अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

Ayodhya Ram Mandir, donation scam

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। पूरे देश की नजर इस मामले पर है। बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने 15 पन्नों की रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का पहला ड्राफ्ट है। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।

बता दें कि जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

कई महीने ऐसे रहे जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी लेकिन चढ़ावा कम दिखा। इसको लेकर पूछताछ में SIT को बताया गया कि उस दौरान नोट कम सिक्के ज्यादा चढ़ाये गए। SIT की रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि राम मंदिर में कई कर्मचारी ऐसे कार्य कर रहे थे जिनका लिखित में कोई आदेश नहीं था।

पांच साल में कैसे बढ़ गई कर्मचारियों की संपत्ति : रिपोर्ट में कई कर्मचारियों की सम्पत्ति और आमदनी पिछले 5 वर्षों में तेजी से बढ़ी। SIT ने अपनी जांच के दौरान 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। SIT ने सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। चढ़ावा कितना आया और किस स्रोत से आया इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए चढ़ावा चोरी हुआ, कितना चोरी हुआ ये सबूतों के साथ बता पाना संभव नहीं। क्योंकि प्रत्येक श्रद्धालु के चढ़ावे का कोई हिसाब नहीं मिला है। SIT ने एक सप्ताह में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और 15 दिनों में पूरी रिपोर्ट देने की बात कही।
Edited By: Naveen R Rangiyal