International Yoga Day 2026: रोज सिर्फ 5 मिनट करें यह प्राणायाम, शरीर और मन को मिलेंगे 5 बड़े फायदे

Picture shows a girl doing pranayama with green grass and the sun in the background

प्रतिवर्ष 21 जून को विश्‍व योग दिवस मनाया जाता है। यदि आप योगासान करना जानते हैं तो यह प्राणायम की तैयारी के बेहतर है। यदि आप नहीं भी जानते हैं तो भी आप प्राणायाम करके भरपूर लाभ उठा सकते हैं। बस जरूरी यह है कि आप इसे सही तरीके और नियम के साथ करें। चलिए जानते हैं प्राणायम के 5 फायदे और विधि।

 

जानें कैसे करें अनुलोम-विलोम प्राणायाम:

  • यदि आप नए हैं तो आपको अनुलोम विलोम प्राणायाम करना चाहिए, जिसे 'नाड़ी शोधन प्राणायाम' भी कहा जाता है।
  • किसी शांत जगह पर पद्मासन, सुखासन या आरामदायक मुद्रा में बैठें।
  • दाएं हाथ के अंगूठे से दाहिने नथुने को बंद करें।
  • बाएं नथुने से धीरे-धीरे और गहराई से सांस लें।
  • बाएं नथुने को अनामिका यानी रिंग फिंगर से बंद करें और अंगूठे को हटाकर दाहिने नथुने से धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • अब दाहिने नथुने से सांस लें।
  • दाहिने नथुने को अंगूठे से बंद करें और अनामिका हटाकर बाएं नथुने से सांस छोड़ें।
  • यह एक चक्र पूरा हुआ। इसी तरह 5 मिनट तक अभ्यास करें। शुरुआत 5 मिनट से करें, धीरे-धीरे 15-15 मिनट तक बढ़ाएं।

 

अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने के 5 प्रमुख फायदे:

1. मन और मस्तिष्क:

अनुलोम विलोम पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे तनाव वाले हार्मोन कम होते और मन शांत होता है। मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलार्द्धों जो कि तर्क और रचनात्मकता से जुड़े होते हैं के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।

 

2. फेफड़ों और श्‍वसन प्रणाली:

यह फेफड़ों की क्षमता यानी लंग की कैपेसिटी को बढ़ाता है, जिससे अधिक ऑक्सीजन अंदर आती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है। यह श्वसन प्रणाली को मजबूत करके अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस और एलर्जी जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है। यह श्वास मार्ग को साफ करता है और सूजन को कम करता है।

 

3. ब्लड प्रेशर:

नियमित अभ्यास उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर को कम करने और नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है, क्योंकि यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। 

 

4. डिटॉक्सिफाई:

इस प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन के बेहतर प्रवाह और तंत्रिका तंत्र के संतुलन से पाचन क्रिया में भी सुधार होता है। गहरी और नियंत्रित श्वास शरीर से विषाक्त पदार्थों को अधिक कुशलता से बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर आंतरिक रूप से शुद्ध होता है। यह शुद्धि हमें निरोगी बनाकर हमारी आयु को बढ़ाने वाली सिद्ध होती है। 

 

5. प्रतिरक्षा प्रणाली:

बेहतर ऑक्सीजन प्रवाह, तनाव में कमी और शरीर का आंतरिक संतुलन प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।

 

विशेष: यदि आप अनुलोम विलोम में पारंगत हो जाएं तब आप भस्त्रिका और कपालभाती प्राणायम की ओर बढ़ें। इसे भी आप 5 मिनट से 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जानिए इस बार की थीम, उद्देश्य और खास कार्यक्रम

12th International yoga Day theme

21 जून 2026 को भारत सहित पूरे विश्व में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आयुष मंत्रालय द्वारा इस बार के योग दिवस को लेकर थीम और विशेष कार्यक्रमों की घोषणा कर दी गई है। चलिए जानते हैं इस बार के योगा डे की खास बातें।

 

1. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम

  • इस वर्ष (2026) के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की आधिकारिक थीम है:
  • “स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing)
  • थीम का महत्व: केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह थीम आधुनिक युग की एक बड़ी चुनौती को संबोधित करती है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती उम्र के साथ लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जीने के लिए योग को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
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2. मुख्य कार्यक्रम (Main Event)

कोलकाता में मुख्य आयोजन: इस साल राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक 'रेड रोड' (Red Road) पर आयोजित किया जाएगा।

पीएम मोदी करेंगे नेतृत्व: इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौजूद रहेंगे और देश-विदेश के लाखों लोगों के साथ योग सत्र का नेतृत्व करेंगे।

International yoga Day theme

3. इस बार के विशेष कार्यक्रम और आकर्षण

100 ऐतिहासिक धरोहरों पर योग: देश की सांस्कृतिक विरासत को योग से जोड़ने के लिए भारत के 100 प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक स्थलों (Iconic Heritage Sites) पर विशेष योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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गंगा तट योग यात्रा (Gangotri to Gangasagar): 13 जून से 20 जून तक 'गंगोत्री से गंगासागर' तक एक विशेष योग यात्रा का आयोजन किया गया है। यह यात्रा गंगा नदी के किनारे प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए लोगों में पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे रही है।
 

कोलकाता में विशेष प्रस्तुतियां: मुख्य आयोजन से पहले, 19 जून को शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए “दौड़ से ध्यान” (Daud se Dhyan) और 20 जून को देशभक्ति व योग के संगम को दर्शाने वाला “वंदे योगम” (Vande Yogam) कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
 

वैश्विक स्तर पर आयोजन: इस बार विदेशों में भी योग दिवस को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के समन्वय से दुनिया भर के 210 से अधिक देशों में, लगभग 2,500 स्थानों पर योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
 

नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: इस योग दिवस की तैयारियों (काउंटडाउन) के तहत 14 जून को आयोजित एक राष्ट्रव्यापी लाइव योग सत्र में 4 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ भाग लिया, जिसने एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है।
 

डिजिटल पहल: आम जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने 'योग संगम पोर्टल' (Yoga Sangam Portal) को फिर से लॉन्च किया है, जहाँ लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, साथ ही MyGov प्लेटफॉर्म पर फोटोग्राफी, क्विज़ और रील्स मेकिंग जैसी कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।

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