क्या ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

पर्सनल लोन एक ऐसा फाइनेंशियल टूल है, जो मेडिकल बिल्स, एजुकेशन फीस या दूसरी जरूरी फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है. डिजिटल लेंडिंग के बढ़ने से ऑनलाइन पर्सनल लोन लेना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गया है. इस प्रोसेस का एक अहम स्टेप है KYC (Know Your Customer) वेरिफिकेशन, जिसके जरिए लेंडर्स आपकी आइडेंटिटी यानि कि आपकी पहचान वेरिफाई करते हैं. जब ये प्रोसेस डिजिटली होता है, तो इसे e-KYC कहते हैं.

प्रोसेस को और तेज व आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अब लेंडर्स को वीडियो कॉल के जरिए e-KYC करने की इजाजत देता है, जिसे वीडियो KYC कहते हैं. इससे फिजिकल डॉक्युमेंट्स जमा करने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे लोन अप्रूवल तेज और हैसल-फ्री हो जाता है.

पाएं पर्सनल लोन 9.99% से शुरू

पर्सनल लोन वीडियो KYC क्या है?

जैसा कि नाम से पता चलता है, वीडियो KYC आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई करने का वीडियो-बेस्ड तरीका है. ये एक नॉर्मल वीडियो कॉल की तरह ही है. आपके लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन का फ्रंट-फेसिंग कैमरा यूज होता है ताकि लेंडिंग इंस्टीट्यूशन के ऑफिशियल्स आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई कर सकें. इस दौरान ऑफिशियल्स आपकी इमेज कैप्चर कर सकते हैं.

इस प्रोसेस में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाने होते हैं. ऑफिशियल्स एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और KYC गाइडलाइंस के हिसाब से कुछ सवाल पूछ सकते हैं. साथ ही, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग ऑन रखना जरूरी है ताकि लेंडर को आपकी लोकेशन पता रहे.

क्या पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

वीडियो KYC की जरूरत हर लेंडर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कुछ लेंडर्स इसे पर्सनल लोन देने के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कुछ के लिए ये ऑप्शनल हो सकता है. आप बैंक-वाइज पर्सनल लोन वीडियो KYC डिटेल्स चेक कर सकते हैं ताकि पता चल सके कि किसी खास बैंक से ऑनलाइन लोन लेने के लिए वीडियो KYC जरूरी है या नहीं.

वीडियो KYC के फायदे

वीडियो KYC के कुछ बड़े फायदे हैं:

फिजिकल डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं: वीडियो KYC का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कोई डॉक्यूमेंट फिजिकली जमा नहीं करना पड़ता. आप वीडियो कॉल में डॉक्युमेंट्स दिखाकर प्रोसेस पूरा कर सकते हैं.

फास्ट लोन अप्रूवल: वीडियो KYC से आइडेंटिटी वेरिफिकेशन मिनटों में हो जाता है, जिससे लोन सैंक्शन का टाइम कम हो जाता है.

लेकिन आपको कौन सा लोन चुनना चाहिए? मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप लेंडर्स के लोन चेक कर सकते हैं. आप 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं, जिसमें इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं. ये लोन सर्च करने का तेज और ऑनलाइन तरीका है और कोई चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती है.

बढ़ी हुई एक्सेसिबिलिटी और रिमोट बोर्डिंग: वीडियो KYC से कस्टमर्स अपने घर से ही पर्सनल लोन KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं. ये स्ट्रेस-फ्री और कन्वीनियंट है और कस्टमर्स को लेंडर की लोकल ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. ये खास तौर पर रिमोट और कम सर्विस वाले इलाकों में रहने वालों के लिए फायदेमंद है.

वीडियो KYC पूरा करने के स्टेप्स

वीडियो KYC पूरा करने के लिए आपको ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

डिवाइस सेट करें: पहले तय करें कि आप वीडियो KYC के लिए कौन सा डिवाइस यूज करेंगे. आप डेस्कटॉप, लैपटॉप या स्मार्टफोन यूज कर सकते हैं. इसमें वेबकैम या फ्रंट-फेसिंग कैमरा और अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए. रूम में पर्याप्त लाइटिंग हो और कोई नॉइज न हो.

आधार-बेस्ड e-KYC पूरा करें: लेंडर आपको एक लिंक देगा, जिससे आपको आधार वेरिफिकेशन पूरा करना होगा. आपके आधार-रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे आपको एंटर करना होगा.

वीडियो KYC लिंक रिसीव करें: लेंडर आपको वीडियो कॉल जॉइन करने का लिंक भेजेगा. आपका अपॉइंटमेंट KYC ऑफिशियल्स की अवेलेबिलिटी के हिसाब से शेड्यूल होगा.

वीडियो कॉल जॉइन करें: शेड्यूल के हिसाब से टाइम पर वीडियो कॉल जॉइन करें. कैमरा और माइक्रोफोन ऑन करें ताकि प्रोसेस शुरू हो सके.

जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाएं: वीडियो कॉल में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे रिलेवेंट डॉक्युमेंट्स ऑफिसर को दिखाने होंगे. आपको एम्प्लॉयमेंट या इनकम प्रूफ भी दिखाना पड़ सकता है.

सवालों के जवाब दें: KYC ऑफिसर आपके लोन एप्लिकेशन और दिखाए गए डॉक्युमेंट्स के आधार पर कुछ सवाल पूछेगा. सभी सवालों के सही जवाब दें.

KYC प्रोसेस पूरा करें: KYC ऑफिशियल्स को आपकी KYC एप्लिकेशन चेक करने और अप्रूव या रिजेक्ट करने में आमतौर पर कुछ मिनट लगते हैं.

अगर वीडियो KYC सक्सेसफुल होती है, तो लेंडर आपकी लोन एप्लिकेशन का मूल्यांकन करेगा. लोन अप्रूव होने पर लोन अमाउंट आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

वीडियो KYC लोन एप्लिकेशन प्रोसेस में एक शानदार स्टेप है. ये KYC पूरा करने का बहुत कन्वीनियंट और सिक्योर तरीका है. इससे आपका काफी टाइम और मेहनत बचती है और ये फाइनेंशियल इनक्लूजन को भी बढ़ावा देता है. अगर आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो मनीकंट्रोल ऐप पर आप लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का लोन अप्लाई कर सकते हैं. आपको बस लोन सेक्शन में जाना है, अपने लिए सही लोन चुनना है, एप्लिकेशन फॉर्म भरना है और जरूरी डॉक्युमेंट्स अपलोड करने हैं. इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं.

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया 94.35 पर खुला, क्रूड में नरमी से मिल रहा सपोर्ट, आगे कैसा रहेगा आउटलुक

INR vs USD:  शुक्रवार, 19 जून को रुपया US डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की मामूली गिरावट के साथ 94.35 पर खुला, क्योंकि US फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बाद घरेलू फ्लो और सेंटिमेंट में सुधार से मजबूत डॉलर के असर को कम करने में मदद मिली।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने बताया कि हाल के सेशंस में कैपिटल फ्लो भारतीय करेंसी के लिए तेजी से सपोर्टिव हो गया है। घरेलू डेट मार्केट में मजबूत इनफ्लो, इक्विटी से विदेशी पोर्टफोलियो आउटफ्लो में कमी और इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स की बैलेंस्ड भागीदारी ने फॉरेक्स मार्केट में डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स को बेहतर बनाने में मदद की है।

बैंकर्स ने बताया कि इंपोर्टर हेजिंग एक्टिविटी अभी भी ऊंची बनी हुई है, लेकिन मार्केट में एकतरफा डॉलर डिमांड से एक साफ बदलाव देखा गया है, जिसने हाल के हफ्तों में रुपये पर दबाव डाला था। इससे पहले, इंपोर्टर्स की तेज खरीदारी और लगातार विदेशी फंड आउटफ्लो ने लोकल करेंसी पर दबाव बनाए रखा था।

रुपये को विदेशी कैपिटल को आकर्षित करने और डॉलर इनफ्लो को बढ़ाने के मकसद से पॉलिसी उपायों से भी फायदा हुआ है। इसके अलावा, US-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे करेंसी को लेकर ओवरऑल सेंटिमेंट बेहतर हुआ है।

मज़बूत इनफ्लो, तेल की कम कीमतों और मार्केट में बढ़ते भरोसे के मेल से US डॉलर में नई मज़बूती के बावजूद रुपया मज़बूत बना हुआ है।

क्रूड में नरमी से मिला रुपये को मजबूत सपोर्ट

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल अभी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ा पॉज़िटिव फ़ैक्टर बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड अभी $75–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रहा है, जो इस साल की शुरुआत में ईरान संघर्ष से पहले के लेवल पर वापस आ गया है। हालांकि हाल ही में हुए US-ईरान शांति समझौते ने तुरंत सप्लाई की चिंताओं को कम किया है, लेकिन एनालिस्ट एक बड़े स्ट्रक्चरल ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं जो तेल की कीमतों को कम रख सकता है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) को उम्मीद है कि 2027 तक ग्लोबल तेल सप्लाई लगभग 8 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़ जाएगी, जबकि डिमांड ग्रोथ केवल लगभग 2 मिलियन बैरल प्रति दिन रहने का अनुमान है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लाई-डिमांड के इस बढ़ते अंतर से तेल की कीमतों पर एक नैचुरल लिमिट लग सकती है, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी को सपोर्ट मिल सकता है।

पॉजिटिव सेंटिमेंट में यह भी शामिल है कि गल्फ के रास्ते तेल शिपमेंट नॉर्मल हो गए हैं, सऊदी अरब और UAE के टैंकर महीनों की रुकावटों के बाद रेगुलर ऑपरेशन फिर से शुरू कर रहे हैं, जिससे सप्लाई में रुकावटों को लेकर चिंता और कम हो गई है।

बेहतर फंडामेंटल्स के बीच रुपये में रिकवरी जारी

करेंसी स्ट्रैटेजिस्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट पर रुपये ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है, लगातार पांच सेशन तक मजबूत हुआ है और 94.30–94.60 प्रति डॉलर की रेंज में आराम से ट्रेड कर रहा है। यह कुछ हफ्ते पहले देखे गए दबाव से एक बड़ी रिकवरी है, जब क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों और विदेशी आउटफ्लो ने करेंसी पर दबाव डाला था।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि कैपिटल फ्लो में सुधार, इंपोर्ट से जुड़ी डॉलर की कम डिमांड और जियोपॉलिटिकल रिस्क में कमी, इन सभी ने रुपये की हालिया मजबूती में योगदान दिया है।

फेड के सख्त रवैये से डॉलर को मिला सपोर्ट

हालांकि रुपया मजबूत हुआ है, लेकिन एनालिस्ट चेतावनी दे रहे हैं कि फेडरल रिजर्व के पॉलिसी रुख से US डॉलर को सपोर्ट मिलता रहेगा।

US सेंट्रल बैंक ने इंटरेस्ट रेट को 3.50%-3.75% पर बिना किसी बदलाव के रखा, लेकिन पॉलिसी बनाने वालों ने तुलनात्मक रूप से सख्त रुख बनाए रखा, जिसमें कमिटी के लगभग आधे सदस्य अभी भी इस साल कम से कम एक और रेट बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।

हाल के US इकोनॉमिक डेटा ने भी डॉलर की मजबूती को और मजबूत किया है। शुरुआती बेरोजगारी के दावे कम होकर 226,000 हो गए, जबकि छंटनी अब भी ऐतिहासिक रूप से कम है। हालांकि लगातार दावे बढ़े हैं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेबर मार्केट तेजी से कमजोर होने के बजाय धीरे-धीरे ठंडा होता दिख रहा है।

इस वजह से, डॉलर को जल्द ही सपोर्ट मिल सकता है, हालांकि मार्केट यह देखना जारी रखेंगे कि क्या महंगाई कम होने और एनर्जी की कीमतों में नरमी से फेड आखिरकार ज्यादा न्यूट्रल रुख अपना पाएगा।

एक्सपर्ट्स का यह भी मानना ​​है कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अपने बाहरी बफ़र्स को मज़बूत करने के लिए अच्छे मार्केट हालात का फ़ायदा उठा रहा है। कच्चे तेल की कम कीमतों और बेहतर विदेशी करेंसी इनफ़्लो से रुपये को सपोर्ट मिलने के साथ, RBI से उम्मीद है कि वह फ़ॉरेक्स रिज़र्व को फिर से भरने के लिए एक्टिव रूप से डॉलर खरीदेगा और धीरे-धीरे अपनी बड़ी फ़ॉरवर्ड डॉलर पोज़िशन को कम करेगा, जिसका अनुमान लगभग $110 बिलियन है।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स का अनुमान है कि सेंट्रल बैंक ने पिछले कुछ सेशन में मार्केट से $3-5 बिलियन एब्ज़ॉर्ब किए होंगे। एनालिस्ट्स ज़ोर देते हैं कि इस तरह का दखल करेंसी के ट्रैजेक्टरी को लेकर किसी चिंता के बजाय समझदारी भरे रिज़र्व मैनेजमेंट को दिखाता है।

हालांकि ये खरीदारी रुपये की बढ़त की रफ़्तार को कम कर सकती हैं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनसे करेंसी की रिकवरी ज़्यादा टिकाऊ होगी और भविष्य के बाहरी झटकों से कम कमज़ोर होगी।

रुपये का आउटलुक

CR फ़ॉरेक्स एडवाइज़र्स के MD, अमित पाबारी के अनुसार, तेल की कीमतें सपोर्टिव बनी हुई हैं, विदेशी इनफ़्लो बेहतर हो रहे हैं, और डॉलर की मज़बूती नए सवालों का सामना कर रही है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन, 9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

whatsapp

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दूरसंचार नियामकों, सेवा प्रदाताओं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शामिल करते हुए बहुस्तरीय कार्रवाई की गई है तथा व्हाट्सऐप ने ऐसे अपराधों में शामिल 9,400 खातों पर रोक लगाई है।

ALSO READ: Sonam Raghuvanshi : सोनम रघुवंशी को जमानत, मेघालय कोर्ट का बड़ा फैसला, इंदौर के राजा मर्डर केस में आरोपी, हनीमून के दौरान रची थी साजिश

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने अपनी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट में इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। यह रिपोर्ट देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट  के 9 फरवरी के निर्देशों के अनुपालन में दाखिल की गई है। Edited by : Sudhir Sharma

10,000 से ज्यादा के Online Payment पर 1 घंटे का होल्ड, क्या है RBI ला रहा है 3 फीचर्स

डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कई बड़े बदलाव के सुझाव दिए हैं। इनमें से एक यह है कि ₹10,000 से ज्यादा के डिजिटल पेमेंट्स को लाभार्थी के खाते में जमा होने में 1 घंटे की देरी का नियम लागू किया जाए। अधिकतर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। 

ALSO READ: What is zombie drug : आखिर क्या है भारत में जॉम्बी वायरस का सच, युवाओं के वायरल वीडियोज से मचा हड़कंप

हालांकि अभी ये सिर्फ प्रस्तावित हैं, लागू नहीं हुए हैं। इस प्लान में किल स्विच से लेकर पेमेंट होने में एक घंटे वाली देरी शामिल है। इससे अगर गलत ट्रांजेक्शन हो जाता है तो उसे रोकने या कैंसिल करने का अवसर मिल सकता है। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।  RBI सिर्फ टाइम लिमिट ही नहीं, बल्कि 3 नए फीचर्स भी ला रहा है।

ALSO READ: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच 1600 करोड़ का अमेरिकी 'सुपर-ड्रोन' लापता, क्या है कोड 7700 का रहस्य

क्या होगा फायदा 

अभी हम जैसे ही 'Pay' बटन दबाते हैं, पैसा तुरंत दूसरे के खाते में पहुंच जाता है। जालसाज (Scammers) इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। RBI का नया प्रस्ताव कहता है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा भेज रहे हैं, तो वह पैसा सामने वाले को तुरंत नहीं मिलेगा। उस 1 घंटे के दौरान आप ट्रांजेक्शन को चेक कर सकते हैं। अगर गलती से पेमेंट हुआ है, तो उसे कैंसिल कर सकते हैं। और धोखाधड़ी का अहसास होने पर पेमेंट रोक सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 688.13 अरब डॉलर तक बढ़ा, आठवें सप्ताह में वृद्धि जारी

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 1.98 अरब डॉलर बढ़कर 688.13 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि लगातार आठवें सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई है। इसके पहले के सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 8.31 अरब डॉलर बढ़कर 686.14 अरब डॉलर […]

ट्रंप टैरिफ का भारत पर नहीं होगा ज्यादा असर, लॉन्ग टर्म में हो सकता है फायदा: RBI गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शीर्ष अधिकारियों ने मंगलवार को संसदीय समिति को डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क के भारत पर पड़ने वाले आर्थिक असर के बारे में अपने विचार साझा किए और कहा कि भारत पर इसका असर बहुत अधिक नहीं होगा। अधिकारियों ने समिति से कहा कि चीन और अमेरिका के […]

भारत में निवेश अमेरिकी कंपनियों के भविष्य के लिए लाभदायक होगा- आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​ने अमेरिकी उद्योग से भारत में निवेश करने को कहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत नीतिगत स्थिरता और निश्चितता के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने शुक्रवार को यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और […]

बाह्य वाणिज्यिक उधारी के जरिये जुटाई गई रकम दोगुनी से अधिक

बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये जुटाई गई दोगुनी से अधिक होकर 20.3 अरब डॉलर हो गई है। ये आंकड़े एक साल पहले के मुकाबले पिछले साल अप्रैल से लेकर इस साल फरवरी के बीच के है। इसका आंशिक कारण विदेशी फंड जुटाने की लागत में कमी है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के […]

महंगाई काबू में, रिजर्व बैंक ने रीपो दर घटाई और विकास को प्राथमिकता दी: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 7 से 9 अप्रैल की बैठक के दौरान पाया कि महंगाई दर पूर्वानुमान के अनुकूल बनी हुई है। इसे देखते हुए समिति की राय थी कि नीति को वृद्धि अनुकूल बनाए जाने की जरूरत है। रिजर्व बैंक की ओर से आज जारी बैठक के ब्योरे से […]

लोन होगा सस्ता, महंगाई में भी आएगी गिरावट; SBI रिसर्च ने Repo Rate, CPI और ग्लोबल GDP ग्रोथ पर जताया ये अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छह सदस्यीय मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक आज से शुरू हो गई है। यह बैठक चालू वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की पहली समीक्षा बैठक है। SBI रिसर्च ने अपने ताजा रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि अप्रैल 2025 में केंद्रीय बैंक रीपो रेट (Repo Rate) में 25 बेसिस प्वाइंट […]