Mirzapur Movie Trailer: कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित नहीं, चौंका तो रहा बबलू का रोल, किस यादव जी के रोल में हैं रवि किशन?

Mirzapur Movie Trailer: मेकर्स ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ फिल्म का ट्रेलर मंगलवार 11 अगस्त को रिलीज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ट्रेलर में कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित और बबलू पंडित जैसे पुराने किरदार फिर दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ नए कलाकार भी कहानी में शामिल किया गया हैं। फिल्म में ट्रेलर में रवि किशन का किरदार बेहद एग्रेसिव नजर आ रहा है। वहीं गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु भाषा में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले ओटीटी पर ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के तीनों सीजन को फैंस से काफी प्यार मिला था।

फिल्म की कहानी ‘मिर्जापुर’ सीरीज की दुनिया से जुड़ी हुई है। फिल्म की कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। वहीं, इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने संभाली है।।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का रिलीज हुआ ट्रेलर

‘मिर्जापुर: द मूवी’ के करीब 3 मिनट के इस ट्रेलर में फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता और उसे हासिल करने की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। ट्रेलर की शुरुआत ही एक खाली गद्दी और दमदार वॉयसओवर से होती है। इसमें कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “गद्दी न तो विरासत से मिलती है, न सियासत से। मिलती है तो सिर्फ और सिर्फ बाहुबल से। और टिकती है डर से।” इसके बाद मुन्ना भैया (दिव्येंदु) की एंट्री होती है, जो खुद को मिर्जापुर का “प्रिंस” बताते हैं। लेकिन कालीन भैया और मुन्ना के बीच रिश्ते पहले जैसे नहीं दिखते। कालीन भैया को लगता है कि मुन्ना उनके हर काम और मिशन में परेशानी खड़ी कर देते हैं।

 

रवि किशन की धमाकेदार एंट्री

वहीं, मुन्ना और गुड्डू पंडित (अली फजल) के बीच भी पुरानी दुश्मनी फिर सामने आती है, जब दोनों एक-दूसरे पर बंदूक ताने नजर आते हैं। इस बार कहानी में रवि किशन असली ट्विस्ट लेकर आते हैं। मिर्जापुर की गद्दी पर अपना दावा पेश करते हुए रवि किशन भी मैदान में उतरते नजर आते हैं। कालीन भैया उन्हें चेतावनी देते हैं कि मिर्जापुर में दाखिल होने का रास्ता सिर्फ उनके नियंत्रण में है। इस पर रवि किशन अपने खास अंदाज में कहते हैं कि अगर वह रास्ते की रखवाली कर रहे हैं, तो वह मिर्जापुर के अंदर आकर ही रहेंगे।

ट्रेलर के एक सीन में वह एक शख्स पर चाकू से हमला करते दिखाई देते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “क्या तुम्हारा हीमोग्लोबिन कम है? खून बहुत कम निकल रहा है।”। वहीं ट्रेलर के आखिर में बीना भाभी (रसिका दुगल) भी इस पावर गेम में अपनी राजनीतिक चालें चलती नजर आ रही हैं।

कब आई थी पहली सीरीज

‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज की शुरुआत साल 2018 में प्राइम वीडियो पर हुई थी। इसके बाद सीरीज का दूसरा सीजन 2020 में और तीसरा सीजन 2024 में रिलीज हुआ। सीरीज की लोकप्रियता को देखते हुए इसके चौथे सीजन का भी ऐलान किया जा चुका है। हालांकि, मेकर्स पहले ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के जरिए कहानी को आगे बढ़ाएंगे और इसके बाद सीजन 4 दर्शकों के सामने आएगा।

कौन-कौन है फिल्म में

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में मुख्य किरदारों के अलावा भी एक बड़ी स्टारकास्ट शामिल है। इसमें रवि किशन, पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, श्रेया पिलगांवकर, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंग्शा बिस्वास, शाजी चौधरी, सत्येंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह जैसे कई कलाकार नजर आ रहे हैं।

Mirzapur The Movie Trailer: कालीन भैया के भौकाल के लिए हो जाइए तैयार, इस दिन दस्तक देगा ट्रेलर

Mirzapur The Movie Trailer: मिर्जापुर एक नए दौर में कदम रखने जा रहा है और दुनिया इसके सबसे रोमांचक हिस्से के लिए तैयार हो रही है। पहले टीजर से चर्चा बटोरने के बाद, इस प्रोजेक्ट की टीम ‘मिर्जापुर द मूवी’ का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे फैन्स को इसकी और भी डिटेल में झलक मिलेगी। भारत के दिल में बसी यह मशहूर क्राइम गाथा अब छोटे पर्दे से बड़े पर्दे पर आने वाली है।

फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि ट्रेलर 11 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। यह सभी एक्टर्स की मौजूदगी में एक शानदार इवेंट होगा। सूत्र ने बताया, “बड़े पर्दे पर आने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। टीजर से इंटरनेट पर धूम मचाने के बाद, मेकर्स अब 11 अगस्त को ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज़ करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे दर्शकों को थिएटर में रिलीज होने से पहले मिर्ज़ापुर की दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी झलक मिलेगी।”

हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में अली फ़ज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु जैसे जाने-पहचाने चेहरे फिर से नज़र आए। टीज़र की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जितेंद्र कुमार बबलू पंडित का किरदार निभाएंगे और इस किरदार को एक नए अवतार में वापस लाएंगे। फ़िल्म में शामिल होने वाले एक और एक्टर रवि किशन हैं, जिनके आने से मिर्ज़ापुर की दुनिया और भी मज़बूत होगी।

टीज़र के मुताबिक, यह ओरिजिन स्टोरी है और 2018 में सेट है, यानी मिर्ज़ापुर के पहले सीज़न से पहले और उसके साथ-साथ की कहानी है। इसलिए, इस फ़िल्म में हम देखेंगे कि मुन्ना, जिसकी सीज़न 2 में मौत हो जाती है, वह पूरी तरह ज़िंदा है। पंकज त्रिपाठी का निभाया किरदार कालीन भैया इस बात से परेशान हैं कि उनका बेटा मुन्ना उनकी गद्दी का सही वारिस नहीं बन पा रहा है। दूसरी ओर, अली फ़ज़ल और जितेंद्र के निभाए पंडित भाई मुन्ना के साम्राज्य को खत्म करने और खुद को मिर्ज़ापुर का राजा बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

हालांकि कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी जहां 2018 में ‘मिर्ज़ापुर’ सीजन 1 खत्म हुआ था, लेकिन यह फिल्म मिर्जापुर की एक ऐसी अनकही कहानी दिखाएगी जिसे खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाया जा रहा है। पिछले सीजन के मुकाबले, इसे और भी भव्य तरीके से बनाया जा रहा है – पूर्वांचल की सड़कों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान तक, मिर्जापुर की दुनिया बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है।

इस फिल्म की कास्ट में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान शामिल हैं, जो इस फ़्रैंचाइज़ी के नए चैप्टर के लिए एक साथ आ रहे हैं।

‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ अमेज़न MGM स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट का एक जॉइंट प्रोजेक्ट है। इस फ़िल्म के डायरेक्टर गुरमीत सिंह हैं और इसकी पटकथा पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी इसके को-प्रोड्यूसर हैं। ‘मिर्ज़ापुर द मूवी’ 4 सितंबर, 2026 से सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Ali Fazal: जब अली फजल को फिल्ममेकर्स ने ‘मिर्जापुर’ न करने की दी थी सलाह, एक्टर बोले- मैं भी बहुत डरा हुआ था

Ali Fazal: सीरीज़ को फ़िल्म में बदलने के बारे में बात करते हुए अली ने PTI से कहा, “भारत में यह पहली बार हो रहा है कि किसी शो को फ़िल्म में बदला जा रहा है। यह एक नेशनल लेवल का एक्सपेरिमेंट है जो हम कर रहे हैं। कहानी और किरदार सभी अच्छे हैं। हम हर (प्रमोशनल) चीज़ शेयर करने के लिए उत्साहित हैं।”

