SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

SBI फंड्स मैनेजमेंट के प्री-IPO राउंड के बाद इसके IPO का साइज घटकर ₹9812.9 करोड़ रह गया है। पहले यह ₹11692.91 करोड़ था। कंपनी ने प्री-IPO राउंड के दौरान 30 बड़े इनवेस्टर्स से ₹1880 करोड़ जुटाए। इस दौरान SBI ने 2.88 करोड़ शेयर (1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹1655 करोड़ में और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने 39.19 लाख शेयर 225 करोड़ रुपये में बेचे। इस तरह कुल 3.27 करोड़ शेयरों या 1.6 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्री-IPO राउंड में बेचा गया।

SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के प्रमोटर SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में पहले प्रमोटर्स की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाने का प्लान था। लेकिन अब प्री-IPO राउंड के बाद 17.09 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। अब OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9,95,01,649 शेयर (4.8851 प्रतिशत हिस्सेदारी) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7,14,54,982 शेयर (3.5082 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेंगे। प्री-IPO राउंड के बाद अब SBI के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट में 60.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी के पास 36.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहले इनके पास क्रमश: 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

प्री-IPO राउंड में किसने खरीदे शेयर

SBI Funds Management के प्री-IPO राउंड में SIG की कंपनी Susquehanna Asia Technology Pty Ltd और WhiteOak Capital India Opportunities Fund ने अमुंडी से SBI फंड्स मैनेजमेंट के 39.19 लाख शेयर खरीदे, जबकि बाकी 28 निवेशकों ने SBI से 2.88 करोड़ शेयर खरीदे। निवेशकों में अजीम प्रेमजी के निवेश वाला PI Opportunities Fund और आकाश मनेक भंसाली प्री-IPO राउंड में सबसे बड़े भागीदार रहे। दोनों ने 200 करोड़ रुपये मूल्य के 34.84 लाख शेयर खरीदे। प्रशांत जैन के निवेश वाले 3P India Equity Fund ने 150 करोड़ रुपये के 26.13 लाख शेयर खरीदे।

इसके अलावा, व्हाइटओक कैपिटल, Tata AIG General Insurance, Hara Global Capital Master Fund और Clarus Capital में से हर एक ने 99.9 करोड़ रुपये के 17.42 लाख शेयर खरीदे। प्री-IPO राउंड में भाग लेने वाले अन्य निवेशकों में मालाबार इंडिया फंड, 360 ONE, Carnelian, Dymon Asia, Bennett Coleman, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस और NEO Series शामिल थे।

14 जुलाई से इस भाव पर ओपनिंग

IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर और लॉट साइज 26 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI के कर्मचारियों को छूट पर मिलेंगे शेयर

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 2.7 लाख शेयर, SBI के कर्मचारियों के लिए 29.87 लाख शेयर और SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI, दोनों के कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट पर शेयर मिलेंगे। SBI के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कोई छूट नहीं मिलेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

ग्रे मार्केट में प्रीमियम गिरा

ग्रे मार्केट लिस्टिंग अच्छी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि प्रीमियम में थोड़ी गिरावट आई है। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 574 रुपये से 15.33 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। एक दिन पहले प्रीमियम 17.42 प्रतिशत तक चला गया था। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 13 जुलाई से शुरू हफ्ते में SBI Funds Management समेत 3 नए इश्यू, 4 कंपनियां होंगी लिस्ट

13 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश के IPO मार्केट में तगड़ी हलचल दिखने वाली है। 3 नए पब्लिक इश्यू खुल रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं, जिनमें से एक है- SBI Funds Management IPO। यह इश्यू ₹11692.91 करोड़ का है। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 3 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। जहां तक शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 4 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 2 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

SBI Funds Management IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में यह इश्यू 14 जुलाई को लॉन्च होगा और 16 जुलाई को बंद होगा। IPO का साइज ₹11692.91 करोड़ है। IPO के​ लिए प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 26 शेयर है। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

Alpine Texworld IPO: यह इश्यू भी मेनबोर्ड सेगमेंट का है। कंपनी ₹126.25 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। बोली ₹100-₹105 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 142 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 21 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Millworks Technologies IPO: ₹160.34 करोड़ का पब्लिक इश्यू 14 जुलाई को लॉन्च होने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹315-₹331 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 16 जुलाई को होगी। कंपनी BSE SME पर 21 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

पहले से खुले IPO

Laser Power & Infra IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹742 करोड़ का इश्यू 9 जुलाई को खुला था। यह फुली सब्सक्राइब हो चुका है। इसकी क्लोजिंग 13 जुलाई को होने वाली है। प्राइस बैंड ₹203—₹214 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Devson Catalyst IPO: ₹42.34 करोड़ का इश्यू 9 जुलाई को खुला था और 13 जुलाई को बंद होने वाला है। अभी तक 29.35 गुना भरा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी BSE SME पर 16 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

Happy Steels IPO: यह भी 9 जुलाई को खुला था और 13 जुलाई को बंद होगा। कंपनी ₹25 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 3.14 गुना सब्सक्राइब हुआ है। बोली ₹62-₹66 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों के NSE SME पर 16 जुलाई को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Milky Mist IPO: जुलाई में ही लॉन्च हो सकता है डेयरी सेक्टर का सबसे बड़ा इश्यू, ₹2035 करोड़ जुटाने पर नजर

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Milky Mist IPO: जुलाई में ही लॉन्च हो सकता है डेयरी सेक्टर का सबसे बड़ा इश्यू, ₹2035 करोड़ जुटाने पर नजर

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड अपना 20.35 अरब रुपये (2035 करोड़ रुपये) का IPO इसी महीने यानि जुलाई में ही लॉन्च कर सकती है। यह भारत के डेयरी सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। यह बात ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कही गई है। मिल्की मिस्ट पनीर से लेकर आइसक्रीम तक बनाती है। मिल्की मिस्ट अपने एक्सपेंशन प्लांस के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए IPO का विकल्प चुन रही है। इस इश्यू को SEBI ने अक्टूबर 2025 में मंजूरी दी थी।

कंपनी की शुरुआत 1985 में एक मिल्क ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी। इसने 1994 में पनीर (कॉटेज चीज) का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद इसने दही, मक्खन, चीज, आइसक्रीम जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स को भी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में जोड़ा। कंपनी के फाउंडर टी सतीश कुमार हैं। तमिलनाडु के इरोड में स्थित मिल्की मिस्ट का संचालन कुमार, उनकी पत्नी अनीता सतीश कुमार और सीईओ के. रत्नम करते हैं।

इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग खत्म

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी ने इनवेस्टर्स के साथ रोडशो पूरे कर लिए हैं और वह इस महीने के आखिर में या अगस्त की शुरुआत में शेयरों की बिक्री शुरू करने का लक्ष्य बना रही है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग्स और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है। अक्सर, कंपनियां IPO के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े शहरों में कई मीटिंग आयोजित करती हैं।

SBI Funds Management IPO: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट में 30 इनवेस्टर्स से जुटाए 1655 करोड़ रुपये

IPO में रहेंगे 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, मिल्की मिस्ट के पब्लिक इश्यू में 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही फाउंडर्स की ओर से 2.5 अरब रुपये तक के शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा। कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 3.57 अरब रुपये तक जुटा सकती है। ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा। फाइलिंग के अनुसार, मिल्की मिस्ट नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है। IPO के लिए JM फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI के इस IPO ने खुलने से पहले ही मचाई हलचल! ग्रे मार्केट से आए चौंकाने वाले संकेत, जानें सभी जरूरी डिटेल्स

SBI Funds Management IPO GMP Today: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ 14 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के इस सबसे बड़े खिलाड़ी के आईपीओ को लेकर बाजार में भारी उत्साह है। अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों की खूब डिमांड देखने को मिल रही है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह पब्लिक इश्यू ₹11,692.91 करोड़ का है। आइए जानते हैं इस बड़े आईपीओ की पूरी डिटेल, प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें और कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल।

IPO प्राइस बैंड और मार्केट वैल्यूएशन

  • प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
  • एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 14 जुलाई, 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई, 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
  • रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 BSE और NSE पर

पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है यह इश्यू

यह ₹11,692.91 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं और इससे मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को अपने काम के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।

SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)

Amundi India Holding बेचेगी: 7.56 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)

इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी दिग्गज संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रही हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है, जो एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी है।

Kusumgar IPO: पैसा लगाने का आखिरी दिन, 38% प्रीमियम पर पहुंचा इस IPO का भाव; दांव लगाएं या नहीं? एक्सपर्ट्स से जानें

कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) ₹12,49,970 करोड़ रहा है। अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है।

लगातार बढ़ रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम

10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल ₹85 प्रति शेयर चल रहा है, जो करीब 14.81% के लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। वहीं इनवेस्टरगेन के अनुसार इसका जीएमपी ₹86 के आस-पास है, जो लगभग 15% का मुनाफा दिखाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management की नजरें म्चूअल फंड्स की पहुंच बढ़ाने पर, कंपनी ने बताया फ्यूचर प्लान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई को आ रहा है। यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) है। इंडिया में म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी का बड़ा प्लान है। इसे पेरेंट कंपनी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का सपोर्ट हासिल है। मनीकंट्रोल ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के फ्यूचर प्लान के बारे में जानने के लिए इसके एमडी एवं सीईओ देबाशीष मिश्रा, ज्वाइंट सीईओ डीपी सिंह और डिप्टी सीईओ डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स से बातचीत की।

रिटेल बेस बढ़ाने पर कंपनी का फोकस

देबाशीष मिश्रा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता रिटेल इनवेस्टर्स का बेस बढ़ाना है। लोगों तक पहुंच के मामले में भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अभी शुरुआती अवस्था में है। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करीब 53 करोड़ कस्टमर्स हैं। लेकिन, म्यूचुअल फंड्स के यूनिक इनवेस्टर्स की संख्या सिर्फ करीब 55 लाख है। यह कस्टमर बेस का 1 फीसदी से थोड़ा ही ज्यादा है। अगले दो से तीन सालों में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाना और लोगों तक पहुंच का विस्तार करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी।

पीएमएस, एआईएफ और SIF पर भी कंपनी की नजरें

उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड बिजनेस के अलावा कंपनी पीएमएस, एआईएफ, SIF और गिफ्ट सिटी में अपनी मौजूदी बढ़ा रही है। अमुंडी के सपोर्ट से हमारा इंटरनेशनल बिजनेस करीब 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। हम इसे अगले दो से तीन सालों में दोगुना करना चाहते हैं। हर ग्रोथ सेगमेंट में हमारी कोशिश स्ट्रॉन्ग रिसोर्सेज, स्ट्रेटेजी और पार्टनरशिप के जरिए लीडरशिप बनाने की है। हमारा प्लान हर जगह से इनवेस्टमेंट लेने का है।

एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का मिलेगा फायदा

डीपी सिंह ने कहा कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को सबसे ज्यादा फायदा एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का है। उन्होंने कहा कि हमारी मंथली सिप बुक करीब 4,000 करोड़ रुपये की है। इसमें से करीब 1300 करोड़ रुपये यानी करीब एक-तिहाई एसबीआई नेटवर्क के जरिए आता है। हमारे इंटरमीडियरी बिजनेस की भी करीब इतनी ही हिस्सेदारी है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क हमारी सबसे ब़ड़ी ताकत है। एसबीआई के 53 करोड़ कस्टमर बेस को देखते हुए हमें उम्मीद है कि हमारे लिए सिप बुक दोगुना करने की काफी गुंजाइश है।

यह भी पढ़ें: Millworks Tech IPO: पैसे रखें तैयार, इस आईपीओ में दुगुना हो जाएगी रकम! खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में मची लूट

सेविंग्स इकोनॉमी से इनवेस्टमेंट इकोनॉमी बन रहा भारत

डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बैंकिंग और म्यूचुअल फंड एक दूसरे के साथ चलते हैं। भारत में हमारे लिए मौके और भी ज्यादा हैं, क्योंकि देश अब सेविंग्स इकोनॉमी से इननवेस्टमेंट इकोनॉमी के रूप में बदल रहा है। SIP से लोगों में निवेश में अनुशासन की आदत बनी है। लोग छोटी अवधि के निवेश की जगह लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं। भविष्य में इंडस्ट्री की ग्रोथ म्यूचुअल फंड्स से आगे निकल रिटायरमेंट सॉल्यूशंस, अल्टरनेटिव्स और वेल्थ मैनेजमेंट तक जाएगी।