दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर हुआ खत्म? युवा पेसरों पर दांव लगा रहे सेलेक्टर्स

भारत के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले काफी समय से नेशनल टीम से दूर हैं। वहीं श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है। वहीं अब ऐसा लग रहा कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। लंबे समय से टीम के अहम गेंदबाज रहे शमी ने वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमैंट अब युवा तेज गेंदबाजों को अधिक अवसर देकर आने वाले वर्षों के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना चाहता है।

टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म साबित की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं दिया।

युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं मौका

स्पोर्ट्सस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चयनकर्ताओं ने सभी फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए 15 युवा तेज गेंदबाजों का एक समूह तैयार किया है। माना जा रहा कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मोहम्मद शमी इस लंबे समय की योजना का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चयनकर्ता अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अभी से टीम तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत अनुभवी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को लगातार इंटरनेशनल मैच खिलाने की योजना है।

बुमराह टीम के अहम खिलाड़ी

जसप्रीत बुमराह भारतीय तेज गेंदबाजी के मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें हर मैच में नहीं खिलाना चाहता। इसलिए चयनकर्ता भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम को नई तेज गेंदबाजी यूनिट तैयार करने में मदद मिल सकती थी। बुमराह की गैरमौजूदगी में वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी दे सकते थे। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं के मुताबिक, अब भविष्य की टीम बनाने पर पूरा ध्यान देना जरूरी है और पुराने विकल्पों पर निर्भर रहने से इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

सिराज पर होगी नजर

मोहम्मद शमी के टीम से बाहर रहने और जसप्रीत बुमराह के हर टेस्ट मैच में खेलने की संभावना कम होने के कारण अब तेज गेंदबाजी की बड़ी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज पर आ सकती है। इसके साथ ही चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके देकर एक मजबूत गेंदबाजी समूह तैयार करना चाहते हैं, ताकि आने वाले वर्षों में टीम के पास कई भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहें।