही है, उनकी अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा फायदा हुआ है। एक नए शोध के मुताबिक, ऐसे देश अब भी अधिक कामगारों को अपने ढांचे में पिरो सकते हैं। कैलिफोर्नियां यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के इस शोध को अगले हफ्ते यूरोपीय सेंट्रल बैंक के एक अहम सम्मेलन में पेश किया जाएगा। ALSO READ: इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार

 

शोध के लेखक और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जियोवानी पेरी कहते हैं, “जिन देशों में आव्रजन दर ज्यादा रही, वहां लेबर प्रोडक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। यह वृद्धि आव्रजन के दौरान और उसके बाद भी जारी रही।” उनके मुताबिक इस वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा निवेश में बढ़ोतरी के कारण आया। इससे प्रति कामगार जीडीपी में सुधार हुआ।

 

हाल के बरसों में आव्रजन को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा है। कई देशों में दक्षिणपंथी और आप्रवासन विरोधी दल मजबूत हुए हैं। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों में यह मुद्दा राजनीति के केंद्र में आ गया है।

 

लेकिन इस अध्ययन में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के कई समृद्ध देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। विश्लेषण बताता है कि आव्रजन से आर्थिक वृद्धि और उत्पादकता में साफ इजाफा हुआ। दक्षिणपंथी पार्टियां और संगठन आरोप लगाते हैं कि ज्यादा विदेशियों के आने से आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही है, यह शोध इस दावे को आंकड़ों के साथ चुनौती दे रहा है। ALSO READ: UN महासचिव ने AI कंपनियों से मांगा बिजली, पानी और जमीन का हिसाब

 

उत्पादकता को कैसे बेहतर किया विदेशी कामगारों ने

ओईसीडी देशों में बाहरी देशों से आने वाले प्रवासियों की संख्या 1990 में करीब 2.5 करोड़ थी। 2024 में यह बढ़कर करीब 10 करोड़ हो गई। इसी दौरान कई देशों में मूल आबादी की वृद्धि दर नकारात्मक हो गई। अध्ययन के मुताबिक, यदि किसी देश में आबादी के एक प्रतिशत  बराबर अतिरिक्त आप्रवासी आते हैं, तो पांच साल में प्रति कामगार जीडीपी में 1.2 प्रतिशत और दस साल में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि होती है।

 

ये निष्कर्ष यूरोपीय संघ के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। वहां 2015 से जन्मदर काफी कम है। कोविड महामारी के बाद यह गिरावट और ज्यादा हो गई। अध्ययन नतीजे के तौर पर कहता है कि ब्रिटेन, इटली और स्पेन की 1990 से 2024 के बीच हुई प्रति व्यक्ति आर्थिक तरक्की में इसका बड़ा योगदान है।

 

भविष्य की तैयारी में मदद करते आप्रवासी

अच्छी पढ़ाई, बढ़िया करियर या फिर एक अच्छी लाइफस्टाइल की तलाश में भारत समेत कई देशों के हर साल लाखों प्रतिभाशाली युवा अमीर देशों का रुख करते हैं। समृद्ध देश कई तरीकों से यह तय भी करते हैं कि प्रतिभाशाली या फिर वित्तीय रूप से सक्षम युवा ही उनके देश में पहुंचे। 1980 के दशक से ही अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देश, कई गरीब या पिछड़े देशों के युवाओं को रिझा रहे हैं। अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ब्रिटेन का हेल्थकेयर सिस्टम, जर्मनी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में श्रम से जुड़े कई काम इसका उदाहरण हैं।

 

पलायन की इस प्रक्रिया से जहां समृद्ध देशों के ऊर्जा से भरे प्रतिभाशाली कामगार मिलते हैं, वहीं पीछे छूटे देशों कोब्रेन ड्रेन या प्रतिभा पलायन का सामना करना पड़ता है। ALSO READ: ब्रेक्जिट के 10 साल: ब्रिटेन को भारी पड़ा अलग होने का फैसला

 

हालांकि पलायन देखने वाले देशों को भी इसका बड़ा आर्थिक लाभ तो मिलता ही है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल समेत विकास कर रहे कई देशों की अर्थव्यवस्था में, विदेशों में काम करने वाले लोगों द्वारा भेजे गए पैसे (रेमिटेंस) का बड़ा योगदान है। भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को बीते कई साल से हर वर्ष ऐसी रेमिटेंस से 100 अरब डॉलर से ज्यादा मिल रहे हैं। यह रकम विदेशी मुद्रा भंडार को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करती है। वहीं पाकिस्तान की जीडीपी में इस रेमिटेंस का योगदान करीब 9.4 प्रतिशत है तो नेपाल की जीडीपी में 25 से 27 फीसद।

