‘एक मेरी पत्नी, दूसरे….’, जेडी वेंस ने बताए अपने दो पसंदीदा लोग, एक भारतीय तो दूसरा निकला पाकिस्तानी

स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में जहां एक ओर पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के एक बयान सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोर रहा है। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को अपनी जिंदगी के दो सबसे पसंदीदा लोगों के नाम बताए। इसमें एक भारतीय तो दूसरा पाकिस्तानी निकला। वेंस ने जिन दो लोगों को अपना सबसे पसंदीदा बताया, उसमें उनकी भारतीय पत्नी ऊषा वेंस और दूसरे पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।

जेडी वेंस ने कही ये बात

वेंस ने अपनी जिंदगी के दो सबसे महत्वपूर्ण लोगों का जिक्र करते हुए अपनी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम लिया। उच्चस्तरीय वार्ता की शुरुआत में जेडी वेंस ने बातचीत को संभव बनाने में पाकिस्तान के नेताओं की भूमिका के लिए उनका धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में एक मजाक भी किया। वेंस ने कहा, “मैं अक्सर मजाक में कहता हूं कि मेरी जिंदगी में दो बेहद अहम लोग हैं। एक भारतीय हैं और एक पाकिस्तानी। भारतीय मेरी पत्नी उषा वेंस हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।”

मुनीर को लेकर कही ये बात

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राजनयिक प्रयासों में सहयोग देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सराहना की। उन्होंने दोनों नेताओं को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए उनकी भूमिका की प्रशंसा की। वेंस ने कहा, “पिछले तीन महीनों में मैंने शायद किसी और व्यक्ति की तुलना में फील्ड मार्शल मुनीर से सबसे ज्यादा बातचीत की है। उनकी समझ और दूरदर्शिता के बिना मैं आज यहां मौजूद नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा कि आसिम मुनीर न सिर्फ एक कुशल सैन्य नेता हैं, बल्कि उन्होंने खुद को एक प्रभावी और सक्षम राजनयिक के रूप में भी साबित किया है।

जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को इस स्तर तक पहुंचाने में आसिम मुनीर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शुरुआती सहमति को आगे बढ़ाना और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव को कम करना है। वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। इनमें होर्मुज को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मामलों पर बातचीत को आगे बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते पर काम करना जारी रखेगा।

‘हिजबुल्लाह को गड़बड़ी करने से तुरंत रोकना, नहीं तो ईरान में तबाही मचा देंगे’, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपने प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह को लेबनान में परेशानी पैदा करने से नहीं रोकता, तो अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान को तुरंत अपने महंगे प्रॉक्सी को ले

Read More

Alia Bhatt: ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में ‘एपस्टीन आइलैंड’ के जोक पर न हंसने के लिए आलिया भट्ट की लोगों ने का तारीफ, समय रैना हुए ट्रोल

Alia Bhatt: समय रैना के शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के नए सीज़न के प्रीमियर पर आलिया भट्ट और शरवरी पहली सेलिब्रिटी गेस्ट थीं। सीज़न 2 के प्रीमियर में कुछ स्टैंड-अप परफॉर्मेंस हुईं, जिनमें से एक में एक कॉमेडियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नकल की। ​​अमेरिका-ईरान के झगड़े से लेकर बॉलीवुड गाना गाने तक, पूरी परफॉर्मेंस में बहुत मज़ेदार पल थे।

हालांकि, एपस्टीन आइलैंड को लेकर की गई एक खास टिप्पणी ने अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोगों को लगा कि जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मज़ाक करने की ज़रूरत नहीं थी, जिसका इस्तेमाल दशकों तक ‘यौन शोषण के अड्डे’ के तौर पर किया गया था। एपिसोड के दौरान आलिया उस मज़ाक पर नहीं हंसीं। उनके इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर तारीफ़ हो रही है।

कंटेस्टेंट अविनाश अग्रवाल, जिन्होंने ट्रंप के अंदाज़ और बोलने के लहज़े की हूबहू नकल की थी, उन्हें एपिसोड का विजेता घोषित किया गया। एक मौके पर उन्होंने कहा, “आपको तेल चाहिए? मेरे दोस्त, आइलैंड पर आ जाओ। वहां बहुत तेल है।” जब दर्शक उत्साह दिखा रहे थे और समय रैना ताली बजा रहे थे, तब आलिया ने दूसरी तरफ़ देखा और हंसी नहीं।

इस पल पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने कहा, “मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी कि आलिया एपस्टीन आइलैंड पर बने मज़ाक पर नहीं हंसीं।” एक और यूज़र ने कहा, “किसी व्यक्ति की जागरूकता और नैतिक मूल्यों का पता एक छोटे से हाव-भाव से ही चल जाता है। पैनल में मौजूद लोगों में से सिर्फ़ आलिया भट्ट ही थीं, जिन्होंने एपस्टीन आइलैंड से जुड़े मज़ाक पर हंसने से इनकार किया। उस पल में उन्होंने बाकी सभी लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा ईमानदारी और नैतिकता दिखाई।”

एक कमेंट में लिखा था, “क्या हम आलिया भट्ट की तारीफ़ कर सकते हैं कि उन्होंने अपने आस-पास के दबाव के बावजूद एपस्टीन आइलैंड वाले मज़ाक जैसे गंभीर विषय पर नहीं हंसा?” एक दूसरे यूज़र ने कहा, “पैनल में आलिया ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति थीं जो पूरी तरह से चुप और निराश थीं, क्योंकि वह ट्रंप लगातार वॉर क्राइम, सेक्स ट्रैफ़िकिंग, बच्चों के शोषण, होमोफोबिक और पीडोफिलिक मज़ाक कर रहे थे, जो न तो मज़ेदार थे और न ही दिलचस्प।”

वहीं, शो में ऐसे मज़ाक का मनोरंजन करने के लिए समय रैना की आलोचना हुई। एक कमेंट में लिखा था, “एपस्टीन फ़ाइलें कभी भी कोई मज़ाक का विषय नहीं थीं। उन्हें मज़ाक की तरह लेना उन अनगिनत बच्चों के दुख को कम करके आंकना है, जिनका शोषण और दुर्व्यवहार हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।” एक कमेंट में लिखा था, “तो, क्या उस मसखरे समय रैना के लिए एपस्टीन आइलैंड एक मज़ाक है, जबकि वह जानता है कि उस आइलैंड पर बच्चों और महिलाओं के साथ कितनी क्रूरता हुई है? वे सभी हंसे और मज़ाक का आनंद लिया। बीमार लोग।”

‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीज़न YouTube और Netflix पर एक साथ रिलीज़ किया गया था; दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर एपिसोड एक ही फ़ॉर्मैट और अवधि में दिखाए गए।

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी व्यक्ति थे। उनके आइलैंड पर बच्चों के शोषण से जुड़े कई अपराधों की जांच की गई थी, जिसमें राजनीति, कला और व्यापार की दुनिया के कई बड़े लोगों के उनसे जुड़े होने के सबूत मिले थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन के अपराधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। हालांकि, यह मामला राजनीतिक रूप से उनका पीछा करता रहा है, खासकर तब से जब उन्होंने अपने 2024 के कैंपेन के दौरान एपस्टीन से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का वादा किया था, लेकिन पद संभालने के तुरंत बाद ऐसा नहीं किया।

2019 में एपस्टीन अपनी जेल की कोठरी में मृत पाए गए थे। अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या माना। तब से इस मामले को लेकर कई तरह की साज़िश की थ्योरी (conspiracy theories) सामने आई हैं, जिनमें से कुछ को ट्रंप ने अपने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान और हवा दी।

Javed Akhtar: ‘काश तुम्हारा छोटा दिमाग ये समझ पाता…’, जावेद अख्तर ने इस्लामोफोबिक कमेंट करने वाले ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

Javed Akhtar: दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर अपनी राय खुलकर व्यक्त करने से कभी नहीं कतराते। हाल ही में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जब एक सोशल मीडिया यूजर ने उनके धर्म पर कमेंट किया, तो अख्तर ने पलटवार करते हुए कहा कि वह नास्तिक हैं।

जावेद अख्तर की ट्रंप विरोधी पोस्ट पर एक प्रशंसक ने कमेंट करते हुए कहा, “सर, आपकी कौम के भी झूठ के लिए एक शेर है मेरे पास… ‘जानते हैं हम जन्नत के हूरों की हकीकत, दिल के बहलाने के लिए ये ख्याल भी अच्छा है’। इसके जवाब में अख्तर ने कहा कि अगर आपका छोटा और कमज़ोर दिमाग़ यह बात समझ सकता है कि मैं एक नास्तिक हूं। तो मुझे मेरी ‘क़ौम’ के बारे में मत बताइए। मेरी ‘क़ौम’ सभी भारतीय हैं, जिसमें आप भी शामिल हैं।

जावेद अख्तर ने मेलोनी के बारे में ट्रंप की अपमानजनक टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा, “ट्रंप, जो हर दिन झूठ बोलने के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी कभी न खत्म होने वाली झूठों की लिस्ट में एक और झूठ जोड़ दिया। उनका कहना है कि मेलोनी ने फोटो खिंचवाने के लिए उनसे ‘मिन्नत’ की थी।

सबसे पहली बात, एक आत्मविश्वासी, हाई-प्रोफाइल, लोकप्रिय और सशक्त महिला—जो इटली जैसे महान देश की प्रधानमंत्री हैं, जिसने मिस्टर ट्रंप के देश को संस्कृति, कला, आर्किटेक्चर और बेहतरीन सिनेमा के बारे में इतना कुछ सिखाया है—वह दुनिया के सबसे अलोकप्रिय व्यक्ति के साथ फोटो खिंचवाने के लिए क्यों मिन्नत करेगी? सिर्फ़ बहस के लिए मान भी लें कि ऐसा हुआ था, तो सोचिए कि कितना सस्ता, अभद्र और असभ्य व्यक्ति प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा दावा करेगा।”

जावेद अख्तर भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर लेखकों और गीतकारों में से एक हैं। उन्होंने ‘सिलसिला’, ‘दिल चाहता है’, ‘लगान’, ‘कल हो ना हो’, ‘जब तक है जान’ और कई अन्य फिल्मों के यादगार गानों के लिए गीत लिखे हैं। अपने करियर के दौरान, जावेद अख्तर को कई सम्मान मिले हैं, जिनमें उनके गीतों के लिए कई नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स और फिल्मफेयर अवॉर्ड्स शामिल हैं। उन्हें भारतीय सिनेमा और साहित्य में उनके योगदान के लिए पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।

पहले दिया 60 दिनों का अल्‍टीमेटम, फिर दिखाई ईरान को हेकड़ी… ट्रंप ने दी होर्मुज में टोल लगाने की धमकी; क्‍या युद्ध का खर्चा निकालने की है प्‍लानिंग?

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 100 दिनों के युद्ध के बाद समझौता हो गया है। समझौते की बाकी शर्तें किस तरह से पूरी होनी है, इसे लेकर अगले 60 दिनों में बात होगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर

Read More

‘अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो, मेरी पर नहीं’, मेलोनी ने ट्रंप को दे दिया ये जवाब

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने दावा किया था कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने कई बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताई थी। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मेलोनी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी और ट्रंप की दोस्ती से इटली में उनकी लोकप्रियता पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों को गलत बताया।

मेलोनी ने ट्रंप को दिया जवाब

विवाद बढ़ने के बाद ट्रंप ने फिर दावा किया कि जी-7 सम्मेलन में मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बार-बार अनुरोध किया था। ट्रंप का यह भी कहना था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन नहीं करने के बाद मेलोनी अपनी कथित गिरती लोकप्रियता को सुधारने के लिए अमेरिका और वॉशिंगटन के साथ रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, मेलोनी ने ट्रंप के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

कही ये बात

जॉर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का कड़े शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों पर इस तरह बार-बार और बिना किसी ठोस वजह के निशाना साधना सही नहीं है। मेलोनी ने ईरान को लेकर अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल न होने के अपने फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इटली ने जो फैसला लिया, वह देश के हितों और अपनी नीति के अनुसार लिया गया था। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक मैसेज में मेलोनी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप, आपके ये लगातार और बेवजह के हमले समझ से परे हैं। जहां तक मेरी लोकप्रियता का सवाल है, तो आपकी दोस्त होने से मुझे कोई फायदा नहीं मिला है। मेरी लोकप्रियता और राजनीतिक स्थिति आपके साथ रिश्तों पर निर्भर नहीं करती।”

बढ़ा विवाद

मेलोनी ने अपने बयान में आगे कहा कि उनकी लोकप्रियता इस बात पर निर्भर करती है कि वह इटली के हितों की कितनी अच्छी तरह रक्षा करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनका हमेशा यही प्रयास रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इटली में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के इस्तेमाल के लिए पहले से तय नियम और समझौते हैं। इटली ने हमेशा इन नियमों का पालन किया है और उनकी सरकार भी ऐसा ही करती रहेगी। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, किसी भी तय नियम का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।

मेलोनी ने कहा, “इटली एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, इसलिए हमारे फैसले देश के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।” उन्होंने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, “मेरी लोकप्रियता आपकी चिंता का विषय नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दें।”

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

Iran closed the Strait of Hormuz due to a ceasefire violation

Iran closes the Strait of Hormuz again : मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है। ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

 

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है।

ALSO READ: इजराइल हिजबुल्ला में सीजफायर, अमेरिका, कतर और ईरान ने कैसे दोनों को मनाया?

ईरानी सेना ने किया यह दावा

ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

ALSO READ: 'ट्रंप ही इजरायल के आखिरी ताकतवर दोस्त' : अमेरिका-ईरान डील के बाद जेडी वेंस ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खरी

ईरान ने दी यह चेतावनी 

ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर आक्रामकता जारी रहती है तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है। ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संकेत दिया कि जब तक ईरान को यह महसूस नहीं होता कि अमेरिका समझौते का पालन कर रहा है, तब तक शायद ही कुछ हो पाएगा।

 

लेबनान पर इसराइली हमलों में 16 लोगों की मौत 

बाघेई ने कहा, अंतिम समझौते के लिए बातचीत तभी शुरू होगी, जब लेबनान में लड़ाई खत्म करने सहित मुख्य वादों को पूरा किया जाएगा। शनिवार को दक्षिणी लेबनान पर हुए इसराइली हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे।

ALSO READ: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

ईरानी सेना के दावे पर क्‍या बोले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस?

वहीं दूसरी ओर ईरानी सेना के दावे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान भी सामने आया है। वेंस का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान होर्मुज को बंद कर रहा है। उपराष्ट्रपति वेंस का कहना है कि ईरान पर बातचीत के लिए आने वाले दिनों में उनके स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद है।

ALSO READ: ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डोनाल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ

नेतन्याहू बोले- लेबनान से पीछे नहीं हटेगी ईरानी सेना

इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान की सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 111 दिनों की जंग के बाद युद्ध समाप्त करने को लेकर 14 बिंदुओं का समझौता हुआ है। इसे इस्लामाबाद समझौते का नाम दिया गया है। इस समझौते में इसराइल शामिल नहीं है। ऐसे में ईरान की तरफ से होर्मुज को एक बार फिर बंद किए जाने का फैसला क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

फिर बंद होगा होर्मुज? ईरान की बड़ी चेतावनी, अमेरिका-इजरायल पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप!

ईरान ने एक बार फिर दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान किया है। ईरानी सेना के शीर्ष कमान का कहना है कि अमेरिका ने शांति समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, जबकि इजरायल लगातार लेबनान में हमले जारी रखे हुए है।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने संघर्षविराम समझौते की पहली शर्त का खुला उल्लंघन किया है और इजरायल दक्षिणी लेबनान में लगातार हमले कर रहा है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जा रहा है।

“यह सिर्फ पहला कदम है”

ईरान ने चेतावनी दी है कि यह शांति समझौते के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया पहला कदम है। अगर “आक्रामक कार्रवाई” जारी रही तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

लेबनान से सेना हटाने की मांग

ईरान लंबे समय से मांग कर रहा है कि इजरायल अपनी सेना लेबनान से वापस बुलाए। लेकिन इजरायल ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है।

हालांकि शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बाद भी हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है।

शनिवार को दक्षिणी लेबनान के सैदा (सिडोन) के पास एक गांव पर इजरायली हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, नबातियेह जिले में हुए हमलों में 16 लोगों की जान गई।

