सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

 

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

 

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है।

प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

 

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क-मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।

BrahMos बनी ग्लोबल सेंसेशन, UAE भारत से खरीदेगा ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर!

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस पर तबाही मचाने लाली ब्रह्मोस मिसाइल ग्लोबल सेंसेशन बन गई है। दुनिया के कई देश भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में दिलचस्पी दिखाई है। कुछ दिनों पहले भारत और वियतनाम की बीच BrahMos मिसाइल सप्लाई की बड़ी डिफेंस डील पर सहमती बनी है। वहीं अब इस मिसाइल को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और UAE के बीच रक्षा क्षेत्र में नई बातचीत शुरू हुई है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE भारत की ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है।

UAE ने दिखाई दिलचस्पी

यूएई पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करना चाहता है। बताया गया है कि अबू धाबी ने भारत के कई रक्षा उपकरणों और हथियार प्रणालियों में रुचि दिखाई है। हालांकि यह बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ईरान-इजराइल जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी वजह से UAE अपनी सैन्य ताकत मजबूत कर रहा है।

दोनों देशों के बीच चल रही है बातचीत

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि यूएई ने भारत के कई आधुनिक रक्षा उपकरणों में रुचि दिखाई है। इनमें ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर वायु रक्षा प्रणाली प्रमुख हैं। सूत्र ने कहा कि भारत और यूएई के बीच इस विषय पर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है। इसकी खासियत यह है कि इसे जमीन, समुद्र और लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है। वहीं, आकाशतीर एक स्वदेशी वायु रक्षा कमांड और कंट्रोल सिस्टम है, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने भारतीय सेना के साथ मिलकर तैयार किया है। यह प्रणाली हवाई खतरों की निगरानी और उनसे निपटने में सेना की मदद करती है।

यूएई लगातार मजबूत कर रहा अपनी सुरक्षा

हाल के क्षेत्रीय तनाव और ईरान के हमलों के बाद यूएई अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहता है। साथ ही वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। यह समुद्री मार्ग यूएई के ऊर्जा निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल की शुरुआत में अबू धाबी ने दक्षिण कोरिया के साथ 35 अरब डॉलर से अधिक के रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। संघर्ष और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली संस्था ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ की दक्षिण एशिया विशेषज्ञ पर्ल पांड्या ने कहा कि अलग-अलग देशों से रक्षा उपकरण खरीदने से यूएई को रणनीतिक रूप से अधिक स्वतंत्रता मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मजबूत संबंधों का एक फायदा यह भी है कि इससे अमेरिका को कोई आपत्ति नहीं होती, क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच भी अच्छे सहयोगी संबंध हैं।

भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

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इन तीन युद्धपोतों में स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी (INS Dunagiri), सर्वे वेसल (लार्ज) संशोधक (INS Sanshodhak) और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे (INS Agray) शामिल हैं। ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

नौसेना द्वारा जारी वीडियो में INS Dunagiri को एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोत बताया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मिडियम रेंज सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। यह युद्धपोत भारतीय स्टील्थ तकनीक से लैस है और लंबी अवधि के समुद्री अभियानों में सक्षम है।

 

INS Sanshodhak को समुद्री सर्वेक्षण के लिए तैयार किया गया है, जो समुद्र की गहराई और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने में उपयोग होगा। वहीं INS Agray को उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तीनों जहाज “आत्मनिर्भर भारत” के प्रतीक हैं और अब भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि देश की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है और भारतीय इंजीनियरों, श्रमिकों और उद्योगों की मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

Defence Stock: भारत फोर्ज की बड़ी डिफेंस डील, अमेरिका की AM General के साथ मिलकर बनाएगी घातक हथियार

Defence Stock: घरेलू डिफेंस भारत फोर्ज की डिफेंस यूनिट Kalyani Strategic Systems Ltd (KSSL) ने अमेरिकी आर्मी के लिए गाड़ियां बनाने वाली कंपनी AM General के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित Eurosatory डिफेंस एक्सपो के दौरान हस्ताक्षर किए गए।

दोनों कंपनियों का लक्ष्य दुनिया भर की सेनाओं को मोबाइल आर्टिलरी गन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। फोकस 155mm आर्टिलरी सिस्टम पर रहेगा। इन्हें अलग-अलग इलाकों और हर तरह के मौसम में आसानी से तैनात किया जा सकेगा।

क्या बनाएंगी दोनों कंपनियां?

