Top News 8 August: दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, भारत पर 100% टैरिफ का खतरा; Gen Z पर कंगना का यू-टर्न

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Top News 8 August : दिल्ली में भारी बारिश से हाहाकार। अमेरिका भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने Gen Z को भारत की ‘सबसे बड़ी ताकत’ बताया है। प्रयागराज में युवाओं से बात करेंगे राहुल गांधी। बुजुर्ग पेंशनभोगियों का केन्द्र सरकार को अल्टीमेटम। 8 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली-एनसीआर में हो रही बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से राजधानी में कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहन रेंगते हुए नजर आए। यमुना भी उफान पर है। दिल्ली में आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: दिल्ली-NCR में भारी बारिश के बाद हाहाकार, कई इलाकों में जलभराव, घंटों जाम में फंसे लोग, सड़कों पर भरा कमर तक पानी

 

भारत पर 100% टैरिफ की तैयारी में US

रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा। सीनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस से भी अगर इस बिल को मंजूरी मिल जाती है तो अमेरिका रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत पर 100% टैरिफ लगा सकता है। इसका मकसद रूस और ईरान पर दबाव बढ़ाना है।

 

Gen Z पर कंगना रनौत का यू-टर्न!

बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने Gen Z को भारत की ‘सबसे बड़ी ताकत’ बताया है। उन्होंने कहा- कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को गलत ठहराना उचित नहीं है। Gen Z सरकार का हिस्सा है और इसी पीढ़ी के जनादेश की वजह से मौजूदा सरकार लंबे समय से सत्ता में है। ALSO READ: कंगना रनौत का यू-टर्न! Gen Z को बताया भारत की 'सबसे बड़ी ताकत', कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों को कहा था 'जेनरेशन गटर'

 

प्रयागराज में राहुल गांधी 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज से पूर्वांचल के युवाओं को साधेंगे। वह केपी इंटर कॉलेज मैदान पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शाम को दो घंटे छात्रों से संवाद करेंगे।

 

बुजुर्ग पेंशनभोगियों का केन्द्र सरकार को अल्टीमेटम

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर पेंशनभोगियों ने अपनी मांगों को लेकर महाआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। वे ईपीएस-95 के तहत मिलने वाली  न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर तुरंत 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं… सरकार को अल्टीमेटम देते हुए पेंशनर्स ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। ALSO READ: जेन-जी के बाद बुजुर्ग पेंशनभोगियों का केन्द्र सरकार को अल्टीमेटम, कहा- अब होगी आरपार की लड़ाई

 

E20 पेट्रोल को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- बहुत बड़ा मुद्दा, लोगों की गाड़ियां हो रहीं खराब, BJP ने बताया खराब पटकथा

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया। उन्होंने E20 को ‘बहुत बड़ा मुद्दा’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसके इस्तेमाल से वाहनों को नुकसान हो रहा है और इसका आर्थिक बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

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राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें वह एक कार की जांच करते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी और दावा किया कि E20 पेट्रोल की वजह से देशभर में वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं।

 

‘E20 बहुत बड़ा मुद्दा है’

राहुल गांधी ने कहा, “E20 का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है। आमतौर पर हम कहते हैं कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहां तो पूरी दाल ही काली है।” उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान में मुद्दों को उठाने का क्रम तय करना जरूरी होता है, लेकिन देश में भ्रष्टाचार के इतने मुद्दे हैं कि उन्हें प्राथमिकता के क्रम में रखना चुनौती बन गया है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अभियान चलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल लोगों की कारों और स्कूटरों को नुकसान पहुंचा रहा है और उनकी जेब पर सीधा असर डाल रहा है।

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BJP ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

 

राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया। बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि राहुल गांधी के वीडियो में दिखाई गई कार खुद E20-compliant है। बीजेपी ने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, “खराब पटकथा, पप्पू जी! प्रॉप ने ही सच्चाई बता दी- E20 Compliant.” बीजेपी के इस दावे के जरिए राहुल गांधी के वीडियो और उनके E20 संबंधी आरोपों पर सवाल उठाया गया।

क्या है E20 पेट्रोल का मुद्दा?

