क्या ज्यादा सैलरी का मतलब ज्यादा बचत है? 40% इंक्रीमेंट के बाद भी जेब खाली, क्या है कोलकाता से बेंगलुरु आए लड़के की कहानी?

सेलैश गुरंग (Selaish Gurang) : अच्छी नौकरी के लिए अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर जाना अब आम बात हो गई है। पर ज्यादा सैलरी मतलब ज्यादा बचत, ऐसा हर बार नहीं होता। ऐसा ही कुछ Microsoft में काम करने वाले 28 साल के सेलैश गुरंग (Selaish Gurang) के साथ हुआ है। कोलकाता से बेंगलुरु शिफ्ट होने पर उनकी सैलरी तो 40% बढ़ गई, लेकिन बचत उल्टा घट गई। फिर भी उन्हें अपने फैसले पर जरा भी पछतावा नहीं है।

Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, सेलैश नवंबर 2025 में बेंगलुरु में Microsoft से जुड़े थे। उनके लिए ये सिर्फ सैलरी बढ़ने की बात नहीं, बल्कि करियर में ग्रोथ का बड़ा चांस था।

बेंगलुरु में महंगाई ने बिगाड़ा बजट

कोलकाता से बेंगलुरु आते ही सेलैश की सैलरी में 40% का जंप आया। लेकिन बेंगलुरु में महंगाई भी तगड़ी है। किराया, खाना-पीना और बाकी खर्चे इतने ज्यादा हैं कि महीने के आखिर में हाथ में पहले से भी कम पैसा बच रहा है। ये कहानी उन सब लोगों से मिलती-जुलती है जो बड़ा पैकेज देखकर मेट्रो सिटी भाग जाते हैं। सैलरी के साथ खर्चा भी डबल हो जाए तो सेविंग घटनी ही है।

बड़े सपने वालों का शहर है बेंगलुरु

सेलैश बताते हैं, बेंगलुरु में हर दूसरा शख्स कुछ बड़ा कर रहा है। कोई अपना स्टार्टअप चला रहा है तो कोई बड़ी कंपनी में टॉप पोजीशन पर है। ऐसे लोगों के बीच रहकर रोज कुछ नया सीखने को मिलता है और खुद भी आगे बढ़ने का मन करता है। उनके हिसाब से आसपास के लोगों की सोच का असर आप पर भी पड़ता है। यही माहौल बेंगलुरु को करियर के लिए सबसे बेस्ट बनाता है।

फिर भी खुश क्यों है के सेलैश गुरंग (Selaish Gurang)?

सेलैश की कहानी साफ बताती है कि शहर बदलने का फैसला सिर्फ सैलरी स्लिप देखकर नहीं लेना चाहिए। बेंगलुरु में भले ही बचत कम हो रही हो, लेकिन यहां करियर में आगे बढ़ने के मौके और सीखने को बहुत कुछ मिल रहा है। इसलिए नई नौकरी के लिए दूसरे शहर जाने से पहले एक बार सैलरी के साथ-साथ वहां का खर्चा, बचत और फ्यूचर के मौके, सबका हिसाब जरूर लगा लें।

बेंगलुरु में भले ही बचत कम हो रही हो, लेकिन यहां करियर में आगे बढ़ने के मौके और सीखने को बहुत कुछ मिल रहा है। इसलिए नई नौकरी के लिए दूसरे शहर जाने से पहले एक बार सैलरी के साथ-साथ वहां का खर्चा, बचत और फ्यूचर के मौके, सबका हिसाब जरूर लगा लें।