इस साझेदारी के तहत AM General ने अमेरिकी सेना के Mobile Tactical Cannon (MTC) प्रोग्राम के लिए प्रस्ताव भी जमा किया है।

इस प्रस्ताव में KSSL के Mounted Artillery Gun (MArG) प्लेटफॉर्म पर आधारित 155mm Mobile Tactical Cannon सिस्टम विकसित करने की योजना है। अगर अमेरिकी सेना इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसकी डिलीवरी 2027 में शुरू हो सकती है।

MArG सिस्टम की खासियत क्या है?

दोनों कंपनियों के मुताबिक MArG प्लेटफॉर्म में 52-कैलिबर की 155mm तोप लगी है। इसमें रिकॉइल कम करने वाली तकनीक दी गई है। साथ ही ऑटोमेटेड लोड-असिस्ट सिस्टम और ऑल-वेदर फायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है।

यह सिस्टम 40 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक स्टैंडर्ड हाई-एक्सप्लोसिव गोले दाग सकता है। इसकी एक और बड़ी खासियत यह है कि यह 20 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल और प्रोपेलेंट चार्ज अपने साथ ले जा सकता है।

Bharat Forge ने क्या कहा?

Bharat Forge के वाइस चेयरमैन और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने कहा कि AM General के साथ यह साझेदारी कंपनी की एडवांस्ड आर्टिलरी तकनीक और क्षमताओं पर भरोसे को दिखाती है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आधुनिक युद्ध की जरूरतों के मुताबिक तकनीक विकसित करने और युद्ध में परखे गए समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

AM General ने क्या कहा?

AM General के प्रेसिडेंट और CEO जॉन चैडबोर्न ने कहा कि KSSL के साथ यह साझेदारी मित्र देशों और उनके सैनिकों को बेहतर सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।

उन्होंने कहा कि कंपनी की पेटेंटेड सॉफ्ट रिकॉइल तकनीक और KSSL के आधुनिक प्लेटफॉर्म का मेल युद्धक्षेत्र में बड़ा फायदा दे सकता है। इससे सेनाओं को नई और अधिक प्रभावी क्षमता मिलेगी।

वैश्विक बाजार पर नजर

दोनों कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद MArG प्लेटफॉर्म की वैश्विक पहुंच बढ़ाना है। साथ ही दुनिया भर में मोबाइल आर्टिलरी सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा करना भी इसका लक्ष्य है।

कंपनियों को उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म मित्र देशों और साझेदार देशों की सेनाओं के बीच अच्छी मांग हासिल कर सकता है।

शेयर का क्या रहा हाल?

Bharat Forge का शेयर 18 जून को NSE पर 0.85% की गिरावट के साथ 2,017.20 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 43.32% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में करीब 55% रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 96.67 हजार करोड़ रुपये है।

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वर्ल्ड अपडेट्स:ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराए, 6 की मौत; पार्किंग में गिरने से 20 गाड़ियां जलीं

ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में रविवार सुबह दो हेलिकॉप्टर हवा में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। दोनों हेलिकॉप्टर शहर के पश्चिमी इलाके में स्थित एक इलेक्ट्रिक वाहन डीलरशिप की पार्किंग में जा गिरे। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। दमकल विभाग के मुताबिक, टक्कर के बाद हेलिकॉप्टरों में आग लग गई, जो देखते ही देखते पार्किंग में खड़ी गाड़ियों तक फैल गई। आग की चपेट में आने से कम से कम 20 वाहन जलकर खाक हो गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, एक हेलिकॉप्टर जमीन पर गिरते ही फट गया, जिसके बाद आसपास खड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी आग लग गई। हादसे के बाद इलाके में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को भी खाली कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए सभी लोग दोनों हेलिकॉप्टरों के क्रू मेंबर थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हवा में दोनों हेलिकॉप्टरों की टक्कर कैसे हुई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस फायरिंग में 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई-पाकिस्तानी बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने परिवार की कार को लुटेरों का वाहन समझकर उस पर गोलियां बरसा दीं। घटना में बच्ची के पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना 10 जून को चकवाल जिले में हुई। पुलिस के अनुसार, अदील अहमद अपनी पत्नी, 9 वर्षीय बेटी हानिया और 10 वर्षीय बेटे आफान के साथ कार से रिश्तेदार के घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद अदील ने पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया। सूचना मिलने पर क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उसने परिवार की कार को ही संदिग्ध मान लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों से छलनी हुई कार में बैठी हानिया की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मां सुरक्षित हैं। पुलिस ने मामले में फायरिंग करने वाले एक CCD अधिकारी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। लंदन में 26 साल के भारतीय युवक की चाकू मारकर हत्या; 7 लोगों को हिरासत में लिया गया ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 26 साल के भारतीय मूल के युवक गुरभेज सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके से 20 से 30 साल की उम्र के 7 लोगों को हत्या के शक में हिरासत में लिया था। जांच के बाद 6 लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि एक व्यक्ति को जमानत पर रिहा किया गया है। उससे आगे भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, गुरभेज सिंह पर करीब रात 12:30 बजे हमला हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। घटना में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद अब वह खतरे से बाहत है। पुलिस ने बताया कि गुरभेज सिंह के परिवार को सहायता दी जा रही है और हमले की पूरी वजह जानने के लिए जांच जारी है। बंजी जंप से पहले रस्सी बांधना भूले कर्मचारी, 130 फीट नीचे गिरकर 21 साल की युवती की मौत ब्राजील में बंजी जंप के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास की मौत हो गई। आरोप है कि कर्मचारियों ने सुरक्षा रस्सी लगाए बिना ही उसे पुल से कूदने के लिए छोड़ दिया। मारिया करीब 130 फीट नीचे खाई में गिर गई। मौके पर पहुंची राहत टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया है। यह हादसा साओ पाउलो राज्य के स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मारिया को पुल के किनारे ले जाया गया और फिर नीचे छोड़ दिया गया। तभी लोगों को पता चला कि सुरक्षा रस्सी उससे जुड़ी ही नहीं थी। रेयर अर्थ की तलाश में ग्रीनलैंड पहुंचेगा जापान का दल जापान इस गर्मी में ग्रीनलैंड में रेयर अर्थ खनिजों के संभावित खनन का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहा है। निक्केई की रिपोर्ट के मुताबिक, दल में सरकारी अधिकारी, ट्रेडिंग कंपनियों के प्रतिनिधि और ऊर्जा-सुरक्षा एजेंसी के सदस्य शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यह दल ग्रीनलैंड के स्थानीय सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर खनन संभावनाओं का आकलन करेगा। ग्रीनलैंड लंबे समय से अपने संभावित रेयर अर्थ भंडारों के कारण वैश्विक शक्तियों की रुचि का केंद्र रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा उपकरणों, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्र में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत के चलते दुनिया भर में इनके नए स्रोत तलाशे जा रहे हैं। ग्रीनलैंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और संभावित खनिज संपदा इसे वैश्विक शक्तियों के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।

विकास और विरासत: मोदी युग में नए भारत का नव-उदय

PM Narendra Modi

PM Narendra Modi

भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में दर्ज होगा। लगातार तीसरे कार्यकाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए देश में सबसे लंबे समय तक चुने जाने वाले राष्ट्रप्रमुख बन जाएंगे। पीएम मोदी का यह कार्यकाल केवल एक संख्यात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के उस अटूट विश्वास का प्रमाण है, जिसने भारत को प्रगति और वैश्विक नेतृत्व के शिखर पर पहुंचाया है। इस शासन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि नरेंद्र मोदी ने स्वयं को हमेशा 'प्रधान सेवक' के रूप में प्रस्तुत किया और स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33% महिला आरक्षण) तथा 'मन की बात' जैसे अभियानों के माध्यम से शासन को सीधे जन-भागीदारी से जोड़ दिया।

 

तकनीक से सामाजिक न्याय और अंत्योदय

आर्थिक और सामाजिक न्याय के मोर्चे पर, सरकार ने जनधन-आधार-मोबाइल यानी 'जैम ट्रिनिटी' की त्रिशक्ति से बिचौलियों और भ्रष्टाचार के पुराने तंत्र को समूल नष्ट कर दिया। डिजिटल तकनीक और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे जरूरतमंदों के खातों में पहुंच रहा है। इसके फलस्वरूप पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर आए हैं।

