3-0 से चाइनीज ताईपे को रौंदकर भारत पहुंचा थॉमस कप के सेमीफाइनल में

Lakshya Sen

लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को यहां चीनी ताइपे के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की।

लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया तथा एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की।

इसके बाद सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।इसके बाद जिम्मेदारी आयुष शेट्टी पर आ गई और इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे एकल में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

भारत की इस जीत पर पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘यह यादगार प्रदर्शन है। इससे भारतीय बैडमिंटन में बढ़ते आत्मविश्वास, तैयारी और ताकत का पता चलता है।’’

भारत 2022 का चैंपियन है। वह सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा।इस जीत से भारत का थॉमस कप में पदक भी पक्का हो गया है। उसने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

लक्ष्य और चोउ के बीच इस मुकाबले से पहले आपस में रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मुकाबले में लंबी रैलियों, सटीक स्ट्रोकप्ले और उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांचक द्वंद्व देखने को मिला।

चोउ ने पहला गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीता, लेकिन दूसरे गेम में लक्ष्य ने दबाव में शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने 13-17 से पीछे रहने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर बराबर कर लिया। चोउ को दो मैच प्वाइंट मिले, लेकिन लक्ष्य ने अपना संयम बनाए रखा और दोनों को बचाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में 36 वर्षीय चोउ शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते नजर आए और लक्ष्य ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद भी उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच जीतने में सफल रहे।

Satvik Chirag

सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया तथा वे 5-5 से बराबरी पर रहने के बाद वे 8-13 से पीछे हो गए। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन चियू और वांग ने 18-15 से मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और इसके बाद पहला गेम अपने नाम कर दिया।

दूसरा गेम भी काफी कड़ा रहा। शुरुआत में दोनों जोड़ियां 8-8 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद 14-11 की बढ़त बनाई लेकिन ताइवानी खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद आक्रामक खेल का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दोनों टीमों का पलड़ा बराबर रहा लेकिन आखिर में चियू और वांग ने बढ़त बनाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह से बदल गया। भारतीय टीम आक्रामक और सटीक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रही।सात्विक ने नेट और बैककोर्ट दोनों जगह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जोड़ी को 13-6 और फिर 15-7 की बढ़त दिलाई। सात्विक और चिराग ने जल्द ही कई मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।

आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया जो पैर में चोट के कारण पूरी तरह से फिट नहीं थे।पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद आयुष ने धैर्य का परिचय दिया और महत्वपूर्ण अवसर पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार सात अंक बनाकर पहला गेम अपने नाम किया।

आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बरकरार रखा और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद 9-7 से बढ़त बना ली। इंटरवल तक वह 11-8 से आगे थे।दर्शकों से मिल रहे अपार समर्थन और भारत माता की जय के नारों के बीच आयुष ने 15-11 और फिर 19-13 की बढ़त हासिल कर ली।

लिन ने अंतिम क्षणों में वापसी की कोशिश की और स्कोर का अंतर 16-19 तक कम कर दिया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और कई मैच प्वाइंट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी के शॉट को लंबा जाने देकर मैच जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

थॉमस कप में चीन ने भारत को 3-2 से हराकर किया ग्रुप टॉप

 बुधवार को डेनमार्क के हॉर्सेंस में थॉमस और उबेर कप 2026 के अपने आखिरी राउंड रॉबिन मुकाबले में, डिफेंडिंग चैंपियन चीन से हारकर भारतीय पुरुष टीम ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रही।

ग्रुप के पिछले मुकाबलों में कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद, भारत और चीन दोनों का क्वार्टरफाइनल में पहुंचना पक्का हो गया था। बुधवार का यह मुकाबला ग्रुप के विजेता का फैसला करने के लिए था, जिसे आखिरकार चीन ने 3-2 से जीत लिया।

लक्ष्य सेन और पुरुष डबल्स की जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास जीतने के मौके थे, लेकिन वे निर्णायक मुकाबले में चूक गए।

सेन पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन ली शी फेंग से 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए, जबकि सात्विक-चिराग ने पांच मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिर में वे लियांग वेई कांग और वांग चांग से 13-21, 21-13, 24-26 से हार गए।

इसके बाद एशियन चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट आयुष शेट्टी ने भारत को स्कोरबोर्ड पर जगह दिलाई। उन्होंने एक गेम से पिछड़ने के बाद ज़ोरदार वापसी करते हुए दुनिया के 15वें नंबर के खिलाड़ी वेंग होंग यांग को 17-21, 21-13, 21-15 से हराया।

हालांकि, दूसरी पुरुष डबल्स जोड़ी हरिहरन अमसकारुनन और एमआर अर्जुन इस लय को बरकरार नहीं रख पाए और ही जी टिंग और रेन जियांग यू से 17-21, 13-21 से हार गए, जिससे ग्रुप में टॉप पर रहने की भारत की उम्मीदें खत्म हो गईं।

इसके बाद एचएस प्रणय ने लू गुआंग ज़ू को 20-22, 21-19, 21-11 से हराकर भारत के लिए दिन का समापन जीत के साथ किया। अब वे क्वार्टरफाइनल के ड्रॉ का इंतज़ार कर रहे हैं।

परिणाम:

पुरुष: भारत चीन से 2-3 से हार गया (लक्ष्य सेन ली शी फेंग से 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए; सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी लियांग वेई कांग/वांग चांग से 13-21, 21-13, 24-26 से हार गए; आयुष शेट्टी ने वेंग होंग यांग को 17-21, 21-13, 21-15 से हराया; हरिहरन अम्सकरुनन/एमआर अर्जुन हे जी टिंग/रेन जियांग यू से 17-21, 13-21 से हार गए; एचएस प्रणय ने लू गुआंग ज़ू 20-22, 21-19, 21-11से हराया)

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन, 9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दूरसंचार नियामकों, सेवा प्रदाताओं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शामिल करते हुए बहुस्तरीय कार्रवाई की गई है तथा व्हाट्सऐप ने ऐसे अपराधों में शामिल 9,400 खातों पर रोक लगाई है।

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सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने अपनी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट में इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। यह रिपोर्ट देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट  के 9 फरवरी के निर्देशों के अनुपालन में दाखिल की गई है। Edited by : Sudhir Sharma

इंदौर में संपन्न हुई पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता; दीपेंद्र और तनिष्क रहे विजेता

Shooting Competition

चत्रभुज नरसी स्कूल (CNS), इंदौर में दो दिवसीय पिस्टल शूटिंग कॉम्पिटिशन सम्पन्न हुई। ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित की देखरेख में शुरू हुई स्कूल की नई स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट पिस्टल शूटिंग एकेडमी ने अपने पहले ही आयोजन में शहर की युवा प्रतिभाओं को नई दिशा दी है।

दो दिनों तक चले कड़े मुकाबले के बाद, दीपेंद्र वर्मा (पिता) और तनिष्क वर्मा (पुत्र) ने अपने सटीक निशाने और धैर्य का परिचय देते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि आदित्यवर्धन सिंह और भूमिका सोलंकी प्रतियोगिता के रनर -अप रहे। पिस्टल शूटिंग वर्कशॉप में लगभग 89 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पेशेवर शूटिंग की बारीकियों को समझा।

इस पहल पर बात करते हुए, चत्रभुज नरसी स्कूल के चेयरपर्सन श्री सुजय जयराज ने कहा , “चत्रभुज नरसी स्कूल में हमारा मानना है कि शिक्षा को पढ़ाई से आगे बढ़कर अनुशासन, आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए। यह शूटिंग एकेडमी और फिएस्टा जैसे आयोजन हमारे उसी विजन को दर्शाते हैं, जहाँ हम छात्रों को न केवल ज्ञान बल्कि विश्वस्तरीय मौके और खेल के जरिए मजबूती प्रदान करते हैं।”

एकेडमी के मेंटर, ओलंपिक कोच और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट श्री रौनक पंडित ने युवा निशानेबाजों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा, – “इस शुरुआती स्तर पर युवा सीखने वालों को शूटिंग के खेल से रूबरू कराना सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं था—बल्कि यह उनके भीतर फोकस, सब्र और आत्मविश्वास पैदा करने की एक कोशिश थी। मुझे इन दो दिनों में बच्चों के भीतर सीखने की जो ललक और धैर्य दिखा, वह काबिले-तारीफ है। चत्रभुज नरसी स्कूल में मेरा उद्देश्य तकनीक सिखाने के साथ उन मूल्यों को जगाना है जो इन बच्चों को जीवन की हर चुनौती के लिए तैयार करें। यहाँ की वर्ल्ड-क्लास 10-मीटर शूटिंग रेंज इंदौर में भविष्य के ओलंपिक चैंपियंस तैयार करने की क्षमता रखती है।”

प्रिंसिपल डॉ जेरिन जैकब ने भी आयोजन की सफलता पर कहा कि वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के साथ सीधे जुड़कर बच्चों ने सीखा है कि कैसे अनुशासन और फोकस जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता ला सकता है।

शूटिंग रेंज के बाहर, स्कूल परिसर में आयोजित 'फिएस्टा' ने परिवारों के लिए एक शानदार उत्सव का माहौल तैयार किया, जिसमें लगभग 266 लोगों ने शिरकत की। इस फिएस्टा में विविध एक्टिविटी स्टॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, क्रिएटिव आर्ट स्पेसेस, DIY स्टॉल्स और बच्चों के आकर्षण के लिए बाउंसी कैसल जैसे कई विकल्प मौजूद थे। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वह नया 'प्ले एरिया' रहा जिसका उद्घाटन फिएस्टा से ठीक पहले किया गया था। दिन भर बच्चे अपने माता-पिता के साथ इस आधुनिक प्ले एरिया में समय बिताते और खेल का आनंद लेते नजर आए। इसके साथ ही, बच्चों की माताओं के लिए विशेष रूप से जुम्बा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने अपनी माताओं के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया और खूब आनंद उठाया।

चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर एक प्रोग्रेसिव संस्थान है जो शिक्षा, खेल और कला के समन्वय से छात्रों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। शूटिंग एकेडमी जैसी पहल स्कूल के एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट को और मजबूत करती है।

21 नहीं सिर्फ 15 अंक का हुआ बैडमिंटन मैच, नाराज भारतीय खिलाड़ी

बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को डेनमार्क के हॉर्सन में अपनी सालाना आम बैठक में 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को अपनाने की मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव को डाले गए वोट में से जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिल गया।अब 3×15 स्कोरिंग प्रणाली चार जनवरी 2027 से लागू होगी।बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है। 

लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा, ‘‘हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो, और साथ ही हम अपने खिलाड़ियों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘‘3×15 स्कोरिंग प्रणाली का मकसद बैडमिंटन को और भी ज़्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, बेहतर शेड्यूल, मैचों की अवधि में ज्यादा एकरूपता लाना, और खिलाड़ियों की भलाई और उबरने के लिए संभावित फायदे देना है। ’’

विश्व संस्था ने एक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली टेस्टिंग, विश्लेषण और सदस्यों व हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के बाद लिया गया है।

यह बीडब्ल्यूएफ के सदस्यों की सामूहिक राय को दिखाता है जो खिलाड़ियों की भलाई, और खिलाड़ियों को लंबे व ज्यादा सफल करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

भारत की प्रमुख खिलाड़ियों ने पहले इस कदम पर अपनी आपत्तियां जताई थीं और मौजूदा 21 अंक की प्रणाली का समर्थन किया था जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल शामिल हैं।

कुछ हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि बैडमिंटन का मूल स्वरूप नहीं बदलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि बदलाव से चिंताएं पैदा हो सकती हैं, खासकर ऐसे खेल में जिसकी परंपराएं इतनी मजबूत हैं। लेकिन यह फैसला बैडमिंटन के बुनियादी स्वरूप को नहीं बदलता है। खेल के कौशल, रणनीतियां, शारीरिक और मानसिक चुनौतियां, और इसका रोमांच सब कुछ वैसा ही रहेगा। ’’

भविष्य में इंडियन प्रीमियर लीग हो सकता है लॉस एंजलिस ओलंपिक्स के क्रिकेट स्टेडियम में

कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कार्यकारी वेंकी मैसूर का कहना है कि लॉस एंजेलिस 2028 के लिए बनने वाला ओलंपिक क्रिकेट स्टेडियम भविष्य में अपने वैश्विक विस्तार योजनाओं के तहत इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीमों की मेज़बानी कर सकता है। गेम्स में क्रिकेट की वापसी की तैयारी के तौर पर, दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के पोमोना शहर में फेयरग्राउंड्स (जिसे आधिकारिक तौर पर फेयरप्लेक्स के नाम से जाना जाता है) में अब निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

यह स्टेडियम केकेआर की यूएस फ्रेंचाइजी, लॉस एंजेलिस नाइट राइडर्स का घरेलू मैदान बन जाएगा और इस जुलाई में मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के मैचों की मेज़बानी करेगा। यह तीन चरणों में बनाया जाने वाला एक मॉड्यूलर स्टेडियम होगा, जिसकी क्षमता इस साल 5,000 प्रशंसकों की होगी, जो 2027 में बढ़कर 8,500 हो जाएगी, और फिर लॉस एंजेलिस 2028 के लिए छह-टीमों वाले टी20 टूर्नामेंट के लिए 15,000 तक पहुँच जाएगी।

मैसूर को यह भी उम्मीद है कि यह मैदान अंततः आईपीएल के प्रदर्शनी मैचों की मेज़बानी कर सकता है, क्योंकि यह प्रतियोगिता संयुक्त राज्य अमेरिका में विस्तार करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “क्या यह शानदार नहीं होगा?” “चुनौती हमेशा खिलाड़ियों की उपलब्धता होती है। एक बार जब आईपीएल सीजन खत्म हो जाता है, तो सभी का कैलेंडर भरा होता है और वे अलग-अलग दिशाओं में व्यस्त हो जाते हैं। “लेकिन बीसीसीआई ने क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कुछ टीमों को बाहर भेजकर प्रदर्शनी मैच खेलने के बारे में बात की है… इसलिए यह हमेशा एजेंडे में रहता है।” अमेरिका को व्यापक रूप से दुनिया का सबसे बड़ा खेल बाज़ार माना जाता है और क्रिकेट के लिए एक प्रमुख विकास क्षेत्र के रूप में देखा जाता है।

मैसूर ने कहा कि अतीत में यूएस और कनाडा दोनों से आईपीएल टीमों की मेज़बानी के लिए “ठोस प्रस्ताव” आए थे, हालाँकि उनमें से कोई भी सफल नहीं हो पाया। उन्होंने समझाया, “यह आईपीएल के साथ मेरा 16वां सीज़न है और हमने हर साल कोशिश की है, लेकिन किसी न किसी तरह से ऐसा हो नहीं पाया।” “बाज़ार को और आगे बढ़ाने के लिए एमएलसी के साथ जो कुछ हो रहा है, उसका लाभ उठाने का एक वास्तविक अवसर है। “जब दर्शकों की संख्या बढ़ती है, तो इसका मीडिया अधिकारों जैसी चीज़ों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह बहुत मायने रखता है। लेकिन सबसे पहले, हमें वह पूरा करना होगा जिसकी शुरुआत हमने यहाँ की है।”

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

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रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

 

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

 

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

ईशा अंबानी Isha Ambani

AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी

 

रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा – AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।”

 

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं।

 

जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

इंदौर में पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन, ओलंपिक कोच रौनक पंडित होंगे मेंटर

चत्रभुज नरसी स्कूल, में 25 और 26 अप्रैल, 2026 को पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता होगी। इस प्रतियोगिता में छात्र और वयस्क इस अनुशासित खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन का मार्गदर्शन ओलंपिक कोच एवं कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता श्री रौनक पंडित द्वारा किया जाएगा, जिनकी उपस्थिति प्रतियोगिता को विशेष गरिमा और उत्साह प्रदान करेगी।

25 अप्रैल को सुबह 10 से 11 बजे तक एक ओपन हाउस होगा, जिसमें श्री पंडित और अन्य ओलंपिक खिलाड़ी विद्यार्थियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों के साथ बातचीत करेंगे। यह सत्र प्रतिभागियों को ओलंपियंस से सीधे जुड़ने का एक मौका करेगा।

इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए चत्रभुज नरसी स्कूल की प्राचार्या, सुश्री जेरिन जैकब ने कहा, “हमें इस प्रतियोगिता की मेजबानी करते हुए अत्यंत खुशी हो रही है। यह आयोजन विद्यार्थियों को अनुशासन और एकाग्रता के मूल्यों से परिचित कराने के साथ उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से प्रेरित भी करता है। यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा को निखारने और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

चत्रभुज नरसी स्कूल, इंदौर के बारे में:
चत्रभुज नरसी स्कूल इंदौर एक प्रगतिशील शैक्षणिक संस्थान है, जो शिक्षा के समग्र दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। यह विद्यालय अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला और जीवन कौशल का संतुलित समावेश करता है। नवाचार और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष जोर देते हुए, यह विद्यालय विद्यार्थियों को कक्षा के भीतर और बाहर दोनों ही क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के अवसर प्रदान करता है।

चीन उतना मजबूत नहीं, क्या है थॉमस और उबेर कप में भारत के लिए संभावनाएं?

 भारत की पुरुष और महिला टीमें थॉमस कप और उबेर कप फ़ाइनल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी की नजरें डेनमार्क के हॉर्सेंस में होने वाले पहले दिन के मुक़ाबलों पर टिकी हैं। 2022 की ऐतिहासिक चैंपियन पुरुष टीम 24 अप्रैल को दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार) कनाडा के ख़िलाफ़ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद, उसी दिन महिला टीम का सामना मेजबान डेनमार्क से होगा।

ये सभी मुक़ाबले ‘फ़ोरम हॉर्सेंस’ में खेले जाएँगे। ग्रुप चरण में ग़लती की गुंजाइश बहुत कम होती है, ऐसे में भारत को शुरुआत में ही एक कड़े शेड्यूल का सामना करना पड़ रहा है। पुरुष टीम का अगला मुक़ाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया से होगा (दोपहर 12 बजे), जिसके बाद 29 अप्रैल को चीन के ख़िलाफ़ एक बेहद अहम मुक़ाबला खेला जाएगा (दोपहर 1:30 बजे)। वहीं, महिला टीम अपना अभियान 25 अप्रैल को यूक्रेन और 27 अप्रैल को चीन के ख़िलाफ़ जारी रखेगी; ये दोनों ही मुक़ाबले रात 10 बजे खेले जाएँगे। हर ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें ही नॉकआउट चरण में पहुँचेंगी, इसलिए शुरुआत में ही मज़बूत प्रदर्शन करना बेहद ज़रूरी है। सभी मैचों का सीधा प्रसारण जियो हॉटस्टार पर किया जाएगा और जियो स्टार नेटवर्क पर भी दिखाया जाएगा।

पुरुष टीम के दिग्गज खिलाड़ी एच.एस. प्रणॉय ने कहा, “पिछले कुछ हफ़्तों से हम एक टीम के तौर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमारा पूरा ध्यान अपनी टीम के तालमेल को सही करने और हर विभाग में अपनी लय बनाने पर है। थॉमस कप हमेशा ही एक कठिन प्रतियोगिता रही है, और आगे तीन कड़े ग्रुप मुक़ाबले होने के कारण, हमारा ध्यान पूरी तरह से चौकस रहने और एक-एक मैच पर ध्यान केंद्रित करने पर है।” 

महिला टीम एक नए और ताज़ा मिश्रण के साथ इस प्रतियोगिता में उतर रही है, जिसमें उभरती हुई प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा। टीम का लक्ष्य 2014 और 2016 में सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने के अपने पिछले प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है। टीम की डबल्स जोड़ी में एक बदलाव किया गया है: श्रुति मिश्रा और प्रिया कोंजेंगबम को टीम में शामिल किया गया है, जबकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, जिनमें से एक खिलाड़ी के चोटिल होने के कारण, इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।

महिला टीम की सदस्य उन्नति हुड्डा ने कहा, “यह एक बहुत बड़ा मंच है जिसका हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ी बात है, और जैसे ही आप इस माहौल में कदम रखते हैं, आप महसूस कर सकते हैं कि थॉमस और उबेर कप कितना महत्वपूर्ण है। इस बार हमारी टीम में युवा खिलाड़ी ज़्यादा हैं, और हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है, ट्रेनिंग के दौरान हर दिन एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहा है। टीम में बहुत जोश और ऊर्जा है, और हम इस मौके का पूरा फ़ायदा उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

