दिल्ली में बनेगी तीसरी रिंग रोड! नॉर्थ से साउथ तक का सफर 30 मिनट में होगा पूरा, जानिए ₹7000 करोड़ का पूरा मास्टर प्लान

Delhi Parallel Ring Road: दिल्ली में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए सरकार ने पैरलल रिंग रोड का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके लिए 2026-27 के बजट में व्यवहार्यता अध्ययन यानी फिजिबिलिटी स्टडी के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह प्रस्तावित तीसरी रिंग रोड मौजूदा इनर और आउटर रिंग रोड के समानांतर विकसित की जाएगी, जिससे राजधानी में ट्रैफिक का दबाव कम करने और कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिल सकेगी।

बता दें कि दिल्ली सरकार का फोकस राजधानी में ऐसी सड़कों का नेटवर्क तैयार करने पर है, जहां लोगों को बिना रूकावट के साथ बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिले। इसके तहत जलवायु के अनुकूल और आधुनिक तकनीक से लैस सड़कों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस प्रोजेक्ट पर काम भी तेज कर दिया है।

6 फेज में होगा 55 किमी एलिवेटेड रिंग रोड का निर्माण

प्रस्तावित 55 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रिंग रोड कॉरिडोर की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इस पूरे कॉरिडोर को 6 फेज में विकसित करने की योजना है। इसका पहला चरण मुकरबा चौक से आश्रम तक बनाया जाएगा।

इसके बाद प्रोजेक्ट के दूसरे हिस्सों पर भी काम शुरू किया जाएगा। इनमें आजादपुर फ्लाईओवर से आईएसबीटी हनुमान मंदिर तक करीब 9.5 किलोमीटर का खंड, चांदगी राम अखाड़ा से मजनू का टीला तक 2.5 किलोमीटर और आईएसबीटी से डीएनडी फ्लाईओवर तक 11.5 किलोमीटर का कॉरिडोर शामिल है। इन सभी हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने की योजना है, ताकि दिल्ली के प्रमुख ट्रैफिक रूट पर दबाव कम किया जा सके।

वहीं, पीडब्ल्यूडी ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर 10 बड़े चोक पॉइंट्स की पहचान की थी। इसमें रिंग रोड, मथुरा रोड, अरबिंदो मार्ग, महरौली-महिपालपुर रोड और रानी झांसी रोड शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि सिर्फ फ्लाईओवर से काम नहीं चलेगा। शहर में पीक आवर में 2.5 लाख से ज्यादा गाड़ियां रिंग रोड पर होती हैं। इसलिए एक पूरी नई समानांतर रिंग रोड की जरूरत है।

दिल्ली सरकार ने PWD के बजट में किया था 54% का इजाफा

जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को पेश किए गए दिल्ली बजट में लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 5,921 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। यह रकम पिछले साल के 3,843 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 54 फीसदी ज्यादा है।

यह भी पढ़ें: Gurugram accident Video: गुरुग्राम में स्पोर्ट्स लेडी बाइकर को कार चालक ने मारी जानलेवा टक्कर! वीडियो देख भड़के यूजर्स, गोल्फ कोर्स रोड की है घटना

सराय काले खां लूप के जाम से मिलेगी राहत! NHAI ने शुरू किया बड़ा एक्शन प्लान, नोएडा-गुरुग्राम का सफर होगा आसान

Delhi Update: दिल्ली-एनसीआर में रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुविधा बढ़ाने और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। NHAI ने NH-148NA के DND-सोहना सेक्शन पर स्थित सराय काले खां लूप पर ट्रैफिक की भीड़भाड़ और जाम को खत्म करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक NHAI ने बताया कि यह DPR दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रांसपोर्ट नोड्स में से एक के लिए लंबे समय के ट्रैफिक मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग समाधानों का आकलन करेगी।

ट्रैफिक का मुख्य केंद्र है सराय काले खां लूप

सराय काले खां लूप दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क में एक स्ट्रैटिजिक कंर्वजेंस पॉइंट के रूप में काम करता है। यहां आश्रम, नोएडा और सराय काले खां की ओर से आने-जाने वाला भारी ट्रैफिक आपस में मिलता है। इस इंटरचेंज पर गाड़ियों का भारी दबाव रहता है। इससे बिजी समय में यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।

DND-सोहना कॉरिडोर शुरू होने से पहले तैयारी

NHAI के मुताबिक DND-सोहना नेशनल हाईवे कॉरिडोर के चालू होने के साथ ही इस जगह पर गाड़ियों की संख्या और भी बढ़ने की उम्मीद है, जो समस्या को और बढ़ाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए समय रहते यह कदम उठाया जा रहा है ताकि जब कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो तो गाड़ियां इसपर बिना किसी रुकावट के सुचारू और कुशल तरीके से चल सकें।

DPR से क्या-क्या होगा हासिल?

इस डीपीआर में एनएचएआई इंटरचेंज की गाड़ी क्षमता को बढ़ाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बदलावों का मूल्यांकन करेगा। यात्रियों के यात्रा समय को कम करने और सड़कों पर सुरक्षित यातायात आवाजाही सुनिश्चित करने के विकल्प इसमें तलाशे जाएंगे। इस जरूरी लूप पर सीमलेस कनेक्टिविटी देने और DND-सोहना कॉरिडोर का लोगों को पूरा फायदा मिले, इन पहलुओं पर भी डीपीआर में विचार किया जाएगा।