
Uttarakhand news : उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों को 3 महीने का खाद्यान्न एकसाथ मिलेगा, जिसमें मंडवे की जगह नमक वितरित किया जाएगा। यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है। पर्वतीय जनपदों में मानसून के दौरान खाद्यान्न की किसी भी तरह की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इस त्रैमासिक राशन का वितरण आगामी 1 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इससे पूर्व अप्रैल महीने में भी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक साथ 3 माह का खाद्यान्न बंटवाया था।
उत्तराखंड के राशन कार्ड धारकों को 3 महीने का खाद्यान्न एकसाथ मिलेगा, जिसमें मंडवे की जगह नमक वितरित किया जाएगा। यह फैसला मानसून सीजन को देखते हुए लिया गया है। पर्वतीय जनपदों में मानसून के दौरान खाद्यान्न की किसी भी तरह की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इस त्रैमासिक राशन का वितरण आगामी 1 जुलाई से शुरू होने जा रहा है।
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इससे पूर्व अप्रैल महीने में भी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक साथ 3 माह का खाद्यान्न बंटवाया था। पूर्व में जहां वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल को 3 माह का खाद्यान्न एक साथ वितरण करने का कारण माना जा रहा था, तो वहीं वर्तमान में मानसून सीजन को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
वितरण व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए विभाग की ओर से सभी खाद्य गोदामों में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। इसके पीछे सोच यह है कि अगर मानसून के दौरान भूस्खलन या भारी बारिश से रास्ते बंद हो जाते हैं और परिवहन व्यवस्था बाधित होती है, तो भी स्थानीय लोगों को राशन के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर अपना हिस्सा मिल सके।
अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती के मुताबिक, मानसून को ध्यान में रखकर पहाड़ी जिलों में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का राशन पहले से ही भेजने का काम शुरू कर दिया गया था।
Edited By : Chetan Gour