हिजबुल्लाह सांसद हसन फदलाल्लाह ने कहा कि संगठन को इजरायली हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है।

स्विट्जरलैंड जा सकते हैं जेडी वेंस

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह जल्द ही ईरान के साथ वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड जा सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौते के तहत घोषित संघर्षविराम अभी भी कायम है और उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद कर दिया गया है।

शांति वार्ता पर संकट

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली नई वार्ता शुक्रवार को टाल दी गई थी। इन बातचीतों का उद्देश्य 60 दिनों के भीतर लंबित मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम, पर स्थायी समाधान तलाशना था।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विककोफ वार्ता को फिर से शुरू कराने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। वहीं, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के भी वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप ने फिर जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार खुद को क्षेत्रीय युद्ध रोकने वाले नेता के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति बेहद कमजोर हो सकती थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप इजरायल की लगातार सैन्य कार्रवाई से नाराज हैं और उन्होंने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान उनके रवैये पर असंतोष भी जताया था।

अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद होता है और क्या अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता दोबारा पटरी पर लौट पाती है।

‘फिर से दोस्ती करना चाहती हैं मेलोनी…’, ट्रंप ने इटली PM को दिया अब ये जवाब

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर फिर एक बड़ा दावा किया। ट्रंप ने कहा कि जी-7 समिट के दौरान मेलोनी ने कई बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि इटली में मेलोनी की लोकप्रियता पहले के मुकाबले कम हो रही है। उनके मुताबिक, इसकी एक वजह ईरान को परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने से रोकने में इटली की कथित असफलता हो सकती है।

अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि मेलोनी ने उस समय अमेरिका का साथ नहीं दिया, जब ईरान को परमाणु हथियारों तक पहुंचने से रोकने की बात हो रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा इटली से प्यार करता है और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा रहता है। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि नाटो ने भी इटली की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर इटली की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रंप ने मेलोनी पर साधा निशाना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ तनाव के दौरान इटली ने अमेरिका को अपने एयरबेस और रनवे का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। हालांकि, इटली सरकार का कहना था कि अमेरिका ने इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत पहले से मंजूरी नहीं ली थी। ट्रंप ने कहा, “मेलोनी ने हमें इटली के रनवे और लैंडिंग स्ट्रिप का इस्तेमाल नहीं करने दिया। इससे हमारे कामकाज और जरूरी व्यवस्थाओं में काफी परेशानी हुई। यह तब हुआ जब अमेरिका इटली और नाटो के दूसरे सहयोगी देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जॉर्जिया मेलोनी अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए उनके साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश कर रही थीं। उनके अनुसार, मेलोनी जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने के लिए अमेरिका और उनके साथ नजदीकियां दिखाना चाहती थीं। हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर इटली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रंप और मेलोनी के बीच बयानबाजी तेज

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अब जब अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्ती करना चाहती हैं। ट्रंप ने लिखा, “अब वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फिर से दोस्त बनना चाहती हैं। नहीं, धन्यवाद!” वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किए गए एक वीडियो में ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया। ट्रंप ने दावा किया था कि जी-7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनसे तस्वीर खिंचवाने की गुजारिश की थी।

मेलोनी ने कहा कि ट्रंप की यह बात पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत है। उन्होंने ट्रंप की टिप्पणियों पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि अमेरिका का राष्ट्रपति अपने ही एक सहयोगी देश के बारे में इस तरह की बातें क्यों कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रंप के लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और ऐसी बातें दोनों देशों के रिश्तों के लिए ठीक नहीं हैं।

‘वो हमसे दोस्ती करना चाहती हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा’, ट्रंप ने मेलोनी के बारे में फिर लिखी ऊल-जलूल बातें; कल इटली PM ने दिया था मुंहतोड़ जवाब

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बारे में एक बार फिर ऊल-जलूल बातें की हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इटली में जैसी उनकी लोकप्रियता है, उसके अनुसार वो बहुत घटिया काम कर रही हैं।आपको बता दें कि इससे पहले भी उन्ह

Read More