अग्निवीरों के लिए बड़ी गुड न्यूज जल्द! 2 साल और बढ़ सकती है सर्विस, सरकार जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

Agnipath Scheme Tenure Extension: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए एक गुड न्यूज सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार अग्निवीरों के सेवा काल को 2 साल और बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस प्रस्तावित बदलाव पर अंतिम फैसला 21 नवंबर तक लिया जा सकता है।

यह प्रस्ताव 2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच के 4 साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले आया है। भारतीय नौसेना में अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को अपना कार्यकाल पूरा कर रहा है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना 21 दिसंबर और थल सेना 31 दिसंबर को अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

4 से बढ़कर हो सकता है 6 साल हो सकती है सर्विस

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना से जुड़ी ये प्रमुख जानकारियां सामने आई हैं:

4 के बजाय 6 साल का कार्यकाल: सरकार अग्निवीरों की सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी में है। वैसे तीनों सेनाओं में से कितने अग्निवीरों को यह एक्सटेंशन मिलेगा, इसका अंतिम आंकड़ा जल्द तय होगा।

स्वैच्छिक विकल्प: 25% स्थायी कैडर में चुने जाने के अलावा, जो एक्स्ट्रा एक्सटेंशन का ऑफर दिया जाएगा, वह पूरी तरह अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर करेगा। अगर वे चाहें तो सेवा जारी रख सकते हैं या 4 साल बाद ₹11.71 लाख के कर-मुक्त ‘सेवा निधि’ पैकेज के साथ सेवा से मुक्त हो सकते हैं।

सशस्त्र बलों में बन सकती हैं 3 श्रेणियां: अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो सेना में तीन तरह के सैनिक होंगे- पहला शुरुआती 4 साल वाले अग्निवीर, दूसरा एक्सटेंशन पाने वाले अग्निवीर, और तीसरा रेगुलर कैडर में शामिल होने वाले स्थायी सैनिक।

दिवाली के आसपास हो सकता है ऐलान: सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका आधिकारिक ऐलान दिवाली के आसपास ‘बड़ी खुशखबरी’ के रूप में किया जा सकता है।

15 साल की एक्स्ट्रा सर्विस का मौका: जो 25% अग्निवीर स्थायी कैडर में चुने जाएंगे, उन्हें न्यूनतम 15 साल की अतिरिक्त पेंशन योग्य सेवा का अवसर मिलेगा।

अग्निवीरों के लिए अब तक क्या-क्या प्रावधान हैं?

2022 में पहले बैच के तहत लगभग 24,000 अग्निवीर शामिल हुए थे, जिसमें अकेले थल सेना में 19,000 अग्निवीर शामिल थे। 4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीर के वेतन से कटी राशि और सरकार द्वारा दिए गए बराबर योगदान (कुल ₹5.02 लाख प्रत्येक) पर ब्याज मिलाकर कुल ₹11.71 लाख की सेवा निधि मिलती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले CAPF और असम राइफल्स में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण की घोषणा की थी, जिसे जुलाई 2026 में बढ़ाकर 50% रिक्तियों तक कर दिया गया है।