अपने लिए जीने की बारी आई, तो चुना योग का रास्ता | Senior Citizen | Yoga Nani | Maharashtra

आज जब हम किसी बुज़ुर्ग को Exercise या योग करते देखते हैं, तो ये हमारे लिए बेहद आर्श्चय करने वाली बात होती है.. लेकिन असल में ये नार्मल है! 75 साल की सुशीलजी बोहरा बताती हैं कि योग उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है। ये केवल 1 घंटे का काम नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली बदलने जैसा है।

जिस महिला ने लगभग अपना पूरा जीवन घर-परिवार और दूसरों के लिए जीने में निकाल दिया… जब अपने लिए जीने की बारी आई, तो उन्होंने योग को क्यों चुना? देखिए पूरी कहानी

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International Yoga Day 2026: गुजरात में योग दिवस का उत्सव, CM भूपेंद्र पटेल ने मानसा में किया सामूहिक योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया। “स्वस्थ जीवन के लिए योग” थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में गुजरात योग बोर्ड के अध्यक्ष शिशपाल राजपूत तथा मानसा के विधायक जे.एस. पटेल भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

विश्व योग दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। 

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में योग प्रेमी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

इस अवसर पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया और सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी से पूरा वातावरण योगमय हो गया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। Edited by : Sudhir Sharma

Yoga day 2026: 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस? पीछे छिपा है खास कारण

योग भारत की एक प्राचीन परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम मानी जाती है। यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आंतरिक मजबूती प्रदान करती है। योग के इसी महत्व को समझते हुए हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

आज के समय में बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवन में योग और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। इसी वजह से योग दिवस को वैश्विक स्तर पर बड़े उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया जाता है।

योग दिवस की शुरुआत

योग दिवस की शुरुआत का श्रेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान योग को वैश्विक मंच पर मान्यता देने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार है, जो मानवता को शरीर और मन के बीच संतुलन सिखाता है। इस प्रस्ताव को दुनियाभर के देशों ने समर्थन दिया।

संयुक्त राष्ट्र का ऐतिहासिक फैसला

11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 69/131 को स्वीकार किया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों का समर्थन मिला, जो योग की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। इसके बाद से हर साल पूरी दुनिया में योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

21 जून ही क्यों चुना गया?

21 जून को योग दिवस के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह दिन “समर सॉल्स्टिस” का होता है, जो उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है। यह दिन प्रकाश, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। भारतीय परंपराओं में भी इस समय को आध्यात्मिक साधना और आत्म-चिंतन के लिए बेहद उपयुक्त माना गया है।

योग दिवस का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूक करना है। यह दिन तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। आज योग दुनिया भर में लोगों को जोड़ने और स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करने का एक वैश्विक माध्यम बन चुका है।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने की तैयारी पूरी, 1.42 करोड़ बच्चों के साथ योगमय होगा उत्तर प्रदेश

Preparations underway to turn International Yoga Day into mass movement in Uttar Pradesh

– योगी सरकार ने छात्रों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अभिभावकों की व्यापक सहभागिता की सुनिश्चित

– योगी सरकार ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को बनाया नोडल अधिकारी

– 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 78 हजार से अधिक छात्राएं भी होंगी शामिल

– 21 जून को 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में होगा सामूहिक योगाभ्यास

– गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के बनेंगे साक्षी

International Yoga Day : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं तथा 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78 हजार से अधिक छात्राओं को योग से जोड़ने की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को प्रदेशभर के विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास होगा, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अभिभावक सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रमों के प्रभावी अनुश्रवण और समन्वय के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। योग को जन आंदोलन और स्वस्थ जीवनशैली का आधार बनाने की दिशा में योगी सरकार की सतत पहल का प्रभाव इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी दिखाई देगा, जहां गांव से लेकर शहर तक विद्यालय परिसर योगमय वातावरण के साक्षी बनेंगे। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर विद्यार्थियों के जीवन में स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश बन सके।

 

विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग का होगा आयोजन

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योग का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सके।

 

नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में योग को विद्यालयी जीवन और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विद्यालयों में नियमित योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

21 जून को होने वाला यह व्यापक आयोजन न केवल योग की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
Edited By : Chetan Gour 

