Brazil election results 2026: कौन हैं लूला डा सिल्वा? 80 वर्षीय वामपंथी नेता और पूर्व फैक्ट्री वर्कर चौथी बार बने ब्राजील के राष्ट्रपति

Brazil election results 2026: ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट की ओर से जारी किए गए नतीजों के अनुसार, सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार और ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने रविवार (25 अक्टूबर) को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। वोटर गाइड देखें आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 99.89 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने पर 80 वर्षीय वामपंथी नेता लूला को कुल वैध वोटों का 51.78 प्रतिशत हिस्सा मिला। वहीं, लिबरल पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23 प्रतिशत वोट मिले।

चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति

पहले दौर में पूर्व फैक्ट्री वर्कर लूला पिछड़ गए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। लूला 5 जनवरी 2027 को चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। यह चौथी बार होगा जब वे ब्राजील के राष्ट्रपति बनेंगे। वे पहले दौर में पीछे रह गए थे। उनकी इस जीत ने लैटिन अमेरिका में उस दक्षिणपंथी झुकाव को रोक दिया है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। लूला 2027 से 2030 तक शासन करेंगे। उनके सामने एक ऐसी कांग्रेस (संसद) होगी, जिसमें बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी के पास दशकों में सबसे ज्यादा सीटें हैं।

जनता का जताया आभार

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लूला ने लिखा: “एक बार फिर, ब्राजील की जनता ने मुझे दिखाया कि जब हम साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता। हमने इन दिनों खूब मेहनत की। हर कदम, हर काम और हर मार्च, केवल चुनाव प्रचार के पल नहीं थे। ये सपनों के साक्षात होने का प्रमाण थे, जो ठोस उपलब्धियों में बदल गए…जैसे कि 6×1 वर्किंग डे (सप्ताह में 6 दिन काम) का अंत। लोगों के आगे बढ़े हाथ और उनकी मुस्कान ने मुझे याद दिलाया कि मैंने अपना जीवन इस देश के मजदूरों की लड़ाई के लिए क्यों समर्पित किया है।”

वोटर गाइड देखें उन्होंने आगे कहा, “हम इस सफर से और अधिक मजबूत, एकजुट और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए तैयार होकर निकले हैं। ब्राजील गले लगाने, हर आंसू, हर मुस्कान और मेरा हाथ कभी न छोड़ने के लिए आपका धन्यवाद। हमारी कहानी के अभी कई खूबसूरत पन्ने लिखे जाने बाकी हैं।” 4 अक्टूबर को हुए मतदान के पहले दौर में बोल्सोनारो 47.03 प्रतिशत वैध वोटों के साथ आगे थे। जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत वोट मिले थे। इस नतीजे के बाद, लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश में तीन सप्ताह तक जोरदार चुनाव प्रचार चला।

मजदूर से राष्ट्रपति बनने तक का सफर

लूला की राजनीतिक यात्रा मजदूर आंदोलन से शुरू हुई। उन्हें ब्राजील के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं में गिना जाता है। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का जन्म 27 अक्टूबर 1945 को ब्राजील के गारान्यून्‍स में हुआ था। उन्होंने कम उम्र में फैक्टरी में काम किया। फिर बाद में मजदूर यूनियन के नेता बने। वर्ष 1980 में उन्होंने वर्कर्स पार्टी (PT) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।

2002 में पहली बार राष्ट्रपति चुने गए और 2006 में दोबारा जीत हासिल की। लूला वामपंथी विचारधारा के नेता हैं। उनकी राजनीति में गरीबी और भुखमरी कम करना, सामाजिक कल्याण योजनाएं और मजदूरों के अधिकार प्रमुख मुद्दे रहे हैं। वह 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रहे और 2023 में फिर सत्ता में लौटे। 25 अक्टूबर 2026 को उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीता।

चौथी बार के राष्ट्रपति के लिए चुने गए

ब्राजील के राष्ट्रपति इनासियो लूला डा सिल्वा अब तक दो बार राष्ट्रपति बने हैं (और हालिया अक्टूबर 2026 के चुनाव में जीतकर चौथी बार के लिए चुने गए हैं)। उनके राष्ट्रपतियों के कार्यकाल और चुनाव का डिटेल्स इस प्रकार है:-

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  • लूला डा सिल्वा पहली बार 27 अक्टूबर 2002 को राष्ट्रपति चुने गए थे और उन्होंने 1 जनवरी 2003 को पद संभाला था।
  • वह अक्टूबर 2006 में दोबारा (दूसरे कार्यकाल के लिए) राष्ट्रपति चुने गए और उनका यह कार्यकाल 2011 की शुरुआत तक चला।
  • वे अक्टूबर 2022 का चुनाव जीतकर 1 जनवरी 2023 को तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने।
  • अक्टूबर 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के बाद वह 5 जनवरी 2027 से चौथी बार के लिए अपना राष्ट्रपति कार्यकाल संभालेंगे।