कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर CM धामी हुए सख्‍त, बोले- दोषी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई…

Chief Minister Pushkar Singh Dhami's statement regarding incidents in Karnaprayag and Nagrasu

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई। सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई। सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ खबरों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो लोग अफवाहें फैलाकर समाज में तनाव पैदा करने या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों सिख समाज और सभी समुदायों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां सभी धर्मों और श्रद्धास्थलों का सम्मान किया जाता है।

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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह बात कही। उल्‍लेखनीय है कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं की ओर से स्थापित 3 प्रमुख पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब व नानकमत्ता साहिब स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Edited By : Chetan Gour

मौसम की अनिश्चितता के बीच CM योगी का बड़ा फैसला, किसानों को हर सुविधा समय पर देने के निर्देश

Amid uncertainty of weather Chief Minister Yogi Adityanath took big decision

– खरीफ अभियान, पेयजल, पशुधन संरक्षण एवं जल संरक्षण की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की विस्तृत समीक्षा

– बीज, उर्वरक, सिंचाई और फसली ऋण की व्यवस्था पर विशेष जोर, जमीनी स्तर पर हो सतत निगरानी

– खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करें, किसानों को समय पर उपलब्ध हों सभी संसाधन- पशुधन संरक्षण, चारा भंडारण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के अंतर्गत आने वाले विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। ऐसे में किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए। 

 

बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में 106.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी। इस वर्ष धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन तथा कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई तथा 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खरीफ अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

 

संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न परिस्थितियों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा।

किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन तथा अन्य माध्यमों से कृषि संबंधी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम कवरेज तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

बीज उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में अनुदान पर बीज वितरण का लक्ष्य 2.29 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।

 

उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए तथा कृत्रिम कमी अथवा कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाए।

 

उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सूखा प्रबंधन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए।

प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों के उपयोग में पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

 

पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।

भूसा संग्रहण अभियान के अंतर्गत 131.40 लाख क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान निरंतर संचालित हैं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने चारा भंडारण तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

 

पंचायती राज विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैंडपंपों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
Edited By : Chetan Gour

इससे सस्ता नहीं कभी न मिलेगा iPhone 17, आने वाली है धमाकेदार सेल!

Apple iPhone 17 Sale

Apple iPhone 17 Sale: अगर आप भी काफी समय से Apple का लेटेस्ट और प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 17 खरीदने की सोच रहे थे, लेकिन बजट के कारण अपने कदम पीछे खींच रहे थे, तो अब आपके लिए जश्न मनाने का समय आ गया है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर साल की सबसे बड़ी स्मार्टफोन सेल लाइव होने जा रही है, जहां iPhone 17 पर अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक डिस्काउंट मिलने वाला है।

 

कंपनी के इतिहास में पहली बार इस प्रीमियम फ्लैगशिप फोन की कीमत इतनी कम होने वाली है कि आप भी कहेंगे—“ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा!” आइए जानते हैं इस धमाकेदार डील और ऑफर्स की पूरी डिटेल।

 

iPhone 17 पर मिलने वाले ऑफर्स की पूरी गणित (Expected Deals)

इस अपकमिंग सेल में केवल फ्लैट डिस्काउंट ही नहीं, बल्कि बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज बोनस का भी ऐसा कॉम्बिनेशन मिल रहा है, जो इसकी कीमत को आसमान से सीधे जमीन पर ले आएगा।

Apple iPhone 17 Sale

 

नोट : एक्सचेंज वैल्यू पूरी तरह से आपके पुराने स्मार्टफोन के मॉडल और उसकी वर्किंग कंडीशन पर निर्भर करेगी। अगर आपके पास पुराना आईफोन है, तो आपको बेस्ट वैल्यू मिलेगी।

क्यों खास है iPhone 17? फीचर्स जो इसे बनाते हैं 'वैल्यू फॉर मनी'

अगर आप सोच रहे हैं कि क्या इस सेल में iPhone 17 को खरीदना सही फैसला होगा, तो इसके इन अपग्रेड्स पर एक नज़र डाल लीजिए:

  • 120Hz ProMotion डिस्प्ले : इस बार बेस मॉडल में भी Apple ने 6.3-इंच का बड़ा सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले दिया है जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यानी स्क्रॉलिंग होगी मक्खन जैसी स्मूथ!
  • A19 चिपसेट की सुपरफास्ट स्पीड : इसमें लगी है Apple की लेटेस्ट A19 चिप, जो हैवी गेमिंग से लेकर वीडियो एडिटिंग और 'Apple Intelligence' (AI) के सारे टास्क चुटकियों में निपटा देती है।
  • कैमरा जो सब बदल दे : पहली बार बैक में 48MP का फ्यूजन अल्ट्रा-वाइड कैमरा और फ्रंट में 18MP का Center Stage सेल्फी कैमरा दिया गया है, जो रील्स और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
  • दमदार बैटरी लाइफ : Apple का दावा है कि इसकी बैटरी 30 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकती है, यानी बार-बार चार्जर ढूंढने की टेंशन खत्म।

सेल में बेस्ट डील कैसे पाएं? (Smart Buying Tips)

1. विशलिस्ट में अभी जोड़ें : सेल शुरू होने से पहले ही iPhone 17 को अपने कार्ट या विशलिस्ट में सेव कर लें, क्योंकि स्टॉक बहुत जल्दी आउट हो जाता है।

2. कार्ड्स और एड्रेस पहले से रखें तैयार : अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल्स और डिलीवरी एड्रेस को पहले से सेव रखें ताकि 'चेकआउट' करते समय समय बर्बाद न हो।

3. नो-कॉस्ट EMI का विकल्प : अगर आपका बजट एक बार में पूरी रकम देने का नहीं है, तो आप 6 से 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI का फायदा उठाकर इसे हर महीने छोटी किस्त देकर अपना बना सकते हैं।

 

अगर आप अपने पुराने फोन को अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, तो इससे बेहतर मौका साल 2026 में दोबारा नहीं आने वाला। अपनी नजरें सेल की तारीखों पर टिकाए रखें!

(डिस्क्लेमर : यह जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। iPhone 17 खरीदते समय सभी चीजों की पहले अच्छे से जांच कर लें।) 

अहमदाबाद में बनेंगे हाईटेक स्मार्ट बस स्टैंड, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

High tech smart bus stands to be built in Ahmedabad

Ahmedabad Gujarat news : अहमदाबाद शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने हाईटेक स्मार्ट बस स्टैंड विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस परियोजना के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड बनाए जाएंगे, जो यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और तकनीक-आधारित बनाएंगे।

 

पहले चरण में शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इन बस स्टैंडों पर आरामदायक और सुरक्षित वेटिंग एरिया, रियल-टाइम बस सूचना दिखाने वाले डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वायरलेस मोबाइल चार्जिंग की सुविधा और अन्य आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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स्मार्ट बस स्टैंड पर लगाए जाने वाले डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की त्वरित जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें बस का इंतजार करने में आसानी होगी। इसके अलावा, वेटिंग एरिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

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AMC की इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शहर में तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सुविधाओं के बीच यह पहल अहमदाबाद को और अधिक आधुनिक तथा स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Edited By : Chetan Gour

यूरोप में किलर हीट वेव से 58 लोगों की मौत, ग्रीस में तापमान 45 पार, कई देशों में रेड अलर्ट और इमरजेंसी मीटिंग्स

Europe killer heat wave

Europe killer heat wave: यूरोप इस समय कुदरत के सबसे भयानक प्रकोप का सामना कर रहा है। पूरे महाद्वीप में जारी भीषण 'किलर हीट वेव' (Heatwave) ने अब तक 58 लोगों की जान ले ली है। ग्रीस में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि फ्रांस में सरकार को आपातकालीन संकट बैठकें बुलानी पड़ी हैं, जर्मनी में देशव्यापी गंभीर चेतावनी जारी की गई है और इटली में पर्यटकों व आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। वैश्विक मौसम एजेंसियों का कहना है कि यह गर्मी आने वाले दिनों में और भी खतरनाक रूप अख्तियार कर सकती है।

 

यूरोप में भीषण गर्मी का संकट : देश-वार स्थिति और तापमान

Europe killer heat wave

 

फ्रांस में संकटकालीन बैठक, 2003 और 2019 की यादें ताजा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक हाई-लेवल संकटकालीन बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी 'मेटीयो फ्रांस' ने चेतावनी दी है कि यह जानलेवा गर्मी अगले सप्ताह भी जारी रहेगी। मौसम विभाग ने मौजूदा स्थिति की तुलना साल 2003 और 2019 के उस भीषण दौर से की है, जब यूरोप में हजारों लोगों की मौत हुई थी। ALSO READ: भीषण गर्मी से बचने के लिए मुंबई में लोग सी-बीच पर सोने को मजबूर, IMD ने बताया कब मिलेगी राहत?

 

गर्मी के चलते कई सख्त कदम उठाए गए हैं:

  • शराब पर प्रतिबंध : फ्रांस के कई हिस्सों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए शराब की बिक्री पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • फैन जोन बंद : स्पेन में अत्यधिक गर्मी के कारण फुटबॉल फैन जोन को पूरी तरह बंद करना पड़ा है।
  • 24 घंटे खुले रहेंगे पार्क : पेरिस के प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए पार्कों को चौबीसों घंटे खुला रखने का फैसला किया है।

पर्यटन बना सहनशक्ति की परीक्षा, ठंडक की तलाश में भटके लोग

आल्प्स पर्वतमाला के दूसरी ओर, इटली के प्रमुख शहरों में दैनिक जीवन और पर्यटन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रोम की तपती धूप ने दर्शनीय स्थलों की यात्रा को एक कठिन परीक्षा में बदल दिया है। मशहूर 'कोलोसियम' के बाहर चिलचिलाती धूप में कतारों में खड़े पर्यटक बेहाल दिखे, जिसके बाद कई लोगों ने 'टेम्पल ऑफ क्लॉडियस' के आधे छिपे हुए अवशेषों के नीचे बने ठंडे भूमिगत स्थानों में जाकर जान बचाई।

 

वहीं, उत्तरी शहर बोलोग्ना में लोग 16वीं शताब्दी के ऐतिहासिक नेप्च्यून फव्वारे के पानी से अपना चेहरा ढकते और पोर्टिकोज़ (स्तंभों वाले बरामदों) की छांव में छिपे नजर आए। दूसरी ओर, पोलैंड की राजधानी वारसॉ में नागरिक विस्तुला नदी के किनारे गर्मी से राहत ढूंढ रहे हैं।

अर्थव्यवस्था और मानव जीवन पर दोहरी मार

वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण पूरे यूरोप में हीटवेव अब पहले से कहीं अधिक बार और अधिक घातक होकर आ रही है। यह न सिर्फ एक स्वास्थ्य आपातकाल है, बल्कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा झटका है। ALSO READ: Weather Update : मानसून हुआ धीमा, कई राज्‍यों में गर्मी की मार, बढ़ा बारिश का इंतजार

 

भीषण गर्मी का सीधा असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। एक तरफ जहां चिलचिलाती धूप के कारण वर्कफोर्स की उत्पादकता (Productivity) में भारी गिरावट आती है, वहीं दूसरी तरफ कूलिंग के लिए बिजली की खपत (Energy Consumption) रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ जाती है। -इमैनुएल मौलिन, गवर्नर (बैंक ऑफ फ्रांस)

 

मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं के अनुसार, सोमवार को यह गर्मी अपने चरम (Peak) पर पहुंच सकती है, जिससे तापमान पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। जर्मनी की मौसम सेवा 'डीडब्ल्यूडी' ने यह भी सचेत किया है कि इस अत्यधिक उमस और गर्मी के मेल से आने वाले दिनों में विनाशकारी आंधी-तूफान और स्प्रिंग फ्लड की स्थिति बन सकती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 765 सरकारी स्कूल बनेंगे Plus Two

Chief Minister Hemant Soren's major decision regarding government schools

Jharkhand News : झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्‍यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है। इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 1109 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हर स्कूल में 4 नए क्लास रूम बनाए जाएंगे। सभी कमरों में बेंच-डेस्क की सुविधा दी जाएगी।

 

झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्‍यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।

इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 1109 करोड़ रुपए खर्च करेगी। हर स्कूल में 4 नए क्लास रूम बनाए जाएंगे। सभी कमरों में बेंच-डेस्क की सुविधा दी जाएगी।  छात्रों को अपने ही क्षेत्र में 12वीं तक पढ़ाई का मौका मिलेगा। सरकार ने प्रति स्‍कूल औसतन 66 लाख रुपए का बजट तय किया है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत शिक्षक के कुल 12 पद सृजित किए जाएंगे।

स्कूल चयन में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई, जिनके पास कम से कम एक एकड़ भूमि उपलब्ध है। इनमें 449 हाईस्कूल और 316 मध्य विद्यालय शामिल हैं। जिला स्तर पर एक कमेटी चयन करेगी, फिर राज्य स्तर पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

 

जरूरत पड़ने पर कुछ स्कूल PPP मॉडल पर भी चलाए जा सकते हैं। अब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। उन्हें अपने ही इलाके में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त शिक्षकों के साथ 12वीं तक पढ़ने का मौका मिलेगा, जो राज्य के ड्रॉपआउट रेट (पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर) को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।
Edited By : Chetan Gour

हत्या के पहले किसने गायब किया केतन का पासपोर्ट, 17 करोड़ में बुक किया था महल, पिता बोले सिया से क्यों मारा बेटे को?

siya ketan chetan

पुणे में केतन अग्रवाल की उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल अब तक की जांच में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। यह खबर फैलते ही एक बार फिर से पूरे देश में सनसनी फैल गई है। इसके पहले इंदौर में राजा रघुवंशी की उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने हत्या कर दी थी। इन दोनों मामले में सिर्फ यही फर्क है कि सोनम ने शादी के बाद पति को मारा था और पुणे के केस में शादी से पहले होने वाले पति को मारा है।

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शुरूआत में सामने आया था कि पुणे के एक जाने-माने बिजनेस परिवार के 26 साल के केतन अग्रवाल की लोहगढ़ में ट्रेकिंग के दौरान गिरने से मौत हो गई। पहले तो मामला एक दर्दनाक हादसे की तरह ही नजर आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी कहानी बदलने लगी। इस मामले में खुलासा हुआ कि प्रेमी के साथ मिलकर आरोपी सिया ने हत्या की साजिश रची थी।

पिता बोले- मना कर देती जान से क्यों मारा बेटे को : केतन की हत्या पर उनके पिता ने कहा, “अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह बस मना कर देती। हम तुरंत शादी रद्द कर देते। उसने इतना बड़ा कदम उठाने का फैसला क्यों किया? उसकी सोच कैसी है? सोच इतनी क्रूर है कि किसी के 26 साल के बेटे की जान ले ली। समाज को ऐसी क्रूर सोच पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यह सोच आती कहां से है, उनके परिवार से, उनकी परवरिश से?” मेरे बेटे को क्यों मारा।

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शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल : बता दें कि केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और दोनों की इस साल शादी होने वाली थी। इसके लिए परिवारों ने राजस्थान में एक महल को 17 करोड़ रुपये में बुक किया था। शादी से पहले केतन अग्रवाल और सिया का बाली जाने की योजना थी, जहां कपल प्री-वेडिंग फोटोशूट करने वाला था। ये ट्रिप आखिरी मिनट में कैंसल हो गई क्योंकि केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया था। इसके बाद 18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के पास ऐतिहासिक लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के लिए गए थे। यहीं सिया ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर साजिश के तहत केतन को खाई में धकेल दिया।

चेतन और सिया ने मिलकर मारा केतन को : सिया ने पहले पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों को सिया गोयल के प्रति सहानुभूति थी, क्योंकि शादी से कुछ दिन पहले ही मंगेतर केतन की मौत हो गई थी। सिया ने एक भावुक पोस्ट भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। पुणे ग्रामीण पुलिस SP संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच के बाद सामने आया कि सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने ही केतन को धक्का देकर पहले उसे मार दिया और फिर इसे हादसे की तरह दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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कैसे खुला हत्या का राज : पुलिस ने आगे बताया कि सिया ने पहले भी केतन को मारने की कोशिश कर चुकी थी। सबसे पहले वो 31 मई को केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई और इसके बाद 14 जून को भी ले गई थी। तब भी मारने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। इस दौरान केतन को भी सिया पर कोई शक नहीं हुआ था। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार जांच के दौरान केवल केतन का पासपोर्ट का ही गायब होना और फिर सीसीटीवी फुटेज में हुड्डी पहने व्यक्ति पर संदेह से मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, जांच के दौरान पुलिस ने किले की ओर जाने वाली सड़कों के CCTV फुटेज को जांचा तो पाया कि एक युवक उस जोड़े की गाड़ी का पीछा कर रहा था। युवक की गतिविधि संदिग्ध दिखाई दी क्योंकि गर्मी होने के बावजूद उसने हुडी पहनी हुई थी। इसी दौरान एक फुटेज में सिया अचानक पीछे देखती है और उसी समय हुडी पहने हुआ युवक अचानक नीचे बैठ जाता है, जिससे पुलिस का शक गहरा जाता है। जांच में युवक की पहचान सिया के कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) के तौर पर की गई। पुलिस की सख्ती से सिया ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस को उसने बताया कि वो शादी नहीं करना चाहती थी इसलिए इसलिए अपराध को अंजाम दिया।

कौन थे केतन अग्रवाल : केतन पुणे के जाने-माने उद्योगपति विशाल अग्रवाल के बेटे हैं और वो परिवार के ही रियल एस्टेट बिजनेस को संभाल रहे थे। केतन रियल एस्टेट बिजनेस 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) थे। केतन पुणे के मवाल तहसील में लोढ़ा बेलमोंडो हाउसिंग सोसायटी में रहते थे। उनके लिंक्डइन बायो के अनुसार केतन ने बिजनेस मैनेजमेंट में कई डिग्रियां हासिल की थीं। उन्होंने सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA की डिग्री प्राप्त की थी। केतन सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन को लेकर काफी गंभीर थे और इससे जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम भी कर रहे थे।

Edited By: Naveen R Rangiyal

अल-नीनो और कमजोर मानसून से देश के 315 जिलों में सूखे की आहट, कम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

अल नीनो और देश के बड़े हिस्से में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून जो इस बार 4 दिन की देरी से केरल पहुंचा था, उसकी रफ्तार काफी धीमी है। मध्यप्रदेश जहां सामान्य तौर पर मानसून 15-16 जून को दस्तक दे देता है वहां पर 10 दिन के बाद भी मानसून की एंट्री नहीं हो पाई है। कमजोर मानसून और मानसून को लेकर अनिश्चितता ने किसानों के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है। आईएमडी ने पहले ही देश में इस बार मानसून के कमजोर रहने और 92 फीसदी तक ही मानसून बारिश होने के अनुमान जताया है।
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कम बारिश से 315 जिले प्रभावित-देश में दक्षिण पश्चिम मानसून की धीमी रफ्तार और देश के 315 जिलों में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। कृषि मंत्रालय और आईसीएआर ने मिलकर वैज्ञानिक डेटा के आधार पर देश के उन जिलों का आकलन किया, जहाँ कम वर्षा और सिंचाई की कमी का खतरा ज़्यादा है। इनमें से 111 जिले उच्च प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ सिंचाई का दायरा 25 प्रतिशत से कम है। 76 जिले मध्यम प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ 25–50 प्रतिशत तक सिंचाई की व्यवस्था है। 128 जिले निम्न प्राथमिकता वाले हैं, जहाँ डैम और अन्य साधनों से अपेक्षाकृत बेहतर सिंचाई उपलब्ध है। इन जिलों का बड़ा हिस्सा 12 राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में है।
 
कमजोर मानसून का खेती-किसानी पर असर-देश में मानसून की रफ्तार काफी धीमी है और मानसून सामान्य से काफी लेट चल रहा है और अब तक लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 2 जुलाई तक के सप्ताह में भी बारिश कमजोर रहने की संभावना है। मध्यप्रदेश में भी मानसून के 26 जुलाई तक पहुंचने का अनुमान है। मानसून के लेट होने का इसका सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में, जहाँ खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। मानसून की शुरुआत का असर खेतों में साफ दिखाई देने लगा है,दलहन और कपास जैसी फसलों की बुवाई में गिरावट दर्ज की गई है।
 
कृषि वैज्ञानिक साधुराम शर्मा कहते हैं कि आगे की स्थिति पूरी तरह जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश पर निर्भर करेंगी। अगर बारिश का सिलसिला कमजोर बना रहा, तो बुवाई का दायरा और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। वह कहते हैं कि कमजोर मानसून से कम अवधि में पकने वाली और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की खेती करना एक बेहतर विकल्प है। इसके साथ किसानों को खेती में फसल विविधीकरण को अपनाना चाहिए, जिससे उनकी एक फसल पर निर्भरता कम हो। किसानों को इंटर‑क्रॉपिंग और मिश्रित खेती को प्रोत्साहन मिले, ताकि अगर एक फसल प्रभावित हो, तो दूसरी से आय बनी रहे। दलहन, मोटा अनाज (श्री अन्न) और तिलहन जैसी फसलों पर विशेष जोर दिया, जो सीमित नमी में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
 
कृषि वैज्ञानिक साधुराम शर्मा कहते हैं कि बारिश की कम संभावना के अनुमान में किसानों को पूरी जमीन पर केवल धान जैसी पानी पर निर्भर फसल लगाने से बचना चाहिए, इसके बजाय कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को शामिल करना बेहतर हो सकता है। मानसून के कमजोर होने से किसान बाजरा और ज्वार जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती कर सकते है। वहीं मूंग और उड़द कम समय में तैयार होने वाली फैसले हैं, कम बारिश में भी अच्छा उत्पादन दे सकती है।

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

Ayodhya Ram Mandir, donation scam

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। पूरे देश की नजर इस मामले पर है। बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने 15 पन्नों की रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का पहला ड्राफ्ट है। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।

बता दें कि जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

कई महीने ऐसे रहे जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी लेकिन चढ़ावा कम दिखा। इसको लेकर पूछताछ में SIT को बताया गया कि उस दौरान नोट कम सिक्के ज्यादा चढ़ाये गए। SIT की रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि राम मंदिर में कई कर्मचारी ऐसे कार्य कर रहे थे जिनका लिखित में कोई आदेश नहीं था।

पांच साल में कैसे बढ़ गई कर्मचारियों की संपत्ति : रिपोर्ट में कई कर्मचारियों की सम्पत्ति और आमदनी पिछले 5 वर्षों में तेजी से बढ़ी। SIT ने अपनी जांच के दौरान 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। SIT ने सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। चढ़ावा कितना आया और किस स्रोत से आया इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए चढ़ावा चोरी हुआ, कितना चोरी हुआ ये सबूतों के साथ बता पाना संभव नहीं। क्योंकि प्रत्येक श्रद्धालु के चढ़ावे का कोई हिसाब नहीं मिला है। SIT ने एक सप्ताह में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और 15 दिनों में पूरी रिपोर्ट देने की बात कही।
Edited By: Naveen R Rangiyal

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का  अहम विधेयक लाने जा रही है।  समान नागरिक संहिता  पर अब तक 9 लाख से अधिक सुझाव दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत सुझावों में यूसीसी के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है। वहीं यूसीसी का प्रारूप 5 जुलाई तक तैयार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहितालागू (यूसीसी) करने के लिएसभी जिलों में जन परामर्श बैठकें हो चुकी हैं। 

 

इससे पहले यूसीसी को लेकर राज्य स्तरीय परामर्श 22 जून को भोपाल में हुआ। इसमें सभी आयोगों, विभागों, राजनैतिक दलों और धर्मगुरुओं से पृथक-पृथक बैठकें आयोजित कर मत लिया गया। लगभग 3.49 करोड़ एस.एम.एस यूसीसी के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र के हितग्राहियों को भेजें गए। नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, 90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ है। विधेयक के प्रारूप पर समिति द्वारा विधि विभाग के साथ साझा रूप से कार्य किया जा रहा है। 

 

गौरतलब है कि यूसीसी को लेकर उच्च स्तरीय समिति के समक्ष मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग, मानव अधिकार आयोग, राज्य महिला आयोग, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग, जनजाति आयोग और वनवासी विकास संघ ने अपने सुझाव दिए। समिति के समक्ष जनजाति कार्य विभाग, गृह, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य,जेल विभाग ने प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने अपनी विभागीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ समान नागरिक संहिता को जोड़ा।