योगा दिवस 2026: सेहतमंद बने रहने के लिए करें ये 5 शानदार योगासन

Girl practicing meditation and yoga

21 जून: विश्व योग दिवस 2026: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, काम का स्ट्रेस और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल हमें शारीरिक और मानसिक रूप से थका देता है। ऐसे में खुद को रीबूट करने और सेहतमंद बनाए रखने के लिए योग से बेहतर और कुछ नहीं। योग सिर्फ कसरत नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। इस योग दिवस पर अपने दैनिक जीवन में शामिल करें ये 5 शानदार योगासन, जो आपको ताउम्र निरोगी और ऊर्जावान बनाए रखेंगे।

 

1. सूर्य नमस्कार (Sun Salutation)- संपूर्ण शरीर का वर्कआउट

अगर आपके पास समय की कमी है और आप केवल एक ही आसन करना चाहते हैं, तो सूर्य नमस्कार को चुनें। यह 12 शक्तिशाली आसनों का एक खूबसूरत क्रम है।

फायदे: यह सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त करता है, वजन घटाने में मदद करता है और शरीर को गजब का लचीलापन (Flexibility) देता है।

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2. ताड़ासन (Mountain Pose)- सुदृढ़ पोस्चर और संतुलन

सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए पंजों के बल आना, ताड़ासन कहलाता है। यह दिखने में जितना सरल है, इसके लाभ उतने ही गहरे हैं।

फायदे: यह रीढ़ की हड्डी (Spine) को सीधा और मजबूत करता है, शरीर का पोस्चर सुधारता है और बच्चों की लंबाई बढ़ाने में बेहद मददगार है।

 

3. पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)- तनाव से मुक्ति

बैठकर पैरों को सीधे फैलाते हुए, आगे की ओर झुककर अंगूठे को छूना पश्चिमोत्तानासन है। यह आसन आज के समय की सबसे बड़ी समस्या 'तनाव' पर सीधा वार करता है।

फायदे: यह रीढ़ की हड्डी और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। साथ ही, यह पेट के अंगों को टोन करके पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है और मन को गहरी शांति देता है।

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4. भुजंगासन (Cobra Pose)- पीठ दर्द का काल

पेट के बल लेटकर शरीर के अग्रभाग (धड़) को ऊपर उठाना भुजंगासन या कोबरा पोज कहलाता है। दिनभर कंप्यूटर के सामने बैठने वालों के लिए यह वरदान है।

फायदे: यह पीठ और कमर के निचले हिस्से के दर्द को जड़ से खत्म करता है। यह फेफड़ों को खोलता है जिससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है और रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।

 

5. शवासन (Corpse Pose)- गहरी शिथिलता और ध्यान

सभी आसनों को करने के बाद अंत में पीठ के बल लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देना ही शवासन है। इसे करना सबसे आसान है, लेकिन इसके मानसिक लाभ अद्भुत हैं।

फायदे: यह शरीर की थकान को तुरंत मिटाकर नई ऊर्जा भरता है। हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा (Insomnia) और एंग्जायटी से परेशान लोगों के लिए यह आसन किसी रामबाण से कम नहीं है।

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एक छोटा सा संकल्प:-

योग किसी एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इस योग दिवस पर खुद से वादा करें कि आप रोज़ाना कम से कम 20 से 30 मिनट योग को ज़रूर देंगे। स्वस्थ रहें, मस्त रहें और योग को अपनाएं!

Yoga Day 2026: डिप्रेशन और माइग्रेन से राहत दिला सकते हैं ये 5 योगासन, जानिए सही तरीका

The picture shows a girl meditating, while the others are performing yoga postures.

21 June World Yoga Day : ज़िंदगी की भागदौड़, तनाव और अंतहीन चिंताएं अक्सर हमारे मन को दुखों से भर देती हैं। जब यह दुख परमानेंट ठिकाना बना ले, तो डिप्रेशन और माइग्रेन जैसी अनचाही कड़वाहटें ज़िंदगी में घुलने लगती हैं। अगर आप भी सिरदर्द की इस टीस और उदासी के साए से परेशान हैं, तो इस योग दिवस पर खुद को एक नया मौका दें। अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें ये 5 जादुई योग टिप्स और पाइए एक सुकून भरी मुस्कुराती हुई ज़िंदगी।

 