 

आप्रवासियों की लगातार होने वाली आवक से भी आर्थिक वृद्धि के ये फायदे खत्म नहीं होते हैं। बड़ी संख्या में विदेशियों को अपनाने वाले कनाडा और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए प्रोफेसर पेरी कहते हैं कि उत्पादकता और निवेश को नुकसान पहुंचाए बिना भी ज्यादा कामगारों शामिल करने के सकारात्मक तरीके बरकरार हैं।

Top News : सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में PM मोदी, असम में बाढ़ का कहर

top news 26  june

Top News 29 June: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल। असम में बाढ़ से हाहाकार। ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय महिला टीम टी-20 विश्वकप से बाहर हो गई। आयरलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज 2-0 से जीती। कनाडा फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में पहुंचा। 29 जून की बड़ी खबरें :

 

सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सम्मान मिला। भारतीय सेना और नौसेना की संयुक्त मार्चिंग टुकड़ी ने परेड में हिस्सा लिया।

 

असम में बाढ़ से हाहाकार

असम और उसके पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बन गई है। राज्य के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं।
 

भारत महिला T-20I विश्वकप से बाहर

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर किया महिला T-20I विश्वकप से बाहर किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर के अर्धशतकीय पारियों की मदद से 19 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत हासिल की। ALSO READ: ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर किया महिला T-20I विश्वकप से बाहर

 

आयरलैंड ने भारत को फिर हराया

आयरलैंड ने एक बेहद करीबी मुकाबले में भारत को एक रन से हरा दिया। आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाए लेकिन भारत अपने 20 ओवर में 153 रन बना पाया। यह भारत की तीन साल में पहली सीरीज हार है। टी 20 में भारत की लगातार 16 सीरीज़ जीत का सिलसिला टूटा। ALSO READ: 1 रन से दूसरा टी-20 मैच जीतकर आयरलैंड ने हराई भारत को 2-0 से सीरीज

 

कनाडा पहली बार राउंड ऑफ-16 में

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड-ऑफ-32 के पहले मुकाबले में सह-मेजबान कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया। कनाडा ने पहली बार फीफा पुरुष विश्व कप के राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई।

edited by : Nrapendra Gupta

मुख्यमंत्री योगी सोमवार को पीलीभीत-मुरादाबाद दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

Chief Minister Yogi on Pilibhit-Moradabad tour on Monday

– पीलीभीत में 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण

– मुरादाबाद मंडल में चल रहे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की करेंगे समीक्षा

– पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में करेंगे बैठक 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार 29 जून को पीलीभीत और मुरादाबाद के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री पहले पीलीभीत पहुंचेंगे, जहां बीसलपुर में पीलीभीत के बरखेड़ा एवं बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों के 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

 

पीलीभीत के बाद मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में आयोजित मुरादाबाद मंडल में लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे।

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इसके बाद मुरादाबाद सदर, मुरादाबाद देहात व कुन्दरकी विधानसभा क्षेत्रों तथा नगर निगम मुरादाबाद एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

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यहां दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। साथ ही मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
Edited By : Chetan Gour

कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

India gave befitting reply to Pakistan's allegations

Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई।

सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भारत उन्हें सिरे से खारिज करता है। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांकने और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।

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भारत ने साफ किया कि इस तरह के बयानों से पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपा नहीं सकता। हद तो तब हो गई जब पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी बिना किसी ठोस प्रमाण के इस हमले के पीछे 'भारतीय कनेक्शन' होने का दावा कर दिया। पाकिस्तानी नेताओं की इसी गैरजिम्मेदाराना आदत और झूठे बयानों पर पलटवार करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी की है।

वहीं हैरानी की बात है कि खुद पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने सच्चाई कुछ और ही बताई। सेना के मुताबिक, यह हमला 'जमात-उल-अहरार' नाम के आतंकी संगठन से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार के आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया।

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इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षाबलों ने एक घायल आतंकवादी को जिंदा गिरफ्तार भी कर लिया। इस हमले में 4 अर्धसैनिक जवानों की भी मौत हो गई। अक्टूबर 2024 के बाद कराची में इसे सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने एक वाहन से रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई विस्फोट हुए और पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

Edited By : Chetan Gour


India gave befitting reply to Pakistan's allegations