SIR पर बहस की चुनौती, सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार, राहुल गांधी ने अमित शाह को क्या कहा

SIR पर बहस की चुनौती, सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार, राहुल गांधी ने अमित शाह को क्या कहा

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर शाह ने राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। शाह ने विपक्ष पर चुनावी हार का ठीकरा चुनावी व्यवस्था पर फोड़ने का आरोप लगाते हुए कहावत भी कही- ‘नाचना न आए, आंगन टेढ़ा।’

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शाह ने कहा कि विपक्ष को SIR की प्रक्रिया पर जो भी आपत्ति है, वह संसद में आकर उस पर चर्चा करे। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है और विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।

 

गृह मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा हुआ है। विपक्ष इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार इसे चुनावी व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया बता रही है।

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EVM पर विपक्ष के सवालों को लेकर भी साधा निशाना

अमित शाह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि यदि विपक्ष को EVM पर भरोसा नहीं है, तो कांग्रेस के नेता अलग-अलग राज्यों में

चुनाव जीतकर सरकार कैसे बना पाए?

 

शाह ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि यदि EVM में गड़बड़ी है, तो रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री कैसे बने? उन्होंने केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने का भी उल्लेख करते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।

 

गृह मंत्री ने विपक्ष पर चुनाव हारने के बाद चुनावी व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘नाचना न आए, आंगन टेढ़ा।’ इस कहावत के जरिए शाह का इशारा था कि विपक्ष अपनी चुनावी असफलताओं के लिए व्यवस्था को दोष दे रहा है।

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राहुल गांधी के मॉक पार्लियामेंट पर भी तंज

 

अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी टिप्पणी की। यह आयोजन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की ओर से किया गया था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से सार्वजनिक महाभियोग जैसी कार्रवाई की गई थी। विपक्ष SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठा रहा है।

 

शाह ने राहुल गांधी की इस गतिविधि में भागीदारी पर तंज कसते हुए कहा कि वह वास्तविक संसद में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, इसलिए मॉक पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। शाह के मुताबिक, विपक्ष को संसद में चर्चा करनी चाहिए, लेकिन वह सदन को चलने नहीं देता।

 

एक दिन पहले भी राहुल गांधी पर किया था हमला

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अमित शाह ने इससे पहले भी राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा को लेकर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, तो उन्हें पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में ही रहना चाहिए, क्योंकि वास्तविक संसद में उनका प्रधानमंत्री बनने का मौका नहीं आएगा।

 

शाह की ताजा टिप्पणियां SIR, चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भाजपा तथा विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज करती हैं। एक ओर विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए संसद में बहस की चुनौती दे रही है।