1. सांसों का संतुलन: तीन खास प्राणायाम

मन को शांत और सिर को हल्का करने के लिए चंद्रभेदी, सूर्यभेदी और भ्रामरी प्राणायाम को अपना हमसफ़र बना लीजिए। इन्हें सीखना बेहद आसान है, लेकिन इनका असर सीधा आपके मानसिक तनाव को जड़ से मिटाने पर होता है।

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2. आसनों से जगाएं ऊर्जा

शरीर और मस्तिष्क में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए योग मैट बिछाइए। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से जानुशिरासन, सुप्तवज्रासन, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तानासन, उष्ट्रासन या ब्रह्ममुद्रा का अभ्यास कर सकते हैं। अगर वक्त की कमी है, तो इन सब की जगह रोज़ाना कुछ चक्र सूर्य नमस्कार के कर लेना ही काफी है।

 

3. ध्यान: मानसिक डिटॉक्स

अगर आप आसनों के चक्रव्यूह में नहीं पड़ना चाहते, तो कोई बात नहीं। रोज़ाना बस 10 मिनट के लिए मौन होकर ध्यान (Meditation) में बैठ जाएं। यह आपके दिमाग के सारे क्लटर (कबाड़) को साफ कर देगा।

 

4. डीप ब्रीदिंग: सांसों का गणित

व्यस्तता के बहाने छोड़िए और सांस लेने का यह सिंपल फॉर्मूला आज़माइए। पेट तक एक गहरी लंबी सांस अंदर खींचें, फिर उसे दोगुने समय के लिए अंदर ही रोक कर रखें (कुंभक), और फिर धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर छोड़ दें। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 बार दोहराएं। यह डिप्रेशन के लिए इंस्टेंट रिलीफ का काम करता है।

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5. योग निद्रा: सुकून का रामबाण इलाज

तनाव भगाने का सबसे रिलैक्सिंग तरीका है योग निद्रा। रोज़ाना सिर्फ 20 मिनट के लिए योग निद्रा की मुद्रा में लेट जाएं और बैकग्राउंड में अपना पसंदीदा शांत संगीत चलाकर उसमें खो जाएं। साथ ही 5 मिनट का ध्यान और भ्रामरी प्राणायाम इसमें जोड़ लें, तो यह माइग्रेन और डिप्रेशन के खिलाफ आपके लिए सबसे अचूक और रामबाण हथियार साबित होगा।

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Yoga Day Essay: योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष निबंध

A visual providing information on adopting yoga as a lifestyle for good health

Yoga Day Essay in Hindi: योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। इसी महत्व को देखते हुए हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह दिन लोगों को योग के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

1. प्रस्तावना

2. योग का अर्थ और उद्गम

3. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास

4. वर्ष 2026 की थीम और महत्व

5. स्वास्थ्य के लिए योग के लाभ

6. उपसंहार

यहां पढ़ें विश्व योग दिवस के अवसर पर आधुनिक जीवनशैली और योग की प्रासंगिकता दर्शाता बेहतरीन हिन्दी निबंध…

 

1. प्रस्तावना

'योग कर्मसु कौशलम्' अर्थात् कर्मों में कुशलता ही योग है। आज की 21वीं सदी तकनीक और भौतिक सुख-साधनों की सदी है। लेकिन इस चकाचौंध के बीच इंसान ने जिस चीज को सबसे पहले खोया है, वह है उसका स्वास्थ्य और मानसिक शांति। तनाव, डिप्रेशन, अनिद्रा और भागदौड़ भरी जीवनशैली ने मानव शरीर को बीमारियों का घर बना दिया है।

ऐसे में, भटके हुए इंसान को सही राह दिखाने और संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करने का सबसे सशक्त माध्यम 'योग' है। योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीने की एक संपूर्ण कला है जो हमें 'स्वस्थ जीवन' की ओर ले जाती है।

 

2. योग का अर्थ और उद्गम

'योग' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की 'युज' धातु से हुई है, जिसका अर्थ होता है- जोड़ना या मिलना। व्यक्तिगत चेतना (आत्मा) का सार्वभौमिक चेतना (परमात्मा) से मिलन ही योग है। भारत की पावन भूमि पर हजारों वर्ष पहले महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित रूप दिया और 'योगसूत्र' की रचना की।

उन्होंने अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि) के माध्यम से मनुष्य को तन, मन और आत्मा से शुद्ध करने का मार्ग बताया।

 

3. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास

भारत की इस प्राचीन और अमूल्य धरोहर को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का श्रेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे रिकॉर्ड 177 देशों ने स्वीकार किया।

 

21 जून ही क्यों? 21 जून को उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे 'ग्रीष्म संक्रांति' कहते हैं। भारतीय संस्कृति में यह समय आध्यात्मिक सिद्धियों और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए विशेष माना जाता है। तब से हर साल दुनिया भर में इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

 

4. वर्ष 2026 की थीम और महत्व

इस वर्ष 21 जून 2026 को हम सभी 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। आयुष मंत्रालय द्वारा इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई है।

 

यह थीम आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। जैसे-जैसे चिकित्सा विज्ञान के कारण इंसानी उम्र बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह चुनौती भी आ रही है कि हम बुढ़ापे को लाचारी के बजाय सक्रियता और आनंद के साथ कैसे जिएं। योग के नियमित अभ्यास से ढलती उम्र में भी जोड़ों की मजबूती, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और आत्मनिर्भरता बनी रहती है। यह थीम संदेश देती है कि योग हर उम्र के व्यक्ति के लिए अमृत समान है।

 

5. स्वास्थ्य के लिए योग के लाभ

'योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं' यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक सत्य है। योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

 

शारीरिक फिटनेस और लचीलापन: ताड़ासन, भुजंगासन और सूर्य नमस्कार जैसे आसनों से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।

 

मानसिक शांति और तनाव मुक्ति: प्राणायाम- जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और ध्यान/ Meditation के जरिए मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, जिससे तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन दूर होते हैं।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता/ Immunity में वृद्धि: योग शरीर के विषैले तत्वों यानी Toxins को बाहर निकालता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और बीमारियां दूर रहती हैं। यह ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी क्रॉनिक बीमारियों को नियंत्रित करने में रामबाण है।

 

6. उपसंहार

योग किसी एक धर्म या संप्रदाय का न होकर यह पूरी मानवता के कल्याण का विज्ञान है। यह हमें सिखाता है कि दवाइयों पर निर्भर रहने से बेहतर है कि हम अपनी जीवनशैली को सुधारें।

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की सार्थकता तभी है जब हम योग को केवल 21 जून के एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर, इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। आइए, इस योग दिवस पर हम स्वयं से यह संकल्प लें कि हम प्रतिदिन कम से कम 20-30 मिनट योग को देंगे। क्योंकि जब हर नागरिक स्वस्थ होगा, तभी एक समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण होगा।

 

'करें योग, रहें निरोग।'

 

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belly fat yoga: योगा डे 2026: तोंद कम करने के 5 परफेक्ट योगासन, कोई भी 1 करें

A photo of yoga poses providing information on reducing belly fat and a protruding abdomen. The image shows five types of yoga

 

Yoga Day 2026: व्यस्त जीवनशैली के कारण अक्सर लोग जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में बढ़ता हुआ पेट या तोंद न सिर्फ हमारी पर्सनैलिटी को प्रभावित करती है, बल्कि यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकती है। अत: इसके लिये योग एक बेहद प्रभावी और परमानेंट समाधान है। योग कोई एक दिन की चीज नहीं, बल्कि जीवनशैली है। अगर आप सच में तोंद कम करना चाहते हैं, तो किसी भी 1 योगासन को रोज अपनाएं। धीरे-धीरे आपका शरीर हल्का, फिट और एनर्जेटिक महसूस करेगा।ALSO READ: June 21 Yoga Day: विश्व योग दिवस क्या है? जानें वर्ष 2026 की थीम

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के इस मौके पर, यहां पेट की चर्बी/ बैली फैट (Belly Fat) को तेजी से पिघलाने वाले 5 सबसे बेहतरीन योगासन दिए जा रहे हैं। आपको ये सारे आसन करने की जरूरत नहीं है, अपने शरीर की क्षमता के अनुसार कोई भी 1 आसन चुन लें और उसे रोजाना नियम से करें।

 

1. नौकासन- कोर को मजबूत बनाने के लिए

2. भुजंगासन- पेट स्ट्रेच करने के लिए

3. पादहस्तासन- चर्बी को निचोड़ने के लिए

4. धनुरासन- पूरे शरीर का फैट बर्न करने के लिए

फलकासन/प्लैंक पोज़/कुंभकासन- आधुनिक और सबसे असरदार

 

तोंद कम करने वाले 5 परफेक्ट योगासन

 

