सासन गीर और गिरनार जंगल सफारी 4 महीने के लिए बंद; 15 अक्टूबर तक नहीं दिखेंगे एशियाई शेर

Sasan Gir Gate Closed for Tourists

सासन गीर और गिरनार जंगल में घूमने तथा एशियाई शेरों के दीदार करने जाने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। वन विभाग द्वारा आज शाम से सासन गीर और गिरनार जंगल सफारी को अगले चार महीनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के मुताबिक अब 15 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए लायन सफारी भी बंद रहेगा। हर साल मानसून के मौसम के दौरान लिया जाने वाला यह निर्णय वन्यजीवों की सुरक्षा, प्राकृतिक प्रक्रियाओं के संरक्षण और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

 

भारी बारिश और कच्चे रास्ते टूटने का खतरा

वन विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान जंगल क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना होने के कारण सफारी मार्गों पर इसका सीधा असर पड़ता है। विशेष रूप से जंगल के कच्चे रास्ते भारी बारिश के कारण बह जाने या कीचड़ होने की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे वाहनों की आवाजाही अत्यंत खतरनाक हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सफारी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है।

 

जंगल की नदियों में बाढ़ आने की संभावना

सासन गीर और गिरनार जंगल क्षेत्र में बहने वाली हिरण, शिंगोडा, मच्छुन्द्री और रावल नदियों में मानसून के दौरान भारी बाढ़ आने की संभावना रहती है। नदियों में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ जाने से जंगल के कई निचले इलाकों में बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। ऐसी स्थिति में सफारी के लिए जाने वाले वाहनों और पर्यटकों की सुरक्षा बनाए रखना मुश्किल हो सकता है, इसलिए वन विभाग द्वारा एहतियात के तौर पर सफारी को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है।

 

वन्यजीवों के प्रजनन काल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

मानसून का मौसम पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि के दौरान जंगल में प्राकृतिक प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं और शेरों सहित कई जानवरों के लिए यह प्रजनन (Breeding Season) और निवास का एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। वन्यजीवों को इन दिनों किसी भी प्रकार का मानवीय व्यवधान न हो और जंगल का प्राकृतिक संतुलन बना रहे, इसके लिए भी सफारी पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

edited by : Nrapendra Gupta