Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, दिल्ली में ₹140810 पर पहुंचा 22 कैरेट; वैश्विक बाजार में कीमत लुढ़की

देश में सोने की कीमत में और तेजी दिख रही है। 17 सितंबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 153600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में कीमत 153450 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अन्य शहरों में भी भाव चढ़ा है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 3 सत्रों की गिरावट के बाद 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,200 रुपये बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,240.1 डॉलर प्रति औंस पर है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने के बाद वैश्विक बाजार में सोना लुढ़का है। फेड ने आने वाले महीनों में ब्याज दरें और बढ़ने का संकेत दिया है। इस फैसले के बाद डॉलर मजबूत हुआ और बिना रिटर्न वाली कीमती धातुओं जैसे सोने पर बुरा असर पड़ा। फेड ने बेंचमार्क ओवरनाइट ब्याज दर को 0.25% बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में पहुंचा दिया है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153600 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140660 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 153450 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 153450 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140660 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 153450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140660 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140810153600
मुंबई140660153450
अहमदाबाद140710153500
चेन्नई140660153450
कोलकाता140660153450
हैदराबाद140660153450
जयपुर140810153600
भोपाल140710153500
लखनऊ140810153600
चंडीगढ़140810153600

Hallmarking Fees Hike: त्योहारी सीजन से पहले सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ी, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

चांदी की कीमत

सोने से उलट दूसरी कीमती धातु चांदी में गुरुवार को गिरावट है। 17 सितंबर की सुबह चांदी फिसलकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी 2 कारोबारी सत्र स्थिर रहने के बाद 7,000 रुपये उछली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत गिरकर 62.57 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

Hallmarking Fees Hike: त्योहारी सीजन से पहले सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ी, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

Hallmarking Fees Hike: देश में त्योहारी खरीदारी का सीजन शुरू होने वाला है। इससे पहले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी BIS ने सोने और चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव किया है। नए नियम 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन के साथ लागू हो गए हैं।

हॉलमार्किंग किसी कीमती धातु से बने गहने की शुद्धता पहचानने का मुख्य तरीका है। इससे पता चलता है कि गहना कितने कैरेट का है। जैसे 22 कैरेट या 24 कैरेट। हॉलमार्क ये भी प्रमाणित करता है कि गहना BIS के मानकों के मुताबिक है।

सोने की हॉलमार्किंग फीस ₹75 हुई

BIS (Hallmarking) Regulations, 2026 में बदलाव किया गया है। इसके बाद मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centres यानी AHCs में सोने के गहने जमा कराने वाले ज्वेलर्स को ₹75 प्रति गहना हॉलमार्किंग फीस देनी होगी। पहले ये फीस ₹45 थी यानी इसमें 66.67% का इजाफा किया गया है।

एक कंसाइनमेंट पर न्यूनतम फीस ₹200 होगी। यानी गहनों की संख्या कम होने पर भी कम से कम ₹200 फीस देनी होगी। चांदी के गहनों के लिए फीस ₹35 प्रति गहना तय की गई है। एक कंसाइनमेंट पर न्यूनतम फीस ₹150 होगी।

हॉलमार्किंग सेंटर की फीस भी तय

नए नियमों में AHCs की ओर से BIS के लिए ली जाने वाली फीस भी तय की गई है। सोने के गहनों पर यह फीस ₹7.50 प्रति गहना होगी। एक कंसाइनमेंट पर न्यूनतम फीस ₹20 रहेगी।

चांदी के गहनों के लिए यह फीस ₹3.50 प्रति गहना होगी। इसकी न्यूनतम सीमा ₹15 प्रति कंसाइनमेंट तय की गई है। इन सभी फीस पर लागू टैक्स अलग से लिया जाएगा।

छोटे और हल्के गहनों पर ज्यादा असर

AIJGF के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि हॉलमार्किंग फीस बढ़ने का असर कम वजन वाले गहनों पर ज्यादा पड़ेगा। वजह साफ है। आप चाहे आधा ग्राम का गहना बनवाएं या और पांच ग्राम का, दोनों पर ₹75 की फीस समान होगी। इसलिए कम वजन वाले गहनों की कीमत में इस फीस का प्रतिशत असर ज्यादा होगा।

केडिया के मुताबिक, इससे कम मार्जिन वाले गहनों की लागत भी बढ़ेगी। इसका असर छोटे ज्वेलर्स पर ज्यादा पड़ सकता है। बड़े और संगठित कारोबारियों के मुकाबले छोटे ज्वेलर्स के लिए प्रतिस्पर्धा करना और मुश्किल हो सकता है।

त्योहारी सीजन से पहले बदलाव क्यों अहम?

हॉलमार्किंग फीस में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब ज्वेलरी कारोबार में त्योहारी खरीदारी की तैयारी शुरू हो रही है। सितंबर को आमतौर पर फेस्टिव सीजन से पहले खरीदारी वाला महीना माना जाता है। इसके बाद नवरात्रि और दशहरा आते हैं। फिर दिवाली का सीजन आता है। इसके बाद शादी का सीजन भी शुरू होता है।

ऐसे में ज्वेलर्स के लिए नई हॉलमार्किंग फीस एक अतिरिक्त लागत बन सकती है। उन्हें त्योहारी सीजन के लिए ज्वेलरी का स्टॉक तैयार करते समय इसका भी हिसाब रखना होगा।

ग्राहकों के लिए क्या मतलब?

ग्राहकों के लिए भी हॉलमार्किंग फीस में बदलाव को समझना जरूरी है। क्योंकि इसकी लागत का बोझ ज्वेलर्स उन्हीं पर डाल सकते हैं।

अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज और दूसरी लागतें भी जुड़ती हैं। ऐसे में ग्राहक को सोने की कीमत के साथ इन सभी चार्ज को देखकर ही गहने की कुल कीमत समझनी चाहिए।

Jewellery Stocks: हॉलमार्किंग फीस 67% बढ़ी, PC Jeweller समेत ज्वेलरी स्टॉक्स 5% तक गिरे

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।