BitCoin Crash: 8 ही महीने में 50% टूटा बिटकॉइन, इन 4 वजहों से क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार

BitCoin Crash: क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार अब भी मचा हुआ है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो बिटकॉइन रिकॉर्ड हाई से करीब 50% नीचे आ चुका है। बाकी भी क्रिप्टो की हालत अच्छी नहीं है और अधिकतर क्रिप्टो अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। बिटकॉइन की बात करें तो 7 अक्टूबर 2025 को $1.26 लाख के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के करीब आठ महीने में यह करीब 50% टूटकर $64 हजार के नीचे आ गया। सिर्फ यही नहीं, इस महीने तो यह $60 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी नीचे की तरफ तोड़ दिया था जो इसके लिए पिछले डेढ़ साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

BitCoin Crash: इन 4 वजहों से मचा हाहाकार

अमेरिकी नीतियों के सपोर्ट से बदलकर झटका देने वाले में बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की क्रिप्टो समर्थक नीतियों ने बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसीज की चमक बढ़ा दी थी और संस्थागत निवेशकों ने जमकर पैसा डाला। हालांकि टैरिफ वार और अमेरिका की ईरान से जंग ने निवेशकों को डरा दिया और वे क्रिप्टो जैसे रिस्की एसेट्स से पैसे निकालकर सेफ एसेट्स में पैसे डालने लगे।

बिटकॉइन के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार माइकल का बेयरेश रुझान

माइकल सायलर (Michael Saylor) ने साल 2020 में अपनी कंपनी स्ट्रैटेजी की नकदी का बड़ा हिस्सा बिटकॉइन में निवेश करना शुरू किया और स्ट्रैटेजी ने इसके बाद लगातार बिटकॉइन खरीदना जारी रखा और यह दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट बिटकॉइन होल्डर कंपनियों में शामिल हो गई। हालांकि ‘स्ट्रैटेजी’ ने साल 2022 के बाद से पहली बार अपनी होल्डिंग का कुछ हिस्सा बेचा तो हड़कंप मच गया। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने $25 लाख के 32 बिटकॉइन बेचे तो बिटकॉइन टूटकर $72 हजार के नीचे आ गया था। इससे पहले स्ट्रैटेजी ने साल 2022 में 704 बिटकॉइन %$18 हजार के भाव पर बेचे थे।

SpaceX का जादू

हाल ही में स्पेसएक्स ने दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था। एआई पर इसकी आक्रामक स्ट्रैटेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया और इसके चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रिप्टो मार्केट का भी कुछ पैसा इसमें आया। स्पेसएक्स ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को और अमीर बनाया और दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर बन गए।

BitCoin ETF से ताबड़तोड़ निकासी

पिछले महीने बिटकॉइन ईटीएफ से $200 करोड़ से अधिक यानी करीब ₹16 हजार करोड़ की निकासी ने क्रिप्टो मार्केट पर दबाव डाला।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि क्रिप्टो मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बिकनी इमेज बनाने से Grok AI का इंकार, imaginary characters पर नहीं लागू हुआ नियम, क्या बोले Elon Musk

elon musk

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने AI टूल 'ग्रोक' (Grok) के इमेज-एडिटिंग नियमों को और कड़ा कर दिया है। यह कदम बिना सहमति के बनाए गए आपत्तिजनक डीपफेक (non-consensual sexual deepfakes) को लेकर पिछले कई दिनों से हो रही आलोचनाओं के बाद उठाया गया है। हालांकि इन बदलावों ने विवाद को खत्म करने के बजाय एक नई बहस छेड़ दी है।

 

क्या बदला और क्या नहीं?

नए अपडेट के बाद, ग्रोक अब असली व्यक्तियों (Real People) को बिकनी या यौनिक कपड़ों में दिखाने वाली तस्वीरें बनाने से इनकार कर रहा है। लेकिन, सिस्टम अभी भी AI-जनरेटेड या काल्पनिक पात्रों (imaginary characters) का उपयोग करके इसी तरह की सामग्री बनाने की अनुमति देता है। 

 

क्या कहा एलन मस्क ने 

एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से इस दृष्टिकोण का बचाव करते हुए कहा है कि यह अमेरिका में एडल्ट कंटेंट के लिए तय 'वास्तविक मानकों' (de facto standard) का पालन करता है।

 

 मस्क की खुली चुनौती

इस मामले पर चर्चा तब शुरू हुई जब मस्क के करीबी माने जाने वाले अकाउंट 'DogeDesigner' ने एक ट्वीट किया। उन्होंने दावा किया कि कई कोशिशों के बावजूद ग्रोक ने नग्न तस्वीरें (nude images) बनाने से मना कर दिया। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों को मस्क पर 'लगातार हमला' करार दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने सार्वजनिक चुनौती देते हुए लिखा कि क्या वास्तव में कोई ग्रोक के इमेज मॉडरेशन को तोड़ सकता है? नीचे जवाब दें। 

 

R-रेटेड फिल्मों जैसे होंगे नियम

मस्क ने स्पष्ट किया कि ग्रोक पर किस तरह की सामग्री की अनुमति है। उन्होंने लिखा कि NSFW मोड इनेबल होने पर, ग्रोक को काल्पनिक वयस्क इंसानों (असली नहीं) की 'अपर बॉडी न्यूडिटी' दिखाने की अनुमति होनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे Apple TV पर R-रेटेड फिल्मों में देखा जा सकता है। अमेरिका में यही मानक है।  मस्क ने यह भी जोड़ा कि अलग-अलग देशों के स्थानीय कानूनों के आधार पर इन नियमों में बदलाव हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma