Stock Market Recovery: दो सेक्टर की गिरावट को थाम लिया अकेले, Sensex ने निचले स्तर से की वापसी, Nifty भी ग्रीन

Stock Market Recovery: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल खुले। हालांकि शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ये ग्रीन हो गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी एक बार फिर 24100 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मार्केट में रौनक बनी हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में तो अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से कम बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 68.59 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 77,162.66 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 22.95 प्वाइंट्स यानी 0.10% की तेजी के साथ 24,125.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 215.41 प्वाइंट्स टूटकर 76,878.66 तक आ गया था जिससे 313.97 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,192.6 तक पहुंचा तो निफ्टी 50 भी 62.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,040.05 तक आया था जिससे यह 95.45 प्वाइंट्स चढ़कर 24,135.50 तक पहुंच गया।

Stock Market Recovery: ये है वजह

कच्चे तेल में फिसलन

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत आगे बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे कच्चा तेल का भाव आज भी नरम पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में ब्रेंट क्रूड एक समय उछलकर प्रति बैरल $120 के करीब पहुंच गया था लेकिन अब यह टूटकर $78 के भी नीचे आ चुका है।

Pharma Sector ने मार्केट को खींच लिया ऊपर

निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट को फार्मा सेक्टर ने अकेले संभाल लिया जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी पीएसयू बैंक में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है लेकिन निफ्टी रियल्टी में 1% से अधिक उछाल है।

वैल्यू बाइंग

मार्केट में आज शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स की नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। India VIX फिलहाल 2.49% की गिरावट के साथ 12.52 पर है। इसके अधिक होने का मतलब आने वाले दिनों में वोलैटिलिटी के हाई होने और कम होने का मतलब वोलैटिलिटी के कम होने की संभावना है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: 24000 के ऊपर बने रहने तक निफ्टी में तेजी की उम्मीद रहेगी कायम, 24500 पर अगला अहम रेजिस्टेंस

Trading Plan: बाजार में तेजी का दौर जारी रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी 50 अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है और वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX भी नीचे है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के रुख को ‘साइडवेज-टू-पॉजिटिव'(सपाट से पॉजिटिव) बता रहे हैं। जब तक निफ्टी 24,000 से ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें 24,200–24,300 के जोन (जो एक तत्काल रेजिस्टेंस है) तक तेजी आ सकती है। इसके बाद 24,500 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर सामने आएगा। निचले स्तर पर 23,800 के अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करने की उम्मीद है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500–59,000 के जोन की ओर बढ़ने के लिए 58,000 के ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,इंडेक्स के लिए सपोर्ट 57,000–56,800 की रेंज में है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स और क्वांट रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट और हेड जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इसे एक बार फिर 24,200 के लेवल के पास सप्लाई का सामना करना पड़ा,जो शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। हाल ही में,इंडेक्स 23,800 के लेवल से पलटा और अब 24,000 के निशान से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जहां सबसे ज्यादा कुल ‘पुट बेस’है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म रेंज 24,000–24,200 के बीच दिख रही है,जबकि महीने की बड़ी रेंज 23,800–24,500 है।

कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इंडिया VIX और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जैसी कई वजहें इस बढ़त को सपोर्ट कर रही हैं। हालांकि,US डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी इक्विटी के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है। इसलिए,उम्मीद है कि मार्केट निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज)में ही रहेगा। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल को पार करता है,तो इसमें 24,500 की ओर और तेजी आ सकती है। वहीं,अगर इंडेक्स इस लेवल को पार नहीं कर पाता है,तो कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हाल के निचले स्तर 23,072 से शुरू हुई रैली का आखिरी लक्ष्य 24,800–25,000 बना हुआ है। इसलिए,हमारा नजरिया पॉज़िटिव बना हुआ है और हम’बाय-ऑन-डिप्स'(गिरावट पर खरीदारी)की रणनीति अपनाने की सलाह है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000, 23,800

स्ट्रैटेजी: 24,000 के आस-पास निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,800 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,200 व 24,500 का टारगेट सेट करें।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि तेजी के इस दौर में बैंक निफ्टी,निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसमें सबसे पहले रिकवरी आई थी और यह अभी भी मजबूती से ट्रेड कर रहा है। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 1 से ऊपर 1.08 पर है,जो तेजी का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने 57,000 के’मैक्सिमम पेन लेवल’से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिसके शॉर्ट-टर्म सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है।

मौजूदा सीरीज के लिए ऊपर की तरफ,58,000 के स्ट्राइक पर’कॉल बेस’काफी मज़बूत है और यह शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इस लेवल के ऊपर जाने पर ही और शॉर्ट कवरिंग शुरू होने की संभावना है,जिससे इंडेक्स 59,000 और 60,000 के लेवल तक जा सकता है। तब तक,57,000 और 58,000 के लेवल के बीच कंसोलिडेशन की संभावना ज्यादा है।

57,500 और 58,000 के स्ट्राइक पर पुट में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि,अभी 58,000 के स्ट्राइक पर’कॉल’राइटर्स का पलड़ा भारी है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो जब तक 55,000 का लेवल नहीं टूटता,तब तक ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा और 60,000 व 61,000 के टारगेट बने रहेंगे। फिलहाल,रणनीति यही है कि गिरावट पर खरीदारी करें या फिर 58,000 के ऊपर’ब्रेकआउट’होने पर खरीदें।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 60,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स को 58,000 के ऊपर या 57,000 के आस-पास गिरावट पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 56,000 के नीचे और टारगेट 60,000 रखें।

 

 

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Trading Plan: क्या प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में फिर आएगी तेजी?

Trading Plan:अच्छे टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के कारण ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,इसलिए प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के एक दिन बाद मार्केट के फिर से ऊपर जाने की उम्मीद है। हालांकि,अपट्रेंड कब तक बना रहता है,यह देखने वाली बड़ी बात होगी। निफ्टी को 24,150–24,200 और उसके बाद 24,500 के लेवल तक संभावित बढ़त के लिए 24,000 के अहम लेवल को बनाए रखना होगा। हालांकि,अगर यह 24,000 से नीचे आता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर गिर सकता है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,000 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यह 58,800 की ओर और ऊपर जाने के लिए एक अहम लेवल है। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 57,200 पर है और उसके बाद 56,800 पर अगला सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एंजेल वन में टेक्निकल एनालिस्ट (इक्विटी और डेरिवेटिव्स) हितेश राठी का कहना है कि आखिरी ट्रेडिंग सेशन में दिखी कमजोरी और वीकली क्लोजिंग के आधार पर 24,100 के ऊपर का लेवल बनाए न रख पाने की वजह से,निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर थोड़ा अनिश्चित सा हो गया है। वीकली चार्ट पर’डोजी कैंडलस्टिक’का बनना बुल्स और बेयर्स के बीच दुविधा को दिखाता है,जिससे पता चलता है कि आक्रामक पोजीशन लेने से पहले दिशा का स्पष्ट संकेत मिलना जरूरी है।

इंडेक्स को अभी भी ऊपर की तरफ मज़बूत रुकावट (रेज़िस्टेंस) का सामना करना पड़ रहा है। पहली रुकावट अप्रैल और मई के’स्विंग हाई’को जोड़ने वाली नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से आ रही है,जो 100 DEMA के साथ भी मेल खाती है। पॉइंट एंड फ़िगर चार्ट पर भी,उसी इलाके में 45-डिग्री की गिरती हुई ट्रेंडलाइन की मौजूदगी 24,050–24,150 के रेज़िस्टेंस जोन की अहमियत को और बढ़ा देती है।

आगे भी सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 24,150 के स्तर के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता,तब तक आक्रामक पोजीशन लेने से बचना और इसके बजाय मजबूत सपोर्ट जोन के पास मौकों की तलाश करना समझदारी होगी। लेवल की बात करें तो,तत्काल सपोर्ट 23,900 के पास है और उसके बाद 23,710–23,620 जोन में एक मज़बूत सपोर्ट बैंड है। ऊपर की तरफ,पिछले सेशन का 24,200 के आस-पास का हाई तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है और इसके बाद 24,450–24,500 के जोन में अगला बड़ा रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,180, 24,450

अहम सपोर्ट: 23,900, 23,650

स्ट्रैटेजी: 23,900 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,23,800 पर स्टॉप-लॉस रखें और 24,150–24,200 के जोन के पास प्रॉफिट बुक करें।

Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

हितेश राठी का कहना है कि हालांकि बैंकिंग इंडेक्स में बीते हफ्ते अच्छी बढ़त रही। लेकिन पिछले हफ्ते आई 4 प्रतिशत से ज़्यादा की जबरदस्त तेजी की तुलना में,तेजड़ियों के लिए यह दौर ज्यादातर सुस्ती या ठहराव वाला रहा। ज्यादातर बढ़त हफ्ते की शुरुआत में’गैप-अप ओपनिंग’की वजह से हुई,जिसके बाद डेली चार्ट पर कीमतें छोटी बॉडी वाली कैंडल के साथ ट्रेड करती रहीं। इसका नतीजा वीकली चार्ट पर एक क्लासिकल ‘डोजी'(Doji) फ़ॉर्मेशन के तौर पर सामने आया,जो आम तौर पर अनिर्णय की स्थिति का संकेत देता है।

हालांकि,इस पैटर्न के बावजूद,बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर की मजबूती को देखते हुए हमारा नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। बीते हफ्ते,बैंक निफ्टी अप्रैल के स्विंग हाई 57,456 के ऊपर बंद हुआ,जिससे डेली चार्ट पर एक बड़ा’हायर टॉप-हायर बॉटम’पैटर्न कन्फर्म हुआ। इसके अलावा,कीमतें लॉन्ग-टर्म 200-DSMA के ऊपर भी बनी हुई हैं,जो अप्रैल की रैली के दौरान एक मजबूत रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। यह इवेंट कई टाइमफ्रेम में तेजी के रुझान के मजबूत होने का संकेत देता है।

मूविंग एवरेज का स्ट्रक्चर भी अब फेवरेबल हो गया है। इस हफ्ते इंडेक्स में 20-DEMA और 50-DEMA के बीच बुलिश क्रॉसओवर देखा गया,साथ ही 20-DEMA भी 89-DEMA के ऊपर क्रॉसओवर के करीब पहुंच रहा है। ये बातें पॉजिटिव ट्रेंड को और मज़बूत करती हैं। एक और अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 61,679 के ऑल-टाइम हाई से 49,955 के हालिया निचले स्तर तक आई पूरी गिरावट के 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर आसानी से बना हुआ है,जो यह बताता है कि मेन अपट्रेंड फिर से शुरू हो गया है।

लेवल की बात करें तो इस हफ़्ते 200-DSMA के पास बना बुलिश गैप 57,000–56,700 की रेंज में एक अहम सपोर्ट जोन का काम कर सकता है। ऊपर की तरफ़, रिट्रेसमेंट प्रोजेक्शन और गैप थ्योरी के आधार पर 58,500–59,500 का जोन अगला अहम रेजिस्टेंस एरिया माना जा रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,400, 59,200

अहम सपोर्ट: 57,400, 56,800

स्ट्रैटेजी: 57,400 के आस-पास गिरावट आने पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 57,150 पर स्टॉप-लॉस रखें और 58,000 के स्तर के पास प्रॉफिट बुक करें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।