‘राधे-राधे’ बोलते दिखे विराट-अनुष्का, IPL ट्रॉफी जीतते ही पहुंचे प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने [VIDEO]

 

आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद जहां पूरा देश विराट कोहली और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की सफलता का जश्न मना रहा है, वहीं विराट और अनुष्का शर्मा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद आध्यात्मिक राह को चुना। ट्रॉफी जीतने के कुछ ही समय बाद दोनों वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

31 मई को खेले गए फाइनल मुकाबले में RCB ने गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला। विराट कोहली भावुक नजर आए, जबकि अनुष्का शर्मा भी इस खास पल का हिस्सा बनीं। दोनों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें वे टीम के साथ जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए।

अनुष्का शर्मा ने भी इस जीत को अपने अंदाज में सेलिब्रेट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर विराट और टीम को बधाई देते हुए कई तस्वीरें शेयर कीं। एक तस्वीर में विराट ट्रॉफी थामे नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीर में अनुष्का उनके माथे पर प्यार जताती दिखाई दीं। इन तस्वीरों को फैंस ने खूब पसंद किया और दोनों पर प्यार बरसाया।

हालांकि जीत के जश्न के बाद सबसे ज्यादा चर्चा विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्रा की हो रही है। दोनों को आगरा एयरपोर्ट से निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वे सीधे वृंदावन पहुंचे। वहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि दोनों ने आश्रम में कुछ समय बिताया और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा भी की।


विराट और अनुष्का सुबह के समय यमुना किनारे स्थित स्थान पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान दोनों बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। उनके गले में तुलसी की माला थी और माथे पर तिलक लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 45 मिनट तक आध्यात्मिक संवाद किया और गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।

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विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का वृंदावन से जुड़ाव नया नहीं है। पिछले कई वर्षों से यह कपल समय-समय पर यहां आता रहा है। चाहे क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम हो या फिल्मी दुनिया की जिम्मेदारियां, दोनों अक्सर आध्यात्मिक शांति की तलाश में धार्मिक स्थलों का रुख करते हैं। प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा भी कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी है।

विराट ने अपने करियर के विभिन्न चरणों में मानसिक मजबूती और आत्मिक संतुलन की अहमियत पर बात की है। वहीं अनुष्का शर्मा भी जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक सोच को महत्वपूर्ण मानती हैं। यही कारण है कि बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं के बाद भी दोनों खुद को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े रखते हैं।

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अगर आईपीएल 2026 में विराट कोहली के प्रदर्शन की बात करें तो उनका बल्ला पूरे सीजन जमकर बोला। अनुभवी बल्लेबाज ने 16 मैचों में 675 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने शानदार औसत और आक्रामक स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए, जिसमें कई मैच जिताने वाली पारियां भी शामिल रहीं, फाइनल की पारी भी उनमें से एक थी। उनके प्रदर्शन ने RCB को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

विराट और अनुष्का की कहानी भी फैंस के बीच हमेशा चर्चा में रहती है। दोनों की पहली मुलाकात एक विज्ञापन शूट के दौरान हुई थी। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता प्यार में बदला और दिसंबर 2017 में दोनों ने इटली में एक निजी समारोह में शादी कर ली। इसके बाद उनके परिवार में बेटी वामिका और बेटे अकाय का आगमन हुआ। दोनों हमेशा अपने बच्चों की निजता को प्राथमिकता देते हैं और निजी जीवन को लाइमलाइट से दूर रखने की कोशिश करते हैं।

RCB की ऐतिहासिक जीत के बाद वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विराट और अनुष्का सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक संतुलन को भी उतना ही महत्व देते हैं। क्रिकेट के मैदान पर मिली बड़ी उपलब्धि के बाद उनका यह कदम फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ ट्रॉफी जीतने की खुशी है, तो दूसरी तरफ गुरुजनों के आशीर्वाद के जरिए उस सफलता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने की भावना भी साफ नजर आती है।


सूर्यकुमार की छुट्टी? ‘रेडीमेड कप्तान है यह खिलाड़ी, 2022 से 2026 तक… हर बड़े मैच का हीरो

33 गेंद… 93 रन… 5 चौके… 9 आसमानी छक्के… और 281.81 का खतरनाक स्ट्राइक रेट!

धर्मशाला की ठंडी रात में रजत पाटीदार ने ऐसा तूफान उठाया कि गुजरात टाइटंस की पूरी टीम उड़ गई। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी। RCB लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच चुकी है, और इस सफर के सबसे बड़े हीरो बने हैं रजत पाटीदार। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिए या नहीं… सवाल ये है कि क्या भारत को सूर्यकुमार यादव के बाद अपना अगला टी20 कप्तान मिल चुका है?

 

रजत सिर्फ रन नहीं बना रहे, वो मैच की दिशा बदल रहे हैं। जिस तरह उन्होंने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद दबाव को मौके में बदला, उसने बता दिया कि ये खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है। यही वजह है कि अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर फैंस तक हर कोई कह रहा है—“रजत पाटीदार को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

 

 


 

 1. मिडिल ऑर्डर का सबसे खतरनाक मैच फिनिशर

 

टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे बल्लेबाज की तलाश में है जो नंबर 4 या 5 पर आते ही मैच का टेम्पो बदल दे। रजत पाटीदार वही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।

 

आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा। वो उन बल्लेबाजों में नहीं हैं जो 30-40 गेंदें खेलकर सेट होते हैं। रजत आते ही गेंदबाजों पर हमला बोलते हैं। गुजरात के खिलाफ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की पारी हो, मुंबई के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन, लखनऊ के सामने 31 गेंदों में 61 या राजस्थान के खिलाफ 63 रन—हर बार उन्होंने दिखाया कि दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।

 

सबसे खास बात ये है कि वो पावरप्ले की आक्रामकता को मिडिल ओवर्स तक खींच ले जाते हैं। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यही सबसे बड़ी कला मानी जाती है।

 

 

 2. कप्तानी में शांत दिमाग, फैसलों में आक्रामक सोच

 

आईपीएल जैसी हाई-प्रेशर लीग में कप्तानी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी हो। लेकिन रजत पाटीदार ने पूरे सीजन जिस परिपक्वता से आरसीबी को संभाला, उसने सबको प्रभावित किया। आरसीबी का बैक-टू-बैक फाइनल में पहुंचना सिर्फ बल्लेबाजी का नहीं, बल्कि शानदार नेतृत्व का भी परिणाम है। रजत मैदान पर ज्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन उनके फैसले बहुत कुछ बोलते हैं। गेंदबाजी बदलाव हो या फील्ड सेटिंग, उन्होंने हर मौके पर मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।

 

टीम इंडिया फिलहाल ऐसे कप्तान की तलाश में है जो शांत भी हो और निडर भी। रजत दोनों बॉक्स टिक करते हैं। यही वजह है कि उन्हें “रेडीमेड कप्तानी विकल्प” कहा जा रहा है।

 

 

 

 3. बड़े मैचों के खिलाड़ी, दबाव में और खतरनाक

 

हर खिलाड़ी लीग मैचों में रन बना सकता है, लेकिन असली सुपरस्टार वही होता है जो नॉकआउट में चमके। रजत पाटीदार बार-बार यही साबित कर चुके हैं।

 

IPL 2022 Eliminator में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोके थे। उस पारी ने पहली बार पूरे देश को एहसास कराया था कि आरसीबी को एक एक्स-फैक्टर बल्लेबाज मिल चुका है। अब आईपीएल 2026 के क्वालिफायर में 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी ने साबित कर दिया कि 2022 कोई फ्लूक नहीं था। जब मंच बड़ा होता है, तब रजत का खेल और बड़ा हो जाता है। यही वो क्वालिटी है जो किसी खिलाड़ी को सिर्फ अच्छा बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर और लीडर बनाती है।

 4. स्पिन के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा हथियार

 

मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज विदेशी स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। लेकिन रजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत ही स्पिन अटैक को तहस-नहस करना है। वो फ्रंट फुट पर निकलकर छक्के मारते हैं, बैकफुट पर कट खेलते हैं और मिडिल ओवर्स में रनरेट कभी गिरने नहीं देते।

धर्मशाला में कागिसो रबाडा की ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी गुड लेंथ गेंद को कवर स्टैंड के ऊपर पहुंचाना उनकी रेंज और आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी था।

 

टी20 क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक का नहीं, इंटेंट का खेल बन चुका है। और रजत का इंटेंट हर गेंद पर दिखाई देता है।

 

 अब और इंतजार क्यों?

 

रजत पाटीदार कोई “वन सीजन वंडर” नहीं हैं।

वो भारत के लिए टेस्ट (3) और वनडे (1) खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। आईपीएल में लगातार असर छोड़ रहे हैं। कप्तानी का अनुभव भी है और बड़े मैचों का टेंपरामेंट भी। सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 क्रिकेट को नई दिशा दी, लेकिन अब टीम इंडिया को अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक साइकल के लिए नया चेहरा तैयार करना होगा।

 

और अगर मौजूदा फॉर्म, कप्तानी, मैच-विनिंग क्षमता और दबाव झेलने की ताकत को देखा जाए…

तो शायद भारतीय क्रिकेट के पास जवाब पहले से मौजूद है

 

नाम है… रजत पाटीदार।