Video: वीकेंड पर ऑफिस बुलाया तो महिला ने रख दी ऐसी शर्त, सुनकर मैनेजर भी रह गया शांत

आज के दौर में वर्क-लाइफ बैलेंस सिर्फ एक कॉरपोरेट शब्द नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जरूरत बन चुका है। देर तक काम करना, वीकेंड पर लगातार काम और बिना अतिरिक्त भुगतान के ओवरटाइम जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी कर्मचारी खुलकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे कार्यस्थल की संस्कृति पर लगातार बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच एक वीडियो ने इंटरनेट यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक महिला कर्मचारी अपने अधिकारों और तय कार्य समय को लेकर जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखती है, उसने हजारों लोगों के बीच नई चर्चा शुरू कर दी।

किसी ने इसे कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक बताया, तो किसी ने इसे भारतीय वर्क कल्चर की वास्तविक तस्वीर कहा। यही वजह है कि ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर खुलकर अपनी राय दे रहे हैं।

हर बार मदद की, लेकिन इसे नियम मत बनाइए

वीडियो में मैनेजर कर्मचारी अफरीन को फोन कर पूछता है कि वो ऑफिस क्यों नहीं पहुंची, जबकि पूरी टीम उसका इंतजार कर रही है। जवाब में अफरीन कहती हैं कि शनिवार उनका ऑफ है। जब मैनेजर याद दिलाता है कि वो पिछले दो महीनों से हर शनिवार आ रही थीं, तो अफरीन समझाती हैं कि वह सिर्फ टीम की मदद के लिए कभी-कभी शनिवार को ऑफिस आती थीं, लेकिन यह उनकी नियमित ड्यूटी नहीं थी।

अब मुफ्त में काम नहीं करूंगी

बातचीत के दौरान मैनेजर टीम पर बढ़ते काम का दबाव बताता है, लेकिन अफरीन दो टूक कहती हैं कि टीम पर दबाव होना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है। वो कहती हैं कि अगर शनिवार को काम चाहिए तो ओवरटाइम का भुगतान किया जाए। उनका ये जवाब “मैंने सिर्फ मुफ्त में काम करना बंद किया है” सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया।

सोमवार तक टली बहस

जब अफरीन ओवरटाइम की बात करती हैं, तो मैनेजर कहता है कि इस मुद्दे पर सोमवार को बात होगी और कॉल समाप्त कर देता है। वीडियो के कैप्शन में अफरीन ने लिखा कि अगर आज आवाज नहीं उठातीं तो “बस इस वीकेंड” वाला सिलसिला शायद सालों तक चलता रहता।

असल घटना नहीं, लेकिन लोगों को लगी अपनी कहानी

अफरीन आमतौर पर स्क्रिप्टेड वीडियो बनाती हैं और ये वीडियो भी उसी का हिस्सा है। हालांकि, इसकी कहानी ने हजारों लोगों को अपनी नौकरी के अनुभव याद दिला दिए। कई यूजर्स ने कहा कि भारतीय दफ्तरों में कर्मचारियों से अक्सर वीकेंड और ऑफिस समय के बाद भी बिना अतिरिक्त भुगतान के काम कराया जाता है।

लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा कि वीकेंड पर काम तो लिया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं मिलता। दूसरे ने कहा कि उन्होंने भी कई सप्ताह तक शनिवार को काम किया, लेकिन कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिला। वहीं एक अन्य यूजर ने दावा किया कि कई देशों में तय कार्य समय का सम्मान किया जाता है और अतिरिक्त काम के बदले भुगतान या बोनस दिया जाता है। कुछ लोगों ने ये भी कहा कि चाहे वीडियो स्क्रिप्टेड हो, लेकिन इसमें दिखाई गई स्थिति भारतीय वर्क कल्चर की सच्चाई से काफी मेल खाती है।

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23 हजार की सैलरी और 6 दिन काम, हैदराबाद की इंजीनियर का सोशल मीडिया पर छलका दर्द

इन दिनों सोशल मीडिया पर हैदराबाद की एक युवा सिविल इंजीनियर की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।हैदराबाद की एक युवा सिविल इंजीनियर ने छह दिन काम करने वाली नौकरी को लेकर अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने बताया कि लगातार लंबे समय तक काम करने से वह मानसिक रूप से काफी थक गई हैं। उन्होंने कहा कि अब वह अच्छी वर्क-लाइफ बैलेंस वाली नौकरी के लिए कम वेतन पर भी काम करने को तैयार हैं। उनकी इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय और एक्सपीरिएंश भी शेयर किए। उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपने एक्सपीरिएंश भी शेयर किए और उन्हें बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस वाली नई नौकरी तलाशने की सलाह दी।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

अपनी Reddit पोस्ट में 25 वर्षीय इंजीनियर ने बताया कि, उन्होंने साल 2023 में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और फिलहाल हैदराबाद की एक बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने की खुशी जरूर है, लेकिन हफ्ते में छह दिन काम करने के कारण उनकी पर्सनल जिंदगी काफी प्रभावित हुई है। पोस्ट पर आए यूजर्स के सवालों का जवाब देते हुए इंजीनियर ने बताया कि उनकी मौजूदा मासिक सैलरी 23,000 रुपए है। उन्होंने ये जानकारी कमेंट सेक्शन में शेयर की।

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6 दिन के काम से थक जाती हूं

उन्होंने लिखा, “मैं 6 दिन के वर्क वीक से दिमागी तौर पर थक गई हूं।” उन्होंने बताया कि जब तक वह घर पहुंचती हैं, तब तक उनके पास घर के कामों, अपने परिवार के साथ समय बिताने या बस आराम करने के लिए बहुत कम एनर्जी बचती है। “जब तक मैं घर पहुंचती हूं, मुझमें घर के बेसिक काम करने, अपने परिवार के साथ समय बिताने या अपनी शाम का मजा लेने की भी एनर्जी नहीं बचती। संडे ज्यादातर हफ्ते की थकान से उबरने में बीतता है और इससे पहले कि मुझे पता चले, फिर से सोमवार आ जाता है।”

दूसरी नौकरी की तलाश में

इंजीनियर ने कहा कि वह अब दूसरी नौकरी की तलाश कर रही हैं और अगर उन्हें हफ्ते में पांच दिन काम करने वाली नौकरी का ऑफर मिलता है, तो वह सैलरी में कटौती भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “हम इंसान हैं, मशीन नहीं जो किसी का एम्पायर बढ़ाएं। यह कब रुकेगा? लगभग सभी देश हफ्ते में 5 दिन काम करने का नियम अपना रहे हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने उनकी कम सैलरी और काम के दबाव को लेकर चिंता जताई। कई यूजर्स ने उनसे उनकी आर्थिक स्थिति और खर्चों के बारे में भी सवाल पूछे। एक यूजर ने लिखा, “मुझे तुम पर बहुत गर्व है, दोस्त। इस देश ने तुम्हें फेल कर दिया है। तुम इससे कहीं ज्यादा डिजर्व करते हो। प्लीज इसे समझो। या तो किसी भी तरह स्विच करो या यह देश छोड़ दो। कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है।”

एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “मुझे तुम पर बहुत गर्व है OP, प्लीज नई नौकरियों के लिए अप्लाई करो और बेहतर मौके के लिए प्रार्थना करो। हफ्ते में 6 दिन के लिए 23k बहुत ज्यादा है। मैं प्रार्थना करता हूं कि तुम्हें हर दिन काफी ताकत मिले और तुम हर रात अच्छी नींद सो सको। मैं बस तुम्हारे लिए प्रार्थना कर सकता हूं। ऑल द बेस्ट।” एक और यूजर ने लिखा, “मैं भी कुछ ऐसी ही स्थिति में हूं, IT में 6 दिन, आने वाले महीनों में अपस्किल करूंगा और नौकरी छोड़ दूंगा।”