दिल्ली में प्रदर्शनों और सुरक्षा को लेकर अलर्ट, अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों के साथ 3 घंटे की बैठक में क्या-क्या किया रिव्यू?

दिल्ली में प्रदर्शनों और सुरक्षा को लेकर अलर्ट, अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों के साथ 3 घंटे की बैठक में क्या-क्या किया रिव्यू?

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 24 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राजधानी में कानून-व्यवस्था और बड़े प्रदर्शनों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भीड़ प्रबंधन, खुफिया तंत्र मजबूत करने, महिला सुरक्षा, नशे की तस्करी और संगठित अपराध पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

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यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ महीनों के दौरान कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इनमें NEET विवाद को लेकर पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए आंदोलन शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए हैं।

 

बड़े प्रदर्शनों से निपटने की रणनीति पर चर्चा

 

सूत्रों के अनुसार, बैठक में हाल के महीनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान घटनाक्रम, पुलिस की कार्रवाई और भविष्य में हिंसा रोकने के उपायों की समीक्षा की गई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिशों और पुलिसकर्मियों पर कथित हमलों जैसी घटनाओं से निपटने पर भी चर्चा हुई।

 

अमित शाह दोपहर करीब तीन बजे जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, विशेष और संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त तथा स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली।

 

गृह मंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई समूह केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इन समूहों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

 

विपक्षी INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की घोषणा की है। ऐसे में बैठक में बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियों पर भी ध्यान दिया गया।

 

दिल्ली पुलिस की भूमिका जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान भी सवालों के घेरे में रही है। इन घटनाओं में पुलिस पर कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगे थे।

 

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने भीड़ प्रबंधन बेहतर बनाने, विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाने और विरोध प्रदर्शनों को कानून-व्यवस्था की समस्या बनने से रोकने के उपायों पर चर्चा की।

 

महिला सुरक्षा और नशे की तस्करी पर भी फोकस

 

बैठक में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों की भी समीक्षा की गई। इसमें संवेदनशील इलाकों में निवारक पुलिसिंग बढ़ाने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच में तेजी लाने पर चर्चा हुई।

 

राजधानी में मादक पदार्थों की तस्करी और इसकी आपूर्ति करने वाले नेटवर्क भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रहे। अधिकारियों ने गृह मंत्री को तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई और आपूर्ति श्रृंखलाओं की पहचान कर उन्हें खत्म करने के प्रयासों की जानकारी दी।

 

सूत्रों के अनुसार, विदेशों से संचालित आपराधिक गिरोहों, दिल्ली-NCR में उनके संपर्कों, जबरन वसूली के मामलों में शूटरों और हथियार आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका तथा लक्षित गोलीबारी की घटनाओं पर भी चर्चा हुई।

 

ट्रैफिक सुधारने में AI के इस्तेमाल की समीक्षा

 

अमित शाह ने दिल्ली में यातायात जाम कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से जुड़े उपायों की भी समीक्षा की। शहर के प्रमुख स्थानों से अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के मुद्दे भी बैठक में उठे।

 

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने पिछले पांच वर्षों के कामकाज का विस्तृत ब्योरा पेश किया। इसमें दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों, जांच और विभिन्न क्षेत्रों में की गई प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी शामिल थी।

 

बैठक में प्रदर्शन और यातायात प्रतिबंधों के कारण व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने बार-बार होने वाले प्रदर्शनों और उनसे जुड़े ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण कारोबार प्रभावित होने की शिकायत की है। अधिकारियों ने सुरक्षा बनाए रखते हुए व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान देने के उपायों पर विचार किया।

 

दबाव के बीच पुलिस का मनोबल बढ़ाने की कोशिश

 

सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गृह मंत्री की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। अमित शाह ने इससे पहले 30 अगस्त 2022 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा किया था। मौजूदा बैठक में राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया।