Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: A-1 लिमिटेड का जून तिमाही में दमदार प्रदर्शन, प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल

Q1 Results: A-1 लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इंडस्ट्रियल एसिड और केमिकल सप्लाई के साथ लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़ी कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, नए ऑर्डर और बिजनेस विस्तार का फायदा पहली तिमाही के नतीजों में देखने को मिला।

रेवेन्यू 175 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली आय (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 170.5% बढ़कर 175.01 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 64.69 करोड़ रुपये थी।

मुनाफे में 429% की बढ़ोतरी

पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 429.3% बढ़कर 3.16 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 0.60 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, PAT मार्जिन भी 0.92% से बढ़कर 1.81% हो गया।

EBITDA में भी मजबूत सुधार

कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 210.6% बढ़कर 6.07 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.95 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 3.02% से बढ़कर 3.47% हो गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण का नतीजा है।

नए ऑर्डर से कारोबार को मिला सहारा

तिमाही के दौरान कंपनी को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे ग्राहकों से करीब 35 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल सप्लाई ऑर्डर मिले। इसके अलावा कंपनी 127.50 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर पर भी काम कर रही है।

केमिकल कारोबार का दायरा बढ़ा

A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड के सल्फर आधारित इंडस्ट्रियल केमिकल्स के लिए प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर नियुक्त किया गया है। कंपनी का मानना है कि इससे उसके इंडस्ट्रियल केमिकल कारोबार और ग्राहक आधार को मजबूती मिलेगी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में एंट्री

A-1 लिमिटेड  ने A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इस अधिग्रहण के जरिए A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में भी कदम रखा है, जिसे भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम माना जा रहा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की है। उनके मुताबिक, इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, लंबे समय से ग्राहकों के साथ बने रिश्ते और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की बदौलत कंपनी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू बनाने पर फोकस बनाए रखेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।