Satluj: रिलीज के 2 दिन बाद ZEE5 से हटाई गई दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’, प्लेटफॉर्म ने जारी किया बयान

दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म सतलुज (पहले इसका नाम पंजाब 95 था) एक बार फिर चर्चा में हैं। फिल्म ‘सतलुज’ लंबे इंतजार के बाद ZEE5 पर रिलीज हुई थी। वहीं अपनी रिलीज के कुछ ही दिनों बाद ये फिल्म भारत में ZEE5 से हटा दी गई है। दिलजीत दोसांझ की चर्चित फिल्म सतलुज को रिलीज होने से पहले कई साल तक कानूनी और सर्टिफिकेशन से जुड़ी अड़चनों के बाद रिलीज हुई थी। ZEE5 ने बताया कि, कुछ कारणों की वजह से फिल्म फिलहाल उपलब्ध नहीं है और उसकी टीम इसे दोबारा जल्द से जल्द दर्शकों के लिए लाने की कोशिश कर रही है।

रिलीज के दो दिन बाद ओटीटी से हटाया गया

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म सतलुज 3 जुलाई को ZEE5 पर बिना किसी बदलाव के रिलीज की गई थी। फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन भी मिला, लेकिन रिलीज के सिर्फ दो दिन बाद ही इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। ZEE5 ने सोशल मीडिया पर दर्शकों का प्यार और समर्थन मिलने के लिए आभार जताया और कहा कि फिल्म को जल्द दोबारा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। बयान में कहा गया, “रिलीज के बाद से सतलुज को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। हम उन सभी लोगों के दिल से आभारी हैं जिन्होंने फिल्म को देखने और अपना समर्थन देने का फैसला किया। आपका प्यार और भरोसा हमारे लिए और इस फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति के लिए बेहद खास है।”

नहीं बताया गया वजह

प्लेटफॉर्म के मुताबिक, कुछ मौजूदा परिस्थितियों की वजह से फिल्म को फिलहाल भारत में स्ट्रीमिंग से हटा दिया गया है। लेकिन इसे हटाने के पीछे की वजह नहीं बताई गई। बयान में कहा गया, “ZEE5 पर हम फिल्म सतलुज और इसके पीछे की क्रिएटिव विजन के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हमारा मानना है कि अच्छी कहानियां लोगों को प्रेरित करने और उन पर गहरा प्रभाव छोड़ने की ताकत रखती हैं। हम हमेशा सच्ची और अर्थपूर्ण कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, सतलुज अगली सूचना तक भारत में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी।”

 

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पोस्ट में आगे कहा, “हमारी कोशिश है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर फिल्म को जल्द से जल्द फिर से दर्शकों के बीच लाया जाए। रचनाकारों और ईमानदारी व उद्देश्य के साथ बनाई गई कहानियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है।”

पोस्ट के साथ साझा किए गए एक अलग कैप्शन में लिखा गया, “सतलुज फिलहाल भले ही स्ट्रीमिंग पर उपलब्ध न हो, लेकिन इस फिल्म ने जो चर्चा शुरू की है, वह अब भी जारी है। हमें इतना प्यार और समर्थन देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। हमें उम्मीद है कि फिल्म जल्द ही फिर से आपके बीच होगी।”

कौन-कौन है फिल्म में

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी सतलुज में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं। ये फिल्म ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित बताई जाती है। पहले इसका नाम पंजाब 95 रखा गया था, लेकिन सर्टिफिकेशन से जुड़ी परेशानियों की वजह से इसकी रिलीज कई साल तक अटकी रही। लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिल्म आखिरकार ZEE5 पर रिलीज हुई। सतलुज का निर्माण RSVP और मैकगफिन पिक्चर्स ने मिलकर किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम किरदारों में नजर आए हैं। अपनी दमदार स्टारकास्ट और गंभीर विषय की वजह से यह फिल्म शुरुआत से ही चर्चा में बनी हुई है।

Satluj: दिलजीत दोसांझ की ‘पंजाब ’95’ का बदला नाम, ओटीटी पर फिल्म की गई रिलीज

Satluj: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘पंजाब ’95’ का नाम बदलकर अब ‘सतलुज’ कर दिया गया है और आखिरकार यह रिलीज हो गई है। यह फ़िल्म शुक्रवार को चुपचाप एक OTT प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ हुई। हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ फिल्म सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के साथ दिक्कतों के कारण देर से रिलीज़ हुई। एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और मौत पर आधारित यह फ़िल्म पिछले साल फरवरी में दुनिया भर में रिलीज होने वाली थी। हालाँकि, इसकी रिलीज को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था। अब यह फ़िल्म Zee5 पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।

OTT प्लेटफ़ॉर्म के ऑफ़िशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से किए गए नए पोस्ट के कैप्शन में यह लिखा है- कुछ कहानियां दबी नहीं रहती। ‘सतलुज’ देखें, जो अब सिर्फ़ Zee5 पर स्ट्रीम हो रही है। इस पोस्ट में दिलजीत के साथ-साथ उनके को-स्टार्स अर्जुन रामपाल और सुरिंदर विक्की के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को भी टैग किया गया।

हनी त्रेहान की डायरेक्ट की हुई और रॉनी स्क्रूवाला की प्रोड्यूस की हुई फिल्म ‘सतलुज’ में वरुण बडोला और गीतिका विद्या ओहलन भी हैं। जब से इसे सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा गया था, तब से यह फिल्म लगभग तीन साल से विवादों में घिरी हुई है।

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यह दूसरी बार है जब फिल्म का टाइटल बदला गया है। 2022 में ‘सतलुज’ का नाम बदलकर ‘पंजाब ’95’ कर दिया गया था। इससे पहले इसका नाम ‘घलूघारा’ (घलूघारा नरसंहार के नाम पर) था। फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) के पास भेजा गया था। हालांकि, CBFC ने फिल्म में 120 कट लगाए और टाइटल पर आपत्ति जताई। आखिरकार, सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने दखल दिया और CBFC कट लगाने पर तो मान गई, लेकिन टाइटल बदलने की बात पर अड़ी रही। आखिरकार, फिल्म का नाम बदलकर ‘पंजाब ’95’ कर दिया गया। उसी साल YouTube पर फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया था, लेकिन एक दिन बाद ही उसे हटा दिया गया।

इतना ही नहीं, इस फ़िल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2023 में मशहूर टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल (TIFF) में होना था, लेकिन प्रीमियर की तारीख से ठीक एक दिन पहले इसे लिस्ट से हटा दिया गया। ‘वैरायटी’ को एक सूत्र ने बताया कि टोरंटो से फ़िल्म को हटाए जाने के पीछे ‘राजनीतिक ताकतों का हाथ’ है, क्योंकि भारत के बाद कनाडा में ही सिखों की आबादी सबसे ज़्यादा है। फ़ेस्टिवल के आयोजकों ने कभी भी इस बात की पुष्टि या खंडन नहीं किया।

पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा ने उग्रवाद के दौर में पंजाब पुलिस द्वारा सिख युवाओं के कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने 1984 और 1994 के बीच पंजाब में हज़ारों अज्ञात शवों के सामूहिक अंतिम संस्कार की जांच की थी।

1995 में वे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए और एक दशक बाद, 2005 में, उनके अपहरण और हत्या के आरोप में चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया। उनका जीवन और मौत राज्य के संवेदनशील इतिहास का एक विवादास्पद हिस्सा है, खासकर उग्रवाद से जुड़े मामलों के कारण। 2007 में, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी शुरुआती सात साल की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास में बदल दिया।

Diljit Dosanjh: CJP प्रोटेस्ट पर दिलजीत दोसांझ का कमेंट सौरव दास को नहीं आया रास, बोले- ‘उन्हें युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए न कि…’

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ के ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शनों से खुद को अलग करने के एक दिन बाद, पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने निराशा जताई है। जब दास से हाल ही में पंजाबी सिंगर-एक्टर के कमेंट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे इससे “नाराज़” हैं। उन्होंने दोसांझ से यह भी अपील की कि वे आगे आएं और भारत के युवाओं के मुद्दों पर बात करें।

दास ने कहा, “यह बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ कहना चाहिए। उन्हें युवाओं का हौसला बढ़ाना चाहिए। वे अपने संगीत के जरिए ऐसा करते हैं। इस आंदोलन के बारे में अपनी बात रखकर या युवाओं की समस्याओं पर बात करके भी वे ऐसा कर सकते हैं। उन्हें कुछ तो कहना चाहिए।”

हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत दोसांझ से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की अगुवाई में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछा गया। दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि अपने बिजी ‘ऑरा टूर’ (Aura Tour) शेड्यूल की वजह से उन्हें इस स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने लोगों से यह भी गुजारिश की कि उन्हें विरोध प्रदर्शनों से दूर रखा जाए, क्योंकि वह कोई राजनेता नहीं हैं और एक एंटरटेनर के तौर पर अपने काम पर ही ध्यान देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “भाई, मुझे विरोध प्रदर्शनों और ऐसी चीज़ों से दूर रखो। मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं कोई राजनेता नहीं हूं।” दुनिया भर में मशहूर इस सिंगर ने आगे कहा कि दुनिया में हर चीज का एकदम सही या पूरी तरह से ठीक होना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, “हर चीज़ कभी भी सही नहीं हो सकती। इस दुनिया में हर चीज़ कभी भी सही नहीं हो सकती।”

दिलजीत दोसांझ हाल ही में इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में नजर आए थे। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है। नसीरुद्दीन शाह, शरवरी और वेदांग रैना जैसे कलाकारों वाली यह फिल्म 2026 की अहम सफलताओं में से एक बनकर उभरी है। इसे दर्शकों से काफी तारीफ मिली है और लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से बॉक्स ऑफिस पर भी लगातार अच्छी कमाई हुई है।

Diljit Dosanjh: बार-बार खालिस्तानी समर्थक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बना रहे निशाना, क्या है वजह?

Diljit Dosanjh: कैलिफ़ोर्निया के सैन फ़्रांसिस्को में चेज़ सेंटर में दिलजीत दोसांझ के हालिया कॉन्सर्ट में कुछ देर के लिए रुकावट आई, जब खालिस्तान समर्थक एक प्रदर्शनकारी ने सुरक्षा घेरा तोड़कर खालिस्तान का झंडा लिए मंच पर धावा बोल दिया। यह कॉन्सर्ट शहर में दिलजीत के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के तहत वीकेंड पर लगातार होने वाले शो के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था।

कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें दिलजीत को स्टेज पर डांस करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, जैसे ही उन्होंने एक व्यक्ति को खालिस्तान का झंडा पकड़े और अपने पास डांस करते देखा, दिलजीत ने डांस करना बंद कर दिया और उससे दूर हट गए। वीडियो में सुरक्षाकर्मी उस व्यक्ति को पकड़कर बाहर ले जाते हुए भी दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे अन्य वीडियो में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को उस व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है। खबरों के अनुसार, उस व्यक्ति को वेन्यू से बाहर निकाला गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

हाल के महीनों में दोसांझ के विदेशी कॉन्सर्ट में खालिस्तान-समर्थक कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह की बाधा डालने की यह पहली घटना नहीं है। अप्रैल में, कनाडा में इसी ‘ऑरा 2026’ टूर के दौरान, गायक के कॉन्सर्ट में तब बाधा डाली गई थी जब समर्थकों के एक समूह ने वेन्यू के अंदर खालिस्तान-समर्थक नारे लगाए और अलगाववादी झंडे लहराए। खबरों में कहा गया है कि सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें वेन्यू से बाहर निकाल दिया था।

कनाडा में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कॉन्सर्ट में कथित तौर पर बाधा डालने के बाद, दिलजीत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के ज़रिए इस घटना पर बात की। सिंगर ने पंजाबी में लिखा, “बाहर खड़े होकर विरोध करना — कोई भी कर सकता है। लेकिन अगर आप अंदर आकर मेरे फ़ैन्स को परेशान करने की कोशिश करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अगर कोई बैनर या झंडा लाता है, तो आम तौर पर इसका मतलब होता है कि वे दिखाना चाहते हैं कि वे कहां से आए हैं और वे मेरा समर्थन करते हैं। लेकिन अगर आप उसी बैनर के साथ बाहर खड़े होकर मेरे फ़ैन्स को गाली देते हैं, और फिर अंदर आकर वही हरकत करने की कोशिश करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “यह किसी बैनर या झंडे के बारे में नहीं है — असली मुद्दा इसके पीछे आपकी नीयत है। मैंने सिक्योरिटी से कहा कि जो कोई भी प्रोग्राम में बाधा डालने की कोशिश करे, उसे पकड़कर बाहर निकाल दिया जाए। मैंने कभी किसी बैनर के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा, इसलिए झूठी बातें न फैलाएं। मैं पिछले साल से इस मुद्दे से बच रहा था — लेकिन अब और नहीं। धन्यवाद। प्यार और शांति।”

अक्टूबर 2025 में, दिलजीत KBC 17 में शामिल हुए और होस्ट अमिताभ बच्चन के पैर छुए। बिग बी ने उन्हें ‘पंजाब दा पुत्तर’ (पंजाब का बेटा) कहा और बाढ़ के दौरान उनके राहत कार्यों की तारीफ़ की। खबरों के मुताबिक, एपिसोड के प्रसारण के बाद दिलजीत को ‘सिख्स फ़ॉर जस्टिस’ (SFJ) ग्रुप से धमकियां मिली थीं, जो खालिस्तान-समर्थक आंदोलन से जुड़ा है।

NDTV के अनुसार, SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून ने आरोप लगाया था कि अमिताभ के पैर छूकर दिलजीत ने “1984 के सिख नरसंहार के हर पीड़ित, हर विधवा और हर अनाथ का अपमान किया”। उन्होंने दावा किया कि 31 अक्टूबर 1984 को अमिताभ ने ‘खून का बदला खून’ के नारे के साथ भीड़ को खुलेआम उकसाया था। हालांकि, अमिताभ बच्चन ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था।

फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम:पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही आंक लिया गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पढ़िए क्या है SFJ… सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ सिखों के लिए अलग खालिस्तान की मांग करने वाला एक संगठन है। 2007 में अमेरिका में इसकी स्थापना की गई थी। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान ‘रेफरेंडम 2020’ के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी। SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी। ‘रेफरेंडम 2020’ नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी। इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले 15 जून से दो दिवसीय G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। ——————– यह भी पढ़ें- दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…