‘आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा’, कौन हैं ये कहने वाली IPS अनु बेनीवाल?

IPS Anu Beniwal

हाल ही में मप्र की एक आईपीएस अफसर यह कहकर चर्चा में आई थी कि 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जानते हैं कौन हैं ये आईपीएस अफसर। 

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने पर लोगों को जमकर फटकार लगाने वाली IPS अधिकारी अनु बेनीवाल का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है।

एक साधारण से परिवार से आने वाली अनु बेनीवाल ने दिन रात पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा किया और आज ईमानदारी से देश को अपनी सेवाएं दे रही हैं। दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में जन्मीं अनु बेनीवाल के पिता, संजय कुमार बटन बनाने की एक छोटी सी यूनिट चलाते थे। हालांकि बीमारी के कारण उनके पिता को ये काम बंद करना पड़ा। जिसके साथ ही उनके परिवार में आर्थिक तंगी का दौर शुरू हो गया। परिवार को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए उनकी मां ने घर पर ही सूट सिलने का काम शुरू कर दिया।

अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। अनु पढ़ाई में तेज थी। 12वीं पास करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया। बीएससी की डिग्री हासिल की और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2018 में अनु ने पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी। लेकिन पहले ही चरण में फेल हो गई। दूसरे प्रयास में, वह मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन मेरिट लिस्ट में जगह बनाने से चूक गई।

तीसरे प्रयास में अनु ने 638 का ऑल इंडिया रैंक हासिल की। उन्होंने 2022 में चौथी कोशिश। इस बार ऑल इंडिया रैंक 217 हासिल की। जिसके था ही उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस के लिए होगा। मध्य प्रदेश कैडर उनके दिया गया और बेहद ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रही हैं।

हाल ही में वीडियो हुआ था वायरल : IPS अनु बेनीवाल अभी ग्वालियर जिले में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) के पद पर अपनी सेवा दे रही हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी एक वीडियो वायरल हुई थी। जिसमें वो एक रूटीन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों लोगों की क्लास लगा रही थी। ग्वालियर के शीतला शाह चौराहे पर एक ब्लैक फ्रेम चढ़ी हुई कार को रोककर चालान का चालान काटते हुए उन्होंने कहा था, 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा' ये वीजियो काफी वायरल हुआ था और हर कोई इनकी तारीफ कर रहा था। 
Edited By: Naveen R Rangiyal

कौन है सिया का प्रेमी चेतन चौधरी, 6 महीनों में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत और मर्डर के 3 प्लान

siya ketan chetan

महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हालांकि केतन की मौत पर उसकी मंगेतर सिया ने बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने से वह खाई में गिर गया और मौत हो गई। सिया का कथित बायफ्रेंड चेतन चौधरी भी इस साजिश में शामिल है।

पुलिस ने अचानक हुई मौत का मामला दर्ज किया। शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य हादसा मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की थी। लेकिन जब जांच गहराई से आगे बढ़ी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल रिकॉर्ड्स में सिया और एक अन्य युवक के बीच 2,004 फोन कॉल्स, घटना से पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद किया जाना, लापता पासपोर्ट और अंतिम संस्कार के सिर्फ चार दिन बाद आरोपी का मृतक के घर पहुंचना जैसे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी।

ALSO READ: पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

इधर केतन और सिया का परिवार उन दोंनों की शादी की तैयारियों को लेकर व्यवस्था कर रहे थे वहीं सिया पहले से ही किसी और के साथ प्रेम संबंध में थी। सिया चेतन चौधरी चौधरी के साथ एक साल से प्रेम संबंध में थी। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वे एक दूसरे को 1 साल से जानते थे। 1 जनवरी से 18 जून तक सिया और चेतन ने 2004 कॉल किए।

6 महीनों में 238 घंटे बातचीत, हत्या के 3 प्लान : इन 6 महीनों में उन्होंने 238 घंटे बातचीत की। जांच में यह भी सामने आया कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे अपने तथा चेतन के रिश्ते में बाधा मानती थी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि साजिश के तहत सिया घूमने के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई, बाद में चेतन को भी वहां बुलाया गया और दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

हत्या का पहला प्रयास : केतन को मौत की नींद सुलाने का पहला प्रयास 14 जून को किया गया था। सिया केतन को लोहागढ़ किले में वापस लेकर गई। इस प्लान में चेतन चौधरी शामिल था। आरोप है कि उस दिन उन्होंने डर का फायदा उठाने का तरीका चुना था। एक सांप का दिखना, अचानक से डर का माहौल बनाना, इतना सदमा और भ्रम पैदा करना कि केतन खाई के किनारे की ओर धकेल दिया जाए। उन्होंने सांप के हमले का नाटक करके दहशत फैलाने की कोशिश की। लेकिन कुछ गड़बड़ हो गई। केतन, जो अपने आसपास हो रही साजिशन घटनाओं से बेखबर था, इस बात से अंजान था कि उसके साथ ट्रेकिंग पर आए दोस्तों और मंगेतर ने कुछ और ही प्लान बना रखा था। उसने वैसा व्यवहार नहीं किया जैसा उन्होंने चाहा था। वह किनारे की ओर पीछे नहीं हटा। वह गिरा नहीं। इस वजह से पहला अटेम्पट फेल हो गया।

हत्या का दूसरा प्लान : 14 जून के असफल प्रयास के बाद जो कुछ हुआ, उसके लिए सिया को एक कारण ढूंढना पड़ा। एक ऐसा विश्वसनीय और मासूम सा लगने वाला कारण जिससे केतन को एक बार फिर उसी किले में वापस लाया जा सके। उसे यह कारण अपने जन्मदिन में ही मिल गया। सिया गोयल का जन्मदिन 19 जून को था। उन्होंने केतन से कहा कि वह इसे लोहागढ़ किले में मनाना चाहती हैं। उन्होंने किले में पिकनिक का सुझाव दिया, कुछ निजी, कुछ यादगार पल। उन्होंने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को बुलाया। उन्होंने एक समूह बनाया। उन्होंने इसे एक भव्य उत्सव की तैयारी जैसा बना दिया। केतन, जिसने पहले ही अपनी प्रेमिका के जन्मदिन के लिए महाबलेश्वर के एक आलीशान रिसॉर्ट में 40 कमरे बुक करा रखे थे वह मान गया।

वह साथ ही साथ जन्मदिन का सरप्राइज भी प्लान कर रहा था। उसे शक करने का कोई कारण नहीं था कि पिकनिक का फैसला उसकी प्रेमिका की उस जगह पर समय बिताने की इच्छा के अलावा कुछ और हो सकता है, जहां वह समय बिताना चाहती थी। वह किले में वापस चला गया।

इसके बाद 18 जून को यह ग्रुप लोहागढ़ पहुंचा। हलांकि चेतन चौधरी उस में शामिल नहीं था। उसने अपना फोन दुकान पर छोड़ दिया था। फिर यह पूरा ग्रुप किले की एक ऐसी जगह पर पहुंचा जहां से गहरी खाई नीचे जा रही थी। इस बीच चेतन भी आ गया। मृतक केतन के पिता ने बताया कि इसके बाद सिया और चेतन उसके साथ ऊपर गए और पीछे से उसके कुछ मारा और फिर नीचे फेंक दिया। केतन 400 फीट की ऊंचाई से गिर गया और खाई से टकराने के बाद मौत हो गई। फिर सिया ने पुलिस को झूठी कहानी रचकर सूचना दी।

इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट का ड्रामा : सिया ने केतन की मौत की खबर फैलने के बाद इंस्टाग्राम पर एक भावुक स्टोरी शेयर की। जिसमें उसने लिखा कि तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़कर चले गए. जब ​​हम शादी के बेहद करीब थे, तब तुम मुझे छोड़कर चले गए। मुझे अब भी समझ नहीं आ रहा कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। सिया ने आगे लिखा कि मैंने सपने देखे थे, मेरे मन में कई सवाल थे जिनके जवाब मुझे कभी नहीं मिलेंगे। जब मैं तुमसे इतना प्यार करती थी, तब तुमने मुझे क्यों छोड़ दिया? तुम्हारी आत्मा को शांति मिले। उस इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट भी अब पुलिस जांच का हिस्सा है, जिसकी जांच की जा रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

siya ketan

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक केतन के पिता ने बताया कि यह हत्या एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। 18 मई को खाई में धक्का देकर मारने से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया ने केतन की जान लेने का पूरा बंदोबस्त कर लिया था।

सिया ने केतन को तब भी धक्का देकर खाई में गिराने की कोशिश की। हालांकि तब केतन ने झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचाई थी। राज खुलने के डर से सिया ने 'सांप-सांप' का शोर मचाया। केतन अपनी मंगेतर की साजिश को भांप नहीं सका और इसी का फायदा उठाकर ठीक चार दिन बाद सिया ने उसकी हत्या कर दी।

बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हलांकि केतन की मौत पर उसकी मंगेतर सिया ने बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान पैर फिसलने से वह खाई में गिर गया और मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिया का कथित बायफ्रेंड चेतन चौधरी भी इस साजिश में शामिल है।

पुलिस ने अचानक हुई मौत का मामला दर्ज किया। शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य हादसा मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज की थी। लेकिन जब जांच गहराई से आगे बढ़ी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मोबाइल रिकॉर्ड्स में सिया और एक अन्य युवक के बीच 2,004 फोन कॉल्स, घटना से पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद किया जाना, लापता पासपोर्ट और अंतिम संस्कार के सिर्फ चार दिन बाद आरोपी का मृतक के घर पहुंचना जैसे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी।

केतन के परिवार का कहना है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन था। इससे एक दिन पहले सिया ने प्री-बर्थडे सरप्राइज के बहाने से केतन को लोहगढ़ किले बुलाया। पुणे पुलिस के अनुसार, इस दौरान सिया का कथित प्रेमी चेतन भी पहुंच गया। चेतन ने अपना मोबाइल कोंढवा में अपने घर पर रखा था ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने कपड़े भी बदल लिए थे। चिलचिलाती धूप में हुडी पहनकर लोहागढ़ जाते हुए चेतन का CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लग गया।

किले में जब केतन मोबाइल से तस्वीर ले रहा था, तभी सिया ने उसे खाई में धक्का दे दिया। इसके बाद सिया ने ही पुलिस को फोन किया और कहा कि केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। पुलिस और परिवार भी मौके पर पहुंचे। यह सिया गोयल का प्लान B था, जो सफल हो गया और केतन को मौत के घाट उतार दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस मामले के आरोपी सिया गोयल और प्रेमी चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक दोनों ने अपना जुर्म कबूल किया है। केतन की मौत के अगले दिन उसका शव खाई से बरामद किया गया। उससे अगले दिन सिया का बर्थडे था। बता दें कि फरवरी 2026 में केतन और सिया की सगाई हुई थी। पुणे जिले के गहुंजे में रहने वाले 26 साल के केतन एक रियल एस्टेट कारोबारी थे। पुलिस ने बताया कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन मनाने के लिए 18 जून को लोहगढ़ ट्रेकिंग पर गए थे। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी। खबरों के मुताबिक, दोनों परिवारों ने शादी के लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपये में एक महल बुक किया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो निजी विमानों की व्यवस्था की गई थी। घटना के बाद तीन घंटे चले बचाव अभियान के बाद बचाव दल ने केतन का शव बाहर निकाला। 
Edited By: Naveen R Rangiyal

बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास

trump with assault rifle

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।

1973 के वॉर पॉवर्स एक्ट के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति से युद्ध जैसी कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। वोटिंग के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिससे ट्रम्प की पार्टी के भीतर बढ़ती बागवत भी सामने आई। हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस प्रस्ताव का कोई कानूनी असर नहीं होगा और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी है।

इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो UAE, बहरीन और कुवैत के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका मकसद अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर खाड़ी देशों की चिंताओं को दूर करना है। इन देशों को आशंका है कि समझौते से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का प्रभाव बढ़ सकता है। साथ ही समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर कोई स्पष्ट शर्त नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के संभावित फंड पर भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि इसमें खाड़ी देशों से आर्थिक सहयोग मांगा जा सकता है। ऐसे में वॉशिंगटन अपने सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
Edited By: Naveen R Rangiyal  

LIVE: अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सांसद, पुणे में राजा रघुवंशी जैसा कांड, नीरव मोदी लौटाएगा 100 करोड़ के हीरे

Donald Trump

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। 1973 के वॉर पॉवर्स एक्ट के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति से युद्ध जैसी कार्रवाई खत्म करने की मांग की है। वोटिंग के दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया, जिससे ट्रम्प की पार्टी के भीतर बढ़ती बागवत भी सामने आई। हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस प्रस्ताव का कोई कानूनी असर नहीं होगा और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पहले ही समाप्त हो चुकी है।

लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका : भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है। लंदन कमर्शियल कोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए कर्ज की व्यक्तिगत गारंटी दी थी और अब वह इस रकम की अदायगी के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है। कोर्ट ने कहा कि नीरव मोदी पर मुख्य रकम के तौर पर करीब 4.1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 38.9 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है। इसके अलावा बैंक की ओर से तय नियमों के हिसाब से ब्याज की रकम भी इसमें जोड़ी जाएगी। नीरव मोदी ने अदालत में बैंक के दावे को चुनौती दी थी। उसके वकीलों ने तर्क दिया कि बैंक की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी लागू नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बैंक ने सही तरीके से मांग नहीं की और कर्ज खत्म करने का आधार भी पर्याप्त नहीं था।

लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका,100 करोड़ के हीरे लौटाने का आदेश, बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी जीत

Nirav Modi

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है। लंदन कमर्शियल कोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए कर्ज की व्यक्तिगत गारंटी दी थी और अब वह इस रकम की अदायगी के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है।

कोर्ट ने कहा कि नीरव मोदी पर मुख्य रकम के तौर पर करीब 4.1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 38.9 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है। इसके अलावा बैंक की ओर से तय नियमों के हिसाब से ब्याज की रकम भी इसमें जोड़ी जाएगी। नीरव मोदी ने अदालत में बैंक के दावे को चुनौती दी थी। उसके वकीलों ने तर्क दिया कि बैंक की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी लागू नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बैंक ने सही तरीके से मांग नहीं की और कर्ज खत्म करने का आधार भी पर्याप्त नहीं था।

नीरव मोदी ने यह भी दावा किया कि उसे अप्रैल 2018 और अक्टूबर 2025 में भेजे गए नोटिस नहीं मिले क्योंकि उस समय वह भारत में नहीं था। लेकिन जज साइमन टिंकलर ने नीरव मोदी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि बैंक के नोटिस सही तरीके से पहुंचाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि अक्टूबर 2025 का नोटिस उस जेल के पते पर भी भेजा गया था जहां नीरव मोदी रह रहा था। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना कि साल 2019 में नीरव मोदी ने अप्रैल 2018 वाले नोटिस की कॉपी अपने वकीलों को दी थी, जिससे साबित होता है कि उसे इसकी जानकारी थी।

जज ने अपने फैसले में कहा कि फरवरी 2018 से यह साफ हो गया था कि नीरव मोदी और फायरस्टार ग्रुप की कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। कोर्ट ने नीरव मोदी के एक ईमेल का भी जिक्र किया जिसमें उसने बैंक को बताया था कि मीडिया में खबरें आने के बाद कंपनी के कामकाज पर असर पड़ा और कंपनियां अपने बकाये का भुगतान करने की स्थिति में नहीं रहीं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन पर लगे आरोपों को भाजपा ने नकारा, पार्टी ने कहा- कांग्रेस के षड्यंत्र को माफ नहीं करेगी जनता

