US-Iran Deal: होर्मुज खुलेगा, तेल पर बैन हटाने से लेकर ईरानी फंड रिलीज होने तक… जानिए ईरान अमेरिका डील की बड़ी बातें

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर पूरी तरह सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद बीते करीब चार महीने से चल रहे युद्ध का भी अंत हो

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वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के कैलिफोर्निया में B-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश, उड़ान भरते ही अमेरिकी एयर फोर्स बेस के पास हादसा

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोमवार को एक B-52 बॉम्बर विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के पास हुआ। अमेरिकी वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 11:20 बजे क्रैश हुआ। हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। B-52 विमान में आमतौर पर पांच लोग सवार होते हैं, लेकिन हादसे के समय विमान में कितने लोग थे, यह नहीं बताया गया है। एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस लॉस एंजिलिस से करीब 161 किलोमीटर दूर है। हादसे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन का रूसी तेल टैंकर पर छापा, कब्जे में लिया; 38 वर्षीय भारतीय गिरफ्तार ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने रूसी शैडो फ्लीट से जुड़े तेल टैंकर SMYRTOS पर कार्रवाई के दौरान 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर रूस से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह है। यह कार्रवाई 14 जून को इंग्लिश चैनल में रॉयल मरीन कमांडो, NCA अधिकारियों और ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने मिलकर की। NCA ने बताया कि गिरफ्तार भारतीय नागरिक से पूछताछ की जा रही है, लेकिन उस पर लगे आरोपों की जानकारी अभी नहीं दी गई है। एजेंसी के मुताबिक जहाज पर मौजूद 24 भारतीय और जॉर्जियाई-भारतीय क्रू सदस्य जांच में सहयोग कर रहे हैं। टैंकर फिलहाल इंग्लैंड के डॉर्सेट तट के पास लंगर डाले हुए है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे रूस के लिए बड़ा झटका बताया। वहीं रक्षा मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के लिए फंड जुटाने में शैडो फ्लीट का इस्तेमाल करता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस की 700 से ज्यादा जहाजों वाली शैडो फ्लीट प्रतिबंधित तेल का 75% परिवहन करती है। ब्रिटेन अब तक 500 से अधिक ऐसे जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। पाकिस्तान में एयरफोर्स का विमान क्रैश, दोनों पायलटों की मौत पाकिस्तान का एक मिलिट्री ट्रेनिंग प्लेन रविवार को क्रैश हो गया। यह हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान जिले में कटलंग रोड के पास हुआ। हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। मृत पायलटों की पहचान कैप्टन कासिम और कैप्टन तलहा के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लेन नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, लेकिन उड़ान के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना की जानकारी ली और बताया कि प्लेन क्रैश में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। जेलेंस्की को दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान वापस ले सकता है पोलैंड पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के सम्मान को वापस लेने की मांग की है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान UPA ने हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। वारसॉ ने संकेत दिया है कि जवाब नहीं मिलने पर जेलेंस्की को मिला सर्वोच्च पोलिश सम्मान भी वापस लिया जा सकता है। विवाद तब शुरू हुआ जब जेलेंस्की ने एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम “UPA के नायकों” के नाम पर रखा। UPA, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूक्रेनियन नेशनलिस्ट्स (OUN) की सैन्य शाखा थी। पोलैंड का कहना है कि OUN और UPA ने जातीय रूप से एकरूप यूक्रेनी राष्ट्र की विचारधारा को बढ़ावा दिया और पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसक अभियान चलाए। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में करीब एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इन घटनाओं को जनसंहार के रूप में मान्यता देता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति नावरोत्स्की ने जेलेंस्की को 2023 में दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ वापस लेने की पहल का समर्थन किया है। यह पोलैंड का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यूक्रेन में UPA और अन्य राष्ट्रवादी संगठनों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान दिया जाता है, जबकि पोलैंड इन्हें पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जोड़कर देखता है। यूक्रेन को दिए हथियारों का हिसाब मांगेगा स्लोवाकिया
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो ने घोषणा की है कि उनका देश यूक्रेन को दान किए गए सैन्य उपकरणों के बदले यूरोपीय संघ (EU) से मुआवजे की मांग करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड हेगर की सरकार ने इस समझौते को लेकर स्लोवाक जनता को गुमराह किया था। फित्सो ने रविवार को फेसबुक पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि वह अगले सप्ताह होने वाले EU शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएंगे। उनके मुताबिक, पिछली सरकार ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम देकर देश की सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर दिया। रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज होने के बाद 2022 और 2023 के दौरान स्लोवाकिया ने यूक्रेन को सोवियत दौर के टैंक, इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, MiG-29 लड़ाकू विमान और S-300 एयर डिफेंस सिस्टम समेत बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण दिए थे। उस समय यह समझौता हुआ था कि यूक्रेन को दिए गए उपकरणों की भरपाई पश्चिमी देशों के आधुनिक सैन्य साजोसामान से की जाएगी। फित्सो लंबे समय से रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह यूक्रेन को सैन्य सहायता और रूस पर प्रतिबंधों का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों का आर्थिक नुकसान यूरोपीय देशों को ही उठाना पड़ रहा है, खासकर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में। रूसी हमले में यूक्रेन के 5 की मौत 13 घायल, कीव के प्रसिद्ध चर्च में लगी आग
रूस ने सोमवार को यूक्रेन पर हमला किया, जिसमें खार्किव में 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं,राजधानी कीव में 13 लोग घायल हो गए। हमले में यूक्रेन के प्रमुख धार्मिक स्थल कीव-पेचेर्स्क लावरा भी प्रभावित हुआ। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस परिसर के डॉर्मिशन कैथेड्रल की छत में आग लग गई। यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको के अनुसार, खार्किव में बचावकर्मी पहले हमले के बाद लगी आग बुझा रहे थे। इसी दौरान रूस ने दूसरा हमला कर दिया, जिसमें 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, कीव में भी कई जोरदार धमाके हुए। रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद लोगों को बंकरों और अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी। कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने बताया कि राजधानी में 13 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि शैवचेंकिव्स्की जिले में 30 मिनट के भीतर 5 हमले हुए। इन हमलों में 25 अपार्टमेंट, एक बाजार और कई किराना स्टोर में आग लग गई। तकाचेंको ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। अमेरिका में विमान हादसा: 11 स्काइडाइवर और पायलट समेत 12 की मौत
अमेरिका के मिसौरी राज्य में रविवार को एक स्काइडाइविंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 11 स्काइडाइवर और एक पायलट समेत सभी 12 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने के बाद पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया और एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। बेट्स काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अनुसार, विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:20 बजे उड़ान भरी थी। यह विमान एक स्काइडाइविंग कंपनी द्वारा लीज पर लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान ऊंचाई नहीं पकड़ सका। इसके बाद उसने अचानक बाईं ओर तेज मोड़ लिया और बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट से करीब 200 गज दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शेरिफ के मुताबिक यह कोई कमर्शियल एयरलाइन नहीं थी, बल्कि स्थानीय एयरपोर्ट से संचालित एक छोटा विमान था। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने विमान की पहचान Pacific Aerospace P750 के रूप में की है। शार्क हमले के बाद सिडनी का कूजी बीच फिर खुला: ड्रोन, जेट-स्की और लाइफगार्ड की निगरानी बढ़ी
