India AI Impact Summit 2026 का चौथा दिन: जब मंच पर आमने-सामने आए धुर विरोधी; Prime Minister Narendra Modi के कहने पर भी नहीं मिलाए सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई ने हाथ

 'AI इम्पैक्ट समिट' के चौथे दिन एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जिसने तकनीक की दुनिया में जारी खींचतान को कैमरे के सामने ला दिया। समिट के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकजुटता दिखाने के लिए मंच पर मौजूद सभी वक्ताओं से एक-दूसरे का हाथ थामकर ऊपर उठाने का आग्रह किया, तो लगभग सभी दिग्गज अधिकारियों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।

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लेकिन इस दौरान सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता भी साफ झलक उठी। OpenAI के सैम ऑल्टमैन और Anthropic के डारियो अमोदेई एक-दूसरे के बगल में तो खड़े थे, लेकिन उन्होंने हाथ नहीं मिलाए।

दिखी प्रतिद्वंद्विता की लकीर

AI की रेस में एक-दूसरे को पछाड़ने में जुटे ये दोनों दिग्गज प्रधानमंत्री के इशारे के बावजूद अपनी मुट्ठियाँ अलग-अलग रखे नजर आए। जहाँ बाकी लोग एक-दूसरे का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दे रहे थे, वहीं ऑल्टमैन और अमोदेई ने दूरी बनाए रखना ही बेहतर समझा।

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ऑल्टमैन के चेहरे पर दिखी असहजता

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान सैम ऑल्टमैन काफी असहज नजर आ रहे थे। जब प्रधानमंत्री मोदी सभी को हाथ जोड़ने का संकेत दे रहे थे, तब ऑल्टमैन ने अन्य लोगों का अनुसरण करने के बजाय अपनी नजरें दूसरी ओर फेर लीं। तकनीक की दुनिया के दो सबसे बड़े प्रतिस्पर्धियों के बीच का यह 'कोल्ड वॉर' अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। Edited by : Sudhir Sharma 

रूस में Telegram पर डिजिटल स्ट्राइक, पुतिन ने लगाई पाबंदियां, फाउंडर बोले- हम झुकेंगे नहीं

रूसी अधिकारियों ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक, 'टेलीग्राम' पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम रूसी नागरिकों को विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मों के बजाय खुद के नियंत्रित विकल्पों की ओर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल डुरोव ने एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रूस की यह कोशिश नाकाम होगी। रूस ने फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर बैन लगा दिया है।

इनके अलावा स्नैपचैट (Snapchat), फेसटाइम (FaceTime), ट्विटर/X और गेमिंग प्लेटफॉर्म रोब्लॉक्स (Roblox) पर भी रूस ने प्रतिबंध लगा रखा है। रूसी नियामक संस्था 'रोसकोमनाडजोर'  का कहना है कि इन विदेशी प्लेटफार्मों का उपयोग स्थानीय कानूनों के उल्लंघन और सुरक्षा जोखिमों के लिए किया जा रहा था।

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टेलीग्राम को निशाना बनाना रूसी प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है, क्योंकि इसका उपयोग रूस में लाखों आम लोगों के अलावा खुद रूसी सेना, शीर्ष सरकारी अधिकारी, सरकारी मीडिया और यहां तक कि क्रेमलिन द्वारा भी किया जाता है।  

 

डुरोव ने कहा कि रूस अपने नागरिकों को निगरानी और राजनीतिक सेंसरशिप के लिए बनाए गए एक सरकारी ऐप का उपयोग करने के लिए मजबूर करने की कोशिश में टेलीग्राम पर पाबंदियां लगा रहा है। आठ साल पहले, ईरान ने भी यही रणनीति अपनाई थी- और वह विफल रहा। उसने झूठे बहानों के आधार पर टेलीग्राम को प्रतिबंधित किया और लोगों को सरकार द्वारा संचालित विकल्प पर स्विच करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

 

मंगलवार को रूसी सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करने का आदेश जारी किया। सरकार का तर्क है कि यह कदम 'रूसी नागरिकों की सुरक्षा' के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने ऐप पर उन सामग्रियों को ब्लॉक करने से इनकार करने का आरोप लगाया है जिन्हें प्रशासन 'आपराधिक और आतंकवादी' मानता है।

 

 डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट Downdetector के अनुसार पिछले 24 घंटों में 11,000 से अधिक यूजर्स ने ऐप के काम न करने या धीमा चलने की शिकायत की है।

 

 

 

रूस के दूरसंचार नियामक रोसकोम्नाडज़ोर (Roskomnadzor) ने एक बयान में कहा कि जब तक रूसी कानूनों के उल्लंघन को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक टेलीग्राम मैसेंजर के संचालन पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इस प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित नहीं है और धोखाधड़ी या आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं हैं।

 

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, प्रतिबंधित सामग्री को न हटाने और खुद को विनियमित करने में विफल रहने के लिए टेलीग्राम पर 64 मिलियन रूबल (लगभग 8.28 लाख डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया है।

 

पाबंदियां लागू होते ही पूरे रूस में इसके असर देखे गए।  Edited by : Sudhir Sharma

Wingo ऐप पर सरकार का तगड़ा एक्शन, चल रहा था बड़ा साइबर खेल, ब्लॉक किए Telegram चैनल और सर्वर

केंद्र सरकार ने 'Wingo' नामक एक एंड्रॉयड ऐप के माध्यम से चल रहे संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। जांच में पाया गया कि यह ऐप यूजर्स की जानकारी के बिना उनके फोन से धोखाधड़ी वाले SMS भेज रहा था। मीडिया खबरों के मुताबिक सरकार ने इस ऐप के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ब्लॉक कर दिया है और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक 'हाई अलर्ट' जारी किया है। 

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यह ऐप कम समय में पैसा दोगुना करने और 'क्विक मनी' का लालच देता था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने कई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए इस स्कैम ईको सिस्टम को नष्ट कर दिया है। 

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कई शिकायतें मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने इस साइबर ठगी नेटवर्क को तोड़ने के लिए तुरंत कदम उठाए। अधिकारियों के अनुसार, Wingo ऐप यूजर्स को जल्दी पैसे कमाने का लालच देता था और चुपचाप उनके मोबाइल डिवाइस व निजी डेटा का दुरुपयोग करता था। Edited by : Sudhir Sharma