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वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर हर नागरिक को सम्मानित जीवन देने के लिए सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं ने धरातल पर करोड़ों जीवन बदले हैं। मुख्य योजनाओं की पहुंच को हम इन सीधे आंकड़ों से समझ सकते हैं: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (80 करोड़ मुफ्त राशन लाभार्थी), आयुष्मान भारत योजना (55 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवच), प्रधानमंत्री आवास योजना (4 करोड़ से अधिक पक्के मकान), पीएम-किसान निधि (11 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 की सीधी मदद), जल जीवन मिशन (14 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल), उज्ज्वला योजना (10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन), पीएम सूर्य घर योजना (1 करोड़ घरों को मुफ्त सौर बिजली) और जनधन योजना (50 करोड़ से अधिक बैंक खाते) आदि हैं।

 

बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता

दूसरी ओर, बुनियादी ढांचे के निर्माण में वर्तमान भारत ने जो गति पकड़ी है, वह पूरी दुनिया के लिए शोध का विषय है। आज देश में प्रतिदिन लगभग 28 से 30 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो रहा है; रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण के साथ 'वंदे भारत' जैसी स्वदेशी ट्रेनें दौड़ रही हैं और हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। यूपीआई (UPI) के माध्यम से आज भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान में सबसे आगे है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में पहले जहां केवल 7 एम्स (AIIMS) थे, वहीं अब 20 एम्स चालू हो चुके हैं। 'मेक इन इंडिया' की दूरदर्शी नीतियों के चलते भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश अब सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण के क्षेत्र में उतरकर वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर बन रहा है।

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विदेश नीति और वैश्विक नेतृत्व

वैश्विक मंच पर भारत की विदेश नीति 'राष्ट्र प्रथम' के महामंत्र पर आधारित है, जहां देश बिना किसी महाशक्ति के दबाव में आए स्वतंत्र निर्णय लेता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के संघर्षों और वैश्विक मंदी के बीच भी भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए कच्चे तेल का आयात जारी रखा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बना रहा। जी-20 की सफल अध्यक्षता करके भारत 'ग्लोबल साउथ' की सशक्त आवाज और 'विश्वमित्र' के रूप में उभरा है। यही कारण है कि पीएम मोदी को अब तक 24 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मई 2026 में उन्हें मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान (ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट) उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में 32वां सम्मान है।

 

एक ऐतिहासिक नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में होती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने रिकॉर्ड समय में दो प्रमुख टीकों- पूर्णतः स्वदेशी 'कोवैक्सीन' और भारत में निर्मित 'कोविशील्ड- का उत्पादन किया और 'वैक्सीन मैत्री' के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को टीके भेजकर 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को चरितार्थ किया।

 

विकास भी, विरासत भी

यह नेतृत्व 'विकास भी, विरासत भी' के संतुलित मंत्र पर चलता है। एक तरफ इसरो (ISRO) ने चंद्रयान, सूर्ययान और गगनयान जैसे ऐतिहासिक अभियानों से अंतरिक्ष में अपना परचम लहराया, तो दूसरी तरफ अयोध्या में भव्य प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम व महाकाल लोक का पुनरुद्धार और योग-आयुर्वेद को वैश्विक मान्यता दिलाकर देश के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित किया गया है।

 

इसी तरह, रक्षा क्षेत्र भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। 'मेक इन इंडिया' के तहत आईएनएस विक्रांत और तेजस जैसे हथियारों के निर्माण से जहां रक्षा आयात कम हुआ है, वहीं रक्षा निर्यात 21,000 करोड़ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पार कर चुका है। सीडीएस (CDS) पद का गठन, अटल व सेला टनल का निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाया है।

 

निष्कर्ष

अंततः, आज की यह ऐतिहासिक तिथि कोई ठहराव नहीं, बल्कि 'विकसित भारत @2047' के विराट संकल्प की ओर बढ़ने वाले एक अनंत रथ का नव-प्रस्थान है। आज का न्यू इंडिया एक हाथ में इसरो की आधुनिकतम तकनीक और दूसरे हाथ में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव थामे हुए वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा है। आगामी पीढ़ियां मोदी युग को इतिहास के पन्नों में राष्ट्र के सांस्कृतिक अरुणोदय और वैश्विक महाशक्ति के रूप में उसके सिंहनाद के रूप में याद रखेंगी।