Apple Watch Series 12 में भारत के लिए फिलहाल रोक दिया गया है यह खास फीचर, क्यों किया ऐसा कंपनी ने वजह भी बताई

Apple Watch Series 12: अमेरिकी टेक दिग्गज एपल ने अपनी नई Apple Watch Series 12 और Apple Watch Ultra 4 की बिक्री भारत में शुरू करने के साथ ही एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने बताया है कि इन नई स्मार्टवॉच का सबसे चर्चित हेल्थ फीचर हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की चेतावनी भारत में शुरुआत में उपलब्ध नहीं होगा।

कंपनी ने इस फीचर में हो रही देरी की आधिकारिक वजह बताते हुए स्पष्ट किया है कि यह फैसला नियामकीय मंजूरियों में आ रही प्रक्रिया के कारण लिया गया है।

क्यों अटका हाइपरटेंशन फीचर? एपल ने जारी किया बयान

एपल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ‘Apple Watch Series 12 और Ultra 4 के लिए हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन फीचर भारत में शुरुआत में उपलब्ध नहीं होगा, क्योंकि इस मॉडल के लिए अतिरिक्त नियामकीय मंजूरियों की प्रक्रिया अभी जारी है। भारत में इसकी उपलब्धता अगले साल (2027) तक होने की उम्मीद है।’

चूंकि हाइपरटेंशन फीचर सीधे तौर पर यूजर के हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा एक संवेदनशील मेडिकल नोटिफिकेशन है, इसलिए भारत में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) जैसी संस्थाओं से मेडिकल डिवाइस के रूप में इसकी पूर्ण मंजूरी मिलना आवश्यक होता है। मंजूरी मिलते ही इसे सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए भारत में रोलआउट कर दिया जाएगा।

Apple Watch Series 12: भारत में कीमत और कब से मिलेगी?

भारत में Apple Watch Series 12 की कीमत ₹56,900 से शुरू होती है। भारतीय ग्राहक इस स्मार्टवॉच का प्री-ऑर्डर कर सकते हैं, जबकि स्टोर्स में इसकी बिक्री 18 सितंबर से आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

हाई बीपी फीचर रुका, लेकिन मिलेंगे ये एडवांस्ड हेल्थ फीचर्स

भले ही हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन के लिए भारतीय यूजर्स को थोड़ा इंतजार करना पड़े, लेकिन Apple Watch Series 12 में कई नेक्स्ट-जेन हेल्थ और फिटनेस फीचर्स शामिल किए गए हैं:

हायर-फ्रीक्वेंसी हार्ट रेट मॉनिटरिंग: इसमें हाई-फ्रीक्वेंसी हार्ट रेट और हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) ट्रैकिंग दी गई है।

न्यू रेडिनेस स्कोर: यूजर की बॉडी रिकवरी और वर्कआउट के लिए शरीर कितना तैयार है, इसका सटीक आकलन करने के लिए नया ‘रेडिनेस स्कोर’ फीचर दिया गया है।

अन्य हेल्थ ट्रैकिंग: ईसीजी ऐप (ECG App), स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) नोटिफिकेशन, स्लीप ट्रैकिंग, फॉल डिटैक्शन (Fall Detection) और इमरजेंसी एसओएस जैसे प्रीमियम फीचर्स पहले की तरह चालू रहेंगे।

बैटरी लाइफ में 25% तक का सुधार

एपल का दावा है कि Apple Watch Series 12 सामान्य इस्तेमाल में 24 घंटे तक का डेली बैटरी बैकअप देती है। वहीं आउटडोर वर्कआउट के दौरान यह बिना रुके 10 घंटे तक चल सकती है, जो कि पिछले मॉडल की तुलना में 25% अधिक बैटरी लाइफ है।

iPhone 17 Pro vs iPhone 18 Pro: चिपसेट, धांसू कैमरा और जबरदस्त पावर! जानें नए iPhone के 5 सबसे बड़े बदलाव

iPhone 17 Pro vs iPhone 18 Pro: चिपसेट, धांसू कैमरा और जबरदस्त पावर! जानें नए iPhone के 5 सबसे बड़े बदलाव

iPhone 17 Pro vs iPhone 18 Pro: हर साल की तरह इस साल भी सितंबर में एपल के आईफोन की फ्लैगशिप ‘प्रो’ सीरीज का नया वेरियंट लॉन्च हो गया है। ये सीरीज हमेशा से दुनिया के स्मार्टफोन बाजार में परफॉर्मेंस और इनोवेशन का पैमाना तय करती आई है। पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 Pro की तुलना में नए प्रो मॉडल में न केवल प्रोसेसर का जनरेशनल अपग्रेड देखने को मिला है, बल्कि कैमरे से लेकर डिस्प्ले कटआउट तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

अगर आप iPhone 17 Pro का इस्तेमाल कर रहे हैं या हाल ही में लॉन्च हुए iPhone 18 Pro को खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जानिए दोनों ‘प्रो’ मॉडल्स के बीच के बड़े अंतर क्या-क्या है।

 1. प्रोसेसर और परफॉर्मेंस: 3nm बनाम दुनिया की पहली 2nm चिप

iPhone 17 Pro: यह फोन TSMC की 3nm (N3P) प्रोसेस पर बनी A19 Pro चिप के साथ लॉन्च हुआ था, जो 12GB रैम और ऑन-डिवाइस एपल इंटेलिजेंस को आसानी से संभालती है।

iPhone 18 Pro: iPhone 18 Pro में कंपनी ने दुनिया की पहली 2-नैनोमीटर आर्किटेक्चर वाली A20 Pro चिप दी है। 2nm टेक्नोलॉजी की वजह से नया मॉडल iPhone 17 Pro के मुकाबले 15% ज्यादा तेज परफॉर्मेंस देता है और बैटरी की खपत लगभग 30% कम करता है।

2. iPhone 18 Pro का सबसे बड़ा अपग्रेड

एपल के नए iPhone 18 Pro में प्राइमरी कैमरे के स्तर पर क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है, जहां पिछले मॉडल iPhone 17 Pro के फिक्स्ड अपर्चर (f/1.78) वाले 48MP कैमरे के मुकाबले अब 48MP का मेकेनिकल वैरिएबल अपर्चर लेंस दिया गया है। पेशेवर DSLR कैमरों की तरह काम करने वाली यह तकनीक रोशनी के हिसाब से लेंस के अपर्चर को खुद एडजस्ट कर लेती है, जिससे यूजर्स को तेज धूप में ओवर-एक्सपोजर से बचाव मिलता है और कम रोशनी यानी नाइट फोटोग्राफी में बेहद क्लियर व नेचुरल बोकेह इफेक्ट के साथ परफेक्ट तस्वीरें हासिल होती हैं।

3. डिजाइन और डिस्प्ले: छोटा डायनेमिक आइलैंड

iPhone 17 Pro: इसमें एल्युमीनियम-टाइटेनियम फिनिश, 6.3 इंच का 120Hz ProMotion OLED डिस्प्ले और मानक साइज़ का डायनेमिक आइलैंड दिया गया था।

iPhone 18 Pro: नए iPhone 18 Pro में अंडर-डिस्प्ले फेस आईडी के नए कॉम्पोनेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से डायनेमिक आइलैंड का साइज काफी छोटा हो गया है। इससे यूज़र्स को ज्यादा स्क्रीन एरिया और इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस मिलता है।

4. बैटरी लाइफ और थर्मल मैनेजमेंट

थर्मल कूलिंग: iPhone 17 Pro में दिए गए वैपर चैंबर को iPhone 18 Pro में और ज्यादा अपग्रेड किया गया है। 2nm A20 Pro चिपसेट और नए कूलिंग सिस्टम के कारण 4K/8K वीडियो रिकॉर्डिंग और हैवी 3D गेमिंग के दौरान भी फोन गर्म नहीं होता।

बैटरी लाइफ: 2nm चिप की कम पावर खपत के कारण iPhone 18 Pro की बैटरी लाइफ iPhone 17 Pro के मुकाबले लगभग 2 से 3 घंटे अधिक चलती है।

5. प्राइस में हो गया है सबसे बड़ा खेल

भारत में iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,34,900 (बेस वेरिएंट) रखी गई थी।नई 2nm चिपसेट और वैरिएबल अपर्चर लेंस तकनीक की वजह से लॉन्च हुए iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत भारत में ₹1,44,900 रखी गई है। इसके प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं और बिक्री आधिकारिक तौर पर उपलब्ध है। यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल के वेरियंट में करीब ₹10,000 का उछाल किया गया है।

क्या आपको अपग्रेड करना चाहिए?

अगर आपके पास iPhone 17 Pro पहले से है, तो A19 Pro चिप और 12GB रैम आज भी बेहद पावरफुल हैं। हालांकि, अगर आपके लिए DSLR-लेवल फोटोग्राफी और 2nm चिप की एक्स्ट्रा बैटरी लाइफ मायने रखती है, तो ही iPhone 18 Pro पर स्विच करना सही फैसला होगा। अगर आप सीधे पुराने मॉडल (iPhone 15 Pro या 16 Pro) से शिफ्ट हो रहे हैं, तो लेटेस्ट iPhone 18 Pro खरीदना ही सबसे बेहतर और फ्यूचर-प्रूफ विकल्प है।