1. नौकासन- कोर को मजबूत बनाने के लिए

यह आसन पेट की चर्बी पर सीधे काम करता है। इसमें शरीर का आकार एक नाव/ बोट की तरह हो जाता है।

 

कैसे करें: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। सांस भरते हुए अपने सिर, कंधों, छाती और पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं। आपके हाथ आपके पैरों की सीध में होने चाहिए। शरीर का पूरा वजन आपके नितंबों (hip bones) पर होगा। इस स्थिति में 20-30 सेकंड रुकें।

 

फायदा: यह पेट की मांसपेशियों को कसता है और एब्स (abs) को टोन करता है।

 

2. भुजंगासन- पेट स्ट्रेच करने के लिए

यह आसन पेट के निचले हिस्से की चर्बी को कम करने और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए बेहतरीन है।

 

कैसे करें: पेट के बल उल्टे लेट जाएं। अपनी हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें। सांस लेते हुए शरीर के अगले हिस्से को अर्थात् नाभि तक ऊपर उठाएं और आसमान की तरफ देखें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस छोड़ते हुए नीचे आएं।

 

फायदा: इससे पेट की मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है, जिससे वहा जमा फैट बर्न होता है और पाचन क्रिया सुधरती है।

 

3. पादहस्तासन- चर्बी को निचोड़ने के लिए

यह खड़े होकर आगे की तरफ झुकने वाला आसन है, जो पेट को अंदर दबाने में मदद करता है।

 

कैसे करें: सीधे खड़े हो जाएं। सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और अपनी हथेलियों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। अपना सिर घुटनों से छुआने का प्रयास करें।

 

फायदा: यह पेट के अंगों को मसाज देता है और तोंद को बहुत तेजी से अंदर करता है।

 

4. धनुरासन- पूरे शरीर का फैट बर्न करने के लिए

इसमें शरीर का आकार खिंचे हुए धनुष जैसा बनता है। यह पेट के हिस्से को पूरी तरह से स्ट्रेच और टोन करता है।

 

कैसे करें: पेट के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर अपने पैरों को नितंबों के पास लाएं और हाथों से अपने टखनों (ankles) को पकड़ें। अब सांस लेते हुए अपनी छाती और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं। पूरा वजन पेट पर आ जाएगा।

 

फायदा: यह पेट की चर्बी घटाने के साथ-साथ कब्ज की समस्या को भी जड़ से खत्म करता है।

 

5. फलकासन/प्लैंक पोज़/कुंभकासन- आधुनिक और सबसे असरदार

यदि आप पारंपरिक योग से अलग कुछ आसान और बहुत प्रभावी चाहते हैं, तो प्लैंक सबसे बेस्ट है।

 

कैसे करें: पेट के बल लेटकर अपने हाथों की कोहनियों और पैरों के पंजों पर पूरे शरीर का वजन उठाएं। ध्यान रहे कि आपका शरीर सिर से लेकर पैर तक एक सीधी रेखा (Flat) में होना चाहिए। पेट को अंदर की तरफ खींच कर रखें और 30 से 60 सेकंड तक रुकें।

 

फायदा: यह बहुत कम समय में पेट की चर्बी को मेश (melt) कर देता है और पूरे कोर को रॉक-सॉलिड बनाता है।

 

जरूरी नियम: इन 5 आसनों में से जो भी 1 आसन आपको आसान और कम्फर्टेबल लगे, उसे चुन लें। शुरुआत में इसे कम समय के लिए करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। ध्यान रखें कि योग हमेशा सुबह खाली पेट ही करें। अच्छे रिजल्ट के लिए योग के साथ-साथ मीठा और जंक फूड कम कर दें।

 

इस योगा डे पर आप महंगे जिम की जगह घर पर ही ये 5 पावरफुल योगासन करके अपनी तोंद (belly fat) कम कर सकते हैं। इनमें से कोई भी 1 योगासन नियमित रूप से करें तो भी अच्छा असर दिख सकता है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: योगा डे 2026: ध्यान क्या है, सुदर्शन क्रिया, सक्रिय ध्यान या भावातीत ध्यान?

belly fat yoga: योगा डे 2026: तोंद कम करने के 5 परफेक्ट योगासन, कोई भी 1 करें

A photo of yoga poses providing information on reducing belly fat and a protruding abdomen. The image shows five types of yoga

 