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित कूजी बीच को शनिवार को हुए शार्क हमले के बाद सोमवार को दोबारा खोल दिया गया। हालांकि प्रशासन ने यहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। घटना में 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार महिला शनिवार सुबह किनारे से करीब 30 मीटर दूर तैर रही थी, तभी 3 से 4 मीटर लंबी शार्क ने उस पर हमला कर दिया। हमले में उसके हाथों और बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं। कूजी बीच सिडनी के सबसे लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक है। यह बॉन्डी बीच के दक्षिण में स्थित है और हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया में शार्क हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सप्ताह पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक मछुआरे की शार्क हमले में मौत हो गई थी। इससे पहले क्वींसलैंड और पर्थ के पास भी दो घातक हमले दर्ज किए गए थे। जनवरी में सिडनी समेत पूर्वी तट के कई समुद्र तटों को चार शार्क हमलों के बाद अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। घटना के बाद न्यू साउथ वेल्स सरकार ने हवाई निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि पूर्ण प्रतिबंध ही सही विकल्प है। उनके अनुसार इससे बच्चों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उन्हें पढ़ाई, खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए अधिक समय मिलेगा। प्रस्तावित प्रतिबंध टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, यूट्यूब और एक्स जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। हालांकि, WhatsApp और Signal जैसी मैसेजिंग सेवाएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी। सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए लाइव-स्ट्रीमिंग और अजनबियों से संवाद की सुविधा देने वाले कुछ गेमिंग फीचर्स पर भी सख्त नियंत्रण लागू करेगी। ब्रिटिश सरकार ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अनुसरण करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया था और ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। सरकार के अनुसार इस वर्ष के अंत तक आवश्यक नियम तैयार कर लिए जाएंगे और अगले वर्ष वसंत तक प्रतिबंध लागू किया जा सकता है। नई नीति से पहले सरकार ने शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से व्यापक परामर्श किया। 1.16 लाख से अधिक प्रतिक्रियाओं में 83% अभिभावकों ने माना कि सोशल मीडिया के जोखिम उसके लाभों से अधिक हैं, जबकि 90% ने 16 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का समर्थन किया। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को 4 साल जेल: दो रेप मामलों में दोषी करार; दो आरोपों से बरी
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी को ओस्लो जिला अदालत ने दो बलात्कार मामलों में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल की सजा सुनाई है। 29 वर्षीय होइबी को कई अन्य अपराधों में भी दोषी पाया गया, हालांकि अदालत ने उन्हें दो अन्य रेप मामलों में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से 7 साल 7 महीने की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने 18 महीने की सजा की दलील दी थी। बचाव पक्ष को फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। अदालत ने पाया कि होइबी ने दो महिलाओं के साथ उस समय यौन संबंध बनाए, जब वे या तो सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। इनमें एक मामला 2018 का है, जबकि दूसरा 2024 का। हालांकि, अदालत ने दो अन्य बलात्कार मामलों में होइबी को बरी कर दिया। इनमें एक मामला ओस्लो के होटल और दूसरा लोफोटेन द्वीप समूह में कथित घटना से संबंधित था। होइबी को अपनी पूर्व प्रेमिका और नॉर्वेजियन इन्फ्लुएंसर नोरा हाउकलैंड के साथ दुर्व्यवहार के मामले में भी दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें चार महिलाओं को कुल 6.40 लाख नॉर्वेजियन क्रोनर का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

