FD तोड़ने पर कितना नुकसान होता है, क्या आपको ऐसा करना चाहिए? समझिए पूरा हिसाब

FD premature withdrawal: FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को सुरक्षित निवेश में गिना जाता है। लेकिन जरूरत पड़ने पर अगर FD की मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल लिया जाए, तो मिलने वाला ब्याज उम्मीद से कम हो सकता है। बैंक प्रीमैच्योर क्लोजर पर पेनल्टी भी लगा सकते हैं। इसलिए FD तोड़ने से पहले यह समझना जरूरी है कि असल में कितना नुकसान हो सकता है।

FD तोड़ने पर क्या होता है?

मान लीजिए आपने ₹5 लाख की FD 3 साल के लिए 7% सालाना ब्याज पर कराई। लेकिन किसी जरूरी खर्च के लिए आपको 1 साल बाद ही पैसा निकालना पड़ गया।

अगर FD पूरी 3 साल चलती, तो आपको 7% की दर से ब्याज मिलता। लेकिन 1 साल में तोड़ने पर बैंक जरूरी नहीं कि पूरे 7% की दर से ब्याज दे। बैंक अक्सर उस अवधि के लिए लागू FD रेट के आधार पर ब्याज की गणना करता है और उसके ऊपर प्रीमैच्योर क्लोजर चार्ज भी लगा सकता है।

आसान उदाहरण से समझिए

अगर आपका बैंक 1 साल की FD पर 6% ब्याज दे रहा है और समय से पहले FD तोड़ने पर 1% की पेनल्टी लगती है। ऐसे में प्रभावी ब्याज दर 5% हो सकती है। ₹5 लाख पर 7% के हिसाब से एक साल का ब्याज करीब ₹35,000 बनता।

लेकिन 5% के हिसाब से ब्याज करीब ₹25,000 होगा। यानी इस उदाहरण में करीब ₹10,000 का ब्याज अंतर हो सकता है। वास्तविक रकम बैंक की FD की शर्तों और उस समय लागू ब्याज दर पर निर्भर करेगी।

FD तोड़ने पर क्या-क्या नुकसान हो सकता है?

मामलापूरी अवधि तक FD रखने पर
समय से पहले FD तोड़ने पर

निवेश₹5 लाख₹5 लाख
मूल FD अवधि3 साल1 साल में बंद
FD रेट7%
लागू अवधि की दर देखी जाएगी

अनुमानित 1 साल का ब्याज₹35,000
उदाहरण में ₹25,000

संभावित ब्याज अंतर—₹10,000
प्रीमैच्योर क्लोजर चार्जनहींबैंक के नियम के अनुसार
कुल फायदाज्यादाकम

क्या हर स्थिति में FD तोड़ना गलत है?

नहीं। अगर अचानक मेडिकल खर्च आ गया है, नौकरी चली गई है या कोई जरूरी भुगतान करना है, तो FD तोड़ना समझदारी हो सकती है। खासकर तब, जब दूसरा विकल्प महंगा पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का बकाया हो।

मान लीजिए FD तोड़ने से आपको ब्याज में ₹10,000 का नुकसान हो रहा है, लेकिन पैसा न होने पर आपको 15-20% ब्याज वाला कर्ज लेना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में FD तोड़ना ज्यादा सस्ता पड़ सकता है।

FD तोड़ने से पहले 6 बातों का ध्यान रखें

  • FD पूरी होने में कितना समय बचा है, इसे जरूर देखना चाहिए। अगर कम समय बचा है, तो FD तोड़ने से बचा जा सकता है।
  • FD आज तोड़ने पर बैंक आपको कुल कितनी रकम देगा, पहले यह पता करें।
  • FD की तय ब्याज दर और समय से पहले निकालने पर मिलने वाली ब्याज दर की तुलना भी करनी चाहिए।
  • बैंक FD समय से पहले तोड़ने पर कितना चार्ज काटेगा, इसकी जानकारी लें।
  • अगर जरूरत कम रकम की है, तो पूरी FD तोड़ने के बजाय दूसरे विकल्प देखें।
  • FD तोड़ने के बजाय FD पर लोन, ओवरड्राफ्ट या दूसरी बचत का इस्तेमाल करना कितना महंगा पड़ेगा, इसकी तुलना भी कर लें।

FD तोड़ने के बजाय लोन लेना बेहतर हो सकता है?