Yoga Day 2026: व्यस्त जीवनशैली के कारण अक्सर लोग जिम जाने का समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में बढ़ता हुआ पेट या तोंद न सिर्फ हमारी पर्सनैलिटी को प्रभावित करती है, बल्कि यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकती है। अत: इसके लिये योग एक बेहद प्रभावी और परमानेंट समाधान है। योग कोई एक दिन की चीज नहीं, बल्कि जीवनशैली है। अगर आप सच में तोंद कम करना चाहते हैं, तो किसी भी 1 योगासन को रोज अपनाएं। धीरे-धीरे आपका शरीर हल्का, फिट और एनर्जेटिक महसूस करेगा।ALSO READ: June 21 Yoga Day: विश्व योग दिवस क्या है? जानें वर्ष 2026 की थीम

 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के इस मौके पर, यहां पेट की चर्बी/ बैली फैट (Belly Fat) को तेजी से पिघलाने वाले 5 सबसे बेहतरीन योगासन दिए जा रहे हैं। आपको ये सारे आसन करने की जरूरत नहीं है, अपने शरीर की क्षमता के अनुसार कोई भी 1 आसन चुन लें और उसे रोजाना नियम से करें।

 

1. नौकासन- कोर को मजबूत बनाने के लिए

2. भुजंगासन- पेट स्ट्रेच करने के लिए

3. पादहस्तासन- चर्बी को निचोड़ने के लिए

4. धनुरासन- पूरे शरीर का फैट बर्न करने के लिए

फलकासन/प्लैंक पोज़/कुंभकासन- आधुनिक और सबसे असरदार

 

तोंद कम करने वाले 5 परफेक्ट योगासन

 

1. नौकासन- कोर को मजबूत बनाने के लिए

यह आसन पेट की चर्बी पर सीधे काम करता है। इसमें शरीर का आकार एक नाव/ बोट की तरह हो जाता है।

 

कैसे करें: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। सांस भरते हुए अपने सिर, कंधों, छाती और पैरों को जमीन से ऊपर उठाएं। आपके हाथ आपके पैरों की सीध में होने चाहिए। शरीर का पूरा वजन आपके नितंबों (hip bones) पर होगा। इस स्थिति में 20-30 सेकंड रुकें।

 

फायदा: यह पेट की मांसपेशियों को कसता है और एब्स (abs) को टोन करता है।

 

2. भुजंगासन- पेट स्ट्रेच करने के लिए

यह आसन पेट के निचले हिस्से की चर्बी को कम करने और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए बेहतरीन है।

 

कैसे करें: पेट के बल उल्टे लेट जाएं। अपनी हथेलियों को कंधों के पास जमीन पर रखें। सांस लेते हुए शरीर के अगले हिस्से को अर्थात् नाभि तक ऊपर उठाएं और आसमान की तरफ देखें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस छोड़ते हुए नीचे आएं।

 

फायदा: इससे पेट की मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है, जिससे वहा जमा फैट बर्न होता है और पाचन क्रिया सुधरती है।

 

3. पादहस्तासन- चर्बी को निचोड़ने के लिए

यह खड़े होकर आगे की तरफ झुकने वाला आसन है, जो पेट को अंदर दबाने में मदद करता है।

 

कैसे करें: सीधे खड़े हो जाएं। सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और अपनी हथेलियों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। अपना सिर घुटनों से छुआने का प्रयास करें।

 

फायदा: यह पेट के अंगों को मसाज देता है और तोंद को बहुत तेजी से अंदर करता है।

 

4. धनुरासन- पूरे शरीर का फैट बर्न करने के लिए

इसमें शरीर का आकार खिंचे हुए धनुष जैसा बनता है। यह पेट के हिस्से को पूरी तरह से स्ट्रेच और टोन करता है।

 

कैसे करें: पेट के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर अपने पैरों को नितंबों के पास लाएं और हाथों से अपने टखनों (ankles) को पकड़ें। अब सांस लेते हुए अपनी छाती और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं। पूरा वजन पेट पर आ जाएगा।

 

फायदा: यह पेट की चर्बी घटाने के साथ-साथ कब्ज की समस्या को भी जड़ से खत्म करता है।

 

5. फलकासन/प्लैंक पोज़/कुंभकासन- आधुनिक और सबसे असरदार

यदि आप पारंपरिक योग से अलग कुछ आसान और बहुत प्रभावी चाहते हैं, तो प्लैंक सबसे बेस्ट है।