BJP rejected Congress's allegations against Chief Minister Dr Mohan

– भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया आरोप का खंडन

– प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन

– उनके परिवार का किसी भी अवैध जमीन सौदे से कोई लेना-देना नहीं

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति निर्मित कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकप्रिय नेता हैं और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाया गया, वो पूरी तरह गलत है।

कांग्रेस और उनके नेताओं द्वारा भ्रम की स्थिति निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। मैं बताना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री के द्वारा साल 2023 में जो नामांकन दाखिल किया गया उसके मुताबिक उस वक्त उनके पास 17 एकड़ जो जमीन थी, वो साल 2026 में भी उतनी ही है।

ALSO READ: अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्‍यमंत्री

उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम से 12.29 एकड़ की जो जमीन थी इसमें भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक सिद्धि विनायक कंपनी, जिसका आरोप में जिक्र किया गया, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2017 में इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। 

 

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया। ये सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की थी।

ALSO READ: UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय

आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है। वो पूरी तरह से गलत है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उससे कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में यह आया है कि रिश्तेदारों पर भी जो आरोप लगाए गए, उसमें भी दिए गए तथ्य गलत हैं। मुझे बताया गया है कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात कहेंगे और कार्रवाई करेंगे। 

 

कांग्रेसी पिछड़े वर्ग का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं करती

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस प्रदेश को विकसित बना रहे हैं। चाहे किसानों की बात करें, चाहे उद्योगों के विकास की बात करें, आरोपों  डॉ. यादव इस प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस पार्टी षड्यंत्र रच रही है।

ALSO READ: CM डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को दी बड़ी सौगात, सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की सौगात से मिलेगी नई रफ्तार

मैं कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब एक पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री इस प्रदेश को मिला, चाहे उमा भारती हों, चाहे शिवराज सिंह चौहान हों या मोहन यादव हों, कांग्रेस ने उनके खिलाफ षड्यंत्र करके उनको कमजोर करने का काम किया है। समाज के ठेकेदार, जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता, वे लगातार इस तरह के षड्यंत्र करते हैं और इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं पूरी विनम्रता के साथ, पूरी सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करता हूं। कांग्रेसी कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके तो इस तरह का षड्यंत्र कर रहे हैं। इसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
Edited By : Chetan Gour 

Padma Awards 2026 : एक्‍टर ममूटी और गायिका अलका याग्निक को ‘पद्म भूषण’, राष्ट्रपति मुर्मू ने 65 हस्तियों को किया सम्मानित

President Draupadi Murmu honored 65 personalities with Padma awards

Padma Awards 2026 Ceremony : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होने वाले 'सिविल इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2' में 2026 के लिए 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार पाने वाले 65 लोगों में पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन, टेनिस स्टार विजय अमृतराज, क्रिकेटर रोहित शर्मा, अभिनेता ममूटी और गायिका अलका याग्निक शामिल हैं। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में इन हस्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होने वाले 'सिविल इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2' में 2026 के लिए 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार पाने वाले 65 लोगों में पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन, टेनिस स्टार विजय अमृतराज, क्रिकेटर रोहित शर्मा, अभिनेता ममूटी और गायिका अलका याग्निक शामिल हैं।

ALSO READ: Padma awards 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 66 हस्तियों को किया सम्मानित, धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में इन हस्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

 

सम्मान समारोह के दूसरे संस्करण में सिनेमा जगत से कई हस्तियां शामिल रहीं। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के वेटरन एक्टर ममूटी को राष्ट्रपति ने पद्म भूषण से सम्मानित किया। इतना ही नहीं हिंदी सिनेमा में जगत में अपनी गायिकी से फैंस का दिल जीतने वालीं और सालों तक राज करने वालीं गायिका अल्का याग्निक को भी पद्म भूषण पुरस्कार हासिल हुआ।

हिंदी और साउथ फिल्मों में अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता आर माधवन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्मश्री का पुरस्कार दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति मुर्मू से यह सम्मान प्राप्त किया। अवॉर्ड पाने वालों की लिस्ट में दो अमेरिकी, एक रूसी और एक जॉर्जियाई नागरिक भी शामिल हैं।

