बिग शो का अंत, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा ग्लेन मैक्सवेल ने

Glenn Maxwell

ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने कुछ महीनों से  राष्ट्रीय टीम द्वारा सीमित ओवर की क्रिकेट से नजरअंदाज होने के कारण मंगलवार को संन्यास ले लिया। ग्लेन मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से दो एकदिवसीय विश्वकप और एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय विश्वकप जीता। इनमें से एक एकदिवसीय विश्वकप और  एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय विश्वकप में उनको विजयी शॉट लगाने का मौका भी मिला।

हालांकि इस साल अप्रैल में उनको खराब फॉर्म का खामियाजा भुगतना पड़ा  और उनको क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुबंध से बाहर का रास्ता दिखा दिया।एकदिवसीय से संन्यास लेने वाले ग्लेन मैक्सवेल पिछले 2 T-20I विश्वकप में कुछ खास नहीं कर पाए। इस कदम से आगामी टी-20 सीरीज में उनका चयन मुश्किल हो गया और इस कारण आज उन्होंने सबसे छोटे प्रारुप से भी संन्यास ले लिया।

सीमित ओवरों की क्रिकेट के इस 38 वर्षीय धुरंधर खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से अपना आखिरी मैच इस साल की शुरुआत में आईसीसी टी20 विश्व कप के दौरान ओमान के खिलाफ खेला था।

मैक्सवेल ने मंगलवार को ‘द फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट पर कहा, ‘‘मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ विक्टोरिया के लिए घरेलू क्रिकेट (50 ओवर के मैच और लाल गेंद से खेले जाने वाले चार दिवसीय क्रिकेट) से भी संन्यास ले रहा हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक खेलों (2028 में) को देखते हुए मुझे लगता है कि अगले 12 से 24 महीनों में काफी बदलाव होने वाले हैं, ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि युवा खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जाए और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव का सामना करने का मौका मिले।’’शायद अब समय आ गया है जब मुझे अपने शरीर पर थोड़ा और ध्यान देने की जरूरत है ताकि मैं अपने करियर में बाकी बचे हुए कुछ टूर्नामेंटों में भाग ले सकूं।’’

मैक्सवेल ने कहा, ‘‘मुझे इस बात की थोड़ी उम्मीद थी कि शायद मुझे एमसीजी (मेलबर्न) में विदाई मैच खेलने का मौका मिल सकता है, लेकिन मैं टीम प्रबंधन की आगे की रणनीति को अच्छी तरह से समझ सकता हूं।’’मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की क्रिकेट के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं और उनके शानदार प्रदर्शन से टीम ने कई मैच जीते।

उन्होंने 2023 में वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ थकान के बावजूद दोहरा शतक लगाया था जिसे इस टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक गिना जाता है।मैक्सवेल ने वनडे में 126.7 के स्ट्राइक रेट से 3,990 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 154.4 के स्ट्राइक रेट से 2,897 रन बनाए। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सभी प्रारूपों में 10 शतक और 136 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई।

अंतिम  दो टी-20 विश्वकप में कमजोर कड़ी रहे

भारत में होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय विश्वकप के लिए उनको सिर्फ 2 कारण से टीम में लिया गया था। भारतीय पिच पर उनकी ऑफस्पिन गेंदबाजी  और उनके भारत में आए 2 टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक जो टीम इंडिया के खिलाफ आए थे। लेकिन टीम सुपर 8 में भी नहीं पहुंच पाई और श्रीलंका से ही ऑस्ट्रेलिया रवाना हो गई। इसका एक बड़ा कारण मैक्सवेल बने।

जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम को उलटफेर का सामना करना पड़ा। ग्लेन मैक्सवेल टीम को जीत दिलाने में नाकामयाब साबित हुए। इसक बाद श्रीलंका के खिलाफ वह गेंद और बल्ले दोनों से फ्लाॉप रहे।साल 2024 के विश्वकप में भी वह अफगानिस्तान के खिलाफ टीम को नॉक आउट मैच में अर्धशतक मारने के बावजूद जीत दिलाने में नाकामयाब हुए थे।