अली ने यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि ‘फुकरे’ के डायरेक्टर मृगदीप सिंह लांबा ने ही ‘मिर्ज़ापुर’ के मेकर्स को उनका नाम सुझाया था। एक्टर ने याद किया कि उस समय वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बना रहे थे और उन्हें इस प्रोजेक्ट से दूर रहने की सलाह दी गई थी।

उन्होंने कहा, “उस समय मैं डरा हुआ था। मुझे नहीं पता था कि इसका फ़ॉर्मेट क्या होगा। यह पहली बार था जब (भारत में) शुरुआती कुछ शो बन रहे थे। फ़िल्ममेकर्स मुझसे पूछ रहे थे कि मैं क्या कर रहा हूं। वे कहते थे, ‘फिल्में करो’। मैंने OTT और शो के बदलते दौर को देखा। मुझे लगा कि एक क्रांति आने वाली है। पुनीत कृष्णा ने जिस तरह से स्क्रिप्ट लिखी थी और मिर्ज़ापुर की जो दुनिया उन्होंने बनाई थी, वह वाकई तारीफ़ के काबिल थी।”

2018 में अपनी शुरुआत के बाद से, ‘मिर्ज़ापुर’ ने भारत की सबसे सफल वेब सीरीज़ में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश में क्राइम और राजनीतिक सत्ता की पृष्ठभूमि पर बनी इस सीरीज़ के दो सफल सीज़न आए, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों से ही खूब तारीफ़ मिली।

अली के अलावा, इस सीरीज़ में पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, विजय वर्मा, ईशा तलवार, हर्षिता गौर और श्रिया पिलगांवकर जैसे कई कलाकार शामिल थे। ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ में अली एक बार फिर गुड्डू पंडित का किरदार निभा रहे हैं, जो पहले बॉडीबिल्डर था और बाद में गैंगस्टर बन गया। कहा जा रहा है कि यह फ़िल्म पहले सीज़न के एक अनकहे पहलू को दिखाएगी और साथ ही कई अहम किरदारों को भी वापस लाएगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में जारी किए गए इसके ऑफ़िशियल टीज़र से पता चलता है कि यह कहानी अब और भी बड़े सिनेमैटिक स्केल पर आगे बढ़ेगी।

दिव्येंदु और पंकज त्रिपाठी, फ़ैन्स के पसंदीदा मुन्ना त्रिपाठी और कालीन भैया के रोल में वापसी करने के लिए तैयार हैं। कास्ट में एक नया नाम जितेंद्र कुमार का है, जो बबलू पंडित का रोल निभाएंगे; यह रोल पहले सीज़न में विक्रांत मैसी ने निभाया था। रवि किशन भी एक अहम रोल में कास्ट में शामिल हुए हैं। यह फ़िल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

Ali Fazal: ‘राजनीति के बिना कला अधूरी है’, सेलेब्स के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर राय रखने पर बोले अली फजल

Ali Fazal: अली फ़ज़ल और सोनाली बेंद्रे ने हाल ही में इस बहस पर अपनी राय दी कि क्या मशहूर हस्तियों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखें। ‘युवा’ (Yuvaa) के साथ बातचीत के दौरान, अली से पूछा गया कि क्या मशहूर लोगों से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने की उम्मीद की जानी चाहिए।

जवाब में, एक्टर ने कहा कि उनका मानना ​​है कि राजनीति के बिना कला अधूरी है। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखना ज़रूरी है, और इसका मतलब हमेशा ज़ोर-शोर से सार्वजनिक बयान देना या “ऊंचे मंच से चिल्लाना” नहीं होता, क्योंकि योगदान देने के कई तरीके हैं। सोनाली बेंद्रे की राय इससे अलग थी। उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि अगर किसी को किसी खास विषय के बारे में पूरी जानकारी या ज्ञान न हो, तो उस पर कमेंट करने से बचना चाहिए।

अली फ़ज़ल ने कहा कि कलाकारों में स्वाभाविक रूप से दया की भावना होती है और वे अपने काम को उस समाज से पूरी तरह अलग नहीं कर सकते, जिसमें वे रहते हैं। अली का तर्क था कि कला और राजनीति अक्सर आपस में जुड़े होते हैं। एक्टर ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर, मुझे लगता है कि हममें बहुत दया-भाव होता है। लेकिन राजनीति या उस समाज के बिना कला अधूरी है, जिसमें हम रहते हैं। कभी-कभी यह उसकी झलक होती है, तो कभी-कभी उससे कुछ लेती है। यह लगभग एक मैच या टेनिस गेम जैसा है। आप खुद को इससे अलग नहीं कर सकते। मैं इस बात का सम्मान करता हूँ कि आज के दौर में बहुत से लोग ऐसा नहीं करना चुनते हैं, और यह ठीक भी है। कभी-कभी हम सभी को अपना घर-बार चलाना होता है और यह मुश्किल हो जाता है। लेकिन इसके बावजूद, मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि हमें कम से कम अपने-अपने तरीके से कुछ न कुछ ज़रूर करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आवाज़ उठाने का मतलब हमेशा सार्वजनिक भाषण देना या ज़ोर-शोर से अपना पक्ष रखना नहीं होता। हर किसी का अपना तरीका होता है। ज़रूरी नहीं कि आप किसी ऊंचे मंच पर खड़े होकर चिल्लाएं। कभी-कभी इसके लिए लोगों का एक साथ आना, कुछ बेहतरीन बातें लिखना, उन्हें शूट करना और उन्हें खुद अपनी बात कहने देना ही काफ़ी होता है। कभी-कभी यही सबसे ज़ोरदार आवाज़ होती है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर, हां, वह भी एक तरीका है।”

वहीं, सोनाली बेंद्रे ने मुश्किल मुद्दों पर कमेंट करते समय जानकारी और विशेषज्ञता के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भले ही कलाकार अपने काम में माहिर हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हर विषय पर अधिकार के साथ बात करने के लिए योग्य हैं।

सोनाली बेंद्रे ने कहा कि वे किसी ऐसे विषय पर कमेंट करने से बचना पसंद करेंगी, जिसे वे पूरी तरह से नहीं समझती हैं, बजाय इसके कि वे बिना जानकारी के कोई बयान दें। उन्होंने कहा, “जब आप ‘योग्य’ होने की बात करते हैं, तो हम कलाकार हो सकते हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि एक कलाकार के तौर पर मुझे उस खास विषय के बारे में सब कुछ पता हो। इसलिए मैं कहूंगी कि एक कलाकार के तौर पर अगर मुझे उस विषय के बारे में सब कुछ नहीं पता है, तो मैं गलत कमेंट करने के बजाय कमेंट न करना ही बेहतर समझूंगी।”

सोनाली बेंद्रे ने कहा, “साथ ही, अगर मैं एक कलाकार हूं, तो मुझे उसे उसी तरह दिखाना चाहिए। मुझे समझना चाहिए कि वह क्या है। अगर मैं पेंटर हूं, तो मुझे पेंटिंग करनी चाहिए। अगर मैं कवि हूं, तो मुझे कविता लिखनी चाहिए। अगर मैं फिल्ममेकर हूं, तो मैं वह करूंगी। अगर मैं एक्टर हूं, तो मैं ऐसा विषय चुनूंगी, जो कुछ कहता हो। इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे अपने दायरे से बाहर निकलकर किसी ऐसी चीज़ पर कमेंट करनी चाहिए, जिस पर मैं शायद पूरी तरह योग्य न होऊं। मुझे लगता है कि उनमें से ज़्यादातर लोग उस चीज़ पर टिप्पणी करने के लिए योग्य नहीं हैं, जिस पर वे टिप्पणी कर रहे हैं। वे यह नहीं समझते कि हर स्थिति के कई पहलू (360 डिग्री) होते हैं।”