भारत की नागरिकता लेने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के बल पर हॉंगकॉंग के खिलाफ मिली जीत

भारतीय पुरुष राष्ट्रीय टीम ने कोच्चि में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए AFC एशियन कप सऊदी अरब 2027 क्वालीफायर (Final Round) अभियान का शानदार अंत किया। मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 2-1 से हराया।

डेब्यू कर रहे रयान विलियम्स और लेफ्ट-बैक आकाश मिश्रा के गोलों ने ब्लू टाइगर्स को इस क्वालीफाइंग अभियान की पहली जीत दिलाई। भारत ने अपने अभियान का समापन पांच अंकों (एक जीत, दो ड्रॉ और तीन हार) के साथ किया, जबकि सिंगापुर 14 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए एशियन कप के लिए क्वालीफाई कर गया।

मुख्य कोच खालिद जमील ने रयान विलियम्स को डेब्यू का मौका दिया, जबकि बिजॉय वर्गीज ने भी सब्स्टीट्यूट के तौर पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।

भारत ने मैच की शानदार शुरुआत की। चौथे ही मिनट में रयान विलियम्स ने अपने डेब्यू को यादगार बनाते हुए गोल दागा। अभिषेक सिंह टेकचाम के पास पर मनवीर सिंह ने गेंद को विलियम्स के लिए सेट किया, जिन्होंने आसान फिनिश के साथ भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह भारत के लिए किसी डेब्यू खिलाड़ी द्वारा किया गया सबसे तेज गोल भी रहा।

बढ़त लेने के बाद भारत ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और आत्मविश्वास के साथ गेंद पर कब्जा रखते हुए खेल की गति तय की। मनवीर सिंह ने लालियानजुआला छांगते के लिए एक शानदार क्रॉस भी दिया, लेकिन हांगकांग के डिफेंडर ने खतरे को टाल दिया।

भारतीय डिफेंस ने हांगकांग को ज्यादा मौके नहीं दिए, और हर हमले को मजबूती से रोका। वहीं, भारत काउंटर अटैक में लगातार खतरनाक दिखा। 25वें मिनट में अपुइया (लालेंगमाविया) ने भी दूरी से शॉट लिया, जो थोड़ा सा बाहर निकल गया।

दूसरे हाफ की शुरुआत भी भारत ने शानदार तरीके से की। 50वें मिनट में राहुल भेके के लंबे थ्रो के बाद बॉक्स में अफरातफरी मची, जहां आकाश मिश्रा ने तेजी दिखाते हुए नजदीकी कोण से गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था।हालांकि, 65वें मिनट में हांगकांग ने वापसी की। ब्राउनश्टाइन बराक के पास पर एवर्टन कैमार्गो ने शानदार फिनिश करते हुए अंतर को कम कर दिया।

इसके बाद भारत ने खेल पर पकड़ बनाए रखी, जबकि कोच खालिद जमील ने रयान विलियम्स और अनवर अली की जगह आशीक कुरुनियान और जैकसन सिंह को उतारा। आशीक ने आते ही आक्रमण में नई ऊर्जा भर दी और लगातार मौके बनाए।हांगकांग ने भी अंत में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन गुरप्रीत सिंह संधू और भारतीय डिफेंस ने मजबूती से स्थिति संभाली।

90वें मिनट में बिजॉय वर्गीज को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने इंजरी टाइम में एक महत्वपूर्ण स्लाइडिंग टैकल कर गोल का खतरा टाल दिया।अंत में भारत ने 22,690 दर्शकों के सामने 2-1 की कड़ी जीत दर्ज की और कोच्चि में पहली जीत के साथ अपने अभियान का सकारात्मक अंत किया।

तृणमूल से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ओलंपिक पदक विजेता टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस

भारत के लिए पहला एकल ओलंपिक पदक जीतने वाले टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। साल 2021 में लिएंडर पेस ने सत्ताधारी तृणमूल कॉंग्रेस की सदस्यता ली थी। हालांकि अब वह पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रचार करने के लिए उत्सुक हैं।

तीन दशक तक चले अपने करियर में पेस युगल रैंकिंग में शीर्ष पर भी रहे और इस दौरान उन्होंने 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। इनमें आठ युगल और 10 मिश्रित युगल खिताब शामिल हैं। वह इन दोनों वर्गों में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं।

टेनिस में सर्वाधिक मिश्रित युगल ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से पेस और उनकी पूर्व जोड़ीदार मार्टिना नवरातिलोवा के नाम पर दर्ज है।

पेस 462 सप्ताह तक एटीपी युगल रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल रहे। इनमें से 37 सप्ताह वह नंबर एक पर काबिज रहे। उन्होंने अपने करियर में एटीपी टूर में कुल 55 युगल खिताब जीते।

पेस ने 30 वर्ष तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने डेविस कप में रिकॉर्ड 45 मैच जीते हैं। इसके अलावा उन्होंने 1996 में अटलांटा ओलंपिक खेलों में एकल में कांस्य पदक जीता था।विश्व के पूर्व नंबर एक युगल खिलाड़ी लिएंडर पेस अंतरराष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले पहले एशियाई पुरुष भी हैं।

Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?

जब  Google ने अपनी नवीनतम 'a' सीरीज का स्मार्टफोन लॉन्च किया तो टेक्निकल एक्सपर्ट्‍स और रिव्यूअर्स ने पहली नजर में Pixel 10a को अपने पिछले मॉडल Pixel 9a के काफी करीब पाया। हालांकि तीन हफ्तों के निरंतर इस्तेमाल के बाद यह समानताएं बेमानी लगने लगती हैं और Google Pixel 10a मजबूती से अपनी एक अलग पहचान बनाता नजर आता है।

 

मनभावन डिजाइन 

इस फोन की सबसे बड़ी खूबी इसका डिजाइन है, जो नियमित इस्तेमाल के बाद ही समझ आती है। हाल के वर्षों में आए किसी भी स्मार्टफोन के विपरीत, Pixel 10a में पूरी तरह से फ्लैट बैक पैनल दिया गया है। इसका कैमरा मॉड्यूल मैट मेटल बॉडी के अंदर बिल्कुल सपाट बैठा है। यह स्मूथ और मजबूत बिल्ड क्वालिटी इसे एक प्रीमियम अहसास देती है।

 

फ्लैट रियर का व्यावहारिक लाभ यह है कि यूजर्स  इसे डेस्क पर रखकर बिना हाथ में उठाए आसानी से टाइपिंग या मैसेजिंग कर सकते हैं। सुनने में यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन रोजमर्रा के एर्गोनॉमिक्स में यह एक बड़ा बदलाव है।

 

 

गूगल ने इसे Apple के अपकमिंग iPhone 17e से ठीक पहले उतारा है। दोनों ही फोन 15 साल पुराने iPhone 4s की याद दिलाते हैं। Pixel 10a का 'मिनिमलिस्टिक' लुक गूगल की साफ-सुथरी सौंदर्य बोध (Aesthetics) की नीति के अनुरूप है। 

 

इसमें मौजूद Tensor G4 चिप मल्टीटास्किंग के लिए पर्याप्त है। यह एक साथ सोशल मीडिया, दर्जनों ब्राउजर टैब और म्यूजिक स्ट्रीमिंग को बिना किसी बड़ी रुकावट के संभालने में सक्षम है।  इसका 6.3-इंच का OLED पैनल बेहतरीन कलर्स और शार्पनेस देता है। हालांकि गूगल ने 'फास्ट रिफ्रेश रेट' को डेवलपर सेटिंग्स के अंदर छिपा रखा है, जिसे यूजर को मैन्युअल रूप से इनेबल करना होगा।

 

कितने दमदार कैमरा और बैटरी 

50,000 रुपए से कम की श्रेणी में Pixel 10a वर्तमान में भारत का सबसे बेहतरीन फोटोग्राफी फोन बनकर उभरा है।  इसका 48-मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा Pixel 9a की तुलना में अधिक शार्प तस्वीरें लेता है। गूगल के सिग्नेचर 'कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी' एल्गोरिदम इसे Pixel 10 और 10 Pro के स्तर का अनुभव प्रदान करते हैं।  फोन सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक आसानी से चलता है। इसमें अब 30W फास्ट चार्जिंग और 10W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

कमियां जो अखरती हैं 

इतनी खूबियों के बावजूद, भारी वीडियो एडिटिंग या गेमिंग के दौरान फोन काफी गर्म हो जाता है, जिससे परफॉर्मेंस में गिरावट (Lags) महसूस की जा सकती है। साथ ही, इसमें मैग्नेटिक स्नैप-ऑन चार्जिंग का सपोर्ट न होना उन लोगों को खटक सकता है जो आधुनिक वायरलेस एक्सेसरीज के शौकीन हैं।

 

तो क्या खरीद सकते हैं स्मार्टफोन

यदि आप एक ऐसा फोन चाहते हैं जो दिखने में क्लासी हो, जिसका कैमरा शानदार हो और जो रोजमर्रा के काम आसानी से निपटा सके, तो Pixel 10a एक ठोस विकल्प है। Edited by: Sudhir Sharma

MP-CG में Jio का धमाका! जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, TRAI रिपोर्ट में खुलासा

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जियो ने एक बार फिर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में सबसे अधिक मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े हैं। जनवरी 2026 में जियो से 6.2 लाख नए मोबाइल ग्राहक जुड़े जबकि JioFiber और Jio AirFiber ब्रॉडबैंड सेवाओं को 66 हजार से अधिक नए ग्राहकों ने अपनाया। 

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TRAI के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.49 करोड़ से अधिक हो चुकी है जबकि फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और वायरलाइन ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 31.6 लाख से ज्यादा है। इनमें जियो के 4.9 करोड़ मोबाइल ग्राहक और 19.1 लाख से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक शामिल हैं, जो इसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं। 

 

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को नई गति देते हुए रिलायंस जियो की JioFiber और AirFiber सेवाएं तेजी से लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। इन सेवाओं के माध्यम से अब तक दोनों राज्यों में 19 लाख से अधिक घर हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुके हैं, जिससे शिक्षा, रोजगार, व्यापार और घरेलू जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। 

 

शिक्षा, रोजगार और जीवनशैली में बदलाव

JioFiber की उपलब्धता ने छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नई डिजिटल स्किल्स सीखने के अवसर बढ़ाए हैं। वहीं, कामकाजी लोगों के लिए वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल कार्यप्रणाली पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गई है।

गृहिणियां भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हुनर को पहचान दिलाते हुए घर बैठे छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। 

 

बेहतर एंटरटेनमेंट और डिजिटल अनुभव

JioFiber और Jio AirFiber कनेक्शन के साथ उपभोक्ताओं को 4K में क्रिकेट देखने का शानदार अनुभव, 1000+ टीवी चैनल,लाइव टीवी फीचर्स (जिसमें 350+ HD चैनल शामिल हैं), 13+ OTT ऐप्स और अनलिमिटेड वाई-फाई जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। ये सेवाएं घर को एक स्मार्ट डिजिटल हब में बदल रही हैं। 

 

हर गांव तक पहुंच रही 5G ताकत

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में जियो के पास कुल 5G स्पेक्ट्रम क्षमता का 70% से अधिक हिस्सा है, जो दोनों राज्यों के सभी  जिलों के 10 हजार से अधिक गांवों तक उपलब्ध है। जियो की स्टैंडअलोन ट्रू 5G सेवा अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma

हॉकी विश्वकप क्वालिफायर्स से पहले भारतीय टीम का 31 सदस्यीय शिविर शुरु

Savita Punia

हॉकी इंडिया ने आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को एक से नौ अप्रैल तक चलने वाले 31 सदस्यीय सीनियर महिला राष्ट्रीय कोचिंग शिविर की घोषणा की है। टीम हाल ही में हैदराबाद, तेलंगाना में संपन्न हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालिफायर्स में शानदार प्रदर्शन करने के बाद इस कैंप में हिस्सा ले रही है।

इस टूर्नामेंट में टीम ने रजत पदक हासिल किया था और आगामी एफआईएच हॉकी महिला विश्व कप 2026 (बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाला) के लिए सफलतापूर्वक क्वालिफाई कर लिया था।

इस शिविर का मुख्य ज़ोर टीम के तालमेल को बेहतर बनाने, खिलाड़ियों की फिटनेस के स्तर को ऊपर उठाने और खेल के रणनीतिक पहलुओं को और अधिक पैना करने पर रहेगा। यह सब नई कोच सजोर्ड मारिजने की देखरेख में टीम को एक ठोस आकार देने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यह महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत जून में एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप 2026 में हिस्सा लेने वाला है। इसके बाद अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड्स में एफआईएच हॉकी महिला विश्व कप 2026 होगा, और फिर 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान में 2026 एशियाई खेलों का आयोजन किया जाएगा।

गोलकीपिंग यूनिट में सविता, माधुरी किंडो, बंसरी सोलंकी और बिछू देवी खारीबाम शामिल हैं। वहीं, डिफ़ेंस लाइन में अनुभवी खिलाड़ी निक्की प्रधान और उदिता के साथ-साथ इशिका चौधरी, ज्योति सिंह, लालथंतलुंगी, ज्योति और शिल्पी डाबास जैसी खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम के पिछले छोर को मज़बूती प्रदान करती हैं।

मिडफील्ड में कप्तान सलीमा टेटे, सुशीला चानू पुखरामबम, मनीषा चौहान, वैष्णवी विट्ठल फालके और नेहा शामिल हैं। इनके साथ ही साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो और इशिका जैसी होनहार युवा खिलाड़ी भी इस यूनिट का हिस्सा हैं। फॉरवर्ड लाइन में आक्रमण के कई मज़बूत विकल्प मौजूद हैं, जिनमें हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर ‘प्लेयर ऑफ़ द ईयर’ (महिला) पुरस्कार विजेता नवनीत कौर, दीपिका, लालरेमसियामी, मुमताज़ खान, दीपिका सोरेंग, रुतजा दादासो पिसाल, बलजीत कौर, अनु, ब्यूटी डुंगडुंग, हिना बानो, सोनम और संगीता कुमारी (रिहैब) शामिल हैं।

इस शिविर को लेकर कोच सजोर्ड मारिजने ने कहा, “यह कैंप आने वाले बेहद प्रतिस्पर्धी सीजन की हमारी तैयारियों का अगला कदम है। हमारा ध्यान अपनी निरंतरता को बेहतर बनाने, अपनी रणनीतियों को और निखारने और यह सुनिश्चित करने पर होगा कि हम आने वाली चुनौतियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हों। हम एक ऐसी टीम तैयार करना चाहते हैं जो दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सके और आने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों जैसे बड़े टूर्नामेंटों के अहम पलों में जीत दिला सके।”

3 गोलों से पाकिस्तान को रौंदकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में (Video)

राउंडग्लास पंजाब एफसी एकेडमी के एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की अंडर-20 पुरुष नेशनल टीम को मालदीव में सैफ अंडर-20 चैंपियनशिप में पाकिस्तान पर 3-0 से शानदार जीत दिलाई। माले के नेशनल फुटबॉल स्टेडियम में हुए इस रोमांचक मुकाबले में ब्लू कोल्ट्स ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की और साथ ही पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की, जिसमें एकेडमी के टैलेंट ने शुरुआती गोल करने में अहम भूमिका निभाई और आखिर में मैच में किए गए हर गोल का हिसाब रखा। सिर्फ तीसरे मिनट में, गुरनाज सिंह ने शानदार विजन दिखाया, और एक परफेक्ट वेट वाली थ्रू बॉल को बॉक्स में डाल दिया। विशाल यादव, जो पंजाब एफसी के लिए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में डेब्यू करने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं, ने भारी दबाव में एरियल पास को शानदार तरीके से कंट्रोल किया और पास के पोस्ट पर पाकिस्तान के गोलकीपर को छकाते हुए भारत को शुरुआती 1-0 की बढ़त दिला दी।

पहले हाफ में पाकिस्तान ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन इंडियन डिफेंस और गोलकीपर सूरज अहीबाम डटे रहे और ज़रूरी बचाव करते हुए क्लीन शीट बनाए रखी। हालांकि, दूसरा हाफ पूरी तरह से ओमांग डोडम के नाम रहा, जिन्होंने शानदार दो गोल करके जीत पक्की की और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिससे यह पक्का हुआ कि इंडिया के तीनों गोल पंजाब एफसी एकेडमी के खिलाड़ियों ने किए। डोडम, जो इंडिया की पिछली सैफ टाइटल जीतने वाली टीम के अकेले लौटने वाले सदस्य थे, ने पिछले साल की अपनी ज़बरदस्त अटैकिंग फॉर्म जारी रखी।

64वें मिनट में, डोडम ने अपनी टाइमिंग से इंडिया की बढ़त दोगुनी कर दी, सब्स्टीट्यूट ऋषि के क्रॉसफील्ड डायगनल पास पर पहली बार में ही शानदार हेडर मारकर गोल कर दिया। इसके बाद डोडम ने गेम के आखिरी मिनटों में शानदार इंडिविजुअल और टीम परफॉर्मेंस दी। 84वें मिनट में टीम के साथी प्रशान जाजो के बॉक्स के अंदर गिरने के बाद, डोडम ने 88वें मिनट में मिली पेनल्टी को टॉप कॉर्नर में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया।

दो गोल करने वालों के अलावा, इंडियन अंडर-20 टीम में पंजाब एफसी एकेडमी के चार और खिलाड़ी हैं, जो इस बात पर ज़ोर देते हैं कि क्लब के पास देश के सबसे अच्छे यूथ सिस्टम में से एक है। यह छह मेंबर, विशाल, दोदुम, करिश सोरम, उषाम सिंह थोंगम्बा, ऋषिकांत मेइतेई लैशराम और अनिकेत यादव, पंजाब एफसी टीम का कोर हिस्सा थे, जिसने हाल ही में एआईएफएफ अंडर-17 यूथ लीग जीती थी।

इस शानदार जीत के साथ, इंडियन टीम आराम से नॉकआउट स्टेज में पहुँच गई। ब्लू कोल्ट्स अब 28 मार्च को बांग्लादेश से भिड़ेंगे और अपने ग्रुप-स्टेज कैंपेन को खत्म करेंगे।

Sora वीडियो ऐप को क्यों बंद कर रहा है OpenAI, ये वीडियो एआई टूल्स बन सकते हैं बेस्ट ऑप्शन्स

सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए Sora को बंद करने की घोषणा कर दी। यह ऐलान उसी समय हुआ जब Disney ने भी OpenAI के साथ अपनी बड़ी पार्टनरशिप खत्म कर दी।  घोषणा के तरीके से ऐसा लगा कि OpenAI के भीतर चीजें तेजी से बदल रही हैं। हालांकि Sora को पूरी तरह कब बंद किया जाएगा और इससे यूजर्स के बनाए गए वीडियो पर क्या असर पड़ेगा- इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

X पर Sora अकाउंट ने कहा कि हम जल्द ही और जानकारी साझा करेंगे, जिसमें ऐप और API की टाइमलाइन और आपके काम को सुरक्षित रखने से जुड़ी डिटेल्स शामिल होंगी। ये वीडियो एआई टूल्स आपके लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकते हैं।

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पहले क्या खास था Sora में?

यह बहुत ही आसान था। इसमें टेक्स्ट लिखते ही वीडियो बना जाते, जो सिनेमेटिक और रियलिस्टिक क्लिप्स

 की तरह होते थे। यह बिलकुल सोशल मीडिया जैसा वीडियो प्लेटफॉर्म था। लेकिन महंगा, रिस्की और विवादों में भी यह आया। लॉन्च होने के  बाद यह काफी वायरल हुआ, लेकिन  इसके बंद होने के पीछे कॉपीराइट विवाद, डीपफेक और गलत कंटेंट और बहुत ज्यादा खर्च बताया जा रहा है। 

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 Google Veo 3

 

Google का Veo 3 मॉडल सबसे लोकप्रिय ऑप्शन्स में से एक माना जा रहा है। लॉन्च के समय इसे 'बेहद रियलिस्टिक' बताया गया था।  इस टूल से हाई-क्वालिटी वीडियो बनाए जा सकते हैं , लेकिन इसके लिए Google का पेड AI प्लान लेना होगा। इसकी कीमत लगभग 7.99 डॉलर प्रति माह से शुरू होती है।  इन प्लान्स के साथ Gemini जैसे एडवांस AI फीचर्स भी मिलते हैं।

Luma Ray3

Ray3  भी एक पावरफुल AI वीडियो जनरेशन टूल है। 1080p वीडियो आउटपुट के साथ एडवांस एडिटिंग फीचर्स मिलते हैं। साथ ही प्रोफेशनल क्वालिटी वीडियो भी बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसकी कीमत ज्यादा होने के कारण यह हर यूज़र के लिए किफायती नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma

एशियाई खेलों में पदक जीतने का सपना साकार करना चाहती हैं मीराबाई चानू

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा है कि एशियन गेम्स मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहां मेरा अभी भी कुछ काम शेष है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बुधवार को उद्घाटन समारोह के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में मीराबाई ने कहा, “एशियन गेम्स मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वहां मेरा अभी भी कुछ अधूरा काम बाकी है।

एशियन गेम्स में मुकाबले का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जो इसे और भी अधिक चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बनाता है।” मीराबाई के सामने एक बड़ी चुनौती अपनी वेट कैटेगरी (वजन वर्ग) को एडजस्ट करना रही है। उन्होंने अधिकतर 49किग्रा वर्ग में ही हिस्सा लिया है, लेकिन अब इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) द्वारा वजन वर्गों में किए गए बदलावों के कारण उन्हें अलग-अलग कैटेगरी के बीच स्विच करना पड़ेगा।

मीराबाई 23 जुलाई से दो अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48किग्रा कैटेगरी में हिस्सा लेंगी, और उसके बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में पदक जीतने की एक और कोशिश के लिए वापस 49 किग्रा भार वर्ग में आ जाएंगी।
मीराबाई ने बताया, “मैं कॉमनवेल्थ गेम्स तक अपना वजन 48 किग्रा के अंदर ही रखूंगी, लेकिन उसके दो महीने के अंदर ही एशियन गेम्स होने हैं, जो कि 49किग्रा भार वर्ग में हैं, इसलिए मुझे वापस उसी कैटेगरी में जाना पड़ेगा।”

मीराबाई ने फरवरी में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपना 2026 का सीजन शुरू किया और महिलाओं की 48 किग्रा भार वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। इस चैंपियनशिप में, मीराबाई ने स्नैच में 89 किग्रा वजन उठाया – यह उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था, भले ही वह अपनी सामान्य 49किग्रा कैटेगरी से कम वजन वाली कैटेगरी में हिस्सा ले रही थीं। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 116 किग्रा का सफल लिफ्ट किया, जो महिलाओं की 48 किग्रा कैटेगरी में नेशनल रिकॉर्ड है। इससे उनका कुल वजन 205 किग्रा हो गया और उन्होंने स्वर्ण पदक जीत लिया।

मीराबाई ने ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की शुरुआत की तारीफ़ की और इसे दूर-दराज के इलाकों के खिलाड़ियों के लिए एक अहम मंच बताया। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स उन सभी खिलाड़ियों को एक मंच देगा जो दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, ताकि वे अपनी काबिलियत दिखा सकें। मैंने पूरे देश में, खासकर नॉर्थ-ईस्ट और दूसरे आदिवासी इलाकों में ऐसे कई मामले देखे हैं, जहाँ काबिलियत तो है, लेकिन केआईटीजी जैसे मंच न होने की वजह से वह उभर नहीं पाई। एनसीओई और खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस ने ऐसी सुविधाएं देने में अहम भूमिका निभाई है, जिनसे खिलाड़ियों को लगातार कोचिंग, सही खान-पान और ट्रेनिंग का माहौल मिलता है, और वे अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म बनाए रख पाते हैं। ये केंद्र खेल के पूरे माहौल को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं।”

एशिया कप में भारतीय तीरंदाजों की 2 कांस्य पदक के साथ शुरुआत

भारतीय तीरंदाजों ने एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में बुधवार को दूसरे दिन दो कांस्य पदक जीते जबकि पुरूष रिकर्व और महिला कंपाउंड टीम स्पर्धाओं के फाइनल में भी प्रवेश कर लिया।महिला कंपाउंड टीम ने पिछली बार कांस्य जीता था लेकिन इस बार फाइनल खेलकर पदक का रंग बेहतर करेगी।

चिकिथा तानीपर्थी, राज कौर और तेजल साल्वे की तिकड़ी ने स्थानीय खिलाड़ी कन्यावी मानीसोम्बात्कुल, कानोकनापुस काएचोम्फू और चानीदप्पा तानारत्पितिनान को 229-226 से हराया।

अब सेमीफाइनल में उनका सामना तीसरी वरीयता प्राप्त कजाखस्तान से होगा।पुरूष कंपाउंड वर्ग में क्वालीफिकेशन दौर में शीर्ष पर रहने के बावजूद भारतीय तीरंदाज खिताब बरकरार रखने में नाकाम रहे और कांस्य से संतोष करना पड़ा।

रजत चौहान, ऋषभ यादव और उदय कम्बोज को वियतनाम के हाथों सेमीफाइनल में 233-234 से पराजय मिली।कांस्य पदक के मुकाबले में भारतीय टीम ने भूटान को 234-232 से हराया।

रिकर्व वर्ग में भारतीय पुरूष टीम मलेशिया को 5-1 से हराकर फाइनल में पहुंच गई। भारत के देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुयेल सरकार ने एक भी सेट गंवाये बिना जीत दर्ज की। अब उनका सामना कजाखस्तान से होगा।महिला रिकर्व टीम की तिकड़ी रूमा बिस्वास, कीर्ति और रिद्धि फोर ने मलेशिया को 5-1 से हराकर कांस्य पदक जीता।

शॉटगन विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तैयार हैं भारतीय निशानेबाज

साल 2026 में होने वाले एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए निशानेबाज भौनीश मेंदिरत्ता पेरिस ओलंपिक की निराशा को भुलाकर ISSF शॉटगन विश्व कप में भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए इस साल की शानदार शुरुआत करने की कोशिश करेंगे।

ट्रैप निशानेबाज भौनीश ने पेरिस ओलंपिक के लिए भारत का पहला कोटा हासिल किया था, लेकिन वह ट्रायल्स में चूक गए थे। वह टैंजियर में शानदार शुरुआत करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे, क्योंकि 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाइंग चक्र इस साल शुरू हो रहा है।

विश्व कप के लिए भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में ट्रैप और स्कीट के लिए 12 सदस्यीय टीम और दो ट्रैप मिश्रित टीमें भी भेज रहा है, जिनकी मदद के लिए विदेशी कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिक भी साथ में होंगे। भारत के शीर्ष ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह संधू को हालांकि टीम में जगह नहीं मिल पाई है।

जोरावर पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने थे। यह 46 वर्षीय निशानेबाज वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) की विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं, लेकिन उन्हें एशियाई खेलों के लिए टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। एशियाई खेलों के लिए टीम में जगह बनाने के लिए विश्व कप में खेलना अनिवार्य होता है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ को मोरक्को में भारतीय दूतावास से हरी झंडी मिलने के बाद टीम इस प्रतियोगिता में भाग लेगी। हालांकि, कागजों में भौनीश को छोड़कर टीम काफी साधारण नजर आती है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तिगत कांस्य पदक जीतना अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानने वाले 38 वर्षीय ओलंपियन ट्रैप शूटर पृथ्वीराज टोंडाइमन पेरिस खेलों में 21वें स्थान पर रहे, जबकि उनके साथी ट्रैप शूटर किनान चेनाई की शीर्ष उपलब्धियों में एशियाई चैंपियनशिप में जीता गया व्यक्तिगत कांस्य पदक शामिल है।

इस प्रतियोगिता में 43 देशों के 271 निशानेबाज भाग लेंगे और ऐसे में भारत को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

महिला ट्रैप स्पर्धा में ओलंपियन राजेश्वरी कुमारी भारत की सबसे अनुभवी निशानेबाजों में से एक हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके परिणाम बताते हैं कि वह अभी तक अगले स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक खेलों में 22वां स्थान हासिल किया था। उन्होंने 2021 में विश्व कप में मिश्रित टीम स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था।

भारतीय टीम इस प्रकार है:

ट्रैप :

पुरुष: पृथ्वीराज टोंडाइमन, किनान चेनाई, भौनीश मेंदीरत्ता।

महिला: कीर्ति गुप्ता, राजेश्वरी कुमारी, आशिमा अहलावत।

स्कीट:

पुरुष: मान सिंह, ज्योतिरादित्य सिंह सिसौदिया, परमपाल सिंह।

महिला: यशस्वी राठौड़, दर्शना राठौड़, माहेश्वरी चौहान।

मिश्रित टीम: पृथ्वीराज टोंडाइमन और कीर्ति गुप्ता; किनान चेनाई और राजेश्वरी कुमारी