Adani Power Q1 Results: अदाणी पावर को ₹4806 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Adani Power Q1 Results: अदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी Adani Power ने जून तिमाही में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश में रिकॉर्ड बिजली मांग, ज्यादा बिजली बिक्री और बेहतर टैरिफ रही। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

मुनाफा और रेवेन्यू में दमदार बढ़त

अप्रैल-जून तिमाही में अदाणी पावर का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,385 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 34% बढ़कर ₹18,902 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹14,109 करोड़ था। वहीं, EBITDA करीब 40% बढ़कर ₹7,948 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 40.3% से बढ़कर 42% हो गया।

भीषण गर्मी का फायदा मिला 

इस बार गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। मई महीने में देश की पीक पावर डिमांड 270.8 गीगावॉट रही। वहीं, जून तिमाही में बिजली की कुल खपत 8.4% बढ़कर 485.4 बिलियन यूनिट हो गई।

इसका सीधा फायदा Adani Power को मिला। कंपनी ने इस तिमाही में 31 बिलियन यूनिट बिजली पैदा की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, बिजली की बिक्री 16.9% बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट रही।

बिजली महंगी बिकी, कमाई बढ़ी

लॉन्ग टर्म PPA के तहत बिजली बिक्री 30% से ज्यादा बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट हो गई। इसके साथ ही औसत टैरिफ 8.5% बढ़कर ₹5.95 प्रति यूनिट पहुंच गया।

मर्चेंट और शॉर्ट टर्म मार्केट में भी कंपनी को बेहतर दाम मिले। यहां औसत टैरिफ 13.1% बढ़कर ₹7.04 प्रति यूनिट रहा। कंपनी ने कहा कि बुटीबोरी और मुतियारा (तूतीकोरिन) जैसे पहले बिना PPA वाले प्लांट्स को नए करार मिलने से भी बिजली बिक्री बढ़ी। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमतें बढ़ने का फायदा भी कंपनी को मिला।

कोयला महंगा हुआ, फिर भी बढ़ा मुनाफा

ज्यादा बिजली उत्पादन और आयातित कोयले की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन लागत 30% बढ़कर ₹9,513 करोड़ हो गई। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा। इसकी वजह बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और फाइनेंस कॉस्ट पर मजबूत नियंत्रण रहा।

इस तिमाही में कंपनी ने ₹1,386 करोड़ की पिछली अवधि की आय भी दर्ज की। वहीं, अतिरिक्त कोयला लागत के बदले ₹898 करोड़ के टैरिफ मुआवजे को भी रेवेन्यू में शामिल किया गया।

विस्तार पर बड़ा दांव

अदाणी पावर के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। यह रकम QIP या दूसरे रास्तों से जुटाई जाएगी। साथ ही कंपनी ने अपनी उधारी सीमा ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।

Adani Power ने हाल ही में दिवाला प्रक्रिया के तहत Jaiprakash Associates की कई बिजली परिसंपत्तियां भी खरीदी हैं। इनमें 180 मेगावॉट का Churk थर्मल पावर प्लांट, Jaiprakash Power Ventures में 24% हिस्सेदारी और Prayagraj Power Generation Company में 11.49% हिस्सेदारी शामिल हैं।

आगे की क्या है योजना?

अदाणी पावर के CEO एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि रिकॉर्ड EBITDA दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है। उन्होंने कहा कि Adani Power 45 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही कंपनी हाइड्रो पावर में विस्तार कर रही है और भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर के अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है।

अदाणी पावर के शेयरों का हाल

Adani Power का शेयर बुधवार को शेयर 1.51% गिरकर ₹217.05 पर बंद हुआ। नतीजों के बाद ₹211.90 के निचले स्तर से उछलकर ₹221.70 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा था। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 83.77% रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 124% बढ़ा, शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की Adani Energy Solutions ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। मजबूत कमाई के बाद मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 3% चढ़कर ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

मुनाफा 124% उछला

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹513 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹29 करोड़ की रेगुलेटरी डिफरल इनकम दर्ज की। पिछले साल इसी अवधि में इसी मद में ₹504 करोड़ का खर्च दर्ज हुआ था। इससे भी मुनाफे को अच्छा सहारा मिला।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,819 करोड़ था।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

तिमाही के दौरान EBITDA 30% बढ़कर ₹3,008 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹2,314.5 करोड़ था। हालांकि EBITDA मार्जिन 33.9% से घटकर 31% रह गया।

इन कारोबारों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ट्रांसमिशन बिजनेस का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹3,335.3 करोड़ हो गया। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का रेवेन्यू भी 5% बढ़कर ₹3,520.4 करोड़ रहा।

सबसे तेज बढ़त स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में देखने को मिली। इसका रेवेन्यू 200% से ज्यादा बढ़कर ₹346.9 करोड़ पहुंच गया। वहीं, एनर्जी सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म का रेवेन्यू 9 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,906.8 करोड़ हो गया। यह इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत रही।

शेयर में आई तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया। शेयर कारोबार के दौरान ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली हुई। यह 0.44% बढ़कर 1,737 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 13% चढ़ चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें 67% की तेजी आ चुकी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।