Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा

Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स के शेयरों में लगातार जारी तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। 30 जून को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। एक समय तक यह 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। 29 जून को भी इस शेयर में तूफानी तेजी दिखी थी। इससे शेयर का भाव 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था।

एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा शेयर 

Ramco Systems का शेयर बीते एक महीने में करीब 90 फीसदी चढ़ चुका है। इस तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। खास बात यह है कि इस स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ी है। 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट के बीच भी इसमें तेजी आई। 30 जून को भी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद रैमको सिस्टम्स के शेयरों में तेजी दिखी। इस तेजी से शेयर की वैल्यूएशन अचानक काफी बढ़ गई है।

FY21 के बाद पहली बार मुनाफे में आई कंपनी

30 जून को 10:15 बजे रैमको सिस्टम्स का शेयर 7.37 फीसदी चढ़कर 850 रुपये पर चल रहा था। यह कंपनी वर्ल्ड-क्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रेडक्ट/प्लेटफॉर्म ऑफर करती है। इसने अपने मल्टी-टेनेंट क्लाउड एंड मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टेवर से बड़ी हलचल मचाई है। कंपनी ने FY26 में 41.84 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया है। FY21 के बाद पहली बार कंपनी मुनाफे में आई है।

यह भी पढ़ें:  IT Sector के दबाव में डे-हाई से Sensex आया 500 प्वाइंट्स नीचे, चार वजहों से Nifty धड़ाम 

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

30 जून को शेयर बाजार में गिराव देखने को मिला। 10:25 बजे निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 55 अंक गिरकर 23,892 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.15 फीसदी यानी 109 अंक की कमजोरी के साथ 76,615 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में हरे निशान में कारोबार हो रहा था। निफ्टी आईटी इंडेक्स में गिरावट दिखी। हालांकि, 29 जून को अमेरिकी बाजारों खासकर नैस्डेक में अच्छी तेजी आई थी। इसके बावजूद 30 जून को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। टीसीएस और इंफोसिस में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

CSM Technologies IPO: 24 जून को खुल रहा सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, क्या निवेश करना चाहिए?

CSM Technologies IPO: सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन में विशेषज्ञता

CSM Technologies एक प्रमुख GovTech और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है। इसे सरकार के डिपार्टमेंट्स, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स और एंटरप्राइजेज को टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सॉल्यूशंस ऑफर करने का 27 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसे ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन, अप्लिकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड सॉल्यूशंस, एनालिटिक्स और एआई में विशेषज्ञता हासिल है।

आईपीओ में 29 जून तक लगाई जा सकती है बोली

कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इश्यू में सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी।

1998 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

सीएसएम टेक्नोलॉजी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर है। बीते सालों में खुद को सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्रोवाइडर से एंड-टू-एंड टेक्नोलॉलीज सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में बदला है। आईपीओ में शेयर के अपर प्राइस बैंड पर FY25 के अर्निंग्स के मुकाबले कीमत 41.6 गुनी है। यह ज्यादा नहीं है, क्योंकि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और फाइनेंशियल मीट्रिक्स बेहतर रहे हैं।

आनंदराठी ने दी बोली लगाने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। कंपनी ने इश्यू में 50 फीसदी शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होंगे। बाकी 35 फीसदी शेयर रिटेल इनवेस्टर्स के लिए होंगे।

कम से कम 14,916 रुपये से अप्लाई करना होगा

इनवेस्टर्स को इश्यू में कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 132 शेयरों का है। इसका मतलब है कि शेयर के अपर प्राइस बैंड पर अप्लाई करने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,916 रुपये की बोली लगानी होगी।

यह भी पढ़ें: Advit Jewels IPO: 23 जून को खुलेगा ₹165 करोड़ का आईपीओ, ग्रे मार्केट से हर लॉट पर ₹6400 के लिस्टिंग गेन के आसार

आईटी कंपनियों को लेकर मार्केट सेंटिमेंट कमजोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब आईटी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। खासकर भारतीय आईटी कंपनियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का असर पड़ा है। 23 जून को भी शेयर बाजार में गिरावट में आईटी कंपनियों में बिकवाली का बड़ा हाथ रहा। करीब सभी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा।

Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

Horizon Reclaim India Listing: 46% से ज्यादा बढ़त में लिस्टिंग के बाद 5% टूटा शेयर, लगा लोअर सर्किट

दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।