Gold Silver Rates Today: सोने की चमक पड़ी फीकी, चांदी भी 4000 रुपये लुढ़की

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में 24 जून को गिरावट आई। सोना 1,200 रुपये गिरकर 1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 4000 रुपये फिसली। सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और शेयर बाजारों में बेहतर हो रहा सेंटिमेंट है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सिल्वर में लगातार दूसरे दिन कमजोरी दिखी। यह 4000 रुपये गिरकर 2,31,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

चांदी का भाव अप्रैल के शुरुआती लेवल पर पहुंचा

एनालिस्ट्स का कहना है कि इस गिरावट से चांदी की कीमतें अप्रैल की शुरुआत के अपने लेवल के करीब पहुंच गई हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोने में कमजोरी बुधवार को भी जारी रही। इसकी वजह अमेरिकी डॉलर में मजबूती है। अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में बड़ी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी देखने को मिली। यह 1.3 फीसदी यानी 52 डॉलर गिरकर 4,050 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिका में डॉलर इंडेक्स 101 लेवल के पार पहुंच गया है। डॉलर में मजबूती आने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। इसकी वजह यह है कि डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद अपने सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है।

सोने पर शॉर्ट टर्म में दबाव जारी रह सकता है

कमोडिटी के जानकारों का मानना है कि सोने पर अभी दबाव दिख सकता है। अगर बीच में कीमतों में तेजी आती है तो मुनाफावसूली की वजह से वह जारी नहीं रह पाएगी। हालांकि, अमेरिका-ईरान में डील की खबर से बुलियन में रिकवरी दिख सकती है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला था।

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फाइनेंशियल मार्केट्स में दिख रहा एडजस्टमेंट

एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से फाइनेंशियल मार्केट्स में लिक्विडिटी आधारित एडजस्टमेंट दिख रहा है। ग्लोबल एआई और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में मुनाफावसूली देखने को मिली है। उधर, फेडरल रिजर्व का रुख भी बदला दिख रहा है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में तेजी, इन वजहों से कीमती मेटल्स की बढ़ी चमक

देश और विदेश में सोने और चांदी में 22 जून को तेजी लौट आई। इससे विदेशी बाजारों में तीन दिनों से सोने में जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। इधर, भारत में गोल्ड और फ्यूचर्स में तेजी आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी।

चांदी में 4800 रुपये का उछाल

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,700 रुपये चढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 4,800 रुपये के उछाल के साथ 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 19 जून यानी शुक्रवार को चांदी में 8,040 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी चढ़कर 4,028 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 19 जून को सोना गिरकर 11 जून के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया था।

गोल्ड फ्यूचर्स-सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी

इधर, इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी दिखा। शाम के कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 1.21 फीसदी यानी 1,777 रुपये चढ़कर 1,48,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2 फीसदी के उछाल के साथ 2,37,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

क्रूड में गिरावट का सेंटीमेंट पर असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच डील की बातचीत पॉजिटिव रहने पर क्रूड में गिरावट आई। उधर, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख का असर इनवेस्टर्स पर पड़ा है। इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नोरमैन ने कहा कि हॉट मनी ऑयल से निकलकर गोल्ड में आ रहा है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

फेड के रुख से सोने में तेजी पर लगेगी लगाम

हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस तेजी को गोल्ड के रुख में बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपना रुख आक्रामक बनाए रखने का संकेत दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की कमेंट्री से लगता है कि शॉर्ट टर्म में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। यह गोल्ड की कीमतों के लिए अच्छा नहीं होगा।

गोल्ड ईटीएफ में फिर से बढ़ रही दिलचस्पी

इस बीच, मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने 19 जून को एक रिपोर्ट में पेश की। इसमें कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड के 5,200 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह यह है कि फिर से गोल्ड ईटीएफ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है।

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मध्यपूर्व में शांति का पॉजिटिव असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी का असर सेंटिमेंट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील को लेकर बातचीत जारी रहने की खबरें हैं। इससे मध्यपूर्व में शांति बहाल होगी। इससे फिर से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से बुलियन में गिरावट देखने को मिली थी।