थॉमस कप और उबर कप, दोनों के फ़ाइनल में कुल 16 टीमें हिस्सा लेती हैं, जिनमें दुनिया भर के शीर्ष बैडमिंटन खेलने वाले देश शामिल होते हैं। भारतीय पुरुष टीम ने कट-ऑफ़ तारीख तक शीर्ष तीन रैंकिंग वाली टीमों में से एक के रूप में क्वालिफ़ाई किया, जबकि महिला टीम ने भी इसी रास्ते से अपनी जगह बनाई; यह इस बात को दर्शाता है कि भारत इस खेल के शीर्ष स्तर पर लगातार अपनी उपस्थिति बनाए हुए है।

पुरुष टीम 2022 की चैंपियन के तौर पर इस टूर्नामेंट में उतर रही है, और महिला टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मेल है; ऐसे में भारत की कोशिश होगी कि वह जल्द से जल्द इस माहौल में ढल जाए और अपने अभियान को एक-एक कदम करके आगे बढ़ाए।

पुरुष टीम के मुक़ाबले – ग्रुप चरण (भारतीय समयानुसार)
24 अप्रैल: भारत बनाम कनाडा – दोपहर 12:00 बजे
27 अप्रैल: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया – दोपहर 12:00 बजे
29 अप्रैल: भारत बनाम चीन – दोपहर 1:30 बजे
महिला टीम के मुक़ाबले – ग्रुप चरण
24 अप्रैल: भारत बनाम डेनमार्क – दोपहर 3:30 बजे
25 अप्रैल: भारत बनाम यूक्रेन – रात 10:00 बजे
27 अप्रैल: भारत बनाम चीन – रात 10:00 बजे

राजनीति के कारण भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता हुई रद्द

विश्व वॉलीबॉल महासंघ (FIVB) ने ‘कानूनी और प्रशासनिक मानकों’ के उल्लंघन का हवाला देते हुए भारतीय वॉलीबॉल महासंघ की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही दो अनुभवी खिलाड़ियों ने ‘खराब सुविधाओं’ तथा चयन में ‘राजनीति’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय शिविर छोड़ दिया था।FIVB ने बयान में कहा कि उसके नियमों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भारतीय संघ की अंतरिम मान्यता वापस ले ली गई है।

FIVB ने देश में खेल की निरंतरता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक संचालन समिति गठित की है, जिसमें विश्व संस्था और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं।संचालन समिति का मुख्य उद्देश्य बदलाव के इस दौर में खेल संचालन में स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके तहत खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा, एथलीट आयोग का गठन, राज्य संघों के चुनाव और संविधान को कानूनी मानकों के अनुरूप बनाना शामिल है।

इसके अलावा, समिति पारदर्शी और योग्यता-आधारित राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया लागू करेगी, आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का समन्वय करेगी तथा तकनीकी और उच्च प्रदर्शन सहायता उपलब्ध कराएगी।FIVB के वॉलीबॉल सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत भारत को 2026 में 2.58 लाख डॉलर की सहायता जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय संघ का कामकाज पहले से ही एक अंतरिम संचालन समिति देख रही थी, जिसे प्रशासनिक सुधारों की शर्त पर सीमित अवधि के लिए मान्यता दी गई थी।विश्व निकाय ने एक बयान में कहा, “एफआईवीबी के सामान्य विनियमों के अनुच्छेद 1.5.3 और 1.9.1 के अनुसार, एफआईवीबी प्रशासनिक बोर्ड ने यह निर्धारित किया है कि भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के अंतरिम नेतृत्व द्वारा एफआईवीबी द्वारा स्थापित कानूनी और प्रशासनिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया है।”

इसमें कहा गया, “इसलिए, वीएफआई की अस्थायी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और भारत में वॉलीबॉल गतिविधियों की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एफआईवीबी और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों से बनी एक संचालन समिति को अस्थायी प्रशासनिक क्षमता प्रदान की गई है।”इस बीच, अहमदाबाद में 20 से 28 जून तक एशियाई वॉलीबॉल परिसंघ पुरुष कप का आयोजन होना है, जिसमें 12 देशों के भाग लेने की संभावना है।