Mahanadi Coalfields IPO: नवंबर में ही आ सकता है इश्यू, $1 अरब जुटाने का प्लान; कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सा

सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड का IPO आ रहा है। इसे इसी महीने यानि कि नवंबर में ही लाने की तैयारी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि कंपनी ने निवेशकों के साथ मीटिंग्स शुरू कर दी हैं और वह नवंबर के सेकेंड हाफ या दिसंबर की शुरुआत में शेयरों की बिक्री शुरू करने की योजना बना रही है। IPO के जरिए 1 अरब डॉलर तक जुटाए जा सकते हैं और इससे महानदी कोलफील्ड्स की वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर तक हो सकती है।

अभी बातचीत जारी है, इसलिए IPO के साइज, वैल्यूएशन और टाइमिंग जैसी डिटेल्स में बदलाव हो सकता है। महानदी कोलफील्ड्स में कोल इंडिया के पास पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके IPO का ड्राफ्ट सितंबर 2026 में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास जमा हुआ था। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुमसार, इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी या 66.18 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे, लिहाजा महानदी कोलफील्ड्स को इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा। शेयरों को बेचने से होने वाली पूरी कमाई कोल इंडिया के पास जाएगी।

प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इस IPO के लिए SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, BOB कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड ‘बुक-रनिंग लीड मैनेजर’ हैं।

FY26 में भारत के घरेलू कोयला उत्पादन में रहा 21% का योगदान

महानदी कोलफील्ड्स मुख्य रूप से ओडिशा में काम करती है और इसने वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दिया। कोल इंडिया के उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का योगदान लगभग 74 प्रतिशत था। महानदी कोलफील्ड्स के शेयरों को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध मुनाफा 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,678 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,550 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2026 में महानदी कोलफील्ड्स का उत्पादन 218.31 मिलियन टन रहा।

SECL ने भी जमा किया ड्राफ्ट

कोल इंडिया की एक और सब्सिडियरी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) भी IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट जमा कर चुकी है। इसमें भी कोल इंडिया के पास पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस IPO के जरिए 80 करोड़ डॉलर तक की रकम जुटाई जा सकती है। IPO में केवल ऑफर फॉर सेल होगा। इसमें कोल इंडिया 66.81 करोड़ तक शेयर बेचने की योजना बना रही है।

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मार्च और अप्रैल में ये 2 सब्सिडियरी हुई थीं लिस्ट

कोल इंडिया की वर्तमान में 8 सहायक कंपनियां- ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) हैं।

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। इसका पब्लिक इश्यू 1,068.78 करोड़ रुपये का था। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च, 2026 में NSE और BSE पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,841.45 करोड़ रुपये का था। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड की सभी सहायक कंपनियां स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।