 

कैसे करें: पेट के बल लेटकर अपने हाथों की कोहनियों और पैरों के पंजों पर पूरे शरीर का वजन उठाएं। ध्यान रहे कि आपका शरीर सिर से लेकर पैर तक एक सीधी रेखा (Flat) में होना चाहिए। पेट को अंदर की तरफ खींच कर रखें और 30 से 60 सेकंड तक रुकें।

 

फायदा: यह बहुत कम समय में पेट की चर्बी को मेश (melt) कर देता है और पूरे कोर को रॉक-सॉलिड बनाता है।

 

जरूरी नियम: इन 5 आसनों में से जो भी 1 आसन आपको आसान और कम्फर्टेबल लगे, उसे चुन लें। शुरुआत में इसे कम समय के लिए करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। ध्यान रखें कि योग हमेशा सुबह खाली पेट ही करें। अच्छे रिजल्ट के लिए योग के साथ-साथ मीठा और जंक फूड कम कर दें।

 

इस योगा डे पर आप महंगे जिम की जगह घर पर ही ये 5 पावरफुल योगासन करके अपनी तोंद (belly fat) कम कर सकते हैं। इनमें से कोई भी 1 योगासन नियमित रूप से करें तो भी अच्छा असर दिख सकता है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: योगा डे 2026: ध्यान क्या है, सुदर्शन क्रिया, सक्रिय ध्यान या भावातीत ध्यान?

International Yoga Day : 3 लाख करोड़ रुपए की हुई वेलनेस इंडस्ट्री, जानिए योग से जुड़े किन शेयरों से हो सकती है कमाई

International Yoga Day : योग अब सिर्फ सेहत का मंत्र नहीं,बल्कि 3 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री बन चुका है। लोग अब बीमारी के इलाज से ज्यादा प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद,हेल्थ फूड्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। आखिर कितनी बड़ी है ये इंडस्ट्री और कहां हैं कमाई मौके, आइए जानते हैं।

वेलनेस इंडस्ट्री की हेल्दी हेल्थ पर नजर डाले तो योग और वेलनेस इंडस्ट्री 3 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। अगले 5-10 साल तक इसमें 15-20% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। आयुर्वेद और नेचुरल हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स के सेक्टर में कई लिस्टेड कंपनियां काम कर रही है। इनमें डाबर इंडिया (Dabur India), पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods), इमामी( Emami), जीना सीखो लाइफ केयर (Jeena Sikho Lifecare) और केआरएम आयुर्वेद (KRM Ayurveda) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

न्यूट्रिशन और वेलनेस प्रोडक्ट्स की लिस्टेड कंपनियों के बात करें तो इनमें जायडस वेलनेस (Zydus Wellness), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products), मैरिको (Marico), नेस्ले इंडिया (Nestle India), आईटीसी (ITC)और हिंदुस्तान यूनीलीवर (Hindustan Unilever) के नाम शुमार हैं।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का लिस्टेड कंपनियों पर नजर डालें तो इसमें पीएंडजी हेल्थकेयर (P&G Health), सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर (Sanofi Consumer Healthcare), अमृतांजन हेल्थ केयर ( Amrutanjan Health Care) और हेक्सागॉन न्युट्रिशन (Hexagon Nutrition) के नाम शामिल हैं।

योगा डे से योगा डे: पिछले 1 साल के रिटर्न

पिछले योगा डे से इस योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत अच्छी रही उनमें केआरएम आयुर्वेदा ने 40 फीसदी, जीना सीखो ने 28 फीसदी, जाइडस वेलनेस ने 27 फीसदी, मैरिको ने 21 फीसदी, नेस्ले इंडिया ने 19 फीसदी, टाटा कंज्यूमर ने 5 फीसदी और पीएंडजी हेल्थ ने 5 फीसदी रिटर्न दिया है।

योगा डे से योगा डे: खराब रही सेहत

योगा डे से योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत खराब रही है उनमें पतंजलि फूड्स में 23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, इमामी का शेयर इस अवधि में 30 फीसदी टूटा है। आईटीसी में भी 28 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि, अमृतांजन हेल्थ 22 फीसदी और डाबर 9 फीसदी टूटा है।

 

Accenture Q3 Results: एक्सेंचर के कमजोर नतीजों ने तोड़ी आईटी शेयरों की कमर, अब इस सेक्टर में क्या हो निवेश रणनीति?