इंदौर में शुक्रवार को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली जा रही है। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यात्रा पाटनीपुरा चौराहे तक जाएगी। इसमें डॉक्टर, वकील, व्यापारी, साधु-संत समेत विभिन्न समाज और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हैं। लोग तख्तियां लेकर मार्च कर रहे हैं। लेकिन इस यात्रा में बीजेपी ने खुद ही अराजकता फैला दी। इस रूट से गुजरने वाले हजारों परेशान हुए, उन्हें दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया।
- पदयात्रा में एक लाख से ज्यादा लोगों के शामिल होने का दावा
- समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिया
- उषा ठाकुर ने कहा देश संविधान से चलेगा, भीड़तंत्र से नहीं
इस रूट पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। गुरुवार रात से ही तैयारी के नाम पर लोग परेशान हुए। करवा चौथ की वजह से बाजारों में भीड और उस पर पाटनीपुरा पर बीजेपी के मंच लगाने की वजह से लोगों को आने-जाने में भारी परेशान होना पडा, पुलिस ने लोगों को आने जाने से रोका गया।
बच्चा क्यों पैदा किया : शुक्रवार को पदयात्रा वाले रूट से गुजरने वाले एक बच्चे को तेज बुखार था। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे। पुलिस ने परिजनों को जाने से रोकने का आरोप लगाया। परिजनों ने सवाल उठाए कि उन्हें बच्चे को अस्पताल ले जाना है पुलिसकर्मी ने कहा कि बच्चा क्यों पैदा किया? इसी तरह विजय नगर से भमोरी होते हुए मालवा मिल और बस व रेलवे० स्टेशन जाने वाले लोगों को जाने से रोका गया। सिर्फ कुछ दोपहिया वाहन चालकों को निकलने दिया गया, जबकि कार वालों को एबी रोड की तरफ भेजा गया।
समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिया : इंदौर में पदयात्रा के दौरान समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में लिया। वे पोस्टर लेकर पहुंचे थे। पोस्टर पर लिखा था- ‘30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल’। बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बता दें कि पांडे ने कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन किया था, तब पुलिस इन्हें हिरासत में लेकर गई थी। इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इन्हें छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था।
पदयात्रा में एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा : बता दें कि इंदौर में शुक्रवार सुबह 10 बजे से बीजेपी द्वारा सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा निकाली जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया सहित एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा है।
कैलाश बोले, राष्ट्र भक्तों की रैली : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पदयात्रा को राष्ट्र भक्तों की रैली बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी इसमें शामिल होंगे। आयोजकों ने एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत शुक्रवार को इंदौर में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह पदयात्रा सुबह 10 बजे सुभाष नगर चौराहे से प्रारंभ होकर पाटनीपुरा चौराहे तक जाएगी। इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक और दलीय स्तर पर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
देश संविधान से चलेगा, भीड़तंत्र से नहीं : विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि भाजपा इस पदयात्रा के जरिए बताना चाहती है कि देश संविधान से चलेगा। लोकतंत्र को कमजोर करने और अराजकता फैलाने की कोशिश सफल नहीं होगी। विपक्ष को किसी फैसले पर आपत्ति है तो उसके लिए न्यायालय, लोकसभा और विधानसभा जैसे संवैधानिक मंच हैं। सत्ता परिवर्तन की बात करनी है तो अगले चुनाव में जीतकर दिखाएं।
गुरुवार रात से ही लोग परेशान : बता दें कि गुरुवार को इस पदयात्रा के लिए कई जगह मंच लगाए गए हैं। मुख्य मार्गों पर लगे इन मंचों के कारण लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। गुरुवार की शाम को 7 बजे से 9 बजे तक बीच रास्ते में लगे मंचों के कारण ट्रैफिक जाम लगता रहा। करवाचौथ की तैयारी में निकले लोग भी इसके कारण परेशान होते रहे।
कौन कौन नेता होंगे शामिल : भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और अभियान के नगर संयोजक सुधीर कोल्हे ने जानकारी दी है कि इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट सम्मिलित होंगे। इनके अतिरिक्त कबीरपंथी गायक पद्मश्री भैरोंसिंह चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव तथा विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और खेल संगठनों के प्रतिनिधि भी पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। यह पदयात्रा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 से होकर गुजरेगी। आयोजकों ने इस यात्रा में 1,00,000 लोगों के शामिल होने का दावा किया है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया की वास्तविकता से जनता को अवगत कराना और विपक्ष के नैरेटिव का उत्तर देना है। सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे पर पहुंचेगी, जहां एक जनसभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा के सम्बोधन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
पदयात्रा से पहले कांग्रेस ने उठाए सवाल : पदयात्रा की तारीख को लेकर राजनीतिक मतभेद भी सामने आए हैं। कांग्रेस नेताओं ने दीपावली से पहले प्रस्तावित कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए इसे त्योहार के बाद आयोजित करने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान प्रमुख बाजारों और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने से व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। कारोबार पर संभावित असर को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब इंदौर में 30 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम पर नजर रहेगी। पदयात्रा में नेताओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी के साथ-साथ यह भी अहम होगा कि अभियान के दौरान उठाए गए राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया रहती है।