ALSO READ: Padma Awards 2026 : पद्म पुरस्कार 2026 का ऐलान, जानिए किन्हें मिला सम्मान

अमेरिका के डॉक्टर दत्तात्रेयुडु नोरी को मेडिसिन के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। प्रोफेसर प्रतीक शर्मा को मेडिसिन के लिए पद्म श्री दिया गया। दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किया, जिनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्म श्री शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने 25 मई को आयोजित पहले नागरिक सम्मान समारोह में 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे, जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री शामिल थे। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री समेत कई हस्तियां शामिल हुईं।
Edited By : Chetan Gour

‘शिक्षक सर्वोपरि’ के मंत्र के साथ शिक्षा सुधारों को नई गति दे रही योगी सरकार, एसीएस ने रखा व्यापक रोडमैप

Yogi government education reforms

Yogi government education reforms: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा सुधारों का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है। बुनियादी शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार शिक्षक सशक्तीकरण, छात्र नामांकन, अधिगम सुधार, स्वास्थ्य सुरक्षा और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर एक साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से संवाद करते हुए शिक्षा विभाग की आगामी कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को साझा किया।

 

उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण बार-बार अवकाश बढ़ाने की स्थिति से बचने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि विद्यालय खुलने पर बच्चों का आत्मीय स्वागत किया जाए तथा गर्मी को देखते हुए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।

वास्तविक परिवर्तन का केंद्र कक्षा कक्ष

संवाद के दौरान पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक परिवर्तन का केंद्र कक्षा कक्ष है और शिक्षक उसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर बनाई गई योजनाओं की सफलता अंततः शिक्षक की प्रतिबद्धता और कक्षा में उसके कार्य से तय होती है। इसलिए शिक्षा सुधारों में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि है।

 

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से शुरू होने वाले स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान और नामांकन पर विशेष फोकस रहेगा। आशा कार्यकर्ताओं के जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर की सूचनाओं की सहायता से ऐसे बच्चों तक पहुंच बनाई जाएगी। साथ ही कक्षा 5 से कक्षा 6 में विद्यार्थियों के निर्बाध प्रवेश को सुनिश्चित कर ड्रॉपआउट दर कम करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा। नियमित उपस्थिति और सीखने में पीछे रह गए बच्चों के लिए कैच-अप शिक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

निपुण भारत का दायरा अब 5वीं तक 

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि निपुण भारत मिशन का दायरा अब कक्षा 5 तक विस्तारित किया जा रहा है। भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन के लिए स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है, जो आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। आगामी 6 जुलाई को आयोजित होने वाली निपुण संकल्प कार्यशाला में अकादमिक और प्रशासनिक तंत्र मिलकर निपुण जनपद बनाने का संकल्प लेगा।

 

उन्होंने विद्यालयों में पुस्तकालयों, प्रिंट समृद्ध सामग्री और अभिभावक सहभागिता को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट को और अधिक प्रभावी बनाते हुए उसे वर्ष में दो बार अभिभावकों के साथ साझा करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही विद्यालयों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड (DEAR)’ अभियान जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की भी बात कही गई।

शिक्षकों के परिजनों को 5 लाख तक कैशलेस सुविधा

शिक्षकों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से समयबद्ध पंजीकरण कराने की अपील की। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी भी दी।

 

संवाद के अंत में उन्होंने शिक्षकों से अध्ययन और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन ही बेहतर शिक्षण और व्यक्तित्व विकास का आधार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षकों की निष्ठा, प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और समाज की सहभागिता के बल पर उत्तर प्रदेश बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में देश के लिए एक नया मॉडल स्थापित करेगा तथा प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त करेगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल

Aliganj fire case Lucknow

Aliganj fire case Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।

 

एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

 

एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फॉरेंसिक की टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। घटनास्थल से निकलने के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की।

एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने

घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसमें मलबा, जले हुए उपकरण और तार समेत अन्य नमूने शामिल हैं। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala