Satirical Resignation Letter MP CM: ‘मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं…’ सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस एक लाइन के लेटर ने हर किसी को हैरान कर दिया। लेकिन जब लोगों ने इस इस्तीफे के पीछे का नाम और असली कहानी जानी, तो पूरा मामला समझ आया।
दरअसल, यह कोई असली मुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का मध्य प्रदेश सरकार पर कसा गया एक तीखा प्रहार है।
अभिजीत दिपके ने मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत और वहां के बदहाल स्वास्थ्य ढांचे के विरोध में एक ‘इस्तीफा पत्र’ लिखकर राज्य सरकार की लाचारी पर सवाल उठाए हैं।
तंज भरे इस्तीफे में क्या लिखा दीपके ने?
मध्य प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित इस व्यंग्यात्मक पत्र में दिपके ने खुद को ‘मुख्यमंत्री’ बताते हुए लिखा, ‘मुख्यमंत्री के रूप में, मैं इन बच्चों को समय पर उचित चिकित्सा देखभाल और सहायता प्रदान करने में विफल रहने की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं।’
इसके साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा घोषित मुआवजे और ‘हर घर नल से जल’ के दावों पर कड़ा तंज कसते हुए कहा कि आज भी बालाघाट के कई आदिवासी परिवार पीने के पानी के लिए नदियों और नालों पर निर्भर हैं।
I hereby resign as the Chief Minister of MP with immediate effect.
I thank Hon’ble PM @narendramodi ji for giving me the opportunity to serve the people of MP, an opportunity in which I have clearly failed.@GovernorMP pic.twitter.com/BVhfJDIf5n
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 13, 2026
बालाघाट में क्यों मचा है कोहराम?
यह पूरा विवाद बालाघाट जिले के बैगा और गोंड आदिवासी समुदायों के 30 से अधिक बच्चों की संदिग्ध मौत (खसरा और मलेरिया के प्रकोप) के बाद खड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और बालाघाट कलेक्टर से जवाब तलब किया है।
कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) के मुताबिक, 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में करीब 400 मासूम बच्चों का इलाज चल रहा है, जिससे साफ होता है कि वहां स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी बदहाल हैं।
ग्राउंड पर पहुंचे दिपके का हुआ भारी विरोध
अभिजीत दिपके खुद पीड़ित परिवारों से मिलने बालाघाट के गांवों में पहुंचे थे। 13 सितंबर को जब वे क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, तभी वहां कुछ तथाकथित ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स’ की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उन पर ‘मौतों पर राजनीति करने’ का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल खराब होता देख CJP कार्यकर्ताओं को दिपके को सुरक्षित वहां से बाहर निकालना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