 

E20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार ने देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री शुरू की है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। इसके अलावा गन्ने और मक्का जैसी फसलों से बनने वाले इथेनॉल की मांग बढ़ने से किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

 

भारत ने 2025 में पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद E20 देशभर में उपलब्ध मानक पेट्रोल बन गया है।

 

विपक्ष और वाहन मालिकों ने जताई चिंता

 

हालांकि, E20 के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ कुछ वाहन मालिकों और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के एक वर्ग ने भी चिंता जताई है। उनकी मुख्य चिंता पुराने वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से जुड़े माइलेज, इंजन और लंबे समय में वाहन के प्रदर्शन पर संभावित प्रभाव को लेकर है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज होने के साथ E20 पेट्रोल का असर वाहन मालिकों और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

Kanwar Yatra : कांवड़ में दिखी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की अमरगाथा, शिवभक्तों ने अनोखे अंदाज में दी श्रद्धांजलि

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राष्ट्रीय राजमार्ग-58 इन दिनों आस्था के समुद्र में गोते लगा रहा है। शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे है। लाखों शिवभक्तों के बीच रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ें हर किसी का ध्यान बरबस अपनी ओर खींच रही हैं। लेकिन ऐसे में जब शिव चौक से एक गुजरी कांवड़ ने लोगों के दिलों को गहराई तक छू लिया। यह केवल कांवड़ नहीं थी, बल्कि देश की आजादी के अमर सेनानियों को समर्पित एक चलती-फिरती श्रद्धांजलि थी।

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इस अनोखी कांवड़ में चार शिवभक्तों की टोली ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, अमर क्रांतिकारी सुखदेव और राजगुरु का स्वरूप धारण किया हुआ था। तीनों युवाओं के हाथों में हथकड़ियां थीं, जबकि चौथा शिवभक्त ब्रिटिश शासन के सिपाही की वेशभूषा में उन हथकड़ियों की रस्सी थामे उनके साथ चल रहा था। यह दृश्य जैसे ही लोगों की नजरों में आया, कदम ठहर गए और सड़क किनारे श्रद्धा, गर्व और उत्साह से भरी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस अनूठी प्रस्तुति को अपने कैमरे में कैद करने के साथ-साथ इन युवाओं की सोच की सराहना करता नजर आया।

 

कांवड़ यात्रा में शामिल इस टोली का उद्देश्य केवल गंगाजल लेकर शिवधाम पहुंचना नहीं, बल्कि देश के युवाओं को उन महान क्रांतिकारियों की याद दिलाना भी है, जिन्होंने हंसते-हंसते मातृभूमि की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

 

टोली के सदस्य शुभम सिंह जो भगत सिंह की वेशभूषा में हैं, बताते हैं कि उनका उद्देश्य नई पीढ़ी के मन में देशभक्ति की भावना जगाना है। उन्होंने कहा, हम देश के वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने निकले हैं। उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। आज कई युवाओं को यह भी नहीं पता कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु कौन थे। हम चाहते हैं कि उनके बलिदान की गाथा हर युवा जाने और उसके भीतर भी देश के प्रति वही समर्पण और सम्मान जागृत हो।

 

उन्होंने बताया कि उनकी टोली हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली के न्यू अशोक नगर स्थित मंदिर तक पैदल यात्रा कर रही है। प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए वे अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रही हैं। शुभम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं, जबकि वर्तमान में दिल्ली में रह रहे हैं।

 

जब तीन नौजवानों ने हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया

 

23 मार्च 1931 का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने लाहौर जेल में अंग्रेजी हुकूमत के फांसी के फंदे को मुस्कुराते हुए चूम लिया था। उनका अपराध केवल इतना था कि उन्होंने गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत को स्वतंत्र कराने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए अपने प्राणों का हंसते बलिदान दे दिया।

 

भगत सिंह का यह विश्वास था कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसके जागरूक और देशभक्त युवा होते हैं। सुखदेव और राजगुरु ने भी उसी संकल्प के साथ अपने प्राण मातृभूमि को अर्पित कर दिये । उनका बलिदान आज भी हर भारतीय के के राष्ट्रप्रेम की ज्वाला जला रहा है।

 

आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम

 

कांवड़ यात्रा सदियों से भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक रही है, लेकिन जब इसी यात्रा में राष्ट्रभक्ति का संदेश भी जुड़ जाए तो उसका स्वरूप और अधिक प्रेरणादायी बन जाता है। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के रूप में निकली यह शिवभक्तों की टोली आस्था के साथ-साथ देशप्रेम का संदेश भी जन-जन तक पहुंचा रही है।

 

मुजफ्फरनगर में इस अनूठी कांवड़ ने यह साबित कर दिया कि यदि युवा चाहें तो धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भी समाज को सकारात्मक संदेश दे सकते है। यह कांवड़ केवल गंगाजल नहीं ला रही, बल्कि नई पीढ़ी यानी जेन Z के मन में देशभक्ति, बलिदान और राष्ट्र की भावना को जगाने का काम कर रही है। वास्तव में यह कांवड़ उन अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि हैं, जिनकी बदौलत हमें आजादी मिली और हम सभी  खुली हवा में सांस ले पा रहें हैं।

Kangana Ranaut : कंगना रनौत का यू-टर्न! Gen Z को बताया भारत की ‘सबसे बड़ी ताकत’, कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों को कहा था ‘जेनरेशन गटर’

kangna raut

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हालिया कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में Gen Z की भूमिका को समर्थन दिए जाने के एक दिन बाद बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने पहले के बयान पर सफाई दी। उन्होंने अब Gen Z को भारत की ‘सबसे बड़ी ताकत’ बताया है। कंगना ने कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को गलत ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि Gen Z सरकार का हिस्सा है और इसी पीढ़ी के जनादेश की वजह से मौजूदा सरकार लंबे समय से सत्ता में है।

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‘10-15 लोगों के व्यवहार से पूरी Gen Z को नहीं आंक सकते’

 

कंगना ने कहा, “यह सही नहीं है कि प्रदर्शन के दौरान गाली-गलौज करने वाले सिर्फ 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं।” उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संख्या में युवा जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने झारखंड में कथित तौर पर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का उदाहरण भी दिया। कंगना ने कहा कि झारखंड में धरने पर बैठे छात्र शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

‘मेडल जीतकर लौटे युवाओं ने PM और देश को समर्पित किए’

 

कंगना ने देश के उन युवाओं का भी जिक्र किया, जो विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि कई युवाओं ने अपने पदक प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किए हैं। कंगना के मुताबिक, “बहुत कम संख्या में ऐसे लोग हैं, जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं।”

 

कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों पर की थी तीखी टिप्पणी

 

कंगना का यह बयान उनके कुछ दिन पहले दिए गए बयान से काफी अलग है। हिमाचल प्रदेश की मंडी से बीजेपी सांसद ने CJP के प्रदर्शनों में शामिल कुछ युवा हिंदू महिलाओं को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘जेनरेशन गटर’ कहा था।

 

उन्होंने उस समय आरोप लगाया था कि कुछ युवा महिलाएं स्वतंत्र करियर बनाने वाली महिलाओं की नकल करना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी स्वतंत्रता हासिल करने या उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

 

छात्रों पर भी लगाए थे गंभीर आरोप

कंगना ने इससे पहले छात्र प्रदर्शनकारियों पर ‘ड्रग्स, ड्रिंक्स और अंतहीन बॉडी काउंट’ को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने जंतर-मंतर से सामने आए कुछ वीडियो को ‘उल्टी कराने वाले’ तक बताया था। कंगना ने अपनी ताजा टिप्पणी विपक्ष पर ‘हंगामा’ करने का आरोप लगाते हुए की। उनके नए बयान को Gen Z और हालिया छात्र आंदोलनों को लेकर उनके पहले के रुख में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

भाजपा ने भी किया समर्थन 

भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की ‘जेन जी’ को लेकर की गई टिप्पणियों का शुक्रवार को समर्थन किया। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के युवाओं पर बहुत भरोसा है और वह नए अवसरों का सृजन कर लगातार युवाओं को उनके सपने पूरे करने में मदद कर रहे हैं।

 

यह टिप्पणी भागवत के बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने ‘जेन जी’ के समर्थन में खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि ‘जेन जी’ की शिकायतें जायज हैं और उन्हें युवाओं की ईमानदारी पर विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा था कि युवाओं का विरोध प्रदर्शन करना उन्हें ‘राष्ट्र-विरोधी’ नहीं बनाता।

दिल्ली-NCR में भारी बारिश के बाद हाहाकार, कई इलाकों में जलभराव, घंटों जाम में फंसे लोग, सड़कों पर भरा कमर तक पानी

राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिसके चलते कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। भारी बारिश के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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धौला कुआं-गुरुग्राम रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम

 

दिल्ली में धौला कुआं-गुरुग्राम रोड पर बारिश के बाद कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई यात्री करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। एक यात्री ने परेशानी बताते हुए कहा कि आज उन्हें सबसे खराब ट्रैफिक जाम में से एक का सामना करना पड़ा।

 

यात्री के मुताबिक, जाम के दौरान कुछ लोग विपरीत दिशा वाली लेन में गलत तरीके से वाहन चलाने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसका असर यह हुआ कि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हुई।

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बारिश के बाद फिर डूबी दिल्ली!

 

एक अन्य यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उसने कहा कि दो दिन की बारिश के बाद दिल्ली एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति में पहुंच गई है। उसके मुताबिक समस्या सिर्फ ज्यादा बारिश की नहीं है, बल्कि दिल्ली का भौगोलिक स्वरूप, नदियों के आसपास स्थित होना और जल निकासी की समस्या भी इसके पीछे बड़ी वजह है।

 

यात्री ने दावा किया कि कई जगह नालियां गंदगी और कचरे से भरी हुई हैं। मानसून के दौरान जमीन पहले से ही पानी से भरी रहती है, जिससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इसके बाद वाहन रुक जाते हैं और लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

 

IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

 

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। कई रिहायशी इलाकों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया।

 

भारी बारिश के कारण कई इलाकों में लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। वाल्मीकि बस्ती में कुछ लोग कमर तक भरे पानी के बीच से निकलते हुए नजर आए।

 

दिल्ली-NCR में लोगों की बढ़ी परेशानी

 

दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कई जगहों पर जाम के कारण लोगों को सामान्य से काफी ज्यादा समय यात्रा में लगाना पड़ा।

 

बारिश के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम ने एक बार फिर दिल्ली-NCR में मानसून के दौरान ड्रेनेज और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रेनी छात्राओं से सीएम डॉ. मोहन ने किया संवाद, कहा- युवा शक्ति आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त माध्यम

भोपाल। 'तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। प्रशिक्षु छात्राएं अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें, तकनीकी दक्षता के साथ अपनी जड़ों और खेती से भी जुड़े रहें।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 अगस्त को छिंदवाड़ा में कही। वे शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु छात्राओं से संवाद कर रहे थे। उन्होंने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षु छात्राओं से उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं तथा शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त हो रहे लाभ के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मैकेनिकल लैब में उन्होंने सीआरडीआई फोर-स्ट्रोक डीजल इंजन के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा लेथ मशीन पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं की सराहना की।

 

फिटर ट्रेड की प्रशिक्षु सुषमा उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन को बताया कि उनके माता-पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और वह तकनीकी प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा से कहा कि इसी आत्मविश्वास को बनाए रखिए। तकनीकी कौशल के साथ खेती से भी जुड़े रहिए। संवाद के दौरान प्रशिक्षु राधा उड़के ने बताया कि वह प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग खेती-किसानी में भी करेंगी तथा भविष्य में स्वयं की टेक्निशियन मशीन और हार्डवेयर वर्कशॉप स्थापित करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके संकल्प की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

हमारी जिम्मेदारी केवल खुद तक सीमित नहीं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं से शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में भी जानकारी ली। प्रशिक्षु मीना करवेती ने आत्मविश्वास के साथ 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बाइंडिंग, पंखा मरम्मत, वायरिंग तथा मशीन पार्ट्स को जोड़ने जैसे तकनीकी कार्यों में दक्षता प्राप्त है और वे सभी कार्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षुओं के उत्साह और प्रतिबद्धता से प्रभावित होकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल अपना जीवन बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कौशल और ज्ञान से समाज तथा अन्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की भी है।

 

दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश-संस्थान में फिटर ट्रेड के प्रशिक्षुओं ने ‘वेस्ट टू आर्ट’ की अवधारणा पर तैयार आकर्षक गिटार तथा वेस्ट से निर्मित तोप मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नवाचार और तकनीकी कौशल का ऐसा समन्वय युवाओं की प्रतिभा और सृजनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संस्थान की प्रवेश विवरणिका भी भेंट की गई। उनके साथ प्रशिक्षु छात्राओं ने सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्थान परिसर में मलबरी (शहतूत) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

UP के कॉलेजों में नशे पर लगेगी लगाम, रोज होगी नशामुक्ति शपथ; कैंपस के 500 मीटर दायरे में बिक्री पर सख्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के आह्वान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से योगी सरकार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाएगी। विधानसभा परिसर में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी, सतत एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर निर्णय लिया गया।

 

बैठक को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखा जाए तो प्रदेश और देश का भविष्य और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नशामुक्ति अभियान इसी संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत से पूर्व विद्यार्थियों को दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही 'रन फॉर नशामुक्ति', मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध, चित्रकला, नाटक एवं नुक्कड़ नाटक जैसी जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक सप्ताह में एक बार अपने पीरियड के अंतिम दस मिनट नशामुक्ति विषय पर विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं प्रेरक चर्चा के लिए निर्धारित करेंगे।

 

विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच एवं जीवन मूल्यों के विकास के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी स्थलों के शैक्षिक भ्रमण भी कराए जाएंगे। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए परिसर एवं सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, वॉल पेंटिंग और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाएगा तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को 'माय भारत' पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

 

अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पूरे प्रदेश को पांच जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर वरिष्ठ नोडल अधिकारी, महाविद्यालय स्तर पर प्राचार्य तथा प्रत्येक संकाय स्तर पर अलग नोडल अधिकारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।

 

नशे की रोकथाम के लिए बैठक में कई कड़े निर्णय भी लिए गए। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाएगी। हॉस्टलों, कैंटीनों एवं परिसर में नियमित  निरीक्षण होंगे। ऑनलाइन डिलीवरी एवं कूरियर से आने वाली सामग्रियों की प्रवेश द्वार पर ही जांच की जाएगी। नशे की प्रवृत्ति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी तथा आवश्यक होने पर अभिभावकों को बुलाकर संवाद स्थापित किया जाएगा।

 

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एम पी अग्रवाल सहित विधायक उमेश द्विवेदी, बाबूलाल तिवारी, मानवेन्द्र सिंह, चंद्र शर्मा, धर्मेन्द्र भारद्वाज, अरुण पाठक एवं हरि सिंह ढिल्लो,  अवनीश कुमार और प्रदेश महामंत्री संजय राय सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड छात्र आंदोलन : 14वें दिन राहुल गांधी की एंट्री, बोले ‘एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है’

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झारखंड की राजधानी रांची में JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। आंदोलन के 14वें दिन इस मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे आंदोलनकारी छात्रों से संवाद साधा।

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1. राहुल गांधी और छात्र नेता रविंद्र पासवान की फोन पर वार्ता 

आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC सुधार मंच के छात्र नेता रविंद्र पासवान ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी:

छात्रों की प्राथमिक मांगें:

1. JPSC और JSSC CGL की संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

2. पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच या राज्य से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से जांच कराई जाए। 

3. राज्य में परीक्षा माफिया पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

गठबंधन सरकार पर सवाल: चूंकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल है, इसलिए छात्रों ने मांग की कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करे और अपनी ही सरकार से मांगें मनवाए। 

राहुल गांधी का आश्वासन: राहुल गांधी ने छात्रों को अपनी मांगों का विस्तृत ब्योरा WhatsApp पर भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि वे राज्य सरकार (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन) से इस विषय पर बातचीत करेंगे और समस्या का समाधान निकालने का हर संभव प्रयास करेंगे। 

2. 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है': राहुल गांधी का बयान 

फोन कॉल के अलावा, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने लाइव इंटरेक्शन के दौरान भी झारखंड छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया। 
 

राहुल गांधी ने कहा कि  देश में छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था (Education System) में आ चुकी गंभीर कमियों के खिलाफ है। हमारा एजुकेशन सिस्टम ध्वस्त, अत्यधिक महंगा और दमनकारी हो चुका है। सरकार चाहे केंद्र की हो, कांग्रेस की हो या झारखंड की—हर सरकार को युवाओं व छात्रों की बात सुननी चाहिए और सिस्टम को सुधारने के लिए कड़े फैसले लेने चाहिए।”

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 3. झारखंड सरकार से वार्ता के लिए 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित 

आंदोलन के बीच गतिरोध दूर करने के लिए छात्रों ने सरकार से आधिकारिक वार्ता हेतु एक 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। 
 

झारखंड विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और निषेधाज्ञा लागू की गई है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद क्या कांग्रेस पार्टी अपनी ही सहयोगी सरकार पर सीबीआई जांच और परीक्षा सुधारों को लेकर कोई ठोस फैसला लेने का दबाव बना पाती है या नहीं। 

अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो जाएगा भारत! 2050 तक हर 5 में 1 भारतीय होगा 60 साल से ज्यादा उम्र का

भारत में वर्ष 2050 तक औसतन हर 5 में से एक व्यक्ति की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होगी। साथ ही लगभग 10 में से 7 बुजुर्ग ग्रामीण भारत में रहेंगे। ‘ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया’ (टीआरआई) की रिचर्स के अनुसार भारत विकसित देशों के विपरीत समृद्ध बनने से पहले ही वृद्ध होती आबादी वाले देश की श्रेणी में पहुंच रहा है। ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ (एनएफएचएस), ‘लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया’ (एलएएसआई), जनगणना के अनुमान, ‘टाइम यूज सर्वेक्षण’ तथा अन्य राष्ट्रीय आंकड़ों के आधार पर तैयार श्वेतपत्र में बताया गया है कि भारत की पारंपरिक पारिवारिक देखभाल व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। रिचर्स के मुताबिक कई विकसित देशों ने समृद्धि हासिल करने के बाद वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना किया, जबकि भारत में यह स्थिति उससे पहले ही बन रही है।

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रिचर्स के अनुसार प्रत्येक बुजुर्ग को सहारा देने वाले कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या 2001 में 8.4 थी, जो 2026 तक घटकर औसतन 5.2 रहने का अनुमान है। ‘ग्रामीण भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव, बदलते पारिवारिक ढांचे और देखभाल व्यवस्था का भविष्य’ शीर्षक वाला यह श्वेतपत्र ‘ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया’ की ‘इंडिया रूरल कालक्वी’ (आईआरसी) के अवसर पर जारी किया गया। रिचर्स के अनुसार 2050 तक भारत में लगभग 34.7 करोड़ लोग यानी हर पांच में से एक व्यक्ति 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का होगा। रिचर्स के अनुसार 10 में से करीब सात बुजुर्ग ग्रामीण क्षेत्रों में रहेंगे।
 

श्वेतपत्र के मुताबिक भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था मुख्य रूप से प्रसव, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों जैसी तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित की गई थी। रिचर्स के अनुसार कई विकसित देशों ने समृद्ध बनने के बाद वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना किया जबकि भारत में यह जनसांख्यिकीय बदलाव अपेक्षाकृत कम आय स्तर पर ही हो रहा है।

क्या है कारण 

रिसर्च के मुताबिक इसका कारण परिवारों का पहले की तुलना में छोटा होना, युवाओं का रोजगार के लिए घर से दूर जाना और लोगों की औसत आयु में वृद्धि होना है। इसके बावजूद देश में लगभग 94 प्रतिशत बुजुर्गों की देखभाल अब भी परिवारों के भीतर ही की जाती है, जिससे परिवार के कम सदस्यों पर बुजुर्गों की बढ़ती और पहले से अधिक जटिल देखभाल की जिम्मेदारी आ रही है। रिचर्स के अनुसार  महिलाएं प्रतिदिन औसतन 305 मिनट बिना किसी वेतन के देखभाल कार्यों में बिताती हैं, जबकि पुरुषों का योगदान केवल 56 मिनट का है।
 

 बिना किसी वेतन के कार्यों का यह असमान बंटवारा महिलाओं की श्रम बल भागीदारी बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बना हुआ है। अध्ययन में यह भी बताया गया कि जलवायु परिवर्तन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, लू और बाढ़ जैसी घटनाओं के कारण महिलाओं के अवैतनिक काम का बोझ काफी बढ़ रहा है। श्वेतपत्र के अनुसार स्वास्थ्य सेवा के अगले चरण में लंबे समय से चली आ रही बीमारियों, दिव्यांगता और बढ़ती उम्र से जुड़ी चुनौतियों से जूझ रहे लोगों की सहायता करना शामिल है, जिसे केवल अस्पतालों के माध्यम से पूरा नहीं किया जा सकता।

Stock Market : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 455 अंक टूटा, निफ्टी में भी गिरावट

share market 13 march

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। Sensex 455.59 अंक यानी 0.58 फीसदी गिरकर 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 में 65.35 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट रही और यह 24,570.65 के स्तर पर बंद हुआ। शुक्रवार को सेंसेक्स 438.68 अंक यानी 0.56 फीसदी गिरकर 78,516.08 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 97.10 अंक यानी 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 24,538.90 के स्तर पर खुला।

 

सेंसेक्स के 16 शेयर लाल निशान में

 

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 14 शेयर बढ़त के साथ और 16 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 26 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

 

TCS में सबसे ज्यादा तेजी

सेंसेक्स की कंपनियों में TCS का शेयर सबसे ज्यादा 3.53 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा Mahindra & Mahindra 2.53 फीसदी, SBI 1.03 फीसदी, Tech Mahindra 0.91 फीसदी और BEL 0.74 फीसदी चढ़े। Infosys 0.68 फीसदी, HCL Tech 0.59 फीसदी, Reliance Industries 0.49 फीसदी, IndiGo 0.45 फीसदी, Maruti Suzuki 0.38 फीसदी, Power Grid 0.37 फीसदी, NTPC 0.29 फीसदी, Sun Pharma 0.26 फीसदी और ITC 0.18 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।

 

Bajaj Finance में 5.90 फीसदी की भारी गिरावट

 

शुक्रवार को Bajaj Finance का शेयर 5.90 फीसदी की भारी गिरावट के साथ सेंसेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला स्टॉक रहा। इसके अलावा Bajaj Finserv 4.18 फीसदी और ICICI Bank 3.72 फीसदी टूटे। वहीं Trent 3.54 फीसदी, Axis Bank 1.20 फीसदी, Asian Paints 1.02 फीसदी, Titan 0.82 फीसदी, Tata Steel 0.69 फीसदी और HDFC Bank 0.68 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।

 

इसके अलावा Adani Ports 0.53 फीसदी, Kotak Mahindra Bank 0.51 फीसदी, Eternal 0.49 फीसदी, Bharti Airtel 0.25 फीसदी, Hindustan Unilever 0.22 फीसदी, UltraTech Cement 0.18 फीसदी और L&T 0.12 फीसदी टूटे।