कुछ मामलों में बैंक FD के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा देते हैं। इसमें FD को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए अगर आपको थोड़े समय के लिए पैसे चाहिए, तो FD तोड़ने के साथ इस विकल्प की लागत भी देख लेनी चाहिए।

मसलन, आपकी ₹5 लाख की FD है और आपको सिर्फ ₹1 लाख की जरूरत है। ऐसी स्थिति में पूरी FD तोड़ने के बजाय FD के बदले मिलने वाले लोन या ओवरड्राफ्ट की ब्याज लागत देखना ज्यादा समझदारी हो सकती है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

पैसों की जरूरत होने पर FD तोड़ें या FD पर लोन लें? समझिए पूरा कैलकुलेशन

कई बार हमें अचानक से पैसों की जरूरत पड़ जाती है और उस वक्त हमारे पास विकल्प काफी सीमित होते हैं। अब मान लीजिए कि आपको 3 लाख रुपये की जरूरत पड़ गई। आपके पास 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) है। FD पर आपको 7% सालाना ब्याज मिल रहा है। अब आपके सामने दो रास्ते हैं। पहला, FD तोड़कर पैसा निकाल लें। दूसरा, FD को जारी रखते हुए उसके बदले लोन ले लें।

दोनों विकल्पों में पैसा आपके काम आ जाएगा। लेकिन दोनों की लागत अलग होगी। इसलिए फैसला करने से पहले पूरा हिसाब समझना जरूरी है।

FD तोड़ने पर क्या होगा?

अब मान लेते हैं कि आपकी 5 लाख रुपये की FD एक साल की है और ब्याज दर 7% है। अगर FD पूरी अवधि तक चलती है तो एक साल में करीब 35,000 रुपये का ब्याज मिलेगा।

लेकिन आपको 6 महीने बाद 3 लाख रुपये की जरूरत पड़ गई और आपने FD तोड़ दी। ऐसी स्थिति में बैंक आम तौर पर FD की मूल ब्याज दर के बजाय उस अवधि के लिए लागू दर के हिसाब से ब्याज देता है। इसके अलावा बैंक की पॉलिसी के मुताबिक प्रीमैच्योर क्लोजर चार्ज भी लग सकता है।

कितनी पेनल्टी और कितना ब्याज

मिसाल के लिए, एफडी पर 6 महीने की लागू दर 6% है। और बैंक 1% की पेनल्टी लगाता है। ऐसे में प्रभावी ब्याज दर 5% रह जाती है।

5 लाख रुपये पर 6 महीने के लिए 5% की दर से करीब 12,500 रुपये ब्याज मिलेगा। यानी पूरी अवधि की FD से मिलने वाले करीब 35,000 रुपये के मुकाबले ब्याज में करीब 22,500 रुपये का अंतर आ सकता है।

FD पर लोन लेने पर कितना खर्च?

अब दूसरा विकल्प देखते हैं। आपने FD नहीं तोड़ी और बैंक से उसके बदले 3 लाख रुपये का लोन ले लिया। उदाहरण के लिए, बैंक FD की ब्याज दर से 1.5% ज्यादा ब्याज पर लोन देता है। यानी 7% की FD पर लोन की ब्याज दर करीब 8.5% हुई।

अगर 3 लाख रुपये का लोन 6 महीने के लिए लिया जाता है, तो ब्याज करीब 12,750 रुपये बैठेगा। इस दौरान आपकी 5 लाख रुपये की FD चलती रहेगी। यानी उस पर FD का ब्याज भी मिलता रहेगा।

दोनों विकल्पों का हिसाब

FD तोड़ेंFD पर लोन
आपकी जरूरत₹3 लाख₹3 लाख
FD₹5 लाख बंद₹5 लाख जारी
FD ब्याजकरीब ₹12,500करीब ₹17,500
लोन ब्याज—करीब ₹12,750
6 महीने बादFD नहीं रहेगीFD जारी रहेगी
अतिरिक्त फायदा—FD का ब्याज मिलता रहेगा

3 लाख की जरूरत 6 महीने के लिए है तो इस उदाहरण में FD पर लोन लेना सस्ता पड़ रहा है। लेकिन ₹3 लाख का लोन बाद में चुकाना होगा।

FD पर लोन कब बेहतर हो सकता है?

अगर आपको थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत है और कुछ महीनों में रकम वापस आने की उम्मीद है, तो FD पर लोन एक विकल्प हो सकता है।

इसमें आपकी FD बनी रहती है। जरूरत पूरी होने के बाद लोन चुका सकते हैं। FD को समय से पहले तोड़ने से मिलने वाले कम ब्याज का नुकसान भी बच सकता है।

FD कब तोड़ना समझदारी हो सकती है?

अगर आपको लंबे समय के लिए पैसे चाहिए और लोन चुकाने की स्थिति साफ नहीं है, तो सिर्फ FD बचाए रखने के लिए लोन लेना महंगा पड़ सकता है।

ऐसे में FD तोड़ने और लोन की कुल लागत की तुलना करनी चाहिए। खासकर तब, जब लोन की ब्याज दर काफी ज्यादा हो।

फैसला लेने से पहले ये 3 चीजें देखें

सबसे पहले बैंक से पूछें कि आज FD तोड़ने पर आपको हाथ में कितनी रकम मिलेगी। इसके बाद FD पर लोन की ब्याज दर और सभी चार्ज पता करें।

फिर दोनों का कुल खर्च निकालें। अगर कुछ महीनों की जरूरत है और जल्द पैसा वापस आने वाला है, तो FD पर लोन का विकल्प देखा जा सकता है। अगर लंबी अवधि के लिए रकम चाहिए, तो FD तोड़ना और लोन लेने की कुल लागत की तुलना करना ज्यादा जरूरी है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।