1.4 लाख की पार्टी में AC से टपका पानी…सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कस्टमर का पोस्ट

किसी भी पार्टी पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद लोग अच्छी व्यवस्था और बेहतरीन सर्विस की उम्मीद करते हैं। लेकिन गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट को लेकर किया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक कस्टमर ने दावा किया कि करीब 1.4 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उसे उम्मीद के मुताबिक सुविधा और सेवा नहीं मिली। उनका आरोप है कि पार्टी के दौरान कई एसी से पानी टपक रहा था, बार-बार बिजली जा रही थी, खाने की व्यवस्था में काफी देरी हुई। वहीं जरूरत पड़ने पर वेन्यू का जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं था। Reddit पर शेयर की गई उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

शेयर किया एक्सपीरिएंस

एक व्यक्ति ने अपना एक्सपीरिएंस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि गुरुग्राम के साइबर सिटी स्थित एक माइक्रोब्रुअरी और रेस्टोरेंट में 40 से ज्यादा लोगों के लिए आयोजित पार्टी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। Reddit पोस्ट के अनुसार, ग्रुप ने प्रति व्यक्ति 3,500 रुपये का “टिप्सी पैकेज” बुक किया था, जिससे पार्टी का कुल खर्च करीब 1.4 लाख रुपये पहुंच गया। इतना महंगा पैकेज लेने के बाद आयोजकों को उम्मीद थी कि वेन्यू पर सभी व्यवस्थाएं अच्छी होंगी, लेकिन उनका दावा है कि ऐसा नहीं हुआ।

एसी से टपक रहा था पानी

शुरुआती परेशानियों का जिक्र करते हुए कस्टमर ने लिखा, “पूरे इवेंट के दौरान AC वेंट्स से पानी टपकता रहा, जिससे फिसलने का खतरा बना हुआ था। AC ठीक से काम नहीं कर रहा था, इसलिए अंदर काफी गर्मी थी। इसके अलावा, तीन घंटे के इवेंट के दौरान करीब पांच बार बिजली भी चली गई।” कस्टमर के मुताबिक, परेशानियां सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं थीं। उनका आरोप है कि मेहमानों की संख्या पहले से तय होने के बावजूद वेन्यू प्रबंधन खाने की सर्विस को सही तरीके से संभाल नहीं पाया।

Screenshot 2026-07-11 224838

सफाई की लिया एक्सट्रा चार्ज

यूजर ने लिखा, “उनके पास दाल मखनी जैसी डिश परोसने के लिए भी पर्याप्त कटोरे नहीं थे। सर्विस काफी धीमी थी। हर बार जब स्टार्टर खत्म हो जाते थे, तो दोबारा आने में 15 से 20 मिनट लग जाते थे। तब तक मेहमानों का इंतजार करते-करते मन ही हट जाता था। खाना भी सिर्फ औसत था। कीमत के हिसाब से उसमें कुछ भी खास या यादगार नहीं था।” कस्टमर ने बताया कि पार्टी के दौरान एक मेहमान की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद वेन्यू की ओर से उनसे अतिरिक्त सफाई शुल्क लिया गया। उनके मुताबिक, अगर सफाई के लिए अलग से शुल्क लेना था, तो इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी, ताकि बाद में किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।

कस्टमर का कहा कि, जब पार्टी के दौरान लगातार परेशानियां बढ़ने लगीं, तो उन्होंने बुकिंग संभाल रहे जिम्मेदार व्यक्ति से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कस्टमर ने लिखा, “मैं आमतौर पर नेगेटिव रिव्यू नहीं लिखता, लेकिन जब आप एक ही इवेंट पर 1.4 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, तो कम से कम अच्छी सर्विस और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद जरूर करते हैं।”

यूजर्स ने किए कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद Reddit पर कई यूजर्स ने अपनी राय दी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें भी इस जगह पर इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस जगह की क्वालिटी काफी बदल गई है। एक यूज़र ने लिखा, “भाई, वहां का AC अप्रैल से ही खराब है। वह जगह बेकार, घुटन वाली और क्लॉस्ट्रोफोबिक लगती है।” एक अन्य यूजर ने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वह कॉर्पोरेट इवेंट था, कोई पर्सनल पार्टी नहीं। हमने 2017 में करीब 50 लोगों का एक इवेंट वहां किया था और उस समय सब कुछ बहुत अच्छा था। लाइव म्यूजिक, बढ़िया माहौल और अच्छी सर्विस मिली थी। लेकिन कुछ महीनों बाद जब मैं दोस्तों के साथ दोबारा गया, तो पूरा अनुभव बिल्कुल अलग और निराशाजनक था। मुझे नहीं पता कि आखिर ऐसा क्या बदल गया।”

एक महीने में भेजे 500 रिज्यूमे, नहीं आया एक भी कॉल, फ्रेशर्स की मुश्किलें आईं सामने

भारत में इंजीनियरिंग करने के बाद अच्छी नौकरी पाना आज कई युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी परेशानी को दिखाती है बेंगलुरु के एक बीटेक ग्रेजुएट की कहानी, जिसने नौकरी की तलाश में एक महीने के भीतर 500 से ज्यादा आवेदन भेजे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसे एक भी इंटरव्यू कॉल नहीं मिला। इस युवा इंजीनियर ने लिंक्डइन, अलग-अलग जॉब पोर्टल और कंपनियों की करियर वेबसाइटों पर लगातार प्रयास किया, लेकिन हर जगह से निराशा हाथ लगी।

उसका कहना है कि वो किसी बड़ी सैलरी या नामी कंपनी की तलाश में नहीं है, बल्कि सिर्फ एक ऐसा मौका चाहता है जहां वह काम सीख सके और अपने करियर की शुरुआत कर सके। उसकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हजारों फ्रेशर्स की परेशानियों को उजागर कर दिया है।

बड़ी सैलरी नहीं, बस शुरुआत का एक मौका चाहिए

युवा इंजीनियर ने कहा कि उसका लक्ष्य किसी बड़ी कंपनी में भारी पैकेज हासिल करना नहीं है। वह सिर्फ ऐसा अवसर चाहता है जहां वह काम सीख सके, इंडस्ट्री का अनुभव हासिल कर सके और अपने करियर की मजबूत शुरुआत कर सके।

उसने लिखा कि वह किसी भी अच्छे टेक रोल, यहां तक कि शुरुआती दौर के स्टार्टअप में भी काम करने के लिए तैयार है, जहां उसे सीखने और योगदान देने का मौका मिले।

जब ऑनलाइन आवेदन भी बेअसर हुए तो रेडिट से मांगी मदद

लगातार कोशिशों के बाद जब कोई रास्ता नजर नहीं आया, तो इंजीनियर ने रेडिट पर अपनी परेशानी साझा की। उसने नौकरी देने वालों, स्टार्टअप फाउंडर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से मदद की अपील की।

उसकी पोस्ट का शीर्षक था  “एक महीने में 500+ नौकरियों के लिए आवेदन किया, लेकिन एक भी इंटरव्यू नहीं मिला।”

पोस्ट वायरल होते ही कई फ्रेशर्स ने अपनी-अपनी परेशानियां साझा करनी शुरू कर दीं।

फ्रेशर्स की सबसे बड़ी चुनौती

कई यूजर्स ने कहा कि आज के समय में सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं रह गया है। एक यूजर ने सलाह दी कि उम्मीदवारों को सीधे कंपनी के फाउंडर्स, एचआर या कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए।

हालांकि, कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने भी ऐसा करके देखा, लेकिन 100 से ज्यादा एचआर को मैसेज करने के बाद भी उन्हें इंटरव्यू का मौका नहीं मिला।

स्किल्स हैं, फिर भी दरवाजे बंद हैं

एक कमेंट में एक टेक उम्मीदवार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसके पास इंटर्नशिप अनुभव और कई आधुनिक टेक्नोलॉजी की जानकारी होने के बावजूद नौकरी पाना मुश्किल हो रहा है। उसने बताया कि वो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन, ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर, लैंगचेन और लैंगग्राफ जैसी तकनीकों पर काम कर चुका है, फिर भी कंपनियों तक पहुंच बनाना चुनौती बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पोस्ट के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि मौजूदा जॉब मार्केट में फ्रेशर्स के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद बढ़ गई है, जबकि कुछ ने उम्मीदवारों को नेटवर्किंग और सीधे संपर्क जैसे तरीकों पर ध्यान देने की सलाह दी।

वहीं कुछ लोगों ने उम्मीद भी दिखाई। एक यूजर ने बताया कि उसे एक जॉब प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरव्यू मिला और पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीना लगा।

नौकरी बाजार की नई हकीकत

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ डिग्री और तकनीकी ज्ञान आज के जॉब मार्केट में पर्याप्त हैं? बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट नौकरी की तलाश में हैं, लेकिन कंपनियां अनुभव, प्रोजेक्ट्स और नेटवर्किंग को भी तेजी से महत्व दे रही हैं।

80 साल का आयरिश व्यक्ति जोधपुर की बावड़ियों की सालों से कर रहा सफाई, आनंद महिंद्रा ने स्पेशल पोस्ट शेयर कर किया सलाम