अंतरिक्ष में उड़ान के लिए तैयार IIT कानपुर, छोटे सैटेलाइट के परीक्षण के लिए मिला करोड़ों का फंड

आईआईटी कानपुर अब अंतरिक्ष तकनीक को नई उड़ान देने को तैयार है। संस्थान के एसआईआईसी के स्टार्टअप ड्रीम एयरोस्पेस स्वदेशी उपग्रह प्रोपल्शन तकनीकों के विकास और व्यावसायिक उपयोग को गति देगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का फंड मिला है।

खुशखबरी! लखनऊ समेत 3 शहरों में बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क, पार्किंग संकट भी होगा दूर; जानें पूरा प्लान

यपी के तीन शहरों लखनऊ, कानपुर व आगरा में मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। यहां जरूरत के आधार पर मेट्रो चलाई जाएगी। लखनऊ में 170 किमी, कानपुर में 83 और आगरा में 89 किमी मेट्रो चलाने के लिए नई डीपीआर बनाई जा रही है।

ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन माना जा रहा है। इस फाइट कार्ड में कुल 7 मुकाबले हुए। मेन फाइट लाइटवेट चैंपियन रहे इलिया टोपुरिया और जस्टिन गेथजे के बीच हुई। 4 राउंड तक चले मुकाबले में अमेरिकी फाइटर गेथजे ने अपने स्पेनिश विरोधी टोपुरिया को हराकर उलटफेर किया। गेथजे को लाइटवेट टाइटल बेल्ट मिली, जबकि टोपुरिया को अपने करियर की पहली हार मिली। मुकाबले देखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनके कई सीनियर अफसर, खास मेहमान और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद थे। पहले मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डाउकस को नॉकआउट कर दिया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच से प्रतिद्वंद्वी को गिराया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। जीत के तुरंत बाद बो निकल रिंग से बाहर आए और सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। UFC फाइट से जुड़ी 10 तस्वीरें…
ट्रम्प ने कहा- यह धरती का सबसे बड़ा शो राष्ट्रपति ट्रम्प और कई अधिकारियों ने आयोजन की तारीफ की। ट्रम्प ने इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया और ‘क्लॉ’ की तुलना पेरिस के एफिल टॉवर से की। वहीं विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने UFC को अमेरिका की सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर बताया। इस इवेंट में कुल 14 फाइटर ने हिस्सा लिया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिल सकता है। एक समय ऐसा था, जब इस खेल को प्रायोजकों और कई आयोजकों ने स्वीकार नहीं किया था। एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे कभी ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कहा था। 33 साल पहले शुरू हुआ था UFC का सफर अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी। उस दौर में बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसी अलग-अलग फाइटिंग शैलियों के समर्थक अपनी-अपनी तकनीक को सबसे प्रभावी बताते थे। इस पर काफी बहस होती थी कि असली मुकाबले में कौन-सा मार्शल आर्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए UFC का पहला टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञ रॉयस ग्रेसी चैंपियन बने। ग्रेसी शारीरिक रूप से कई प्रतिद्वंद्वियों से छोटे और हल्के थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक के दम पर बड़े और ताकतवर फाइटर्स को हराकर सबको चौंका दिया। समय के साथ खेल का स्वरूप भी बदल गया। अब फाइटर्स सिर्फ एक शैली पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किक बॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों को मिलाकर मुकाबला करते हैं। यही वजह है कि इसे आज ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ कहा जाता है। अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे हो रहे अमेरिका इस साल अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। अमेरिका जुलाई 1776 में ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था। आजादी के जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पूरे देश में एक साल से ज्यादा समय तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। UFC इवेंट भी इसी जश्न का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन प्रमुख आकर्षण के तौर पर पेश कर रहा है। अमेरिका की स्थापना का आधार माने जाने वाले ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पर 4 जुलाई 1776 को हस्ताक्षर हुए थे। इसी की 250वीं सालगिरह के मौके पर देशभर में परेड, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित किए जाएंगे। व्हाइट हाउस ने ‘टास्क फोर्स 250’ बनाई है, जो संघीय सरकार, राज्यों, निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजन कर रही है। ——————————– UFC से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में फाइटिंग कराएंगे:मुकाबले के लिए स्टेज तैयार हो रहा, 1 लाख लोग फ्री में मुकाबला देखेंगे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। इस मौके पर व्हाइट हाउस में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) के मुकाबले करााए जाएंगे। UFC दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Iran US Deal: ‘डील पूरी, होर्मुज से निकलने की जहाज कर लें तैयारी’, अमेरिका-ईरान जंग पर लगा विराम; डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान

US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच करीब 4 महीनों से चल रहा युद्ध अब खत्म होने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक समझौते का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ डील पूरी हो गई है।डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘इस्लामिक

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पीएम मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान:‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ से नवाजे गए; दोनों देशों के बीच 11 समझौते हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया। पीएम मोदी यहां दो दिन के दौरे पर आए थे। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा – वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। इससे पहले मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया। भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ब्रातिस्लावा में मोदी के स्वागत की 7 तस्वीरें… जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी के बयान की 5 बातें स्लोवाकिया में 9 हजार से ज्यादा भारतीय स्लोवाकिया में 9,200 से ज्यादा भारतीय रहते हैं। स्लोवाकिया में भारतीय आईटी सेवाओं, डेवलपमेंट सेंटर्स और तकनीकी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। स्लोवाकिया के शेंगेन (यूरोपी देशों का समूह जहां एस वीजा से एंट्री मिलती है) देश होने की वजह से भारतीयों को एक ही वीजा पर 26 देश घूमने की सुविधा मिलती है। 2025 में भारत-स्लोवाकिया के बीच ₹17 हजार करोड़ का व्यापार मोदी-मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक, 13 बड़े समझौते हुए रविवार को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई। दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की है। इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। इनोवेशन प्रोग्राम में PM बोले- दोनों देशों का विजन एक, 5 बड़ी बातें मैक्रों बोले- दुनिया भारत के साथ इनोवेशन करना चाहती है, 5 बड़ी बातें फ्रांस से 114 राफेल विमानों की डील पर चर्चा भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमान को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बैठक में राफेल के मुद्दे पर खास चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पूरा ध्यान ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर है। भारत चाहता है कि डिफेंस प्रोजेक्ट्स में डिजाइनिंग से लेकर विमान बनाने तक का सारा काम दोनों देश मिलकर करें। इनमें सबसे अहम वायु सेना के लिए 114 रफाल की डील है। करीब सवा 3 लाख कराेड़ रुपए के इस सौदे में भारत विमानों के साझा विकास और उत्पादन के अलावा टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर चाहता है। जरूरतों के हिसाब से इन विमानों पर मिसाइलें और अन्य हथियार लगाने के लिए सोर्स कोड को लेकर भी भारत अपना रुख स्पष्ट करेगा। मोदी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) ने अभी तक इस डील पर मुहर नहीं लगाई है। भारत और फ्रांस बना सकते हैं एआई का ओपन सोर्स मॉडल अभी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दो बड़े मॉडल हैं। पहला- अमेरिकी, जो पूरी तरह से निजी कॉर्पोरेट्स के मुनाफे पर टिका है और दूसरा चीनी, जो सरकारी नियंत्रण पर आधारित है। लेकिन, भारत और फ्रांस दुनिया को तीसरा यानी ओपन सोर्स मॉडल देने की तैयारी में हैं। मोदी ने कहा कि एक दशक पहले तक भारत को दुनिया एक ‘टेक्नोलॉजी अडॉप्टर’ मानती थी, लेकिन आज भारत ‘टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर’ (समाधान देने वाला) बन चुका है। वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को बताते हुए कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाला यह देश हर साल 10 लाख से ज्यादा इंजीनियर तैयार करता है, जो पूरे यूरोप और अमेरिका को मिलाकर बराबर हैं। PM का फ्रांस दौरा, 5 तस्वीरें… G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल होंगे भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं। इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है। भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था। ……………………

ट्रम्प बोले- ईरान से समझौता साइन हो चुका:शुक्रवार तक हॉर्मुज पूरी तरह खुल जाएगा; दोबारा हमला करना पड़ा, इसका दुख है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ समझौता पूरी तरह साइन हो चुका है। G7 समिट के लिए फ्रांस पहुंचे ट्रम्प ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट आंशिक रूप से खुल चुका है और शुक्रवार तक पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी रही, लेकिन बीच में अमेरिका को दो रात सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा, “हमारी ईरान के साथ बहुत अच्छी बन रही थी। मुझे दुख हुआ कि हमें दो रात के लिए वापस जाकर हमला करना पड़ा।” उधर, रॉयटर्स के मुताबिक एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रम्प, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ समझौते पर डिजिटिल साइन कर चुके हैं। अधिकारी ने कहा कि समझौते का पूरा ब्योरा अगले 24-48 घंटे में जारी किया जाएगा, जबकि सप्ताह के अंत में तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी। ईरान ने दस्तखत करने से पहले 3 शर्तें रखीं ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की अमेरिका-ईरान की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका पहले अपने तीन वादे पूरे करता है या नहीं। गरीबाबादी के मुताबिक अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर टीम इंडिया ने किया महिला T-20I विश्वकप का आगाज

INDvsPAK

INDvsPAK महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में भारत ने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर आगाज किया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर  170 रन बनाए इसके जवाब में पाकिस्तान की पूरी पारी 17 ओवर में 106 रनों पर आउट हो गई। 

गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 10 रन देकर 5 विकेट झटके साथ ही एक रन आउट भी किया। 170 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने पहले 6 ओवर में तो 52 रन बनाकर सिर्फ एक ही विकेट खोया था लेकिन स्पिन के सामने उनकी कमजोरी सामने आ गई और 7वें से 17वें ओवर तक वह सिर्फ 54 रन बनाकर 9 विकेट गंवा गए। पाक की ओर से सर्वाधिक 41 रन मुनीबा ने बनाए।

श्री चरनी ने 21 रन पर तीन विकेट लेकर दीप्ति का बखूबी साथ दिया।पाकिस्तान की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की थी और मुनीबा को दो जीवनदान भी मिले। लेकिन दीप्ति शर्मा ने आक्रमण पर आने के बाद पाकिस्तान को दोहरा झटका दिया और इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने पाकिस्तान की टीम पर शिकंजा कस लिया और भारत ने जीत के साथ विश्व कप का आग़ाज़ किया। मुनीबा 41 रन बनाकर पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष करने वाली एकमात्र खिलाड़ी रहीं।आलिया रियाज ने 17 गेंदों पर 18 रन बनाये। दीप्ति ने 17 वें ओवर में तीन विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी समेट दी।

इससे पहले सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के अर्धशतक से भारत ने आईसीसी टी20 महिला विश्व कप के ग्रुप एक मैच में रविवार को यहां पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 170 रन बनाए। यह भारत का टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर है।

स्मृति ने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 44 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों से 68 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर (36 रन, 35 गेंद, चार चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी भी की। ऋचा घोष ने अंत में 17 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के से 34 रन की पारी खेली। उन्होंने दीप्ति शर्मा (नाबाद 12) के साथ छठे विकेट के लिए सिर्फ 21 गेंद में 45 रन की तेजतर्रार साझेदारी भी की।

पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना ने 33 जबकि बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने 41 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। रमीन शमीन (30 रन पर एक विकेट) और तस्मिया रुबाब (41 रन पर एक विकेट) ने एक-एक विकेट हासिल किया।

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स्मृति मंधाना की 68 रनों की विस्फोटक पारी से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 170 रनों तक

INDvsPAK ओपनर स्मृति मंधाना (68), कप्तान हरमनप्रीत कौर (36) और ऋचा घोष (34) की शानदार पारियों से भारत ने महिला टी 20 विश्व कप में रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 170 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत की और 18 रन तक दो विकेट गंवा दिए। लेकिन मंधाना ने 44 गेंदों में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत ने 35 गेंदों पर 36 रन में चार चौके लगाए। ऋचा ने आखिर में आतिशी तेवर दिखाते हुए मात्र 17 गेंदों पर 34 रन में पांच चौके और एक छक्का मारा।

भारत को शेफ़ाली वर्मा और जेमिमा रॉड्रिग्स के रूप में शुरुआती झटके लगे । हालांकि इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बीच साझेदारी पनप गई। पहले 10 ओवर में भारत ने दो विकेट के नुक़सान पर 65 रन बना लिए थे और इसके बाद मंधाना और हरमनप्रीत दोनों ने मिलकर भारत की पारी को गति दी। मंधाना ने मात्र 34 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। हालांकि मंधाना को दो जीवनदान भी मिले।

मंधाना के आउट होने के बाद जल्द ही भारती फ़ुलमाली और हरमनप्रीत के रूप में भारत को झटका लगा। लेकिन घोष की 17 गेंदों पर 34 रनों की आक्रामक पारी की बदौलत भारत ने एक बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया जो कि टी20 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का सर्वोच्च स्कोर भी है। पाकिस्तान ने टी20 में सर्वश्रेष्ठ चेज़ 156 के लक्ष्य का किया है।

रिचा घोष की 17 गेंदों में 34 रन की पारी और आखिरी दो ओवरों में बने 38 रनों की बदौलत भारत एक अच्छा स्कोर बनाने में कामयाब रहा। भारत ने 19 वें ओवर में कुल 23 रन बटोरे जिसमें ऋचा ने तीन चौके और एक छक्का लगाया।